हाउसिंग कॉलोनी में सोनी परिवार के यहां चोरी

शिवपुरी। खबर शहर के फिजीकल थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से आ रही है।जहाँ आज रात्रि में एक घर को निशाना बनाते हुए चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची जहाँ पुलिस ने खोजी कुत्ते भी दौड़ाए। परन्तु पुलिस को कोई सफलता नही मिली।

जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सोनी परिवार के यहाँ 11 दिसंबर को शादी होना है। जिसके चलते घर मे लगभग 500 ग्राम सोने के जेवर,1 किलो चांदी ओर लगभग 2 लाख रुपये नगद रखे हुए थे।

रात्रि में अज्ञात चोरों ने घर को निशाना बनाते हुए ग्रह स्वामी नवलकिशोर सोनी के कमरे की बाहर से कुंडी लगाकर अलमारी में रखे लगभग 15 लाख के जेबर और नगदी पार कर दी। इस बारदात ने पुलिस के गाल पर तमाचा जड़ा है।पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

पूर्व ग़हमंत्री पी चिदंबरम को मिली ज़मानत, तिहाड़ से बाहर आएंगे

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया घोटाले मामले में राहत देते हुए ज़मानत दे दी है.

तीन महीनों की हिरासत के बाद चिदंबरम बाहर आ सकेंगे. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 5 सितंबर को हिरासत में लिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उसने चिदंबरम की ज़मानत की अर्ज़ी को नामंज़ूर कर दिया था. चिदंबरम ने दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेष रॉय की पीठ ने ज़मानत की अर्ज़ी मंज़ूर करते हुए कहा कि चिदंबरम ना तो प्रेस से बात कर सकेंगे ना ही इस मामले में कोई बयान दे सकेंगे.

अदालत ने कहा कि चिदंबरम को ईडी के बुलाने पर जाँच के लिए आना पड़़ेगा और वो बिना अदालत की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. साथ ही वो ना तो गवाहों को प्रभावित कर सकेंगे ना ही सुबूतों के साथ छेड़खानी कर सकेंगे.

आईएनएक्स मीडिया मामला

305 करोड़ रुपये के विदेशी फ़ंड लेने के लिए फ़ॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफ़आईपीबी) की मंज़ूरी में कई तरह की अनियमितताएं बरतने को लेकर मीडिया कंपनी आईएनएक्स मीडिया के ख़िलाफ़ 15 मई, 2017 को सीबीआई ने एक एफ़आईआर दर्ज की थी.

जब साल 2007 के दौरान कंपनी को निवेश की स्वीकृति दी गई थी उस समय पी चिदंबरम वित्त मंत्री हुआ करते थे.

चिदंबरम तब जांच एजेंसियों के रडार पर आए जब आईएनएक्स मीडिया के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी से ईडी ने पूछताछ की.

ईडी ने इस संबंध में 2018 में मनी लांड्रिंग का एक मामला भी दर्ज किया था.

टाईम्स आफ इंडिया के अनुसार ईडी ने अपने आरोप पत्र में लिखा है, “इंद्राणी मुखर्जी ने जांच अधिकारियों को बताया कि चिदंबरम ने एफ़आईपीबी मंज़ूरी के बदले अपने बेटे कार्ति चिदंबरम को विदेशी धन के मामले में मदद करने की बात कही थी.”

एयरसेल-मैक्सिस सौदे में भी है नाम

केंद्रीय जांच एजेंसी 3500 करोड़ रुपये के एयरसेल मैक्सिस सौदे में भी चिदंबरम की भूमिका की जांच कर रही है.

साल 2006 में मलेशियाई कंपनी मैक्सिस ने एयरसेल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली थी. इस मामले में रज़ामंदी देने को लेकर चिदंबरम पर अनियमितताएं बरतने का आरोप है.

वो 2006 में हुए इस सौदे के वक़्त पहली यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे. 2जी से जुड़े इस केस में चिदंबरम और उनके परिवार पर हवाला मामले में केस दर्ज है.

आरोप है कि विदेशी निवेश को स्वीकृति देने की वित्त मंत्री की सीमा महज़ 600 करोड़ है फिर भी 3500 करोड़ रुपये के एयरसेल-मैक्सिस डील को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की इजाज़त के बिना पास कर दिया गया.

लेकिन पी चिदंबरम ने हमेशा अपने और अपने बेटे के ख़िलाफ़ सभी इल्ज़ामों को ख़ारिज किया है. उनके अनुसार उनके ख़िलाफ़ इल्ज़ाम राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित हैं.

स्वयंभू बाबा नित्यानंद ने बना लिया अलग देश खुद का साम्राज्य, नाम है कैलासा!


अपहरण के मामले में फरार चल रहे दक्षिण भारत के स्वयंभू बाबा नित्यानंद के बारे में खबरें आ रहीं हैं कि वह विदेश भाग चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नित्यानंद ने दक्षिण अमेरिका के इक्वाडोर में एक आईलैंड खरीद उसे कैलासा नाम दे दिया है। वायरल खबरों की मानें तो इस आईलैंड को नित्यानंद ने हिन्दू राष्ट्र घोषित कर दिया है। वहीं, कुछ दिन पहले नित्यानंद के विदेश चले जाने के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा था उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। गुजरात पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि नित्यानंद फरार है और भारत में नहीं है। गुजरात पुलिस ने बीती 21 नवंबर को बताया था कि स्वयंभू बाबा नित्यानंद देश छोड़कर भाग गया है। नित्यानंद के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज है। मामले में उसके खिलाफ सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने उसकी दो महिला अनुयायियों को भी गिरफ्तार किया है।

लगे हैं ये गंभीर आरोप

अहमदाबाद (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक एसवी असारी ने बताया कि नित्यानंद कर्नाटक में उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज होने के बाद ही देश छोड़कर भाग गया था। गुजरात पुलिस उचित माध्यम के जरिए उसकी हिरासत हासिल करेगी। पुलिस ने उसकी दो महिला अनुयायियों- साध्वी प्राण प्रियानंद और प्रियातत्व रिद्धि किरण को भी गिरफ्तार किया था। दोनों पर चार बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखने का आरोप है। पुलिस नित्यानंद के आश्रम से लापता हुई एक महिला के मामले में भी जांच कर रही है। महिला के पिता जनार्दन शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 20 नवंबर को स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद के खिलाफ मामला दर्ज किया था। नित्यानंद पर अहमदाबाद में अपना आश्रम योगिनी सर्वज्ञपीठम चलाने के लिए बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें बंधक बनाकर अनुयायियों से चंदा जुटाने के आरोप हैं। 

विदेश मंत्रालय का बयान

नित्यानंद के विदेश भागने की खबरों पर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय ने 21 नवंबर को था कि इसकी कोई औपचारिक सूचना नहीं है कि अपहरण का आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु नित्यानंद भारत से बाहर चला गया है। गुजरात पुलिस द्वारा प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी भी व्यक्ति के स्थान का विवरण होना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने तब कहा था कि हमें कोई औपचारिक जानकारी नहीं है, न तो गुजरात पुलिस से और न ही गृह मंत्रालय से। इसके अलावा, प्रत्यर्पण अनुरोध के लिए, हमें व्यक्ति के स्थान और राष्ट्रीयता के विवरण की आवश्यकता होती है। हमारे पास अभी तक उसके बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

पूंजीपति देश छोड़कर भाग गये पर लगा गये हजारों करोड़ का चूना

नई दिल्ली: आर्थिक अपराध कर देश छोड़कर भागने वाले 51 लोगों ने कुल मिलाकर 17,900 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है, सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी. वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राज्यसभा में ‘भगोड़े आर्थिक अपराधियों’ पर एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

मंत्री ने कहा, ‘‘केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बताया है कि आज तक, 66 मामलों में 51 फरार और घोषित अपराधी अन्य देशों में भाग गये हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘सीबीआई ने रिपोर्ट दी है कि इन मामलों में आरोपी व्यक्तियों द्वारा दी गई कुल लगभग 17,947.11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है.’’ उनसे पूछा गया था कि इन घटनाओं में कितनी रियायतें दी गई थीं या ऋण माफ किये गए थे.

उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई ने सक्षम न्यायालयों में इन मामलों के संबंध में आवेदन दायर किए और जांच अथवा दूसरी कार्रवाई जारी है. ठाकुर ने कहा कि सीबीआई, घोषित अपराधियों और फरार लोगों के संबंध में 51 प्रत्यर्पण अनुरोधों पर काम कर रही है जो विभिन्न चरणों में लंबित हैं.

अन्य केंद्रीय एजेंसियों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड और सीमा शुल्क विभाग (सीबीआईसी) ने छह भगोड़े आर्थिक अपराधियों के बारे में रिपोर्ट की है जो अवैध रूप से देश छोड़ गए हैं.

ठाकुर ने कहा, ‘‘प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत सक्षम अदालत में 10 व्यक्तियों के खिलाफ आवेदन दायर किये हैं.’’ मंत्री ने कहा, ‘‘आठ व्यक्तियों के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोधों के संबंध में, इंटरपोल द्वारा रेड-कॉर्नर नोटिस भी प्रकाशित किए गए हैं.’’ बता दें कि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या समेत कई कारोबारी हैं जो बैंकों को चूना लगाकर फरार हो चुके हैं

आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध :कमलनाथ

कलेक्टर इसकी अनुमति नहीं दे सकते: मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ




शिवपुरी-मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति देने संबंधी जो भ्रम और अफवाह फैलायी जा रही हैए वह सरासर गलत है। राज्य शासन ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। प्रदेश में आज भी आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध है। आदिवासियों के सभी हितों का संरक्षण करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दे दी है। यह अफवाह निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलायी जा रही हैए जो न केवल असत्य है बल्कि आधारहीन भी है। मध्यप्रदेश में आदिवासियों की जमीन किसी गैर आदिवासी को बेचने की अनुमति नहीं हैं और न ही इस प्रावधान में कोई बदलाव किया गया है। प्रदेश के अनुसूचित आदिवासी क्षेत्रों में भू.राजस्व की संहिता की धारा 165 के अनुसार किसी आदिवासी की जमीन किसी गैर आदिवासी को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध है और जिले के कलेक्टर भी इसकी अनुमति नहीं दे सकते। मध्यप्रदेश सरकार आदिवासियों के समस्त हितों का संरक्षण करने के लिए कटिबद्ध है और ऐसा कोई कदम कभी नहीं उठायेगीए जो प्रदेश के आदिवासियों के हित में न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जो सामान्य सा बदलाव किया है और जिसको लेकर भ्रम और अफवाह फैलायी जा रही है वह सिर्फ यह है कि अनुसूचित क्षेत्रों में गैर आदिवासी द्वारा गैर आदिवासी की जमीन खरीदने के बाद डायवर्सन के लिए जो समय.सीमा थीए उसे समाप्त किया गया है।

सिंध परियोजना का कार्यालय सील, संपत्ति कुर्क चौकीदार के वेतन का मामला

शिवपुरी। रात्रि की ससे बडी खबर जल संसाधन विभाग सिंध परियोजना पक्का बांध संभाग मड़ीखेड़ा के खिन्नी नाका स्थित कार्यालय से आ रही है। जहां बीती रात्रि राजस्व टीम नेे कार्यालय का वाहन व एक जनरेटर कुर्क कर कार्यालय को शील्ड करने की कार्रवाई की है।

कार्रवाई विभाग में पदस्थ दैनिक वेतन भोगी चैकीदार श्रीनिवास पुत्र रामचरण शर्मा का 3 लाख 80 हजार 101 रूपए की वेतन भुगतान न करने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद कलेेक्टर अनुग्रह पी के निर्देश पर तहसीलदार भूपेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा की गई है। साथ ही विभाग को नोटिस जारी कर कर्मचारी का वेतन भुगतान 10 दिवस में करने का निर्देश दिया।

जानकारी के अनुसार जल संसाधन विभाग सिंध परियोजना पक्का बांध संभाग मड़ीखेड़ा के कार्यालय में श्रीनिवास शर्मा दैनिक वेतन भोगी होकर चौकीदार के पद पर पदस्थ हैं। जिसका 3 लाख 80 हजार 101 रूपए का वेतन विभाग ने नहीं दिया था। इसे लेकर पीड़ित कर्मचारी ने माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली और उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में विभाग को आदेशित किया कि कर्मचारी का वेतन भुगतान किया जाए।

लेकिन विभाग ने न्यायालय के आदेश की अव्हेलना करते हुए भुगतान नहीं किया। जिस पर पीड़ित कर्मचारी ने न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कलेक्टर शिवपुरी को जल संसाधन विभाग के सिंध परियोजना कार्यालय पर कार्रवाई करने का आदेश पारित किया। जिस पर कलेक्टर अनुग्रह पी ने मामले को गंभीरता से लेकर तहसीलदार भूपेंद्र सिंह कुशवाह को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

जिस पर तहसीलदार कुशवाह, वसूली नाजिर व अन्य स्टाफ के साथ बीते शनिवार को खिन्नी नाका स्थित कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने 15 केव्हीए का बड़ा जनरेटर सेट कीमती 1 लाख रूपए एवं शासकीय वाहन एमपी 02 5999 कीमती डेढ़ लाख रूपए मौके से कुर्क किया गया है। साथ ही वरिष्ठ लेखा अधिकारी कक्ष एवं कार्यपालन यंत्री कक्ष में रखा पुराना फर्नीचर एवं अलमारी कुर्क कर दोनों कार्यालयों में ताला डालकर शील्ड कर दिया।

साथ ही कुर्क की गई सम्पत्ति को कार्यालय में उपस्थित चौकीदार एवं मानचित्रकार संतोष जैन के सुपुर्द कर दी गई और एक नोटिस जारी कर संबांधित विभाग को निर्देषित किया कि 10 दिवस में उक्त कर्मचारी का भुगतान किया जाए। अन्यथा की स्थिति में 16 दिसंबर को प्रातः 11 बजे कार्यालय प्रांगण में कुर्कशुदा सम्पत्ति की नीलामी कर कर्मचारी को भुगतान कर दिया जाएगा।

इनका कहना है-

जल संसाधन विभाग के सिंध परियोजना पक्का बांध संभाग मड़ीखेड़ा कार्यालय में पदस्थ चैकीदार का विभाग द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया गया था। जिसे लेकर कर्मचारी ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय ने इस मामले मंे भुगतान का निर्देष दिया था। लेकिन इसके बाद भी विभाग द्वारा वेतन नहीं दिया गया। 

जिस पर अवमानना की याचिका उक्त कर्मचारी श्रीनिवास शर्मा ने दाखिल की थी। जिस पर न्यायालय ने विभाग की सम्पत्ति कुर्क करने का आदेष दिया और न्यायालय के आदेष के बाद यह कार्रवाई की गई है। हमने विभाग के कार्यालय को शील्ड कर वहां रखा एक वाहन और जनरेटर कुर्क किया है।

भूपेंद्र सिंह कुशवाह, तहसीलदार,तहसील शिवपुरी