टीके का कारण मिली मुझे दूसरी जिंदगी… AIIMS के डॉक्टर बताया- कितनी असरदार है वैक्सीन

राजधानी दिल्ली में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ लोग बेहद गम्भीर बीमार हो रहे हैं। वहीं कोरोना के खिलाफ टीका लगवाने वाले लोगों में वायरस के हाई वायरलोड मिलने के बावजूद हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इस बीच एम्स के जरीयाट्रिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टर प्रसून चटर्जी कोवेक्सीन टीके की दोनों डोज लगने के बाद भी कोरोना संक्रमित हो गए। उन्होंने शनिवार को अपने ट्विटर अकॉउंट पर जानकारी देते हुए लिखा कि उन्हें टीके की दोनों खुराक लगी थीं और शरीर में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी भी मौजूद थीं। इसके बावजूद भी वे कोरोना की चपेट में आ गए।

डॉक्टर प्रसुन्न ने बताया कि कोई भी कोरोना संक्रमण से इम्यून नहीं है। मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर ने बताया कि एंटीबॉडी होने की वजह से उन्हें हल्के लक्षण जैसे खांसी और बदन दर्द है। उन्होंने लोगों से टीका लगवाने की अपील की ताकि लोग संक्रमित भी सो जाएं तो वे गम्भीर रूप से बीमार न हों।

टीके ने बचा ली मेरी जान

दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान की प्रमुख डॉक्टर प्रज्ञा शुक्ला ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि कोरोना के टीके ने उनकी जिंदगी बचा ली। उन्होंने बताया कि टीका लगने के बाद जब उन्हें कोरोना का संक्रमण हुआ तो रेपिड एंटीजन जांच में नाक से सैम्पल लेते ही थोड़ी देर में नतीजा पॉजिटिव आ गया। इसका मतलब है कि वायरलोड बहुत ज्यादा था। डॉक्टर शुक्ला ने बताया कि इतना ज्यादा वायरलोड आपको गम्भीर रूप से संक्रमित कर सकता था लेकिन मुझे कोरोना का टीका लगा हुआ था तो शरीर ने तुरंत वायरस के संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता से जवाब दिया और उन्हें बेहद हल्के लक्षण दिखाई दिए। डॉक्टर प्रज्ञा शुक्ला ने 16 जनवरी को कोविशिल्ड के टीके की पहली खुराक ली थी और फिर 13 फरवरी को टीके की दूसरी खुराक ली। टीकाकरण पूरा होने के करीब 48 दिन बाद उन्हें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्होंने लिखा कि वायरलोड अधिक होने के बाद टीके ने उनकी जान बचा ली। डॉक्टर प्रज्ञा कोरोना काल में भी कैंसर के मरीजों की लगातार सेवा करती रही हैं। 

टीका लगा था इसलिए बेहद हल्के लक्षण आए

दिल्ली के राजा हरिश्चन्द्र अस्पताल में काम करने वाली नर्सिंग अधिकारी रंजना को  टीके की दोनों खुराक लगने के एक महीने बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्हें भी वायरलोड काफी ज्यादा था लेकिन टीकाकरण होने की वजह से उन्हें बेहद हल्के लक्षण दिखाई दिए। उन्हें अधिक वायरलोड होने के बावजूद हल्का बदन दर्द और थकान ही महसूस हुई। रंजना ने बताया कि कोई भी टीका उस बीमारी के संक्रमण की गम्भीरता को कम करता है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीका लगवाने के बाद कोरोना का संक्रमण नहीं हो सकता। टीका संक्रमण से तो सुरक्षा देता है लेकिन अगर संक्रमण हो जाए तो यह गम्भीर बीमार होने से बचाता है। ऐसे में सभी लोगों को टीका लगवाना चाहिए और टीकाकरण के बाद भी पूरी तरह एहतियात बरतना चाहिए।

टीका लगवाने का मतलब यह नहीं है कि उस व्यक्ति को अब कोरोना संक्रमण नहीं होगा, कोरोना संक्रमण किसी को भी हो सकता है, ऐसे में लोग एहतियात बरतें। अगर आपने टीका लगवा रखा है तो आप गम्भीर रूप से बीमार नहीं होंगे।
“डॉक्टर प्रसून चटर्जी, एसोसिएट प्रोफेसर, जरियाट्रिक विभाग, एम्स”

anti allergy foods: एलर्जी से राहत पाने के लिए खाएं ये 8 चीजें

मौसमी फल सब्जियों में एलर्जी से बचाने की क्षमताएलर्जी एक आम समस्या, लक्षणों को न करें नजरअंदाज घर में मौजूद है एलर्जी का इलाज

एलर्जी एक आम समस्या है जो किसी को भी हो सकती है। दरअसल हर इंसान का शरीर हर चीज को पचा नहीं सकता हैं और उन्हें कुछ चीजों के खाने से एलर्जी हो जाती है। एलर्जी होने पर शरीर में कुछ ना कुछ बदलाव देखने को मिल सकता हैं।

आपको एलर्जी किसी पदार्थ से हो सकती है, जैसे मौसम बदलने पर, धूल, धुआं, पराग के कण, खाद्य पदार्थ, कॉस्‍मैटिक, दवाओं के प्रयोग से या अन्‍य कारणों से।

एलर्जिक रिएक्‍शन नाक, आंख, फेफड़े, गले, श्वसन प्रणाली और त्‍वचा आदि पर हो सकता है। इसका रिएक्‍शन कभी कभार पूरे शरीर पर भी देखा जा सकता है।

शरीर पर लाल दाने निकाल आना या फिर बेवजह शरीर में सूजन आ जाना इसके लक्षणों में शामिल हैं। हम आपको एलर्जी से बचने के लिए कुछ एंटी एलर्जी वाले खाद्य-पदार्थो के बारे में बता रहे हैं। 

खट्टे फल
विटामिन सी आम सर्दी को रोकता है, यह ठंड को कम करने में मदद कर सकता है और साथ ही एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए लाभ प्रदान करता है। आपको मौसमी संतरे, अंगूर, नींबू, नींबू, मीठे मिर्च और जामुन जैसे विटामिन सी वाले खट्टे फलों का सेवन करना चाहिए। 

टमाटर
हालांकि विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। एक मध्यम आकार के टमाटर में आपको दैनिक मूल्य का लगभग 26 प्रतिशत विटामिन सी मिल सकता है। आप सलाद में टमाटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, टमाटर में लाइकोपीन होता है, एक और एंटीऑक्सिडेंट यौगिक होता है जो क्वेल सिस्टिकट्रस्टेड सूजन में मदद करता है।  

सेब
सेब खाने के फायदे के बारे में आपको मालूम ही होगा| दरअसल सेब एक प्रकार का एंटी एलर्जी खाद्य-पदार्थ हैं और इसके सेवन से आपको कभी भी एलर्जी की समस्या नहीं होगी। 

अदरक
अदरक एक एंटी एलर्जी खाद्य-पदार्थ हैं और इसके सेवन से खांसी जैसी समस्या से निदान पाया जा सकता हैं| इसे आप अपने खाने में या फिर ऐसे भी खा सकते हैं। यह आपको कई प्रकार की समस्याओं से बचा सकता है। 

हल्दी
हल्दी को एक दर्द निवारक पदार्थ माना जाता हैं। इसके सेवन से आपको एलर्जी की समस्या कभी भी नहीं होगी। यदि चोट लगने पर हल्दी को गर्म दूध मे मिलाकर पिया जाए तो आपको दर्द से राहत मिल सकती है। 

लहसुन
लहसुन के खाने से आपको कई प्रकार की समस्या से बचने में मिल सकती है। एक दिन में कम से कम 2 या 3 लहसुन की कलियों का सेवन करना चाहिए। इसके कई फायदे हैं।  

नींबू
नींबू में विटामिन सी पाया जाता हैं और इसके सेवन से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती हैं। दरअसल दिन में कम से कम एक बार जरूर एक गिलास पानी में नींबू के जूस को मिलाकर पीना चाहिए। 

प्याज
प्याज क्वेरसेटिन का एक बेहतर स्रोत है। यह एक बायोफ्लेवोनॉइड है जो सेहत के लिए जरूरी है। क्वेरसेटिन एक नैचुरल एंटीहिस्टामाइन के रूप में कार्य करता है, जो मौसमी एलर्जी के लक्षणों को कम करता है। चूंकि प्याज में एंटीऑक्सिडेंट यौगिक भी होते हैं, इसलिए आप एलर्जी के मौसम में अपनी डाइट में प्याज शामिल कर सकते हैं। 

शकरकंद 
शकरकंद में बीटा कैरोटीन होता है जिसके साथ साथ पोटैशियम, मैगनीशियम और विटामिन बी 6 भी पाया जाता है, यह सभी चीजें शरीर की सूजन कम करती हैं। रोजाना 1/2 कप गिल्‍लड या रोस्‍टेड शकरकंद खाना चाहिये, जिससे एलर्जी दूर रहे।

एक दिन में नमक से हटाये चेहरे के दाग-धब्बे – नमक से चहरे की सुंदरता बढ़ाये जानिए कैसे

नमक आमतौर से हमारे खाने में इस्तेमाल होता है। पर क्या आप जानते हैं कि नमक केवल हमारे भोजन के लिए ही नहीं परंतु हमारी त्वचा और चेहरे के लिए भी बहुत उपयोगी है। आइए बताते हैं कैसे?

नमक के फायदे चेहरे से टैनिंग हटाने में

आधा चम्मच शहद में दो चम्मच नमक मिलाकर अपने चेहरे पर लगा लें। कुछ देर रखकर इसे साफ कर लें। अगर हफ्ते में कम से कम दो बार ऐसा करेंगे तो धीरे धीरे चेहरे से टैनिंग की समस्या दूर हो जाएगी।

नमक बढ़ाता है चेहरे की दमक

आप बिना उबले दूध को चेहरे पर लगाकर सूखने दें। फिर नमक से धीरे-धीरे चेहरे को रगड़ें ताकि दूध उतर जाए। इससे आपका चेहरा एकदम से दमक जाएगा।

नमक के गुण मिटायें पिंपल्स के निशान

एक चम्मच नमक में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएँ और थोड़ी ही देर में इसे धो लें। ध्यान रखें इसे बहुत देर चेहरे पर ना लगा रहने दें क्योंकि इससे त्वचा बहुत रूखी हो सकती है। इस प्रयोग को करने से आपके चेहरे पर जो भी पिंपल के निशान हैं, कुछ ही दिनों में मिट जाएँगे।

नमक है एक बेहतरीन टोनर

नमक एक बेहतरीन टोनर है। यह आपकी त्वचा से अतिरिक्त तेल निकालकर आपकी त्वचा को अंदर तक साफ करता है। इसके लिए आप एक कप पानी में एक चम्मच नमक मिलाएँ और इसे एक स्प्रे बोतल में भर लें। इसे आप अपनी सूखी त्वचा पर स्प्रे करें। इस बात का ध्यान रखें कि आप अपनी आँखों को बचा कर इसे स्प्रे करें

दिल्ली से भोपाल जा रहा 40 टन आक्सीजन का कंटेनर श्यामपुर के पास पलटा

भोपाल, सीहोर। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली से भोपाल एक बड़ा आइनोक्स कंपनी का एयर कैप्सूल कंटेनर आक्सीजन लेकर दिल्ली से भोपाल जा रहा था, जो शनिवार की सुबह करीब 4 से 5 बजे श्यामपुर में अल्फा कालेज के पास पलटी खा गया। बताया जा रहा है कि अंधेरा होने व सामने से दूसरे वाहन की चकाचौंद से कंटेनर डिवाडर के पर अनियंत्रति होकर पलट गया। जिसे निकालने के लिए श्यामपुर व कुरावर से दो क्रेन बुलाई गई है। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर कलेक्टर अजय गुप्ता, एसपी एसएस चौहान, एसडीओपी सीएम द्विवेदी, श्यामपुर थाना प्रभारी भंवर सिंह भूरिया, तहसीलदा अतुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में राजस्व व पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया है, जो आक्सीन कंटेनर को दो क्रेनों की मदद से सीधा करने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन अक्सीजन 40 टन भरी होने से जब वह सीधा नहीं हुआ तो एक क्रेन राजगढ़ से बुलाई गई है।

एसपी एसएस चौहान ने बताया की मौके पर चार क्रेन है, लेकिन रिसाव न हो इसलिए एहतियात बरती जा रही है, वहीं भोपाल से दो बड़ी क्रेन और बुलाई जा रही है। कंटेनर को सीधी करने का प्रयास 4 घंटे से लगातार जारी है। हादसे में कंटेनर का ड्राइवर व क्लीनर सुरक्षित है, वहीं वाहन भी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है।

इन लोगों के लिए बहुत काम का है लहसुन और सफेद प्याज, इस वक्त सेवन करें, फिर कमाल हो जाएगा

अगर आप शारीरिक कमजोरी से जूझ रहे हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं सफेद प्याज और लहसुन के फायदे. सफेद प्याज और लहसुन का नियमित सेवन करने से आप कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं. हर दिन सुबह से लहसुन की दो कलियां खाने से शरीर में एसिड नहीं बनता है, जिससे सिरदर्द और तनाव की परेशानी दूर रहती है. वहीं अगर आप सलाद में प्याज का सेवन कर करते हैं तो आपकी सेक्स ड्राइव बढ़ सकती है.

एक रिसर्च के अनुसार प्याज का इस्तेमाल यौन क्षमता को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है. प्याज का इस्मतेमाल करने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल बेहतर हो सकता है. वहीं लहसुन हमारे शरीर से विषाक्त तत्व बाहर निकालता है. इसलिए सलाह दी जाती है कि रात को सोने से पहले और सुबह खाली पेट लहसुन खाएं. इससे यूरिन के माध्यम से शरीर में मौजूद विषाक्त तत्व बाहर निकलते हैं. 

सफेद प्याज में क्या पाया जाता है?
सफेद प्याज में सल्फर कंपाउंड और फ्लेवोनॉयड एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इनमें कैंसर (Cancer) से लड़ने की क्षमता होती है. साथ ही सफेद प्याज के सेवन से ट्यूमर का खतरा भी कम होता है.

सफेद प्याज के फायदे

गर्मी के मौसम में आप नियमित तौर पर प्याज का सेवन कीजिए, क्योंकि इस सीजन में कच्चे प्याज का सेवन करने से लू लगने का खतरा कम हो जाता है. साथ ही गर्मी में नाक से खून आना या नकसीर फूटने से प्याज बचाता है.

प्याज में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है. एंटीऑक्‍सीडेंट नेचुरल तरीके से स्पर्म काउंट को बढ़ाने में मदद करता है. जिन पुरुषों को इससे संबंधित समस्या है, वह प्याज का सेवन कर सकते हैं.

शहद के साथ करें सफेद प्याज का सेवन

सफेद प्याज का इस्तेमाल वीर्यवृद्धि के लिए भी किया जा सकता है. यदि इसे शहद के साथ लिया जाए तो गजब का फायदा मिलता है. प्‍याज में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है, जो कि प्राकृतिक रूप से स्‍पर्म बढाने का कार्य करता है. 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार प्याज आखों के लिए काफी लाभकारी होता है. इसके सेवन से आंखों की रोशनी तेज होती है. इसके सेवन से आपकी बॉडी में ग्लूटाथिओन का निर्माण होता है. ग्लूटाथिओन एक प्रकार का प्रोटिन होता है.एक शोध के मुताबिक यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है. 

लहसुन में क्या होता है?
लहसुन में आवश्यक खनिज विटामिन-सी, विटामिन-बी 6, फॉस्फोरस, मैंगनीज, जस्ता, कैल्शियम और लोहा पाए जाते हैं. यह सभी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद और जरूरी तत्व माने जाते हैं. साथ ही इसमें थोड़ी मात्रा में प्रोटीन और थायमिन और पैंटोथेनिक एसिड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है.

लहसुन के सेवन के फायदे

कच्‍चा लहसुन खाने से ब्‍लड ग्‍लूकोज लेवल कम करने में मदद मिलती है. इससे आपका शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और डायबिटीज का खतरा भी इस तरह कम होता है. ऐसा माना जाता है कि कच्‍चे लहसुन के साथ पानी पीने से टीबी में भी मदद मिलती है. अगर आपको टीबी की बीमारी है तो रोज लहसुन खाएं. 

पुरुषों को रात में लहसुन जरूर खाना चाहिए. क्योंकि लहसुन में एलीसिन नाम का पदार्थ पाया जाता है जो पुरुषों के मेल हार्मोन को ठीक रखता है. इसके अलावा लहसुन का सेवन करने से पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का खतरा भी दूर होता है. 

लहसुन में भारी मात्रा में विटामिन और सेलेनियम भी पाया जाता है, जिससे स्पर्म क्वालिटी बढ़ती है. इसलिए पुरुष अगर रात में सोने से पहले लहसुन की दो कलियां भी खा लेंगे तो बहुत फायदे मिलते हैं. 

डिस्क्लेमर- इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी है. अगर आप किसी भी तरह की बीमारी या शारीरिक समस्या से जूझ रहे हैं तो इस जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या फिर विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

कश्मीर से बंगाल तक युवाओं को जिहाद का पाठ बढ़ाने वाला अध्यापक एनआइए की चंगुल में

श्रीनगर,। इंटरनेट मीडिया पर देश के विभिन्न हिस्सों में लड़के-लड़कियों में जिहादी मानसिकता को मजबूत बना, उन्हें आतंकी संगठनों के लिए भर्ती करने में जुटे एक जिहादी माॅटीवेटर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पेशे से अध्यापक यह माॅटिवेटर लश्कर-ए-तैयबा क लिए काम करता था। इसकी पहचान अल्ताफ अहमद राथर के रुप में हुई है।

एनआइए के प्रवक्ता ने बताया कि अल्ताफ अहमद राथर की गिरफ्तारी बीते साल पांच अप्रैल को दर्ज मामले में हुई है। इस मामले में तानिया परवीन नामक एक युवती को पहले ही गिरफ्तार कर, उसके खिलाफ एनआइए की विशेष अदालत में आरोपपत्र भी दायर किया जा चुका है। बंगाल में बदुरेई, जिला उत्तरी 24 परगना की रहने वाली तानिया परवीन पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थी। वह अपने संपर्क में आने वाले स्थानीय युवाओं को मजहब के नाम पर भड़काते हुए उन्हें भारत के खिलाफ कथित जिहाद के लिए तैयार करने की साजिश में शामिल थी। उसे बीते साल बंगाल पुलिस ने एक विशेष सूचना के आधार पर पकड़ा था। जब मामले की परतें खुलने लगीं तो जांच एनआइए को सौंप दी गई।

तानिया परवीन के फेसबुक, टेलीग्राम, ट्वीटर एकाउंट की जांच भी की गई। उसके फोन कॉल्स को भी खंगाला किया। इसके अलावा पूछताछ के दौरान मिले सुरागाें के आधार पर ही बांडीपोर के अल्ताफ अहमद राथर का पता चला। अल्ताफ अहमद ने ही इंटरनेट मीडिया पर उसे अपने जाल में फांस उसे आतंकी संगठन के लिए काम करने को राजी किया। उसने उसे बंगाल व अन्य जगहों पर जिहादी गतिविधियों के लिए लड़के-लड़कियों को तैयार करने का जिम्मा सौंपा था। इसके अलावा उसने ही तानिया का संपर्क पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं से कराया था।

एनआइए के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अल्ताफ अहमद राथर को गिरफ्तार करने से पूर्व उसके खिलाफ सभी आवश्यक सबूत जमा किए गए हैं। वह लश्कर के भर्ती माड्यूल का एक अहम हिस्सा है। वह बांडीपोर में एक स्कूल में पढ़ाता है। स्कूल में अध्यापन सिर्फ उसका एक ढकोसला है, उसका असली काम इंटरनेट मीडिया पर कश्मीर और बाहरी राज्यों के युवाओं के साथ संपर्क कर उन्हें जिहादी गतिविधियों के लिए उकसाना व लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करना है। फिलहाल, उससे पूछताछ जारी है। 

हेल्थ रिसर्च जनरल लैंसेट का बड़ा दावा, हवा के साथ तेजी से फैलता है करोना है

नयी दिल्ली
भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना के नए मामलों के बीच दुनिया के विख्यात हेल्थ रिसर्च जर्नल लैंसेट ने एक बड़ा दावा किया है. लैंसेट ने शोध के दौरान पाया कि यह वायरस हवा के जरिए तेजी से फैलता है. रिसर्च स्टडी में इसकी पुष्टि हुई है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्थ रिसर्च जर्नल लैंसेट ने कहा कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और दूसरी हेल्थ एजेंसियां वायरस ट्रांमिशन की परिभाषा में तुरंत बदलाव करें ताकि इसके फैलाव को रोका जा सके. चार बिंदुओं के आधार पर एक्सपर्ट ने दावा किया है.

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के 6 रिसर्चर्स ने किया शोध

जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के 6 रिसर्चर्स ने इसकी स्टडी की है. स्टडी के दौरान टीम ने पाया कि यह वायरस हवा के जरिए फैलता है. हवा में ट्रांसमिशन के सबूत पाए गए. स्टडी टीम ने बताया कि ये वायरस लोगों के एक दूसरे के करीब आने से नहीं फैल रहा है. एक ही चीज को बार बार छुने से भी नहीं. बल्कि हवा से ही इन लोगों में वायरस फैला.

बंद जगह पर तेजी से फैलता है संक्रमण

हेल्थ रिसर्च जर्नल लैंसेट ने कहा कि यह संक्रमण बंद जगह पर तेजी से फैलता है. ज्यादातर लोगों में वायरस का साइलेंट ट्रांसमिशन तेजी से फैलता है. कई लोगों में सर्दी, खांसी के लक्षण नहीं मिले. ऐसे में कई तरीके से शोध किया गया.

कौन हैं प्रीति पटेल? जिन्होंने भगोड़े नीरव मोदी की भारत वापसी पर लगाई अंतिम मुहर

लंदन
भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी भारत वापसी (nirav modi extradition case) तय हो गई है। ब्रिटेन ने मोदी के प्रत्यर्पण के लिए जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर इस पर मुहर लगा दी है। मोदी पर पीएनबी (पंजाब नैशनल बैंक) के साथ दो अरब डालर की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग (अपराध की कमाई को वैधता प्रदान करने के हथकंडे अपनाने) के आरोप में भारत में मुकदमा चलाया जाना है। मोदी के प्रत्यर्पण दस्तावेज पर ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल (priti patel) ने हस्ताक्षर किए हैं। आइए, जानते हैं, 

प्रीति पटेल कौन हैं?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में भारतीय मूल की प्रीति पटेल गृहमंत्री हैं। भारतीय मूल की 47 साल की प्रीति ब्रिटेन में ब्रेग्जिट समर्थकों का प्रमुख चेहरा हैं। प्रीति पटेल को कंजरवेटिव पार्टी के मौजूदा दौर में सबसे चर्चित नेताओं में से गिना जा रहा है। जॉनसन की ही तरह वह भी दक्षिणपंथी रुझान के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने ब्रिटेन में समलैंगिक जोड़ों की शादी की वैधता का विरोध किया था। स्मोकिंग के खिलाफ भी उन्होंने अभियान चलाया था। ब्रेग्जिट के समर्थक चेहरों में वह सबसे प्रमुख नेता रही हैं। अपने प्रचार के दौरान वह अक्सर ब्रिटेन का गौरव और कंजरवेटिव पार्टी का गौरव जैसे नारों का प्रयोग करती हैं।

मोदी की समर्थक के तौर पर हैं मशहूर

पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा का प्रभार सौंपा था। लंदन में भारतीय समुदाय के बीच वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक के तौर पर भी लोकप्रिय हैं। प्रीति ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के सभी प्रमुख कार्यक्रमों में अतिथि होती हैं। उन्हें ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्साही प्रशंसक के रूप में देखा जाता है।

युगांडा से ब्रिटेन में बसे थे प्रीति के पिता

प्रीति का जन्म 29 मार्च 1972 को इंग्लैंड में ही हुआ। उनके पिता का नाम सुशील और मां का नाम अंजना पटेल है। उनके पैरेंट्स गुजरात से युगांडा चले गए थे और 1960 के दशक में वहां से भागकर ब्रिटेन में आकर बस गए। प्रीति ने कील और एसेक्स यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है। ग्रैजुएशन करने के बाद कंजरवेटिव पार्टी के सेंट्रल ऑफिस में नौकरी की और इसके बाद 1995 से 1997 तक सर जेम्स गोल्डस्मिथ के नेतृत्व वाली रेफरेंडम पार्टी की प्रवक्ता रहीं। यह पार्टी ब्रिटेन में यूरोपीय संघ की विरोधी पार्टी मानी जाती थी। साल 1997 में कंजरवेटिव पार्टी का हिस्सा बन गईं और अगले तीन सालों तक पार्टी की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी रहीं।

प्रीति पहली बार 2005 में नॉटिंगम सीट से चुनाव लड़ीं पर उन्हें जीत नहीं मिली। फिर 2010 में उन्होंने विटहैम सीट से चुनाव जीत लिया था। साल 2014 में उन्हें ट्रेजरी मंत्री बनाया गया और 2015 के आम चुनावों के बाद वो रोजगार मंत्री बन गई थीं। 2016 जून में उन्हें अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री बनाया गया था लेकिन एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा। दो साल बाद जबर्दस्त वापसी करते हुए ब्रिटेन की गृह मंत्री बन गई हैं।

PM मोदी की संतों से अपील- कोरोना के संकट के चलते कुम्भ को प्रतीकात्मक ही रखा जाए

उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और कई साधुओं के पॉजिटिव आने के बाद से हरिद्वार कुम्भ का समय से पहले समाप्ती का ऐलान हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतों से बातकर इसके संकेत दे दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतों से अपील की है कि कोरोना संकट के चलते अब कुम्भ को प्रतीकात्मक ही रखा जाए। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से फोन पर बातचीत की और सभी संतों का हाल जाना। साथ ही उन्होंने संतों से आग्रह किया कि अब कुंभ को कोरोना संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। 

पीएम मोदी ने शनिवार सुबह ट्वीट किया, ‘आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।’

पीएम मोदी के ट्वीट को शेयर करते हुए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने ट्वीट किया, ‘माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान का हम सम्मान करते हैं! जीवन की रक्षा महत पुण्य है।मेरा धर्म परायण जनता से आग्रह है कि कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए भारी संख्या में स्नान के लिए न आएँ एवं नियमों का निर्वहन करें!’

सूत्रों की मानें तो हरिद्वार में चल रहे कुंभ को सरकार पहले ही समाप्त करने की घोषणा कर सकती है। सरकार की ओर से कुंभ की अविध एक से 30 अप्रैल की गई है। कोरोना की वजह से ही हरिद्वार में चल रहे कुंभ को लेकर निरंजनी अखाड़े ने फैसला लेते हुए 17 अप्रैल को कुंभ मेला खत्म करने का निर्णय लिया है। 

ऐसी खबर थी कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शुक्रवार को कोरोना पर अब तक की स्थिति की समीक्षा करेंगे। मगर वह बैठक नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, सीएम ने कोरोना प्रबंधन से संबंधित सभी विभागों की बैठक बुलाई है, जो आज हो सकती है। हालिया कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण की दर में जिस प्रकार इजाफा हुआ है, उससे सरकार काफी गंभीर है। खासकर देहरादून में बढ़ते मामले चिंता का विषय बन रहे हैं। सूत्रों के अनुसार दिल्ली, यूपी समेत कुछ राज्यों में किए जा रहे प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपेार्ट को कल सीएम के समक्ष रखा जाएगा।

हरिद्वार में हो रहे कुंभ के दौरान कोरोना केसों में धीरे-धीरे तेजी आ रही है। कुंभ में शामिल हुए साधुओं की कोरोना जांच की गई । चिंता की बात है कि 30 साधुओं की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।  हरिद्वार के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एसके झा ने पुष्टि करते हुए कहा कि साधुओं की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें अखाड़ों में जाकर साधुओं की कोरोना कर रही है।

बताया कि हरिद्वार के जिन लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं उन्हें होम क्वारंटाइन किया गया है जबकि बाहरी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया कि गंभीर लक्षण वाले मरीजों को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया है। बता दें कि हरिद्वार कुंभ के शाही स्नान में शामिल होने गए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की कोरोना पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जबकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से 200 के करीब साधुओं की कोरोना रिपोर्ट जांच को भेजी है।