बिल नहीं तो फ्री में लें खाना और सामान रेलवे की नई नीति

अगर आप सफर के दौरान रेलवे स्टेशनों (Railway Stations) पर या ट्रेनों (Trains) में खाना या सामान खरीदते हैं और वेंडर आपको बिल नहीं देता है, तो खरीदा गया सामान पूरी तरह फ्री होगा.

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railway) में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. अगर आप सफर के दौरान रेलवे स्टेशनों पर या ट्रेनों में खाना या सामान खरीदते हैं और वेंडर आपको उसका बिल नहीं देता है, तो खरीदा गया सामान पूरी तरह फ्री होगा. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) ने ट्वीट कर बताया कि भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में भोजन की ओवरचार्जिंग पर अंकुश लगाने लिए ‘नो बिल नो पेमेॆट नीति शुरू की है. इसके तहत स्टेशन या ट्रेन में सामान बेचने वाला कोई वेंडर आपको बिल नहीं देता है, तो खरीदा गया सामान पूरी तरह मुफ्त होगा.

बता दें कि आए दिन रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में वेंडरों की मनमानी की शिकायतें मिलती थीं. आमतौर पर वेंडर पानी की बोतलों की कीमत से ज्यादा पैसे वसूलते थे और खाद्य सामग्री को लेकर कई जगह कोई फिक्स कीमत नहीं होती थी. रेलवे द्वारा No Bill, No Payment की नीति अपनाते हुए विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया गया है. ट्रेन अथवा रेलवे प्‍लेटफॉर्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आपको उसे पैसे देने की आवश्यकता नहीं है. 

ट्रेन में खाने-पीने के लिए खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे

रेलवे से सफर करना अब महंगा होने वाल है. क्‍योंकि ट्रेन में चाय, नाश्‍ता और खाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. रेलवे बोर्ड ने राजधानी (Rajdhani), शताब्दी (Shatabdi) और दुरंतो (Duranto) में चाय, नाश्ता और भोजन महंगा करने का सर्कुलर जारी कर दिया है. नए रेट मेल, एक्‍सप्रेस और दूसरी ट्रेनों में भी लागू होंगे. नया रेट चार्ज 4 महीने बाद यानी फरवरी 2020 से लागू होगा.

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई कृषि विभाग के अफसर को 2 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा, बड़ी कार्रवाई

भोपाल लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग के अफसर को दो लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने कृषि सेवा केंद्र के संचालक से कार्रवाई न करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद फरियादी की शिकायत पर लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक फरियादी मान सिंह राजपूत निवासी नरेला संकरी अयोध्या नगर द्वारा द्वारा दो स्थानों पर कृषि सेवा केंद्र संचालित किये जाते हैं| फरियादी मान सिंह ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल को शिकायत की गई कि उसके द्वारा संचालित कृषि सेवा केंद्र 11 मिल चौराहा एवं भानपुरा भोपाल पर 21 नवंबर को संयुक्त संचालक, कृषि भोपाल उत्तम सिंह जादोन द्वारा निरीक्षण कर खाद बीज कीटनाशकों के सेंपल लिए गए थे| इसके बाद कोई कार्यवाही ना करने के  एवज में उत्तम सिंह जादोन द्वारा फरियादी मान सिंह से 5 लाख रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी । 

शिकायत की तस्दीक के बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के निर्देशन में गठित टीम द्वारा शनिवार शाम फरियादी से 2 लाख रुपए रिश्वत राशि लेते हुए उत्तम सिंह जादोन कों रंगे हाथों पकड़ा गया और 2 लाख रुपए रिश्वत राशि बरामद की गई|  टीम में डी एस पी श्रीमती साधना सिंह, निरीक्षक उमा कुशवाह,  वी के सिंह,  मनोज पटवा सहित 10 सदस्य शामिल रहे| कार्रवाई देर शाम तक जारी रही|

हैदराबाद गैंग रेपः पुलिस ऐसे पहुंची प़ियंका रेड्डी के हत्यारों तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गये

हैदराबाद. महिला वेटनरी डॉक्टर (Veterinary Doctor) से गैंगरेप के बाद हत्या और फिर लाश को जला देने के मामले में पुलिस के लिए आरोपियों को पकड़ना आसान नहीं था. हालांकि 48 घंटे से भी कम समय में पुलिस ने चारों को धर दबोचा. आइए सिलसिलेवार ढंग से एक नज़र डालते हैं कि आखिरी कैसे पुलिस की टीम अपराधी तक पहुंच गई.

1. महिला डॉक्टर की बहन ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन की स्कूटी का टायर पंक्चर हो गया था, इसलिए वह टोल प्लाजा के पास फंस गई थी. पुलिस ने इसी बयान के आधार पर सबसे पहले टोल प्लाज़ा के पास टायर मैकेनिक की तलाश शुरू की. जैसे ही पुलिस मैकेनिक के पास पहुंची उसने बता दिया कि उसके पास लाल रंग की एक स्कूटी टायर ठीक कराने के लिए आई थी. उसने ये भी बताया कि वो रॉन्ग साइड (उल्टी तरफ से) से स्कूटी को लेकर आए थे.

2.  पुलिस को रोड की दूसरी तरफ एक फैक्ट्री दिखी, जहां बाहर की तरफ सीसीटीवी लगी थी. तुरंत ही इन फुटेज को खंगाला गया. यहां देखा गया कि दो आरोपी स्कूटी के साथ आगे बढ़ रहे थे. एक दूसरे फुटेज में काफी देर से खड़ा एक ट्रक भी दिखा, लेकिन अंधेरा होने के चलते ट्रक के नंबर का पता नहीं चला.

3. पुलिस ने सीसीटीवी के इसी फुटेज को 6-7 घंटे पीछे करके देखा तो पता चला कि ये ट्रक दिन में ही वहां पार्क किया गया था. ट्रक का नंबर मिलते ही पुलिस ने इसके मालिक की तलाश शुरू की. पता चला कि इसका मालिक श्रीनिवास रेड्डी है, जिसके पास 15 ट्रक थे.

4. ट्रक के मालिक को सीसीटीवी के फुटेज दिखाए गए. उसने उस संदिग्ध को नहीं पहचाना, जो स्कूटी लेकर आगे बढ़ रहा था. लेकिन मालिक ने ये जरूर बताया कि उस ट्रक को मोहम्मद आरिफ नाम का ड्राइवर चलाता है.

5. इस बीच पुलिस की एक दूसरी टीम ने पास के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया. यहां फिर वहीं संदिग्ध दिखा जो स्कूटी को मैकेनिक के पास लेकर जा रहा था. ये शख्स यहां एक बोतल में पेट्रोल या डीज़ल खरीद रहा था.

6. पुलिस की टीम ने मोबाइल के टावर लोकेशन की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. पुलिस ने ट्रक ड्राइवर आरिफ को भी कॉल किया, जिसका नंबर उसके मालिक ने दिया था. इन दोनों की जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम आरोपियों तक पहुंच गई.

7. इस बीच टोल प्लाजा से करीब 30 किमी दूर एक किसान ने पुलिस को सूचना दी कि उसने एक जला हुआ शव देखा है. पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के परिवार के लोगों को घटनास्थल पर बुलाया. अधजले स्कार्फ और गोल्ड पेंडेंट से डॉक्टर के शव की पहचान हुई.

इंदौर में प्रेस की आजादी पर कमलनाथ का अघोषित अपातकॉल

हनीट्रैप हुयीं राज्य सरकार.
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मध्यप्रदेश के इंदौर से प्रकाशित होने वाले संध्या दैनिक लोकस्वामी समाचार पत्र के द्वारा लगातार हनीट्रैप मामले में सफेदपोशों के काले कारनामो को उजागर किये जाने से बौखलाई कमलनाथ की कांग्रेस सरकार..

समूचे प्रशासनिक तंत्र ने झोंकी अखबार के विरुद्ध शक्ति..

समाचार पत्र के कर्ता-धर्ता के इंदौर शहर में स्थापित विभिन्न प्रतिष्ठानों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विधुत विभाग, खाद्य विभाग एवं राज्य के अधीन आने वाले विभागों ने दिखाई आश्चर्य जनक सक्रियता..

मसलन गीता भवन चौराहे स्थित मांय होम, तुकोगंज औऱ विजय नगर स्थित स्थित ओटू (O2)..तुकोगंज क्षेत्र स्थित बेस्ट वेस्टर्न पर जारी कथित पड़ताल..

लोकस्वामी अखबार में हनीट्रैप से जुड़े नित नए खुलासो करने वाले जितेंद्र सोनी के निवास सहित अन्य स्थान शासन के राडार पर..

सवाल है कि क्या लोकस्वामी के खुलासों की अगली कड़ी में कमलनाथ के नम्बरदारों के चेहरे भी उजागर होने थे..?