आईडी बनाकर पैसे मांगना हुआ पुराना, मार्केट में आया साइबर फ्रॉड का नया खतरनाक तरीका

साइबर एक्‍सपर्ट्स (Cyber experts) की मानें तो यह तरीका पहले से भी ज्‍यादा खतरनाक है. इसमें व्‍यक्ति से पैसे एंठने के साथ ही सोशल मीडिया (Social Media) पर उसके आपत्तिजनक स्‍क्रीनशॉट्स भी शेयर किए जा रहे हैं, ये वे स्‍क्रीनशॉट्स हैं जो मैसेज यूजर ने किए ही नहीं हैं.

साइबर फ्रॉड के पुराने तरीके को भूल जाइए अब बाजार में साइबर क्राइम का नया तरीका बाजार में आ चुका है, यह है स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग.

नई दिल्‍ली. सोशल नेटव‍र्किंग साइट्स (Social Networking sites) पर अकाउंट बनाने वाले यूजर्स (Ugers) के लिए बुरी खबर है. मार्केट में साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का एक नया तरीका आ चुका है. अभी त‍क यूजर का फेसबुक अकाउंट हैक (Facebook Account Hacking) करके या उसके नाम से ही नया अकाउंट बनाकर यूजर के परिचितों से पैसे मांगने का चलन था. जिसके चलते सैकड़ों लोग इस फ्रॉड के शिकार हुए लेकिन अब साइबर मार्केट (Cyber Market) में फ्रॉड का एक नया ही तरीका सामने आया है. यह नया तरीका पूरी तरह स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग (Screenshot-Black mailing) है. जिससे बचने के लिए यूजर अपराधियों को मुंहमांगी कीमत भी देने को मजबूर हो जाता है.

साइबर एक्‍सपर्ट्स (Cyber experts) की मानें तो यह तरीका पहले से भी ज्‍यादा खतरनाक है. इसमें व्‍यक्ति से पैसे एंठने के साथ ही सोशल मीडिया (Social Media) पर उसके आपत्तिजनक स्‍क्रीनशॉट्स भी शेयर किए जा रहे हैं, ये वे स्‍क्रीनशॉट्स हैं जो मैसेज यूजर ने किए ही नहीं हैं बल्कि उसके नाम और अकांउट से हैकर ने ही किए हैं. ऐसे मामलों में हैकर या अपराधी को पकड़ना भी मुश्किल हो रहा है.

दिल्‍ली पुलिस के साथ मिलकर हैकिंग और साइबर इश्‍यूज पर काम कर रहे साइबर एक्‍सपर्ट मोहित यादव का कहना है कि आजकल साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं. इनमें भी नए-नए मामले देखने को मिल रहे हैं. रोजाना ऐसे केस अमूमन आ ही जाते हैं. यह खासतौर पर उन लोगों के साथ हो रहा है जो अपने फेसबुक अकाउंट्स की डिटेल्‍स पब्लिक रखते हैं. खासतौर पर अपनी फ्रें‍डलिस्‍ट को. फेसबुक पर दोस्‍तों की लिस्‍ट को लॉक रखना आज सबसे ज्‍यादा जरूरी है. इसके अलावा फोटोज को भी पब्लिक रखना मुसीबत बन सकता है क्‍योंकि रिमोट एरिया में बैठकर इन गति‍विधियों को अंजाम देने वाले साइबर फ्रॉड के अपराधियों को पकड़ना मुश्किल होता जा रहा है.

ऐसे होता है स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग

सबसे पहले अपराधी आपका असली अकाउंट देखते हैं, आपकी लिखने की भाषा, आपके पूरे व्‍यवहार को एनालिसिस करते हैं. फिर आपकी नई आईडी बनाते हैं. आपकी ही फ़ोटो लगाते हैं. फिर आपके नाम से बनी आइडी के साथ अपनी ही एक दूसरी फेक आईडी से चैट करते हैं. अगर आप महिला हैं तो ये अपनी पुरुष वाली फेक आईडी से और अगर आप पुरूष हैं तो ये अपनी महिला वाली फेक आईडी से चैट करते हैं. यह चैट आपत्तिजनक होती है. इस चैट में कई दिन भी लग सकते हैं.

इस चैट का ये स्‍क्रीनशॉट खींचते हैं और आपके असली अकाउंट के मैसेंजर में भेजते हैं. फिर आपको संपर्क करने के लिए कहते हैं. जब आप मैसेंजर पर कॉल करते हैं तो ये अपनी मांग आपके सामने रखते हैं या मैसेंजर पर ही अकाउंट नंबर देकर पैसे डालने के लिए कहते हैं. ऐसा न करने पर स्‍क्रीनशॉट वायरल करने की धमकी देते हैं. चूंकि स्‍क्रीनशॉट में आपका फोटो और आपका ही नाम होता है तो इसके वायरल होने से क्‍या तकलीफ हो सकती है आप ये अंदाजा लगा सकते हैं. इस तरह ये स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग का खेल करते हैं और लोग हजारों रुपये इनके अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं.

मोहित कहते हैं कि साइबर फ्रॉड के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में अगर किसी का स्‍क्रीनशॉट वायरल होता दिखाई दे, तो ये जरूरी नहीं कि यह चैट उसी शख्‍स ने की है, यह हैकर और अपराधियों की साजिश भी हो सकती है.

मोहित कहते हैं कि जरूरी है कि लोग अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी पर्सनल चीजों को पब्लिकली शेयर करने से बचें. इसके साथ ही उन लोगों को अपनी फ्रेंडलिस्‍ट में बिल्‍कुल न जोड़ें जिन्‍हें आप जानते नहीं हैं या जो पहले से आपके मित्र हैं और दोबारा उनके नाम से आपके पास फ्रेंड रिक्‍वेस्‍ट आई हो. इसके अलावा ऐसा कोई भी स्‍क्रीनशॉट आने पर पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दें.

पूर्व आईपीएस बोले, आने वाले समय में ऑडियो वायरल कर ब्‍लैकमेलिंग की भी आशंका

बिहार कैडर के पूर्व आईपीएस ध्रुव गुप्‍त का कहना है कि हाल ही में स्‍क्रीनशॉट ब्‍लैकमेलिंग के कई मामले सामने आए हैं. खुद उनके पास कई पुरुष और महिलाएं ऐसे मामलों को लेकर पहुंचेे हैं. जहां कई मामलों में हैकर और अपराधियों ने लोगों का डमी अकाउंट बनाकर, उनकी फोटो लगाकर और फेक आईडी से चैट कर स्‍क्रीनशॉट भेजकर पैसे मांगे. वहीं अन्‍य मामलों में महिलाओं को बातों में फंसाकर, फ्लर्ट करके, उनकी तरफ से भी भावुक होकर कही गई बातों के स्‍क्रीनशॉट लेकर ब्‍लैकमेल कर अपराधियों ने पैसे मांगे हैं. इतना ही नहीं कई लोगों ने साख की चलते पैसे दिए भी हैं और फिर पुलिस में शिकायत की है.

गुप्‍त कहते हैं कि स्‍क्रीनशॉट चाहे झूठे हों या सच लेकिन अधिकांश लोग इन्‍हें लेकर पुलिस में जाने से भी परहेज करते हैं लेकिन लोगों को शिकायत करनी चाहिए. इसके अलावा जो खास बात है वह यह कि अभी ऑडियो ब्‍लैकमेलिंग होने की भी संभावनाएं बढ़ गई हैं. आपकी आवाज को रिकॉर्ड कर अपराधी इन्‍हें वायरल कर आपको ब्‍लैकमेल कर सकते हैं. ऐसे में अनजानों से फोन पर बात करते वक्‍त बहुत सावधानी बरतें. वहीं फेसबुक अकाउंट पर चीजों को लॉक रखना जरूरी ह

गोरखमुंडी के सेवन से बढ़ती है यौन शक्ति, जाने इसके और फायदे

गोरखमुंडी (Gorakhmundi) की पत्तियों और इसकी जड़ों को रात में गाय के दूध (Cow Milk) के साथ सेवन करने से यौन शक्ति बढ़ सकती है. पाउडर का नियमित उपयोग यौन शक्ति (Sexual Power) को मजबूत बना सकता है.

यदि कुष्ठ रोग है तो गोरखमुंडी का चूर्ण, नीम की छाल का चूर्ण लें और काढ़ा तैयार करें.

गोरखमुंडी (Gorakhmundi) एक सुगंधित जड़ी बूटी (Herb) है जो पूरे भारत (India) में पाई जाती है, लेकिन दक्षिणी भारत में यह प्रचुर मात्रा में पाई जाती है. गोरखमुंडी आमतौर पर बरसात के मौसम के अंत में बढ़ने लगती है और सर्दियों के मौसम में इसमें फूल और फल लगते हैं. यह गर्मियों में धान के खेतों में भी पाई जाती है. गोरखमुंडी में औषधीय (Medicinal) गुण होते हैं, जिसका उपयोग आयुर्वेद (Ayurveda) और यूनानी चिकित्सा प्रणाली में कई बीमारियों के इलाज के लिए किया गया है. इसके पौधे के पूरे हिस्से जैसे जड़, फूल और पत्तियां कई रोगों के इलाज के लिए फायदेमंद होते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि इस पौधे में मधुमेह, बुखार, खांसी से लेकर पेट के रोग, पेट के कीड़े, अपच, पीलिया आदि तक के इलाज के गुण पाए जाते हैं.

आंखों की रोशनी के लिए

गोरखमुंडी का उपयोग कान, नाक और गले के विकार तथा नेत्र विज्ञान के विभिन्न विकारों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके कुछ समय तक सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ सकती है. गोरखमुंडी के 3-4 ताजे फूल लें और इसे दो चम्मच तिल के तेल में मिलाएं. नियमित सेवन आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में मदद करेगा. साथ ही आंखों की लालिमा से भी छुटकारा दिलाएगा.

कुष्ठ रोग दूर करे

यदि कुष्ठ रोग है तो गोरखमुंडी का चूर्ण, नीम की छाल का चूर्ण लें और काढ़ा तैयार करें. इस काढ़े को सुबह और शाम को पीने से कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है.

फोड़े या खुजली में राहत

गोरखमुंडी एक महिला को योनि में दर्द, खुजली या फोड़े-फुंसियों को दूर करने में मददगार होता है. गोरखमुंडी के बीजों को बराबर मात्रा में चीनी के साथ पीसकर ठंडे पानी के साथ दिन में एक बार सेवन करें.

यौन शक्ति बढ़ाए

गोरखमुंडी की पत्तियों और इसकी जड़ों को रात में गाय के दूध के साथ सेवन करने से यौन शक्ति बढ़ सकती है. पाउडर का नियमित उपयोग यौन शक्ति को मजबूत बना सकता है.

पाइल्स के इलाज में

गोरखमुंडी का तना और जड़ लेकर इसे सुखा लें और इसका पाउडर बना लें. हर दिन मट्ठे के साथ एक चम्मच चूर्ण का सेवन करने से पाइल्स यानी बवासीर पूरी तरह समाप्त हो जाता है.

आंतों के कीड़े खत्म करने में

आंतों के कीड़ों को खत्म करने और बाहर निकालने में यह जड़ी-बूटी बड़े काम की साबित हो सकती है. यह पेट के कीड़ों को निकालने में भी मदद करती है. गोरखमुंडी की जड़ का पाउडर बनाकर दिन में एक बार आधा चम्मच सेवन करें.

सांसों की बदबू से छुटकारा

सांसों की बदबू से छुटकारा पाने के लिए गोरखमुंडी का पाउडर सिरके के साथ लें. इसके लिए गोरखमुंडी पाउडर को सिरके में अच्छे से मिला लें और सुबह-शाम एक चुटकी लें.

पित्ताशय की पथरी को दूर करे

पथरी और पित्ताशय की पथरी को खत्म करने में गोरखमुंडी फायदेमंद है. गर्भाशय, योनि से संबंधित अन्य बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद औषधि है.

गोनोरिया में फायदा

myUpchar के अनुसार सूजाक यानी गोनोरिया यौन संबंधों के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाले सबसे आम रोगों में से एक है. यह एक संक्रमण है जो कि यौन संचारित बैक्टीरिया ‘नेईसेरिया गोनोरिया’ की वजह से फैलता है. यह मूत्रमार्ग, मलाशय या गले को प्रभावित करता है. गोनोरिया और धातु संबंधी विकारों के लिए गोरखमुंडी लाभ दे सकता है. इसके लिए गोरखमुंडी पाउडर का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए.

टी वी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा को नई दया बेन मिल गईं.

 टीवी का सबसे पसंदीदा कॉमेडी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Tarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) लगातार 12 सालों से दर्शकों का मनोरंजन करता  आ रहा है।  शो के सभी किरदारों को दर्शक बेहद प्यार देते हैं। लेकिन इस शो की जान है शो की दयाबेन (Dayaben)। दयाबेन के हे मां माताजी डायलॉग के तो ना जाने कितने फैन्स हैं। फिलहाल शो से गायब चल रही दयाबेन यानि दिशा वकानी की जगह शो को अपनी नई दयाबेन मिल गयी है। जी हां , गोकुलधाम में टप्पू के पापा की आवाज फिर गूंज उठी  है। चलिए बताते हैं आपको पूरी कहानी – दरअसल ,’तारक मेहता का उल्‍टा चश्‍मा’ की पूरी टीम इस वीकेंड पर शो इंडियास बेस्ट डांसर (India’s Best Dancer) के सेट पर आने वाली है। और इसी शो की कॉरियोग्राफर रुतुजा जुनारकर (Rutuja Junnarkar) को ‘दया बेन’ बनाया गया है। 

जिसके लिए शो के प्रोड्यूसर असित मोदी ने भी हां कह दी है। दरअसल ये कोरियोग्राफर देबेन के अंदाज में शो में डांस करती हुई नजर आयी हैं।और तो और रुतुजा ने जेठालाल यानी एक्‍टर दिलीप जोशी को ‘टप्‍पू के पापा’ भी कह दिया। रुतुजा इस अंदाज में बेहद जबरदस्‍त लग रही हैं और उनसे इम्प्रेस होकर शो के प्रोड्यूसर ने उन्हें शो में लाने की बात तक कह डाली। सोनी टीवी के जारी  किये गए नए प्रोमो में  जेठालाल और उनकी नयी दया का मस्ती भरा अंदाज़ साफ़ नजर आ रहा है। दोनों ने साथ में गरबा भी किया वहीं  रुतुजा ने दयाबेन के कुछ फेमस डायलॉग्स भी बोले। रतूजा ने इस अंदाज़ में परफॉरमेंस दी कि वो वाकई सच में दयाबेन लगने लगी। 

गौरतलब हो कि शो की ओरिजिनल दयाबेन यानि दिशा वकानी साल 2017 में नवंबर में मां बनी। मां बनने से कुछ दिन पहले ही शो को छोड़ दिया था। तबसे अबतक  वो इस शो में वापस नहीं आ पाई है। कई बार ये तक कहा गया कि, शो में नई एंट्री होने वाली है। हालांकि बाद में मेकर्स ने दयाबेन की जगह किसी औऱ को नहीं दी। हालांकि इस बार भी दयाबेन के आने की वही खबर फिर से आई है। अब देखना होगा शो में दिशा वापसी करती हैं या उनकी जगह कोई और लेता है। 

हाथरस केस: सच्चाई जानने के लिए अब गांव के लोगों की नजरें सीबीआई जांच पर

हाथरस के कथित गैंगरेप में की जांच करते हुए सीबीआई को 17 दिन बीत चुके हैं। अब गांव के लोगों के साथ ही आसपास के लोगों की नजरें सीबीआई की जांच पर हैं। सभी जल्द ही इसकी सच्चाई जानने के लिए उत्सुक है। 

हाथरस में पहली किसी मामले की सीबीआई जांच कर रही है। मामला पेचीदा होने के कारण हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि वास्तव में मामला क्या है, क्योंकि एसआईटी अपनी जांच पूरी करने के बाद वापस जा चुकी है। सरकार ने एसआईटी की रिपोर्ट भी उजागर नहीं की है। जबकि एसआईटी ने इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका की जांच की थी। इसलिए किसी को यह पता भी नहीं हो सका है कि इस पूरे प्रकरण में और कितने पुलिसकर्मी दोषी हैं। बात अगर सीबीआई की करें तो शुरुआत में केंद्र सरकार ने कहा था कि पंद्रह दिन के अंदर सीबीआई अपनी जांच पूरी करेगी, लेकिन मामला फंसता ही नजर आ रहा है। यही कारण है कि सीबीआई अभी तक जांच पड़ताल में जुटी है। गुरुवार को गांव में हर जगह यही चर्चा थी कि आखिर कब सच्चाई सामने आयेगी। 

बाजरे की करब को इकट्ठा करने पहुंचा पीड़ित परिवार 

पीड़ित परिवार ने गुरुवार को पुलिस सुरक्षा के बीच अपने खेत पर जाकर बाजरे की करब को इकठ्ठा किया। इस बीच पूरा परिवार पुलिस के घेरे में रहा। बाहरी किसी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया।दो दिन पहले पीड़ित परिवार ने अपने खेत में खड़ी बाजरे की फसल को काटा था। बाजरे को परिवार के लोग निकालकर अपने घर ले आये थे,लेकिन बाजरे की करब खेत में ही पड़ी थी। गुरुवार की सुबह पीड़ित परिवार ने पुलिस से कहा कि वह अपने करब को इकठ्ठा करने के लिए जायेगे तो पुलिसकर्मी पीड़िता के पिता, दोनों भाईऔर मां को अपने साथ खेत पर ले गये। खेत के आसपास पुलिसकर्मी घेरा बनाकर खड़े हो गये। उसके बाद पीड़ित परिवार ने पूरी करब को इ कठ्ठा किया और बाद में दोपहर को अपने घर आ गये। 

भाजपा का रोड शो

ग्वालियर और ग्वालियर पूर्व विस में शक्ति प्रदर्शन के लिए शुक्रवार को भाजपा रोड शो करेगी।
भाजपा के रोड शो में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य उपस्थित रहेंगे।

रोड शो शाम 4.30 बजे ग्वालियर पूर्व विस क्षेत्र में नदी गेट से शुरू होकर जयेंद्रगंज, इंदरगंज चौराहा, लोहिया बाजार, नया बाजार, दाल बाजार होते हुए इंदरगंज चौराहे पर समाप्त होगा। ग्वालियर विस क्षेत्र में शाम 6 बजे रोड शो सेवानगर पार्क से शुरू होगा और किला गेट हजीरा से चार शहर का नाका, हजीरा चौराहे से होकर तानसेन नगर पर खत्म होगा।

सेंसेक्स में 323 और निफ्टी में 82 अंकों की गिरावट, बैंकिंग शेयरों में भी भारी बिकवाली, बजाज फाइनेंस का शेयर 3% नीचे

कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में बिकवाली है। बीएसई सेंसेक्स 323.61 अंक नीचे 39,426.24 पर और निफ्टी 82.40 अंक नीचे 11,588.40 पर कारोबार कर रहा है। बाजार की गिरावट को बैंकिंग और ऑटो शेयर लीड कर रहे हैं। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 327 अंकों की गिरावट है। ऑटो इंडेक्स में भी 1% की गिरावट है। आईटी और मेटल के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

स्टॉक्स इंडेक्स

निफ्टी में बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल के शेयरों में 3-3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है। कोटक बैंक और मारुति के शेयरों में भी 2-2 फीसदी की गिरावट है। जबकि, अदानी पोर्ट का शेयर 5% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। बीपीसीएल के शेयर में 3% की बढ़त है। आईओसी और कोल इंडिया के शेयरों में भी 2-2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है। सुबह बीएसई सेंसेक्स 29.97 अंक ऊपर 39,779.82 पर और निफ्टी 7.65 अंक ऊपर 11,678.45 पर खुला था।

गुरुवार को बाजार का हाल

कल बीएसई सेंसेक्स 172.61 अंक नीचे 39,749.85 पर और निफ्टी 58.80 अंक नीचे 11,670.80 पर बंद हुआ था। बाजार की गिरावट को मेटल और ऑटो सेक्टर ने लीड किया था। निफ्टी ऑटो इंडेक्स और मेटल इंडेक्स में क्रमश: 0.96% और 0.76% की गिरावट देखने को मिली थी। कल निफ्टी में एलएंडटी का शेयर 4% नीचे बंद हुआ था। टाइटन के शेयर में भी 3% की गिरावट देखने को मिली थी। एशियन पेंट्स का शेयर 3% ऊपर बंद हुआ था। टेक महिंद्रा का शेयर भी 2% ऊपर बंद हुआ था। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 385.29 अंक नीचे 39,537.17 पर और निफ्टी 96.30 अंक नीचे 11,633.30 पर खुला था।

इन शेयरों पर रहेगी नजर

1. तिमाही नतीजे – शुक्रवार को आरआईएल, आईओसी, डीएलएफ, इंडसइंड बैंक, जिंदल स्टील, यूपीएल, क्वेस कॉर्प और वकरंगी अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी।
2. बैंक ऑफ बड़ौदा- बैंक को सितंबर तिमाही में 1,678.6 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। इससे पहले पिछली तिमाही में बैंक को 864.26 करोड़ रुपए घाटा हुआ था। दूसरी तिमाही में बैंक का नेट इंट्रेस्ट इनकम भी 6.8% बढ़कर 7,508 करोड़ रुपए हो गया।
3. मारुति सुजुकी – दूसरी तिमाही में मारुति सुजुकी इंडिया का मुनाफा सालाना आधार पर 1% बढ़कर 1,371 करोड़ रुपए रहा। ऑपरेशन से मिलने वाला रेवेन्यू 10.34% बढ़कर 18,755.6 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 16,997.9 करोड़ रुपए था। दूसरी तिमाही में कंपनी ने कुल 393,130 वाहनों की बिक्री की है।
4. इंटरग्लोब एविएशन – एयरलाइन कंपनी की कुल आय 2020-21 की दूसरी तिमाही में 64.5 प्रतिशत घटकर 3,029 करोड़ रुपए रही। कंपनी का कुल व्यय सितंबर, 2020 को समाप्त तिमाही में 4,224 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले 2019-20 की इसी तिमाही के मुकाबले 55.9 प्रतिशत कम है।
5. वोडाफोन-आइडिया (VI)- टेलीकॉम कंपनी ने गुरुवार को 30 सितंबर को समाप्त तिमाही के लिए 7,218 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा पोस्ट किया। कंपनी को पिछले साल की समान तिमाही में 50,921 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। दूसरी तिमाही में रेवेन्यू करीब 3% घटकर 10,830.5 करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले समान तिमाही में 11,146.4 करोड़ रुपए थी।

दुनियाभर के बाजारों में रही बढ़त

गुरुवार को दुनियाभर के बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.52% की बढ़त के साथ 139.16 अंक ऊपर 26,659.10 पर बंद हुआ था। नैस्डैक इंडेक्स में भी 1.87% बढ़त के साथ 207.99 अंक ऊपर 11,350.70 पर बंद हुआ था। वहीं, एसएंडपी 1.19% की तेजी के साथ 39.08 पॉइंट ऊपर 3,310.11 पर बंद हुआ था।

दूसरी ओर यूरोपियन मार्केट में गुरुवार को ज्यादातर इंडेक्स फ्लैट ही बंद हुए थे। इसमें ब्रिटेन का FTSE 5,581.75 अंक पर और फ्रांस का CAC 4,569.67 अंक पर बंद हुआ था। जर्मनी का DAX इंडेक्स 0.32% ऊपर बंद हुआ था। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में बिकवाली है। जापान का निक्केई इंडेक्स 149.44 अंक नीचे कारोबार कर रहा है। हांगकांग का हेंगसेंग इंडेक्स भी 52.90 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 0.10% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

दुनियाभर के बाजारों में रही बढ़त

गुरुवार को दुनियाभर के बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.52% की बढ़त के साथ 139.16 अंक ऊपर 26,659.10 पर बंद हुआ था। नैस्डैक इंडेक्स में भी 1.87% बढ़त के साथ 207.99 अंक ऊपर 11,350.70 पर बंद हुआ था। वहीं, एसएंडपी 1.19% की तेजी के साथ 39.08 पॉइंट ऊपर 3,310.11 पर बंद हुआ था।


World war 3: नास्त्रेदमस ने किया है इशारा, ईसाईयत-इस्लाम के संघर्ष से विश्वयुद्ध का खतरा

नई दिल्ली: फ्रांस (France) को लेकर मुस्लिम देशों (Islamic countries) के रवैये से एक नए संघर्ष (Third world war) का आगाज होने की आशंका है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इम्मानुएल मैक्रों (emmanuel macron) ने कट्टरपंथी इस्लाम (Islamic terrorism) के कारण पैदा हुए संकट की तरफ इशारा किया तो दुनिया भर के मुसलमानों ने एक सुर में मैक्रों को निशाना बनाना शुरु कर दिया. यहां तक कि अपने कुकर्मों की तरफ से आंख मूंदकर दुनिया भर के मजहबी कट्टरपंथी जिस तरह मैक्रां के खिलाफ मोर्चा बांध रहे हैं. उससे भविष्य में ईसाईयत और इस्लाम के बीच फिर से आठवां क्रूसेड शुरु होने की आशंका है. मशहूर भविष्यवेत्ता नास्त्रेदमस ने इसकी तरफ इशारा भी किया है. 

क्या है नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी

दुनिया के महान भविष्यवक्ता मिशेल द नास्त्रेदमस ने तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत की तरफ संकेत देते हुए अपनी मशहूर किताब सेंचुरीज में लिखा है कि ”युद्ध तब शुरू होगा जब ऊंट राइन और डेन्यूब का पानी पीएगा और इससे पछताएगा नहीं. और फिर रोना और लॉरा थरथराएंगे. लेकिन आल्प्स में मुर्गा उसे नष्ट कर देगा.”
नास्त्रेदमस की ये भविष्यवाणी तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत मानी जाती है. जिसमें ऊंट मुस्लिम देशों का प्रतिनिधित्व करता है. जो कि यूरोपीय देशों में भारी कहर बरपाएगा. शुरुआत में ईसाई देशों की हार होगी. लेकिन बाद में इस्लामी सेना का विनाश कर दिया जाएगा. 

नास्त्रेदमस की इस भविष्यवाणी की विशद व्याख्या की गई है. जिस पर कई किताबें भी लिखी गई हैं. जिसमें से बेस्टसेलर बुक का नाम है. नास्त्रेदमस और यूरोप पर इस्लामी आक्रमण Nostradamus and Islamic invasion on europe). 

इस किताब में विस्तार से बताया गया है कि कैसे यूरोप के सभ्य देश लगातार इस्लामी कट्टरपंथियों के बर्बर आक्रमण के शिकार बन रहे हैं. जो कि आने वाले भविष्य में बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है. 

यूरोप पर इस्लामी आक्रमण
आक्रमण शब्द सुनते ही आप चौंकिएगा नहीं. क्योंकि यूरोप में होने वाला इस्लामी आक्रमण किसी आक्रामक तरीके से नहीं बल्कि बेहद शांति से शातिर चाल के तहत हो रहा  है. यूरोपीय देशों में मुस्लिम कट्टरपंथी शरणार्थी के भेस में पहुंच रहे हैं. जिसके बाद ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करके वहां अपनी आबादी बढ़ा रहे हैं और पूरे देश को अपनी शरिया के मुताबिक बदलने की कोशिश में जुटे हैं. यह एक तरह के यूरोपीय देशों पर कब्जे की साजिश है. 
हालत ये है किफ्रांस में इस समय यूरोप में सबसे ज़्यादा मुसलमान 65 लाख मुसलमान हो चुके हैं. जो कि वहां की जनसंख्या का 7.5 फीसदी हैं. 

जर्मनी में मुसलमानों की संख्या 52 लाख है. जो वहां की आबादी का 5 फ़ीसदी हैं. 
-ब्रिटेन में मुस्लिम आबादी 38 लाख है जो कि वहां की आबादी का 5 फ़ीसदी हैं.
इसके अलावा स्विट्जरलैण्ड, नीदरलैण्ड, ऑस्ट्रिया, हंगरी जैसे यूरोपीय देशों में भी शरणार्थियों के रुप में आए मुस्लिमों ने अपनी संख्या बढ़ानी शुरु कर दी है.

जिसके नतीजे में वहां प्रतिक्रिया हो रही है. इन देशों की जनता ने ऐसे नेताओं को चुनना शुरु कर दिया है.  जो उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों से निजात दिलाने का वादा कर रहे हैं. एक तरफ कट्टरपंथी मानने के लिए तैयार नहीं हैं. दूसरी तरफ यूरोपीय देशों की जनता गोलबंद होने लगी है. ऐसे में संघर्ष अवश्यंभावी दिख रहा है. 

कट्टरपंथियों से सबसे ज्यादा मुश्किल में फ्रांस 
यूरोप के सबसे अभिजात्य माने जाने वाले देश फ्रांस में सबसे ज्यादा संघर्ष की स्थिति बनती हुई दिखाई दे रही है. यहां मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है. जिसकी वजह से मुश्किल भी सबसे ज्यादा है. फ्रांस में पिछले कई दशकों से कई आतंकवादी हमले हो चुके हैं. मुस्लिम शरणार्थियों और कट्टरपंथी आतंकियों ने पेरिस में कई बार, नीस, लेस लिस, ला डिफेंस, जो ले टूर्स, सेंट क्वेंटिन फलावियर, थेलीज, वैलेंस, मैगनविल, लेवालेइ पैरे, मर्साई, करकासोन, स्ट्रैसबर्ग, ल्योन आदि शहरों को अपने आतंक का निशाना बनाया है. 
ताजा हमला फिर से नीस शहर में हुआ है. जहां चर्च के  बाहर चाकूबाजी की घटना हुई है. जिसमें तीन लोगों की मौत की खबर है. जबकि कई लोग घायल हो गए हैं. 

फ्रांस में शरणार्थियों ने सबसे पहले यहूदी समुदाय के खिलाफ हिंसा की शुरुआत की. 
पेरिस के सारसेल्स जैसे ग़रीब उपनगरीय इलाक़ों में, जहां यहूदी और मुसलमान साथ-साथ रहते हैं, वहां यहूदियों और उनके उपासनास्थलों पर हमले तेज़ होते गए. इस्लामी कट्टरपंथियों के हाथों कई यहूदियों की मौत के बाद यहूदी समाज का बड़ा तबक़ा फ्रांस छोड़कर इसराइल और दूसरे देशों में बसने लगा.

शार्ली एब्दो के कार्टूनिस्टों पर हमले के बाद फ्रांस का सब्र खत्म हुआ
यहूदियों पर अपनी दहशत कायम करने के बाद मुस्लिम कट्टरपंथियों ने फ्रांस के आम नागरिकों को निशाना बनाना शुरु किया. जिसके तहत 2015 में शार्ली एब्दो पत्रिका के दर्जन भर कार्टूनिस्टों की निर्मम हत्या कर दी गई. कुछ ही दिन पहले एक स्कूल टीचर को एक चित्र दिखाने की वजह से चाकू से मार डाला गया. गुरुवार को चर्च पर हमले की खबर आई. 

इस तरह की घटनाओं ने फ्रांस का सब्र खत्म कर दिया है. वह इस तरह की घटनाओं के खिलाफ कड़े कानून  बनाने की तैयारी में है. 
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस महीने की शुरुआत में शिक्षक की हत्या से पहले ही फ्रांस में “इस्लामिक अलगाववाद” से निपटने के लिए कड़े क़ानून बनाने की घोषणा की थी. फ्रांस ने कट्टरपंथियों के सामने झुकने से इनकार करते हुए वह सभी विवादित कार्टून दिखाने शुरु कर दिए. जिनपर मुस्लिम कट्टरपंथियों को आपत्ति है. 

कई और देशों ने फ्रांस के साथ एकता दिखाते हुए चार्ली एब्दो के कार्टूनों का सार्वजनिक प्रदर्शन शुरु किया है. 

फ्रांस अब टकराव को टालना नहीं सकता. वहां की जनता में मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है. फ्रांस के राष्ट्रपति ज्यादा दिनों तक जनभावना को दबाकर नहीं रख सकते. 

बेहद ताकतवर है फ्रांस 
फ्रांस दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी और आधुनिक सैन्य ताकत है. उसका रक्षा बजट लगभग 35 अरब डॉलर का है. वह राफेल जैसे अत्याधुनिक विमान बनाता है. उसके पास 2 लाख से ज्यादा  प्रशिक्षित सैन्य बल हैं. 

किसी भी मुस्लिम देश के पास फ्रांस का अकेले सामने करने की ताकत नहीं है. उसपर से फ्रांस का पक्ष नैतिक रुप से मजबूत है. उसने किसी पर हमला नहीं किया बल्कि उसका हर कदम अपने बचाव के लिए है. जिसके कारण भारत ने भी फ्रांस का समर्थन किया है. 

मुस्लिम कट्टरपंथियों के खिलाफ फ्रांस के राष्ट्रपति के स्टैण्ड का समर्थन करते हुए भारतीय विदेश मंत्राल ने बयान जारी किया है कि “अंतरराष्ट्रीय वाद-विवाद के सबसे बुनियादी मानकों के उल्लंघन के मामले में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ख़िलाफ़ अस्वीकार्य भाषा में व्यक्तिगत हमलों की हम निंदा करते हैं. हम साथ ही भयानक तरीक़े से क्रूर आतंकवादी हमले में फ़्रांसीसी शिक्षक की जान लिए जाने की भी निंदा करते हैं. हम उनके परिवार और फ्रांस के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं. किसी भी कारण से या किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद के समर्थन का कोई औचित्य नहीं है.”

पूरी यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ दुनिया के सभी सभ्य देश  फ्रांस के साथ खड़े हैं. क्योंकि मुस्लिम कट्टरपंथी सभी सभ्य देशों की समस्या का कारण हैं.  खास बात ये है कि मुस्लिम देश अपने यहां किसी तरह के शरणार्थियों का स्वागत नहीं करते. सीरिया, घाना, लेबनान, इराक जैसे मुस्लिम देशों के शरणार्थी हजारों किलोमीटर दूर यूरोपीय देशों में शरण लेने पहुंच जाते हैं. लेकिन अपने नजदीक के सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की जैसे देशों की तरफ रुख भी नहीं करते. क्योंकि वे जानते हैं कि ये मुस्लिम देश भले ही जितना हंगामा मचाएं. लेकिन शरण उन्हें मानवीय कानूनों का पालन करने वाले यूरोपीय देशों में ही मिलेगी. 

ये मुस्लिम शरणार्थियों के साथ वेश बदलकर कट्टरपंथी और आतंकी भी बड़ी संख्या में यूरोपीय देशों में पहुंच चुके हैं. जो समस्या का कारण बन रहे हैं. 

नास्त्रेदमस के अलावा बाबा वेंगा ने भी की है युद्ध की भविष्यवाणी
बुल्गारिया की नेत्रहीन महिला भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने भी यूरोप में मुस्लिम ईसाई संघर्ष के बारे में स्पष्ट रुप से भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा है कि ”दुनियाभर में ‘ग्रेट मुस्लिम वार’ की शुरुआत होगी. यह जंग अरब की धरती से शुरू होगी. इसके बाद सीरिया और फिर यूरोप में लड़ी जाएगी और 2043 तक चलेगी

खास बात ये है कि बाबा वेंगा का साल 1996 में 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था. उन्होंने  अमेरिका में हुए 9/11 हमले और 2004 में आई सुनामी के बारे में वर्षों पहले भविष्यवाणी कर दी थी. 

नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा के अलावा भी  कई इस्लामी और गैर-इस्लामी भविष्यवेत्ताओं के मुताबिक इस्लामी कैलेंडर यानी हिजरी की 14 वीं शताब्दी में इस्लाम को एक बड़े संघर्ष और बदलाव से गुजरना होगा. जिसके बाद मूल इस्लाम में  बहुत से बदलाव होंगे. जिसकी वजह से इस्लाम का वर्तमान स्वरुप बदल जाएगा. 

यूरोपीय देशों सहित पूरी दुनिया में इस्लाम और दूसरे धर्मों के संघर्ष को देखकर ऐसा लगता है कि इन भविष्यवाणियों के सही होने का समय नजदीक आ गया है. क्योंकि पूरी दुनिया मुस्लिम और गैर मुस्लिम दो खेमों में  बंटती जा रही है.  भारत भी इसका अपवाद नहीं है. 

भारत के लिए बेहतर ये है कि सभी भविष्यवक्ताओं ने उसके उज्जवल भविष्य के बारे में संकेत दिया है. देखिए कुछ अंश- 

‘सागरों के नाम वाला धर्म चांद पर निर्भर रहने वालों के मुकाबले तेजी से पनपेगा और उसे भयभीत कर देंगे, ‘ए’ तथा ‘ए’ से घायल दो लोग।’ (x-96)- नास्त्रेदमस
 
‘लाल के खिलाफ एकजुट होंगे लोग, लेकिन साजिश और धोखे को नाकाम कर दिया जाएगा.’ 

 ‘पूरब का वह नेता अपने देश को छोड़कर आएगा, पार करता हुआ इटली के पहाड़ों को और फ्रांस को देखेगा. वह वायु, जल और बर्फ से ऊपर जाकर सभी पर अपने दंड का प्रहार करेगा.’  

(समाचार एजेंसी)

विघटन प्रक्रिया के नाम पर लॉलीपॉप देकर पीछे हटाना चाहता है चीन, जाल में नहीं फंसेगा भारत

पूर्वी लद्दाख में विघटन पर सैन्य-कूटनीतिक स्तर के आठवें दौर की वार्ता के लिए तारीख को लेकर भारत चीन की पुष्टि का इंतजार कर रहा है। एचटी को पता चला है कि उसने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा फिंगर 4 से चीनी सैनिकों की वापसी की शर्तों को खारिज कर दिया है। 

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिष्ठान में विचार से परिचित अधिकारियों के अनुसार, अगले दौर की वार्ता 19 वीं सीपीसी केंद्रीय समिति के 5 वीं पूर्ण सत्र और 3 नवंबर के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों की समाप्ति के बाद होगी। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी ओर से यह स्पष्ट कर दिया है कि देश विघटन और डी-एस्कलेशन वार्ता को जारी रखने के लिए तैयार है ताकि मई 2020 से तैनात दोनों सेनाएं अपने बैरक में लौट सकें।

दोनों पक्षों के बीच हुई चर्चा से परिचित वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के अनुसार, भारत ने पीएलए की यह शर्त मान ली है कि भारतीय सेना को केवल पैंगोंग त्सो के फिंगर 3 तक गश्त करनी चाहिए। चीनी सेना केवल फिंगर 5 तक गश्त करे ये अस्वीकार्य है वरना विवादास्पद फिंगर 4 अधिकृत अक्साई चिन का हिस्सा बन जाएगा। अनिवार्य रूप से, चीनी प्रस्ताव का अर्थ है कि फिंगर 4 दोनों सेनाओं के लिए सीमा से बाहर हो जाएगा, भले ही भारतीय सेना पहले फिंगर 8 तक गश्त करती थी। 1959 की लाइन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा या LAC चीन की नजर में पैंगोंग त्सो झील के फिंगर 4 से होकर गुजरती है। भारत ने इसे खारिज कर दिया है।

भारतीय की नजर में LAC की यह रेखा खारे पानी की झील के फिंगर 8 से होकर गुजरती है। मामले को जटिल करने के लिए, पीएलए ने फिंगर 8 से फिंगर 4 तक एक सड़क का निर्माण किया है, जबकि भारतीय पक्ष को अभी भी सड़क को फिंगर 4 से जोड़ना बाकी है। जबकि भारतीय और चीनी सेना दोनों फिंगर 4 पर 5800 मीटर की ऊंचाई पर हैं, बीजिंग का प्रस्ताव है कि भारतीय सेना इस इलाके को पूरी तरह खाली कर दे। 5-6 मई की रात, पीएलए ने कील वाली क्लबों और छड़ों का उपयोग करते हुए फिंगर 4 पर हमला किया, एक भारतीय सेना के अधिकारी को पैंगोंग त्सो झील में फेंक दिया और भारतीय सैनिकों से भिड़ गए।

भारत ने चीन के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि विघटन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में भारतीय सेना पेंगोंग त्सो के दक्षिण तट पर रेजांग ला -रचिन ला रिज-लाइन को पहले  खाली करे।

फ्रांस में हमलाः राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ भोपाल में मुस्लिमों का प्रदर्शन,

भोपाल
फ्रांस में हालिया समय में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा आम लोगों के सिर काटने और चाकूबाजी जैसी घटनाओं पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सख्त रुख अपनाने की बात कही है। इस पर दुनियाभर में मुस्लिमों ने प्रदर्शन किया। हाल ही में तुर्की से लेकर बांग्लादेश तक मैक्रों के खिलाफ जबरदस्त विरोध हुआ था। भारत में कुछ जगहों पर छिटपुट प्रदर्शन देखे गए, पर अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी एक वीडियो सामने आया है। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को बड़ी संख्या में मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। इससे जुड़ा एक वीडियो ट्वीट कर भाजपा नेता संबित पात्रा ने इसे भयावह बताया है।

क्यों हो रहा मैक्रों के बयान पर
विवाद?:

 गौरतलब है कि यूरोप में फ्रांस ऐसा देश है, जहां की आबादी में 10 फीसदी मुस्लिम हैं। इनमें ज्यादातर दूसरे देशों या फ्रांस के उपनिवेशों से आए लोग शामिल हैं। सीरिया और इराक में आईएस के उभरने के बाद फ्रांस इस आतंकी संगठन के निशाने पर रहा है। कई आतंकी हमलों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों इस्लामी आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने की बात कह चुके हैं।

एक हालिया इंटरव्यू में मैक्रों ने फ्रांस की धर्मनिरपेक्षता को सर्वोपरि बताते हुए इस्लाम को संकट में पड़ा धर्म बताया था। कुछ ही दिन पहले फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का आपत्तिजनक कार्टून दिखाने वाले एक टीचर की हत्या के बाद मैक्रों ने कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद फ्रांस में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और कुछ एनजीओ भी बंद किए गए हैं। इसी के खिलाफ दुनियाभर में उनका विरोध जारी है।

जहां भारत के विदेश मंत्रालय ने फ्रांस के राष्ट्रपति पर हो रहे जुबानी हमलों की निंदा की है, वहीं कुछ नेताओं ने मैक्रों को समर्थन भी जताया है। इनमें दक्षिणपंथी लेखिका शेफाली वैद्य भी शामिल हैं। उन्होंने मुंबई के भिंडी बाजार का एक वीडियो शेयर किया। इसमें मैक्रों के पोस्टर जमीन पर फैले दिखाई दे रहे हैं, जिनके ऊपर से कारें गुजर रही हैं।