गुना शिवपुरी लोकसभा: में ऐसा न हो कछुआ खरगोश से जीत जाये और कहानी फिर से ताजी हो जाये.

गुना शिवपुरी लोकसभा में अभी पशोपश की स्थिति बनी हुई है कोई कह नहीं सकता है, बाजी किस तरफ पलटेगी. भले ही महाराजा ने अपने लाव लश्कर के साथ नामांकन भरा हो लेकिन जनता के बीच यह सब बेअसर है.
महाराजा की फौज जो है अंदर ही अंदर मन के भीतर चोर रखती है, मंचों के आसपास खड़े रहना तो उनकी मजबूरी है. सब थके हुये हैं और जोश से रहित हैं. उनके भीतर कुछ और है और बाहर कुछ और.
कक्का जी ने भी अभी मंच से अपनी भड़ास निकाल ही ली और फौज की और स्वयं की तुलना गाड़ी के नीचे चलने वाले कुत्ते से कर दी संकेत साफ है, घुटन बाहर निकल ही गई.
उधर भाजपा के सिपाहियों की फौज का जोश बरकरार है. रणभूमि में सभी दो दो हाथ करने के मूड़ में नजर आते हैं. जनता भी तो इनकी तरफ झुकती नजर आ रही है दबे पांव ही सही.
मोदी लहर भी इसमें सहयोगी बन रही है. नामांकन भरते समय भाजपा प़त्याशी ने भी अच्छा खासा प़दर्शन किया है ,इनके रेले में स्थानीय कार्यकर्ता अधिक थे जबकि दूसरी तरफ सब कुछ प़ायोजित था और बाहरी लोग अधिक थे जिनका जनता के बीच संपर्क कम ही है.
भाजपा कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास कोलारस क़ांति के कारण बहुत बड़ा हुआ है और विजयी कोलारस वीरों ने आने वाले चुनाव के लिये तन,मन, धन से कमर कसली है.अगर कुछ उलट फेर हुआ तो सेहरा कोलारस के वीरों के सर पर ही बंधेगा.
खैर सब कुछ जनता के हाथ में है और वह किसी भी तरह के तिलिस्म के झांसे में नहीं आने वाली है. हम तो इतना ही कह सकते ऐसा न हो तेज दौड़ते हुये खरगोश को कछुआ मात न दे दे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *