मप्र / बारिश से नदियों में उफान; 2 जगह 6 लोगों को हेलिकॉप्टर से किया रेस्क्यू, कई रास्ते बंद, दो लोग बहे

भोपाल. भोपाल. मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कहर बरपाने लगी है। प्रदेश की सभी नदियां उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन अस्तव्यस्त है। यूपी के ललितपुर में माताटीला बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से बेतवा और जामनी नदी उफान पर हैं। इससे ओरछा में तीन चरवाहों और टीकमगढ़ में तीन अन्य लोग पानी में फंस गए। इन्हें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। राजगढ़ में उफनता नाला पार करते समय दो युवक पानी में बह गए, इनमें से एक का शव मिला है। बारिश के कारण भोपाल-जबलपुर मार्ग बंद है, जबकि विदिशा-रायसेन नेशनल हाईवे तीन दिन से बंद है।

श्योपुर से सवाई माधोपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग दांतरदा गांव की पुलिया पर चंबल नदी के बाढ़ का पानी घुसने से बंद हो गया है। बरगी डैम के 15 गेट खोलने के बाद रायसेन में प्रशासन ने नर्मदा के खतरे को लेकरगांवों में कराई मुनादी। भोपाल का बड़ातालाब लबालब होनेसे भदभदाडैम के गेट सीजन में पांचवीबार खोलने पड़े। 36 घंटे तक गेट खुले रहे। वहीं भारी बारिश की चेतावनी को लेकर गुना, अशोकनगर और राजगढ़ में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। राजधानी भोपाल में भी शुक्रवार को सुबह से बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी है।मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में कम दवाब का क्षेत्र बने होने से आगामी 24 घंटों में आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, सीहोर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, मुरैना, धार, अलीराजपुर, झाबुआ एवं बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

राजगढ़ में दो युवक बहे, एक शव मिला, दूसरा लापता
राजगढ़ में नदी के पुल को पार करते समय दो युवक बह गए, जिसमें एक की मौत हो गई है। वहीं दूसरा लापता है। असल में, राजगढ़ क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते मोहनपुरा डेम के खुलने वाले गेटों की संख्या आठ से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। जिससे नेवज और अन्य नदियों और नाले में बाढ़ आ गईहै।जिले के नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र की सुकड़ नदी में तेज बहाव होने के बावजूद मंडावर गांव निवासी राम सिंह तेज लहरों के बीच उफनती नदी के पुल को पार करने लगा, तेज धार में लड़खड़ा गया, जिससेतेज बहाव होने के कारण बह गया। वही राजगढ़ के लीमा चौहान थाना क्षेत्र में भी रामचन्द्र वर्मा नाम का युवक लीमा चौहान थाना क्षेत्र की पठारी नदी नेवज को पार करते समय बहगया। युवक का शव मिल गया है।

टीकमगढ़ और ओरछामें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कर छह लोगों को बचाया
टीकमगढ़ जिले में बेतवा में बाढ़ आ जाने से टापू में फंस गए छह लोगों को हेलीकॉप्टरसे रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लियागया है।माताटीला बांध का पानी छोड़ने से बेतवा-जामनी नदी में उफान आ गया, जिससे ओरछा में बेतवानदी का पानी बढ़ गया और एक टापू में फंसे तीन चरवाहे फंस गए। उन्हें शुक्रवार कोहेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।टीकमगढ़ में धसान नदी में फंसे तीन अन्य लोगों को भी पुलिस और एनडीआरएफ ने हेलिकॉप्टर से ही रेस्क्यू कराया है।

श्योपुर का राजस्थान से सड़क संपर्क टूटा
मध्यप्रदेश के मालवा और भोपाल अंचल सहित राजस्थान के हाड़ौती जिलों में हो रही भारी बरसात से श्योपुर-कोटा मार्ग स्थित जलालपुरा चौकी पर पार्वती नदी करीब 50 फीट ऊपर बह रही है। वहीं, श्योपुर से बारां राज्य मार्ग पर कुहानजापुर गांव सीमा पर 20 फीट ऊपर पार्वती नदी का पानी बहने से दोनों मार्ग देर रात से ठप हो गए। वहीं, श्योपुर से सवाई माधोपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग दांतरदा गांव की पुलिया पर चम्बल नदी के बाढ़ का पानी घुसने से बंद हो गया है।श्योपुर जिले में पिछले 36 घंटे में कई जगह 3 से 5 इंच तक बरसात हुई है।

बरगी डैम के 15 गेट खोले गए
जबलपुर जिले स्थित बरगी बांध के पंद्रह गेट खोले जाने के चलते रायसेन जिले के बरेली के समीप बारना नदी के पुल पर बैक वाटर आ गया जिसके चलते रायसेन का जबलपुर और भोपाल से सड़क संपर्क टूट गया।बरगी बांध के कंट्रोल रूम के अनुसार बुधवार रात से बरगी डेम के 15 गेट डेढ़ मीटर तक खोले गए हैं। जिनसे 3450 क्यूसिक पानी प्रति सेकेंड निकल रहा है। बताया गया है कि 1 लाख 28 हजार 900 क्यूसिक पानी छोड़ा जाना है। जिससे नर्मदा नदी का जलस्तर 5 से 6 मीटर ऊपर बढने की संभावना है। इससेरायसेन जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी किनारे बसे गांवों मेंमुनादी भी कराई है।

बारना नदी का पुल डूबा भोपाल-जबलपुर सड़क संपर्क टूटा
देर रात बरेली के पास बारना नदी पर पानी आ गया। जिस कारण नर्मदा नदी के किनारे बसे गावों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बारना पुल पर पानी आने से राष्ट्रीय राजमार्ग 12 का सड़क मार्ग बंद हो गया है। इसके चलते भोपाल-जबलपुर सड़क मार्ग बन्द है। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।

विदिशा-रायसेन को जोड़ने वाले पुल पर भरा पानी
वहीं रायसेन में पगनेश्वर नदी का पुल पूरी तरह से डूब गया है, जिससे रायसेन का विदिशा और भोपाल से संपर्क टूट गया है।राष्ट्रीय राजमार्ग-146 तीन दिन से बंद है। यहां बेतवा के पगनेश्वर पुल पर 10 फिट पानी है। क्षेत्र में लगभग 100 ग्राम बसे हुए हैं, जिनका संपर्क टूट गया है।

चंबल और पार्वती नदियां खतरे के निशान से ऊपर
श्योपुर जिले में चंबल तथा पार्वती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने से श्योपुर का राजस्थान के कोटा, बारां सहित जयपुर को जोड़ने वाले तीनों मार्गों पर यातायात बंद हो गया है। नदी किनारे के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके चलते प्रशासन ने मुरैना और भिंड जिले में अलर्ट जारी किया है।

कश्मीर मुद्दे पर UNSC में भारत की दो टूक, जेहाद के नाम पर हिंसा फैला रहा है पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी दूत अकबरुद्दीन ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना भारत का आंतरिक मामला है. कश्मीर पर लिए गए फैसले से बाहरी लोगों को कोई मतलब नहीं होना चाहिए. अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान जेहाद के नाम पर भारत में हिंसा फैला रहा है. उन्होंने कहा कि हम अपनी नीति पर हमेशा की तरह कायम हैं.

कश्मीर मुद्दे पर अकबरुद्दीन ने कहा कि सभी मसले बातचीत से सुलझाए जाएंगे. हिंसा किसी भी मसले का हल नहीं है. साथ ही अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाना बंद करना होगा. अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत, जम्मू कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा, ‘हमारा बहुत पहले से यह मत है कि जम्मू कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और अनुच्छे 370 भारतीय संविधान से जुड़ा है. हाल ही में भारत सरकार और हमारी लेजिस्लेटिव बॉडीज द्वारा लिया गया फैसला गुड गवर्नैंस प्रमोट करने के लिए लिया गया है. जम्मू कश्मीर और लद्दाख के सामाजिक और आर्थिक विकास के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है.’

वहीं, आजतक से फोन पर बातचीत में अकबरुद्दीन ने कहा, ‘दुनिया को सब पता है कि इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की जीत कैसे हुई है. बंद चेंबर्स में क्या बात हुई है यह डिप्लोमैट्स सबको नहीं बता सकते हैं, लेकिन आपको पता है कि जो कोशिश हुई दो मुल्कों (चीन और पाकिस्तान) की, वो नाकाम हुई. मैंने दुनिया के सामने पूरी बात बता दी है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं लोकतांत्रिक भारत का प्रतिनिधि हूं. हमको गर्व है कि हम एक लोकतांत्रिक देश के प्रतिनिधि हैं, जो खुलेआम अपनी राय बताते हैं. अपनी राय को अंतरराष्ट्रीय जामा पहनाने का काम लोकतांत्रिक देश नहीं करते हैं. आपने देखा कि सुरक्षा परिषद में हमने अपना पक्ष रखा.’

PAK से बातचीत के सवाल पर पत्रकारों से हैंडशेक कर बोले अकबरुद्दीन- अभी शुरू करते हैं

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अनुच्छेद 370 पर गुप्त बैठक के बाद भारत ने इसे भारत का आंतरिक मुद्दा बताते हुए इसमें किसी तीसरे देश के दखल को सिरे से खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने एक प्रेस वार्ता में यह जाहिर किया। इस दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला।

दरअसल, संवाददाता सम्मेलन में मौजूद पाकिस्तान के तीन पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आप पाकिस्तान के साथ बातचीत कब शुरू करेंगे… इसके बाद अकबरुद्दीन ने कहा, तो चलिए आपके साथ हाथ मिलाकर इसकी अभी शुरुआत करते हैं।”

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता करने के लिए भारत तैयार है, बशर्ते पड़ोसी मुल्क आतंकवाद खत्म करे। भारत ने कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद पाकिस्तान से कहा, “वार्ता शुरू करने लिये आतंकवाद खत्म कीजिये।”

अनुच्छेद 370 के बाद लगी पाबंदियों पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत अकबरुद्दीन ने सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद कहा कि हमने, हमारे लोगों का खून बहाने वाले आतंकवादियों को रोकने के लिये कश्मीर में ऐहतियाती कदम उठाए। वहीं दूसरी ओर घाटी के हालात पर अकबरुद्दीन ने कहा, “कुछ लोग अपनी विचारधारा का प्रचार करने के लिए कश्मीर में स्थिति को भयावह बताने की कोशिश कर रहे हैं।”

Article 370 पर UNSC में चीन और पाकिस्तान की हार, भारत को मिला रूस का साथ

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को अनुच्छेद 370 पर मुंह की खानी पड़ी है। चीन को छोड़कर अन्य किसी भी देश ने पाकिस्तान का कश्मीर मुद्दे पर साथ नहीं दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने कश्मीर को भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर चीन और पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की गोपनीय बैठक में भारत पर आरोप मढ़ा, लेकिन उसे अन्य देशों का सहयोग नहीं मिला।

बैठक के बाद संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत झांग जुन ने भारत और पाकिस्तान से अपने मतभेद शांतिपूर्वक सुलझाने और ”एक दूसरे” को नुकसान पहुंचा कर फायदा उठाने की सोच त्यागने की अपील की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मामले पर चीन का रुख बताते हुए कहा, ”भारत के एकतरफा कदम ने उस कश्मीर में यथास्थिति बदल दी है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विवाद समझा जाता है।

कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने और लद्दाख को एक अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाने के भारत के कदम का विरोध करते हुए उन्होंने कहा, ”भारत के इस कदम ने चीन के संप्रभु हितों को भी चुनौती दी है और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाने को लेकर द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन किया है। चीन काफी चिंतित है।” रूस के उप-स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलिंस्की ने बैठक कक्ष में जाने से पहले संवाददाताओं से कहा कि मॉस्को का मानना है कि यह भारत एवं पाकिस्तान का ”द्विपक्षीय” मामला है। उन्होंने कहा कि बैठक यह समझने के लिए की गई है कि क्या हो रहा है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार (13 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के भारत के कदम पर चर्चा करने के लिए औपचारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक आयोजित करने की मांग की थी। एक वीडियो संदेश में कुरैशी ने कहा था कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) अध्यक्ष को एक बैठक आयोजित करने के संबंध में यूएनएससी में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मालेहा लोधी के जरिए एक औपचारिक पत्र लिखा है।

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त किये जाने संबंधी भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि वह नई दिल्ली के फैसले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जायेगा। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बताता आ रहा है कि संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने का कदम उसका आंतरिक मामला है और उसने पाकिस्तान को इस ”सच्चाई को स्वीकार” करने की सलाह दी।

उल्लेखनीय है कि बंद कमरे में बैठकों का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं होता और इसमें बयानों का शब्दश: रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। विचार-विमर्श सुरक्षा परिषद के सदस्यों की अनौपचारिक बैठकें होती हैं। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के मुताबिक, आखिरी बार सुरक्षा परिषद ने 1965 में ‘भारत-पाकिस्तान’ प्रश्न के एजेंडा के तहत जम्मू कश्मीर के क्षेत्र को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद पर चर्चा की थी। हाल में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि उनके देश ने, जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत के फैसले पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की औपचारिक मांग की थी।

जानें, धरती के स्वर्ग कश्मीर का ईसा और हजरत बल से क्या है नाता

धरती पर बसे जन्नत से रूबरू करवाने वाला कश्मीर आज अपनी खूबसूरत वादियों से ज्यादा अनुच्छेद 370 को लेकर सुर्खियों में बना हुआ हैं. मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्ट‍िकल 370 को हटाने का एतिहासिक फैसला लिया तो देश का बड़ा तबके ने इसे सराहा तो चंद लोग इस निर्णय को लेकर निराश भी नजर आए. भारत पाकिस्तान के बीच झूलते कश्मीर का इतिहास बेहद खास और खूबसूरत है. 

कश्मीर का इतिहास खंखालने पर आपको भारत की ही तरह इसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई जैसे सभी धर्मों की झलक साफ देखने को मिलेगी. जिसे देखकर कोई भी कह सकता है कि कश्मीर भी अंखड भारत का ही हिस्सा है. आइए जानते हैं कैसे इस खूबसूरत धरती का इतिहास हजरत बल और ईसा से जुड़ा हुआ है.

रौजाबल-

कश्मीर में श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में एक इमारत है. इस इमारत को रौजाबल के नाम से पहचाना जाता है. रौजाबल एक गली के नुक्कड़ पर पत्थर से बनी एक साधारण सी इमारत है. इस जगह के इतिहास में ऐसे लोगों की भी दिलचस्पी है, जो कश्मीर के भूगोल में कोई इंट्रेस्ट नहीं रखते. दावा किया जाता है कि ये रोज़ाबल श्राइन, ईसामसीह की कब्र है. वैसे रौज़ा का अर्थ होता है कब्र और बल का मतलब जगह होता है. 

रौजाबल-

ऐसी मान्यता है कि ईसा मसीह ने सूली से बचकर 2000 साल पहले अपनी ज़िंदगी के बाकी दिन कश्मीर में ही गुज़ारे थे. जिसके बाद श्रीनगर में उनकी एक मजार बना दी गई. जो आज विदेशियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन चुकी है. ईसा मसीह की 13 से 30 साल की उम्र के बीच की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. कई लोग दावा करते हैं कि इस बीच वे हिंदुस्तान आए और बुद्ध के प्रभाव में रहे. ईसा की शिक्षाओं में कई जगहों पर बुद्ध की बातों के साथ समानताओं को इसका आधार बनाया जाता है.

हजरतबल दरगाह-

हजरतबल दरगाह जम्मू कश्मीर के श्रीनगर शहर में स्थित एक प्रसिद्ध दरगाह है. मान्यता है कि इस दरगाह में इस्लाम के नबी, पैगम्बर मुहम्मद, का एक दाढ़ी का बाल रखा हुआ है, जिस से लाखों लोगों की आस्थाएं जुड़ी हुई हैं. कश्मीरी भाषा में ‘बल’ का अर्थ ‘जगह’ होता है, और हजरतबल का अर्थ है ‘हजरत (मुहम्मद) की जगह’. हजरतबल डल झील की बाई ओर स्थित है और इसे कश्मीर का सबसे पवित्र मुस्लिम तीर्थ माना जाता है. फारसी भाषा में ‘बाल’ को ‘मू’ या ‘मो’ कहा जाता है, इसलिए हज़रतबल में सुरक्षित बाल को ‘मो-ए-मुक़द्दस’ या ‘मो-ए-मुबारक’ (पवित्र बाल) भी कहा जाता है. 
हजरतबल दरगाह-

हज़रतबल को लेकर यह मान्यता है कि पैगम्बर मुहम्मद के वंशज सय्यद अब्दुल्लाह साल 1635 में मदीना से चलकर भारत आए और यहां के आधुनिक कर्नाटक राज्य के बीजापुर क्षेत्र में बस गए थे. अपने साथ वह इस पवित्र केश को भी लेकर आए थे. जब सय्यद अब्दुल्लाह का स्वर्गवास हुआ तो उनके पुत्र, सय्यद हामिद, को यह पवित्र केश विरासत में मिला. उसी काल में मुग़ल साम्राज्य का उस क्षेत्र पर क़ब्ज़ा हो गया और सय्यद हामिद की ज़मीन-सम्पत्ति छीन ली गई. 

हजरतबल दरगाह-

मजबूर होकर उन्हें यह पवित्र-वस्तु एक धनवान कश्मीरी व्यापारी, ख़्वाजा नूरुद्दीन एशाई को बेचनी पड़ी. व्यापारी द्वारा इस लेनदेन के पूरा होते ही इसकी भनक मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब तक पहुंच गई, जिसपर यह बाल नूरुद्दीन एशाई से छीनकर अजमेर शरीफ़ में मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर भेज दिया गया और व्यपारी को बंदी बना लिया गया. कुछ अरसे बाद औरंगज़ेब का मन बदल गया और उसने बाल नूरुद्दीन एशाई को वापस करवाया और उसे कशमीर ले जाने की अनुमति दे दी. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नूरुद्दीन एशाई ने कारावास में ही दम तोड़ दिया था. 

हजरतबल दरगाह- 

पवित्र बाल उनके शव के साथ साल 1700 में कश्मीर ले जाया गया जहां उनकी बेटी, इनायत बेगम, ने पवित्र वस्तु के लिये दरगाह बनवाई. इनायत बेगम का विवाह श्रीनगर की बान्डे परिवार में हुआ था इसीलिए तब से इसी बान्डे परिवार के वंशज इस पवित्र केश की निगरानी के लिये ज़िम्मेदार हो गए.

महाराज हरि सिंह-

महाराज हरि सिंह का जन्म 21 सितंबर 1895 को जम्मू में हुआ था. जबकि मत्यु 26 अप्रैल 1961 मुंबई में हुई. महाराजा हरि सिंह जम्मू और कश्मीर रियासत के अंतिम शासक महाराज थे. वे महाराज अमर सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे. हरि सिंह को जम्मू-कश्मीर की राजगद्दी अपने चाचा, महाराज प्रताप सिंह से वीरासत में मिली थी. उन्होंने अपने जीवनकाल में चार विवाह किए थे. 

महाराज हरि सिंह-

हरि सिंह, डोगरा शासन के अंतिम राजा थे जिन्होंने जम्मु के राज्य को एक सदी तक जोड़े रखा. जम्मु राज्य ने 1947 तक स्वायत्ता और आंतरिक सपृभुता का आनंद लिया. यह राज्य न केवल बहुसांस्कृतिक और बहुधमी॔ था, इसकी दूरगामी सीमाएं इसके दुर्जेय सैन्य शक्ति तथा अनोखे इतिहास का सबूत हैं. हरि सिंह ने २६ अक्तुबर १९४७ को परिग्रहन के साधन पर हस्ताक्षर किए और इस प्रकार अपने जम्मु राज्य को भारत के अधिराज्य से जोड़ा.

महाराज हरि सिंह-

हरि सिंह ने नेहरु जी तथा सरदार पटेल के कहने पर १९४९ में अपने पुत्र तथा वारिस युवराज करन सिंह को जम्मु का राज-प्रतिनिधि नियुक्त किया. उन्होंने अपने जीवन के आखरी पल जम्मु में अपने हरि निवास महल में बिताए. उनकी मृत्यु २६ अप्रैल १९६१ को मुंबई में हुई. उनकी इच्छानुसार उनकी राख को जम्मु लाकर तवि नदी में बहा दिया गया.  

विद्या के अंतिम दर्शन को पहुंचे ये सितारे, फिल्मी दुनिया के बड़े चेहरे ‘गायब’

एक ज़माने में बॉलीवुड की बड़ी एक्ट्रेस में शुमार विद्या सिन्हा का 71 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया. उन्होंने जुहू स्थित क्रिटीकेयर अस्पताल में आखिरी सांस ली. विद्या सिन्हा लंबे वक्त से बीमार थीं. 

कई सुपरहिट फिल्मों में नजर आईं विद्या के निधन से बॉलीवुड और टीवी सेलेब्स शोक में हैं. गुरुवार को विद्या सिन्हा के अंतिम दर्शन के लिए कई सितारे जुटे. परिवार और करीबी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. 

तस्वीर में विद्या सिन्हा के पार्थिव शरीर को ले जाते हुए. परिवार के करीबी और इंडस्ट्री के नामी सितारे एक्ट्रेस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए. हालांकि इंडस्ट्री के बड़े चेहरे नजर नहीं आए. 

विद्या सिन्हा को लंग्स और कार्डिएक डिसऑर्डर की शिकायत थी. पिछले साल भी एक्ट्रेस को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बीते दिनों में विद्या की हालत बहुत नाजुक हो गई थी. 
विद्या सिन्हा को फिल्म छोटी सी बात, रजनीगंधा, पति, पत्नी और वो के लिए याद किया जाता है. विद्या सिन्हा ने फिल्मों के अलावा टीवी शोज में भी काम किया है.

त्रिवेणी नदी ने लिया उग्र रूप! जल्द छलक सकता है ‘बीसलपुर‘ बांध, टूट गया पिछले साल का रिकॉर्ड

जयपुर/राजमहल। मौसम विभाग ( IMD ) की चेतावनी के बाद राजस्थान में भारी बारिश ( Heavy Rain in Rajasthan ) का दौर जारी है। भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़, राजसमंद सहित कई जिलों में भारी बारिश होने से सभी नदियां उफान पर आ गई है। प्रदेश की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना बीसलपुर बांध ( Bisalpur Dam ) में पानी की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे बांध इस बार छलकने को आतुर हो गया है। बीसलपुर बांध ( Bisalpur Dam Water Level ) में हुई पानी की आवक ने पिछले साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है और सुबह 9 बजे बांध का गेज 311.21 आरएल मीटर पहुंच गया है। पिछले साल मानसून ( Monsoon ) के दौरान बीसलपुर बांध में जलस्तर 310.26 आरएल मीटर सर्वोच्च स्तर रहा था। वहीं इस बार सीजन में पिछले सप्ताह ही डेम ने यह आकंड़ा पार कर लिया। बीती शाम 6 बजे डेम में जलभराव 310.78 आरएल मीटर था। बांध क्षेत्र में बीते 24 घंटों के दौरान कुल 71 एमएम बारिश दर्ज की गई है वहीं सीजन की अब तक कुल 538 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है।

त्रिवेणी ने लिया उग्र रूप 
वहीं बीसलपुर बांध को भरने वाली त्रिवेणी नदी ( Triveni River ) पहली बार इतने उग्र रूप में नजर आ रही है। त्रिवेणी नदी पूरे शबाब पर बह रही है और उसका गेज 7 मीटर पर चल रहा है। जिसके चलते बीसलपुर बांध में पानी बांध के छलकने के आसार बनने लगे है। जल संसाधन विभाग के अनुसार भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़़ और राजसमंद जिलों में हुई तेज बारिश से गंभीरी, खारी, डाई और भेड़च नदियों में पानी से बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है और आगामी दिनों में पानी की आवक इसी गति से रहने पर पर बांध के गेट खोलने की पूरी उम्मीद जाग गई है।

दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संपत्तियां खरीदने का काफी शौक है. उनके नाम पर ट्रंप टावर है. राष्ट्रपति बनने से पहले वह रियल एस्टेट के बिजनेस में थे. अब उनकी ख्वाहिशों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है. ट्रंप अब डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदना चाहते हैं. इसको लेकर उन्होंने अपने सहयोगियों से चर्चा भी की है. ट्रंप के एक सहयोगी ने न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए चर्चा की, हालांकि वह इसपर गंभीर नहीं थे.

ये कोई पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी नेता दुनिया के सबसे सबसे बड़े द्वीप, डेनमार्क के एक स्वायत्त क्षेत्र को खरीदने की कोशिश की. साल 1946 में अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए डेनमार्क को 100 मिलियन डॉलर देने का प्रस्ताव दिया था.

हालांकि ट्रंप की ताजा कोशिशों पर ना ही व्हाइट हाउस और ना ही डेनमार्क ने कोई टिप्पणी की. द्वीप के उत्तर-पश्चिम में ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सेना का पहले से ही एक बड़ा एयरबेस है. इसपर 600 कर्मचारी हैं और देश की वैश्विक रडार प्रणाली में महत्वपूर्ण है.

डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर डेनमार्क जाएंगे, हालांकि माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड उनके एजेंडे में नहीं होगा. वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक ट्रंप को मालूम पड़ा था कि डेनमार्क को आर्थिक सहयोग की जरूरत है. पिछले साल डिनर के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को भी उठाया था. ग्रीनलैंड को खरीदने की बात सोचते हुए उन्होंने मेहमानों से पूछा था कि आप लोग इसके बारे में क्या सोचते हैं.

BSP प्रमुख मायावती बोलीं- सरकार जम्मू कश्मीर के निवासियों की भलाई का दावा कर रही है, मगर…

लखनऊ: बसपा अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों को विश्वास दिलाना चाहिए कि वह उनकी भलाई के लिए काम कर रही है. मायावती ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए गए सम्बोधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर के निवासियों की भलाई का दावा कर रही है, मगर उसे जनता को इसका एहसास भी दिलाना चाहिए. उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद उत्पन्न हालात की तरफ इशारा करते हुए कहा “जहां तक जम्मू-कश्मीर की बात है, तो वहां के लोगों को इस बात का एहसास होना चाहिए कि सरकार उनके हित और भलाई के लिए काम कर रही है, जैसा कि दावा किया जा रहा है.” 

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का अपने भाषण में देश भर में छाई खासकर व्यापक गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अशिक्षा के साथ-साथ हिंसा, तनाव और जातिवादी द्वेष जैसे मुद्दों का कोई जिक्र ना करना यह साबित करता है कि देश की आम जनता के जीवन में बेहतर बदलाव की आशा बहुत कम है. उन्होंने कहा कि ज्यादातर सरकारी घोषणाएं और दावे कागजी ही नजर आते हैं. जमीन पर कुछ भी नहीं दिखाई देता. इससे देश का भला कैसे हो सकता है. प्रधानमंत्री अपने भाषण में इन मुद्दों के साथ साथ देश में भयमुक्त वातावरण बनाने के बारे में भी कुछ बोलते तो अच्छा होता.  

मप्र / कमलनाथ ने हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया; बोले- अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने की जरुरत

भोपाल.मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार कोकहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ ही अपराधों, खासतौर पर महिला अपराधों पर सख्ती से रोक लगाएजाने की आवश्यकता है।कमलनाथ यहां भोपाल जिले के अत्याधुनिक सुसज्जित पुलिस कंट्रोल रूम का उद्घाटन कर रहे थे। इस भवन में सीसीटीवी सिस्टम भी स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को नागरिकों से सहयोग लेना चाहिए। पुलिस और जनता के बीच में आपसी तालमेल और संबंध भी मजबूत करने की आवश्यकता है। इससे हमें अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपराधों की रोकथाम के लिए स्थापित निगरानी सिस्टम का अधिक से अधिक उपयोग करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) उपेंद्र जैन ने पुलिस कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी सिस्टम से भोपाल शहर में की जा रही निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। इस तरह के अत्याधुनिक सुसज्जित कंट्रोल रूम मध्यप्रदेश के सात शहरों में स्थापित किए गये हैं। इसमें 11 हजार 500 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। इस सीसीटीवी कैमरे के जरिए यातायात प्रबंधन के साथ अपराधों पर भी सीधे निगरानी रखी जा सकेगी।