16 करोड़ की लागत से बनने वाले विद्युत उपकेंद्र का श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया भूमिपूजन।

शिवपुरी “,ग्वालियर:-  क्षेत्र में निर्वाध विद्युत आपूर्ति के लिए 132/33 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र स्थापित किया जाएगा। लगभग 16 करोड़ की लागत से बनने वाले विद्युत उपकेंद्र का शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भूमिपूजन किया। उनके मुख्य आतिथ्य में यह कार्यक्रम सम्पन हुआ। नरवर के शासकीय उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय में आयोजित समारोह को पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संबोधित करते हुए कहा कि इस विद्युत केंद्र के बनने से लगभग 75 ग्रामों की जनता को लाभ मिलेगा और 90 हजार किसानों को खेती में सहयोग मिलेगा। किसानों को लाइट और पानी मिलने से समय पर सिंचाई हो सकेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सिंचाई डिवीजन को नरवर, करैरा से कहीं और विस्थापित नहीं किया जाएगा। जल्द डॉक्टरों की कमी पूरी होगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए शिवपुरी में लगभग 190 करोड़ की लागत से मेडीकल कॉलेज खोला गया है और जल्द ही जिले में चिकित्सकों की कमी पूरी की जाएगी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भावखेड़ी में दो दलित बच्चों की मृत्यु की घटना पर परिवार के प्रति अपनी सुहानुभूति व्यक्त की और स्वयं की और से परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की है। उन्होंने बच्चों के परिजनों को 1 – 1 लाख रुपये की सहायता दी है। उल्लेखनीय है कि पीड़ित परिवार को राज्य शासन की ओर से 4 – 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे दी गयी है और निवास भी उपलब्ध कराया गया है।

हैदराबाद में एक वेटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या की घटना को लेकर लोगों में गुस्सा14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए चारों आरोपी

हैदराबाद: हैदराबाद में एक महिला पशु चिकित्सक (वेटनरी डॉक्टर) के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. भारी पुलिस सुरक्षा के बीच आरोपियों को शादनगर थाने से चंचलगुडा सेंट्रल जेल भेजा गया. चारों युवक पर आरोप है कि गैंगरेप को अंजाम देने के बाद लड़की को आग के हवाले कर दिया. चारों लॉरी मजदूर हैं.

हैदराबाद पुलिस के मुताबिक, महिला अस्पताल गई थी और बुधवार शाम घर लौट आई थी. वह शाम को पांच बजकर करीब 50 मिनट पर दूसरे क्लिनिक के लिए रवाना हुई और अपनी दोपहिया गाड़ी शमशाबाद टोल प्लाजा के पास खड़ी कर साझेदारी वाली (शेयर्ड) कैब ली.

उसकी छोटी बहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि महिला ने बुधवार रात नौ बजकर 22 मिनट पर उसे कॉल की थी और कहा था कि वह अब भी टोल प्लाज़ा पर है और किसी ने उससे कहा है कि उसकी स्कूटी के पहिए की हवा निकल गई है और मदद की पेशकश की है.

उसने अपनी बहन को यह भी बताया था कि वह डर रही है, क्योंकि पास में एक लॉरी है और जिन्होंने उसकी मदद करने की पेशकश की थी वे गाड़ी के पास हैं. शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने रात नौ बजकर 44 मिनट पर फिर अपनी बहन को फोन किया लेकिन तब फोन बंद था. इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया.

पशु चिकित्सक का शव हैदराबाद-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास गुरुवार को मिला जो उस टोल प्लाजा से करीब 25 किलोमीटर दूर है जहां वह आखिरी बार देखी गई थी.

गैंगरेप और हत्या की वारदात जिसने भी सुनी दिल दहल गया और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे और निकाय प्रशासन मंत्री के टी रामा राव ने कहा कि वह मामले पर व्यक्तिगत तौर पर नजर रखेंगे.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना पर हैरानी जताते हुए इसे खौफनाक और बिना उकसावे की हिंसा बताया और कहा कि यह कल्पना से परे है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि वह इस मामले के मद्देनजर सभी राज्यों को परामर्श जारी करेगा कि वे महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एहतियाती कदम उठाएं.

विरोध प्रदर्शन
बड़ी संख्या में लोगों ने उस थाने के बाहर प्रदर्शन किया जहां महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या के आरोपियों को बंद किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को ‘कड़ी’ सजा की मांग की. बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शादनगर पुलिस थाने के बाहर एकत्रित हुए और आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की. इनमें से कुछ लोगों ने मांग की कि आरोपियों को मौत की सजा दी जाए. स्थानीय बार एसोसिएशन ने आरोपियों को कोई भी विधिक सहायता उपलब्ध नहीं करने का फैसला किया है.

वहीं दिल्ली में बढ़ते अपराधों से नाराज एक युवती ने संसद के बाहर फुटपाथ पर धरना दिया. पुलिस ने बताया कि युवती की पहचान अनु दुबे के तौर पर हुई है, जो संसद के प्रवेश द्वार 2-3 के समीप फुटपाथ पर हाथ में एक तख्ती लिए बैठी थी, जिस पर लिखा था ‘‘मैं अपने भारत में सुरक्षित क्यों नहीं महसूस करती.’’

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उसे जंतर मंतर जाकर प्रदर्शन करने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया. इसके बाद उसे पुलिस अपनी गाड़ी में संसद मार्ग स्थित थाने ले गई. इस दौरान युवती की आंखे नम थी. उन्होंने बताया कि कुछ अधिकारियों ने युवती की बात सुनी और उसके बाद उसे छोड़ दिया गया.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिला की पिटाई की. मालीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘हैदराबाद में बलात्कार की भयावह घटना से परेशान जब एक छात्रा अपनी आवाज उठाना चाहती थी तो दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और पिटाई की. मैंने पुलिस थाने में लड़की से मुलाकात की, वह डरी हुई है. यह दिखाता है कि उन लोगों का ऐसा ही हश्र होगा जो आवाज उठाते हैं?’’

मंत्री के बयान पर विवाद
इस बीच, तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने अपनी इस कथित टिप्पणी से विवाद पैदा कर दिया कि महिला को अपनी बहन की बजाय पुलिस को फोन करना चाहिए था. हालांकि, अली के करीबी सूत्रों ने कहा कि मंत्री सिर्फ यह कहना चाह रहे थे कि पुलिस को सूचित करने से उसकी मदद हो सकती थी. अली ने पशु चिकित्सक के माता-पिता से मुलाकात की.

महाराष्ट्र विधानसभा में उद्धव ठाकरे सरकार ने बहुमत साबित कर दिया.

सरकार के पक्ष में 169 विधायकों ने वोट दिया और इस दौरान विपक्ष में कोई भी वोट नहीं पड़ा क्योंकि बीजेपी ने सदन से वॉकआउट कर दिया था. इस दौरान चार विधायक तटस्थ रहे जिनमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और एआईएमआईएम भी शामिल है.

कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने शिवसेना नेता और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में विश्वास मत का अनुमोदन किया था.

शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस के महा विकास अघाड़ी गठबंधन की ओर से उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला था.

दो बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुआ तो विपक्ष ने विरोध किया. विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार पर नियमों को ताक पर रखकर सदन चलाने का आरोप लगाया है.

सबसे पहले सदस्यों की गिनती हुई और उनसे हां या ना में जवाब मांगा गया. इस दौरान बीजेपी के सदस्य हंगामा करते रहे, उनका कहना था कि ये सब नियमों के ख़िलाफ़ हो रहा है.

बीजेपी का सदन से वॉकआउट

इसके बाद बीजेपी के सभी 105 सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए.

सदन से बाहर आकर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि सदन में अपनाई गई प्रक्रिया असंवैधानिक है. उनका कहना था कि नियमों को ताक पर रखकर प्रोटेम स्पीकर को हटाकर नया प्रोटेम स्पीकर बनाया गया.

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “इस अधिवेशन को बुलाने के लिए नया समन जारी होना चाहिए था. इस दौरान पिछले अधिवेशन को ही जारी किया गया. मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की शपथ ग़लत तरीक़े से ली गई. संविधान के नियमानुसार शपथ नहीं ली गई वो अवैध है. देश के इतिहास में प्रोटेम स्पीकर को ऐसे हटाया नहीं गया लेकिन मनमानी करके सारी कार्यवाही की गई.”

“फ़्लोर टेस्ट स्पीकर के चुनाव के बाद होता है लेकिन स्पीकर के चुनाव से पहले ही फ़्लोर टेस्ट कराया गया. सदस्यों को होटल से निकालकर बहुमत परीक्षण के लिए लाया गया है. सदन में संविधान के अनुसार काम नहीं चल रहा है इसलिए हम सदन से बाहर आ गए हैं. इसको लेकर हम राज्यपाल को पत्र देंगे और उनसे सारी कार्रवाई निरस्त करने की मांग करेंगे.”

शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्विटर पर 170 से ज़्यादा विधायकों का समर्थन मिलने का दावा 

PoK को लेकर पाकिस्तान में उठी आवाज, इमरान सरकार से हिंसा और कट्टरपंथ रोकने की मांग

इस्लामाबाद, एएनआइ। गुलाम कश्मीर (PoK) और गिलगिट बाल्टिस्तान में पाकिस्तान सरकार की करतूत के खिलाफ मुल्क के भीतर से ही आवाज उठने लगी है। राजधानी इस्लामाबाद में हुए एक सम्मेलन में सियासी कार्यकर्ताओं ने सरकार से गुलाम कश्मीर और गिलगिट बाल्टिस्तान में कट्टरपंथ, हिंसा और असहिष्णुता को बढ़ावा दिए जाने पर रोक लगाने की अपील की है।

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) की ओर से गुरुवार को आयोजित सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा गया है, ‘यह सम्मेलन पाकिस्तान की सरकार से उन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह करता है, जो गुलाम कश्मीर और गिलगिट बाल्टिस्तान में कट्टरपंथ, हिंसा और असहिष्णुता को बढ़ावा देती हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय असहिष्णुता और घृणा का शिकार ना होने पाएं। हम पाकिस्तानी अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे कानून का सम्मान करें और गिलगिट बाल्टिस्तान में गैर कश्मीरियों को बसाना बंद कर दें।’

कब्जे वाले इलाके से दूर रहे सरकार

इस प्रस्ताव में पाकिस्तान सरकार से यह आग्रह भी किया गया है कि वह हड़पे हुए गिलगिट बाल्टिस्तान और गुलाम कश्मीर से दूर रहे क्योंकि इससे हालात बिगड़ सकते हैं। सरकार से इन क्षेत्रों को पूरी आजादी देने की मांग की गई है जिससे वहां के निर्वाचित सदस्यों को स्थानीय लोगों की सामाजिक, आर्थिक और सियासी समस्याओं का समाधान करने में मदद मिल सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट का नया रोस्टर जारी, चीफ जस्टिस और तीन वरिष्ठ जज सुनेंगे जनहित याचिकाएं

सुप्रीम कोर्ट ने अपना नया वर्क रोस्टर जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि अब शीर्ष अदालत में जनहित याचिकाओं (पीआईएल) से जुड़ी सुनवाई भारत के मुख्य न्यायधीश (सीजेआई) एसए बोबडे और तीन अन्य सबसे वरिष्ठ जज ही करेंगे। यह रोस्टर बीती 26 नवंबर से ही लागू हो गया है।

रोस्टर में दिए गए काम के बंटवारे के हिसाब से चीफ जस्टिस बोबडे ने पीआईएल की सुनवाई की जिम्मेदारी अपने अलावा जस्टिस एनवी रामन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस आरएफ नरीमन को सौंपी है। इस हिसाब से इसे पिछले रोस्टर से अलग माना जा रहा है, जिसमें तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने जनहित याचिकाओं की जिम्मेदारी खुद समेत सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष पांच जजों को दी थी।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में सीजेआई के साथ जस्टिस रामन्ना, जस्टिस मिश्रा, जस्टिस नरीमन और जस्टिस आर. भानुमति की मौजूदगी रहेगी।

पीआईएल मामलों से इतर सीजेआई बोबडे अवमानना, चुनाव, बंदी प्रत्यक्षीकरण, सामाजिक न्याय, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर आदि से जुड़े मामलों की भी सुनवाई करेंगे। सीजेआई जांच आयोगों, कंपनी लॉ, एकाधिकार व प्रतिबंधात्मक व्यापार, ट्राई, सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े आपराधिक मामले व मुकदमे भी देखेंगे।
 
अन्य जजों की पीठ पर ये जिम्मेदारीजस्टिस एनवी रामन्ना की पीठ- सशस्त्र बलों, मुआवजे, आपराधिक व सामान्य नागरिक मामलों के अलावा न्यायिक अधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारियों, उच्च न्यायालयों, जिला अदालतों और न्यायाधिकरणों से संबंधित मामले आदि।जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ- भूमि अधिग्रहण, मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश, वैधानिक निकायों के आदेशों के खिलाफ अपील, अप्रत्यक्ष कर, अवमानना आदि।जस्टिस नरीमन की पीठ- पारिवारिक कानून के मामले, पट्टों के मामलों, सरकार और स्थानीय निकायों द्वारा अनुबंध से संबंधित मामले आदि।जस्टिस भानुमति की पीठ- श्रम, किराया अधिनियम, भूमि कानून और कृषि संबंधी अन्य मामले आदि।

रक्षा मंत्री का हमला, कहा- अपने Proxy War में कभी सफल नहीं होगा पाक

पुणे, एएनआइ। पाकिस्‍तान को वैश्विक मंच पर अकेला करने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद के जरिए पाकिस्‍तान जो लड़ाई लड़ रहा है उसमें उसे कभी जीत हासिल नहीं होगी।

रक्षा मंत्री ने आज पुणे स्थित नेशनल डिफेंस अकेडमी में परेड की समीक्षा की। इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय आर्मी देश की ताकत है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सुरक्षाबलों की सराहना की और प्रोत्‍साहन दिया। उन्‍होंने कहा कि सुरक्षाबलों को और मजबूत बनाने के लिए सरकार अपनी ओर से प्रयासरत है। साथ ही उन्‍होंने पाकिस्‍तान पर जमकर निशाना साधा। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘वैश्‍विक मंच पर आतंक का साथ देने वाले पाकिस्‍तान को अलग कर दिया गया है और इसका पूरा श्रेय हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। आतंकवाद के जरिए पाकिस्‍तान Proxy War कर रहा है लेकिन आज मैं कहता हूं कि इसमें वह कभी नहीं जीत पाएगा।’

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘पाकिस्‍तान को यह अहसास हो गया है कि यह पारंपरिक स्‍तर पर युद्ध नहीं जीत सकता इसलिए उसने आतंक का साथ देकर प्रॉक्‍सी वॉर शुरू कर दिया है।’ उन्‍होंने आगे कहा कि 1965, 1971 और 1999 में युद्धों के जरिए पाकिस्‍तान को यह अच्‍छे से समझ गया है कि भारत के साथ जंग जीतना आसान नहीं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अन्‍य देशों के साथ हमेशा भारत ने मित्रवत संबंध अपनाया है। देश को कभी किसी और के क्षेत्र को हथियाने का लालच नहीं रहा लेकिन यदि उसे उकसाया जाएगा तब यह किसी को माफ नहीं करेगा।

उद्धव कैबिनेट का फॉर्मूला तय, जानिए किसके खाते में जा सकता है कौन सा मंत्रालय

महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच मंत्रालय के बंटवारे पर सहमति बन गई है. कांग्रेस को राजस्व, पीडब्लूडी और आबकारी विभाग मिल सकता है, जबकि एनसीपी के खाते में गृह, वित्त, पर्यावरण और वन मंत्रालय जा सकता है. मुख्यमंत्री पद के अलावा शिवसेना के बाद शहरी विकास, हाउसिंग, सिंचाई, परिवहन मिल सकता है.

अभी शिक्षा और उद्योग से जुड़े मंत्रालयों पर सहमति नहीं बन पाई है. हालांकि, माना जा रहा है कि एक-दो दिन में एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना के नेता मंत्रालयों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय ले लेंगे. फिलहाल, आज बहुमत परीक्षण होगा. इसके बाद कैबिनेट का विस्तार होगा. उसके बाद ही मंत्रालयों का बंटवारा किया जा सकता है.

शिवसेना का CM, NCP का डिप्टी CM और कांग्रेस का स्पीकर

सरकार बनाने से पहले शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच पदों के बंटवारे पर सहमति बन गई थी. तय हुआ था कि सीएम पद शिवसेना को दिया जाएगा. इसके बाद उद्धव ठाकरे को तीन दलों के विधायकों ने अपना नेता चुना था. इसके अलावा एनसीपी के पास डिप्टी सीएम और कांग्रेस के खाते में स्पीकर पद जाएगा. हालांकि, एनसीपी ने अभी डिप्टी सीएम किसी को नहीं बनाया है, लेकिन माना जा रहा है कि अजित पवार को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है.

कांग्रेस ने की डिप्टी सीएम पद की डिमांड

बहुमत परीक्षण के पहले कांग्रेस ने पेच फंसा दिया था. कांग्रेस ने ऐन मौके पर डिप्टी सीएम की मांग कर दी थी. कांग्रेस चाहती है कि राज्य में एनसीपी के अलावा उनकी पार्टी का भी डिप्टी सीएम हो. इससे पहले कांग्रेस को स्पीकर पद दिए जाने पर सहमति बनी थी. डिप्टी सीएम को लेकर अभी तीनों दलों के बीच कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन स्पीकर पद के लिए कांग्रेस ने नाना पटोले को उतार दिया है.

उद्धव के साथ 6 मंत्रियों ने ली शपथ

महाराष्ट्र में गुरुवार से उद्धव राज की शुरुआत हुई थी. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के दो-दो मंत्रियों ने शपथ ली थी. शिवसेना की ओर से एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, एनसीपी की ओर से जयंत पाटिल और छगन भुजबल और कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोराट और नितिन राउत ने मंत्री पर की शपथ ली थी.

कमान संभालते ही एक्शन में उद्धव

प्रदेश की कमान संभालने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने आरे पर बड़ा ऐलान किया था. उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मैंने आरे मेट्रो कार शेड प्रॉजेक्ट का काम रोकने के आदेश दिए हैं. मेट्रो का काम बंद नहीं होगा लेकिन आरे की एक पत्ती भी अब नहीं कटेगी.

ट्रेन में बजने वाले नौ तरह के हॉर्न के संकेत इस बात के सूचक हैं

ट्रैन से हम अक्सर सफर करते ही रहते है। और ट्रेन के हॉर्न की बात करते ही दिमाग में प्लेटफॉर्म पर खड़े होने जैसी फीलिंग आने लगती है। अगर ट्रेन धीरे आ रही है तो यात्री अपने सामान के साथ मुस्तैदी से खड़े हो जाते हैं। जिनके पास रिजर्वेशन है वो अपनी सीट ढूंढता है और जिसके पास रिजर्वेशन का टिकट नहीं है वो बैठने का जुगाड़ ढूंढता है। लोगों का ट्रेन के साथ अपना-अपना एक्सपीरियंस होता है।बहरहाल हम आपको ट्रेनों की हॉर्न से जुड़ी दिलचस्प जानकारी दे रहे हैं।

क्यों बजाए जाते है 9 तरह के हॉर्न यदि आप इन्हें नहीं जानते तो यह पोस्ट अंत तक पढ़े-

1- एक शॉर्ट हॉर्न

इस हॉर्न का मतलब होता है कि ट्रेन यार्ड में आ गई है और उसकी सफाई का वक्त भी हो गया है।

2- दो शॉर्ट हॉर्न

इसका मतलब ट्रेन चलने के लिए तैयार है

3- तीन शॉर्ट हॉर्न

इस हॉर्न का मतलब है कि लोकोपायलट का कंट्रोल इंजन से छूट चुका है। ये हॉर्न ट्रेन के गार्ड के लिए एक संकेत है कि वो वैक्यूम ब्रेक से ट्रेन को रोके।

4- चार शॉर्ट हॉर्न
इस प्रकार के हॉर्न मतलब है कि ट्रेन में तकनीकी खराबी है और ट्रेन इससे आगे जाने की स्थिति में नहीं है।

5- दो छोटे और एक बड़ा हॉर्न

इस प्रकार के हॉर्न दो स्थिति में बजते हैं। या तो किसी ने चेन पुलिंग की है या फिर गार्ड ने वैक्यूम प्रेशर ब्रेक लगाए हैं।

6- लंबा बजने वाला हॉर्न

अगर ट्रेन लगातार हॉर्न बजा रही है तो इसका मतलब है कि वो प्लेटफॉर्म पर नहीं रुकेगी।

7- दो बार रुक–रुक कर बजने वाला हॉर्न

ये हॉर्न किसी क्रॉसिंग के करीब आने पर बजाया जाता है ताकि कोई रेलवे क्रॉसिंग के आस-पास न आ सके।

8- दो लंबे और एक छोटा हॉर्न

ऐसा हॉर्न तब बजाया जाता है जब ट्रेन अपना ट्रैक चेंज करती है।

9- छ: बार छोटे हॉर्न

ऐसा हॉर्न तब बजाया जाता है जब लोकोपायलट को किसी खतरे का आभास होता है।

हस्तशिल्प के लिए विख्यात चंदेरी यूनेस्को विश्व धरोहर की क्रिएटिव सिटी की सूची में नामांकित



अशोकनगर। UNESCO World Heritage हस्तशिल्प के लिए विख्यात चंदेरी को यूनेस्को ने विश्व धरोहर की क्रिएटिव सिटी श्रेणी में नामांकित किया है। अशोकनगर जिला प्रशासन के आवेदन पर यह नामांकन हुआ है। अब यूनेस्को का एक दल 98 दिन की यात्रा पर चंदेरी आकर 10 बिंदुओं के आधार पर मूल्यांकन करेगा। इसके बाद यूनेस्को इसे विश्व धरोहर की क्रिएटिव सिटी घोषित कर सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो यहां पर्यटन में इजाफा होगा। उल्लेखनीय है कि चंदेरी में ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के अलावा हस्तशिल्प कला विख्यात है। यहां की साड़ियां दूर-दूर तक प्रसिद्ध हैं। कलेक्टर डॉ. मंजू शर्मा के मुताबिक मप्र पर्यटन विभाग की पहल पर चंदेरी को विश्व धरोहर में शामिल कराने के लिए यूनेस्को में आवेदन किया गया था। हमारे लिए गर्व की बात है कि यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर के तहत क्रिएटिव सिटी की सूची में नामांकित किया है। यदि चंदेरी को विश्व धरोहर का दर्जा मिला, तो यह वैश्विक पर्यटन नक्शे पर आ जाएगा।