सिंधिया ने दिया दिग्गी को झटका, ज्योतिरादित्य के जारी किए लेटर में नहीं है दिग्विजय सिंह का नाम

भोपाल: मध्यप्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ सामने आया है। कांग्रेस से नाराज चल रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने टूर प्रोग्राम में दिग्विजय सिंह से मिलने का समय नहीं दिया है। दिग्गी राजा ने एक लेटर जारी कर कहा था कि 24 फरवरी को वे गुना के सर्किट हाउस में कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात करेंगे। लेकिन अब सिंधिया के टूर प्रोग्राम में इस मुलाकात का कोई भी जिक्र नहीं है।

दिग्विजय सिंह के अनुसार 24 फरवरी को 1 बजकर 15 मिनट में सिंधिया से मुलाकात होनी थी, जिसके लिए दिग्विजय सिंह ने अपना टूर प्रोग्राम जारी किया। जिसमें इस बात का भी जिक्र था कि ये मुलाकात कुल 45 मिनट तक चलेगी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात की सबसे अहम कड़ी राज्यसभा चुनाव हैं। मध्यप्रदेश में इस बार कांग्रेस को दो सीटें मिलने की उम्मीद है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह दोनों ही नेता राज्यसभा के दावेदार माने जा रहे हैं। लेकिन सिंधिया के टूर प्रोग्राम में दिग्गी से मिलने का कहीं भी जिक्र नहीं है।

बता दें कि दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच पहले कई बार कड़वाहट की खबरें सामने आती रही हैं। इन खबरों के बीच दोनों ही नेता सार्वजनिक रूप से मिलते हुए कम ही देखे जाते हैं। लेकिन अब जो मुलाकात होने की बात कही जा रही है, उसके पीछे बताया जा रहा है कि ये कोशिश विधायकों को एकजुट रखने के साथ दोनों नेता आपस में अपने गिले-शिकवे दूर करने के लिए की जा रही है।

जनगणना 2021 : पहले मकान सूचीकरण ये मांगेंगे 31 बिंदूओं पर जानकारी

बुरहानपुर. जनगणना की तैयार शुरू हो गई है। १ मईसे जनगणना से पहले मकान सूचीकरण का सर्वेहोगा। इसे लिए दो दिन से कलेक्टोरेट में विभागीय अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इस बार कुछनए सवाल जुड़े हैं, जिसमें मुय रूप से यह भी पूछेंगे की घर में सबसे ज्यादा अनाज कौन सा खाया जाता है। इस बार यह सर्वे मोबाइल एप और मेन्यूअल भी दर्जहोगा। दूसरे चरण में फिर जनगणना का काम होगा।
१ मई से गृह सूचीकरण शुरू हो जाएगी। परिवार से जानकारी हासिल करने के लिए 31 प्रश्न पूछने के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी मोबाइल फोन एप्लीकेशन पर दर्ज होगी। जनगणना अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना के मकसद से ही पूछा जाएगा और उसका इस्तेमाल किसी और प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा। यह कार्य मोबाइल एप के साथ मेन्यूअल भी होगी। इन जानकारियों का मकसद लोककल्याण की योजनाओं का बेहतर तरीके से खाका खींचना है। दो दिवसीय प्रशिक्षण क्षण में जनगणना चार्ज एवं सहायक चार्ज अधिकारियों ने सीखी जनगणना कार्य की बारीकियां बताई। ई.दक्ष केन्द्र में हुए जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक 10 वर्ष के बाद जनगणना कार्य किया जाता है। पिछली जनगणना 2011 में की गई थी, अब 2021 की जनगणना की जानी है।
यह दी ट्रेनिंग में जानकारी
जनगणना के लिए जिले में प्रगणकों, पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है। अधिकारी व कर्मचारियों को कार्य सौंपे गए हैं। जनगणना प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रशिक्षण निदेशक जनगणना कार्यालय भोपाल से आए जय शहदादपूरी व महेंद्र दिवगैया ने यह ट्रेनिंग दी। उन्होंने मोबाईल एप की जानकारी दी कि किस तरह से इस एप में कार्य किया जाना है। एप में लागिन करने के लिए नेट की आवश्यकता रहेगी। उसके बाद आप ऑफ लाइन होकर भी कार्य कर सकते है। डाटा अपलोडिंग के लिए नेट की आवश्यकता रहेगी। यह एनपीआर का मोबाइल एप है। कलेक्टर राजेश कौल ने प्रशिक्षण में जनगणना का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं व नीति बनाने में जनगणना का महत्व होता है। समस्त चार्ज अधिकारियों को अपने क्षेत्र में मॉनीटरिंग करते हुए स्वयं कार्य को प्राथमिकता देते हुए करवाना होगा। इसके लिए आप प्रदाय की गई जनगणना पुस्तिका का अवलोकन एवं पाठन कार्य कर ले, जिससे कार्य करने में आसानी होगी।
ये पूछे जाएंगे ३१ सवाल
बिल्डिंग नंबर, यूनिसिपल या स्थानीय अथॉरिटी नंबर
सेंसस हाउस नंबर
मकान की छत, दीवार और सीलिंग में मुय रूप से इस्तेमाल हुआ मटीरियल
मकान के इस्तेमाल का उद्देश्य क्या है
मकान की स्थिति
मकान का नंबर
घर में रहने वाले लोगों की संया
घर के मुखिया का नाम
मुखिया महिला या पुरुष
क्या कोई अन्य समुदाय से ताल्लुक रखते हैं
मकान का ओनरशिप स्टेटस
मकान में मौजूद कमरे
घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं
पीने के पानी का मुय स्त्रोत
घर में पानी के स्त्रोत की उपलब्धता
बिजली का मुय स्त्रोत
शौचालय है या नहीं
किस प्रकार के शौचालय हैं
गंदे पानी की निकासी है या नहीं
वॉशरूम है या नहीं
रसोई घर है या नहीं
इसमें एलपीजी, पीएनजी कनेक्शन है या नहीं
रसोई के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन
रेडियो ट्रांजिस्टर
टेलीविजन
इंटरनेट की सुविधा है या नहीं
लैपटॉप कंप्यूटर है या नहीं
टेलीफोन/मोबाइल, स्मार्ट फोन
साइकिल/स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड
कार, जीप, वैन
घर में किस अनाज का मुय रूप से उपभोग होता है
मोबाइल नंबर

  • जनगणना की कार्यवाही शुरू हो गई है। पहले चरण में १ मईसे मकान की सूचीकरण का काम होगा। इसमें ३१ बिंदुओं पर जानकारी जुटाईजाएगी। इसके बाद जनगणना पर सर्वे होगा।
  • रोमोनुस टोप्पो, अपर कलेक्टर

मध्यप़देश में विदेशी मदिरा मिलेगी अब आनलाईन

मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2020-21 के लिए आबकारी नीति में परिवर्तन कर दिया है. अब मध्य प्रदेश में शराब की नई दुकानें नहीं खुलेंगी. लेकिन नई आबकारी नीति के तहत अब पूरे मध्य प्रदेश में विदेशी शराब ऑनलाइन भी खरीदी जा सकेगी.

शनिवार देर शाम इसकी घोषणा करते हुए राज्य सरकार ने बयान जारी किया कि राजस्व बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में चल रही सभी 2,544 देशी शराब दुकान और 1,061 विदेशी शराब दुकानों का निष्पादन पिछले साल की सालाना फीस में 25 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ किया जाएगा.

उप-दुकान खोली जा सकेंगी

नई आबकारी नीति में खास बात यह है कि मध्य प्रदेश में शराब की कोई नई दुकान नहीं खोली जाएगी. आपको बता दें कि आबकारी विभाग ने पहले प्रस्ताव दिया था कि शराब दुकान के 5 किलोमीटर के दायरे में यदि कोई दुकान नहीं है तो वहां शराब की उप-दुकान खोली जा सकेगी.

हालांकि इस प्रस्ताव का विपक्ष के अलावा सत्तापक्ष के भी कुछ मंत्रियों ने विरोध किया था, इसलिए इसे लागू नहीं किया गया.

ऑनलाइन खरीद सकेंगे शराब

नई आबकारी नीति के तहत अब मध्य प्रदेश में आप घर बैठे ऑनलाइन विदेशी शराब खरीद सकेंगे. सरकार ने नई नीति के तहत तय किया है कि सिर्फ विदेशी शराब को ऑनलाइन खरीदा जा सकेगा. देशी शराब को फिलहाल इसमें शामिल नहीं किया गया है.

साथ ही शराब की अवैध बिक्री को रोकने के लिए हर बोतल में बार कोड लगाने की शुरुआत की जाएगी. वहीं नई आबकारी नीति में तय किया गया है कि अंगूर से बनाई जा रही वाइन के प्रचार-प्रसार के लिए पर्यटन स्थलों पर 15 नए वाइन आउटलेट खोले जाएंगे. इन आउटलेट्स की फीस मात्र 10,000 रुपये सालाना होगी.

राजनाथ सिंह बोले- भारत का मुसलमान हमारा भाई, हमारे जिगर का टुकड़ा है


नई दिल्ली. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमान जिगर का टुकड़ा है और सांप्रदायिक राजनीति का सवाल ही पैदा नहीं होता. समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने शनिवार को एजेंसी को दिए साक्षात्कार में इस धारणा को खारिज किया कि मोदी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ है. उन्होंने मेरठ और मेंगलुरु में अपनी दो मेगा रैलियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने पहले भी अपनी मेरठ और मेंगलुरु की रैलियों में कहा है कि मुसलमान भारत का नागरिक और हमारा भाई है. वह हमारे जिगर का टुकड़ा है.’

राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार ने शुरुआत से ही मुस्लिम नागरिकों के अंदर डर हटाने और उनमें आत्मविश्वास भरने की कोशिश की है. रक्षामंत्री ने कहा, ‘कुछ ताकतें हैं, जो उन्हें गुमराह कर रही हैं. लेकिन बीजेपी किसी भी स्थिति में भारत के अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं जा सकती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत से ही ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘जाति, धर्म और रंग के आधार पर भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं उठता. हम इसके बारे में सोच भी नहीं सकते.’

सांप्रदायिक राजनीति के लिए निहित स्वार्थ को जिम्मेदार ठहराते हुए सिंह ने कहा, ‘कुछ ताकतें हैं, जो केवल वोट बैंक के बारे में ही सोचती हैं.’ सांप्रदायिक राजनीति के लिए नेताओं को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, ‘राजनीति महज वोटों के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण करने के लिए करनी चाहिए.’

रक्षामंत्री ने कहा कि यहां तक कि जो हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास करते हैं, वे भी पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकते, क्योंकि हिंदुत्व का मतलब ही ‘वसुधैव कुटुंबकम (दुनिया एक परिवार है)’ है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसके अलावा कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नजरबंदी से जल्द रिहा होने की प्रार्थना कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि वे कश्मीर में हालात को सामान्य बनाने में योगदान देंगे.

मोदी सरकार द्वारा पिछले वर्ष पांच अगस्त को जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को हटा दिया गया था, जिसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया. इसी समय से एहतियात के तौर पर जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों नेशनल कॉन्फ्रेंस से फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से महबूबा मुफ्ती सहित दर्जनों राजनेताओं को नजरबंद कर दिया गया था.

हालांकि इसके बाद से अधिकांश राजनेताओं को रिहा कर दिया गया है, मगर तीनों पूर्व मुख्यमंत्री और एक दर्जन राजनेताओं को अभी भी नजरबंद रखा गया है. रक्षा मंत्री ने कहा, ‘कश्मीर शांतिपूर्ण रहा है. स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है. सुधार के साथ-साथ इन फैसलों (नजरबंदी से राजनेताओं की रिहाई) को भी अंतिम रूप दिया जाएगा. सरकार ने किसी को भी प्रताड़ित नहीं किया है.’

सरकार के फैसले का बचाव करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि कश्मीर के हितों में कुछ कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा, ‘हर किसी को इसका स्वागत करना चाहिए.’ सिंह ने कहा कि फारूक उमर व मुफ्ती की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करेंगे. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मैं यह भी प्रार्थना करता हूं कि जब वह बाहर आएं तो कश्मीर की स्थिति को सुधारने में अपना योगदान दें.’

मोदी बोले- जो देश फिट है, वही हिट हैहुनर हाट से मिल रही कारीगरों को नई पहचान


मन के बात कार्यक्रम के 62वें अंक का प्रसारणपीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के साथ मन की बात की. यह मन की बात कार्यक्रम का 62वां अंक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में हुनर हाट, अंतरिक्ष और कॉप कन्वेंशन का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हुनर हाट में भाग लेने वाले कारीगरों में पचास प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो देश फिट है, वही हिट रहेगा.

पिछले तीन वर्षों में हुनर हाट के माध्यम से तीन लाख कारीगरों, शिल्पकारों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं. हुनर हाट कला के प्रदर्शन के लिए बेहतरीन मंच है, साथ ही साथ लोगों के सपनों को भी पंख दे रहा है. यहां देश की विविधता को अनदेखा करना असंभव है. शिल्पकला तो है ही, साथ ही हमारे खाने-पीने की विविधता भी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि बेटियां अब बंदिशों को तोड़ रही हैं.

युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आने वाले महीने तो एडवेंटर स्पोर्ट्स के लिए बहुत उपयुक्त हैं. भारत का भौगोलिक परिवेश ऐसा है, जो हमारे देश में एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए ढेरों अवसर प्रदान करता है. एक तरफ जहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं तो दूसरी तरफ दूर-दूर तक फैला रेगिस्तान  है.

3000 टन सोना मिलने से जनता को मिलेगा कितना लाभ. भारत की अर्थ व्यवस्था के लिए सोने का स्थान भी

महत्वपूर्ण रहता हैं. भारत सरकार के पास अभी जितना सोना हैं उतने सोने का 5 प्रतिशत ज्यादा हल्दी पहाड़ी में मिला हैं जो उत्तर प्रदेश के एक जिले में आता हैं. अब हम आपको बताते हैं की इतना ज्यादा सोना मिलने से भारत के अर्थव्यवस्था पर सीधा असर होगा

लेकिन भारत सरकार अर्थात मोदी सरकार ने इसपर अपना हर्ष व्यक्त किया हैं. और बोला हैं की इसका फायदा सीधा जनता तक पहुचेगा जिससे हर किसी को लाभ होगा अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा की सोना भारत को अर्थव्यवस्था पर असर कैसे करता हैं तो निचे बताते हैं.

रिजर्व बैंक के पास होता हैं सोना – भारत सरकार की केन्द्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पास सोना रहता हैं जिसे बहोत ही कडाई के माध्यम से रखा जाता है. और जब भारत की आर्थिक तौर पर कोई संकट आता हैं. तो यह सोने का उपयोग किया जाता हैं. भारतीय केंदीय बैंक के पास अभी जितना सोना हैं. उससे 5 गुना अधिक अभी उत्तर प्रदेश में मिला हैं.

जनता को कैसे होगा लाभ – अर्थव्यवस्था पर सोना बहुत ही अच्छा प्रभाव डालता हैं भारत अब नौव्वे स्थान पर आ गया हैं. इस जरिये अब भारत आर्थिक स्थान तीसरा पर खड़ा हो गया हैं. लेकिन भारत के जनता को इसका लाभ सोने के भाव कम करके नहीं दिया जायेगा 2020 में सोने के भाव और आसमान पर चडेगा.

सिंधिया से मिलेंगे दिग्विजय, गुना में होगी मुलाकात

भोपाल प्रदेश की सियासत में चल रही उठापटक के बीच विपरीत ध्रुव माने जाने वाले पूर्व मुुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की सोमवार को गुना में बंद कमरे में 45 मिनट की मुलाकात होने वाली है। दोनों नेता दिल्ली से आ रहे हैं। नेताओं के बीच इस मुलाकात के कई मायने भी निकाले जा रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव भी इसकी एक अहम कड़ी माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस को दो सीटें मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके चलते कांग्रेस कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रही है। पार्टी के दोनों दिग्गजों की यह कवायद विधायकों को एकजुट रखने के साथ गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश के रूप में देखी जा सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी दिन दो अन्य भाजपा नेताओं प्रभात झा व सत्यनारायण जटिया का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर अटकलबाजियां चल रही हैं।
पार्टी को मिलने वाली दो सीटों पर प्रत्याशी चयन पर हाईकमान को फैसला करना है। राहुल गांधी की पसंद माने जाने वाले सिंधिया प्रदेश की राजनीति में चल रहे घटनाक्रम की वजह से असहज दिखाई देने लगे हैं। इसी तरह दिग्विजय सिंह भी अपने टिकट को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं। यह माना जा रहा है कि दो सीटों में से एक टिकट मध्यप्रदेश के किसी नेता को दिया जाएगा और एक टिकट प्रदेश के बाहर के किसी व्यक्ति को दिया जा सकता है। ऐसे में दिग्विजय सिंह और सिंधिया की गुना में होने वाली मुलाकात को अहम माना जा रहा है।
क्या होगा गणित
कांग्रेस-भाजपा के तीन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर इन सीटों के लिए अप्रैल में चुनाव होना है। रिक्त सीटों पर चुनाव के फार्मूले के हिसाब से हर एक प्रत्याशी को 58 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा। अभी विधानसभा में 228 विधायक संख्या है, जिसमें से कांग्रेस के पास 114 व भाजपा के 107 विधायक हैं।
इस हिसाब से कांग्रेस और भाजपा को एक-एक सीट जीतने में आसानी होगी। दूसरी सीट के लिए बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी व निर्दलीय विधायकों का समर्थन जरूरी होगा। कांग्रेस को इसके लिए दो अन्य विधायकों के साथ की आवश्यकता होगी तो भाजपा को कम से कम नौ विधायकों का समर्थन आवश्यक होगा।
नेताओं के ये हैं कार्यक्रम
सिंधिया 24 फरवरी को भोपाल आ रहे हैं। वे यहां सुबह विमान से भोपाल आएंगे और करीब एक घंटे निजी होटल में रुकने के बाद रवाना होकर चंदेरी के विधायक गोपाल सिंह चौहान के पुत्र के वैवाहिक समारोह में शामिल होंगे। रात को ही वे ललितपुर से दिल्ली चले जाएंगे। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 23 को दिल्ली से झांसी पहुंचेंगे और वहां से ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़ होते हुए अशोक नगर चंदेरी आएंगे। वे 24 फरवरी को चंदेरी, अशोक नगर, गुना होते हुए इंदौर जाएंगे और रात को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

मुफ्त में बनवाएं किसान क्रेडिट कार्ड! मोदी सरकार ने खत्म किए ये चार्ज, 4 फीसदी पर 3 लाख का लोन

अगर आपके पास खेती करने के लिए ज़मीन है तो अपनी जमीन को बिना गिरवी रखे बिना लोन ले सकते हैं. इसकी सीमा एक लाख रुपये थी. (प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली. मोदी सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. खेती-किसानी के लिए सिर्फ 4 फीसदी ब्याज दर पर पैसा देने के लिए जो किसान क्रेडिट कार्ड (KCC-Kisan Credit Card) बनता है, उसे बनवाने के लिए लगने वाली सारी प्रोसेसिंग फीस (KCC Waive off Processing Fees other Charges), इंस्पेक्शन और लेजर फोलियो चार्ज को खत्म कर दिया गया है. अगर कोई बैंक अब भी किसी किसान से ये चार्ज वसूलता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है. इसमें 3 लाख रुपये तक का लोन मिलता है. पहले बिना गारंटी के 1 लाख का लोन मिलता था जिसे बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए कर दिया गया है.

किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में जानिए

(1) अगर आपके पास खेती करने के लिए ज़मीन है तो अपनी जमीन को बिना गिरवी रखे बिना लोन ले सकते हैं. इसकी सीमा एक लाख रुपये थी. लेकिन अब आरबीआई ने बिना गारंटी वाले कृषि लोन की सीमा 1.60 लाख रुपये कर दी है.

(2) पशुपालन और मछलीपालन वाले किसानों काे भी अब केसीसी के जरिए 2 लाख रुपये प्रति किसान की सीमा तक 4 फीसदी की ब्याज दर पर लाभ मिलेगा, ताकि किसानों को साहूकारों से मुक्ति मिले.

(3) इस समय देश में 7,02,93,075 किसानों के पास केसीसी है. केसीसी के तहत अधिक से अधिक संख्या में किसानों को लाने के लिए सरकार ने बैंकों के सहयोग से किसानों के केसीसी बनाने का एक अभियान शुरू किया है. जिसके तहत आवेदन सरल किया गया है और फार्म प्राप्त होने की तारीख से 14 दिनों के भीतर केसीसी जारी करने का आदेश शामिल है.

कैसे 4 फीसदी की दर से मिलता है कृषि लोन

खेती-किसानी के लिए ब्याजदर वैसे तो 9 परसेंट है. लेकिन सरकार इसमें 2 परसेंट की सब्सिडी देती है. इस तरह यह 7 प्रतिशत पड़ता है. लेकिन समय पर लौटा देने पर 3 फीसदी और छूट मिल जाती है. इस तरह इसकी दर ईमानदार किसानों के लिए मात्र 4 फीसदी रह जाती है. कोई भी साहूकार इतनी सस्ती दर पर किसी को कर्ज नहीं दे सकता. इसलिए अगर आपको खेती-किसानी के लिए कर्ज चाहिए तो बैंक जाईए और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाईए. आपको 3 लाख रुपये तक का लोन मिल जाएगा.

सरकार का अतिथि शिक्षकों को खास तोहफा, MP में 16 विषयों के लिए होनी है 15 हजार शिक्षकों की भर्ती

भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों teacher bharti के रिक्त पदों को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के लिए प्रोविजनल चयन सूची Provisional selection list जारी कर दी है। इस लिस्ट में अतिथि शिक्षकों Atithi shikshak को सरकार की ओर से विशेष तोहफा Special gift भी दिया गया है।

जिसके तहत सूची को दो कैटेगरी में बांटा गया है, इसमें पहली सूची अतिथि शिक्षकों Atithi shikshak bharti की जबकि दूसरी अन्य श्रेणी के उम्मीदवारों की है।
दअरसल मध्यप्रदेश में 15 हजार शिक्षकों teachers bharti की भर्ती 16 विषयों में होनी है। वहीं इसमें से अतिथि शिक्षक के लिए 3762 पद रिजर्व किए गए हैं। वहीं बाकी बचे अन्य श्रेणी के पदों की संख्या 11238 है, इसलिए यह लिस्ट दो कैटेगरी में बांटी गई हैं।
25 फरवरी से दस्तावेज होंगे अपलोड…
प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड peb की मेरिट लिस्ट आरक्षण रोस्टर Reservation roster लागू कर मेरिट के आधार पर बनाई गई है। मेरिट लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों को 25 फरवरी से दस्तावेज काउंसलिंग पोर्टल Counseling portal पर अपलोड करने होंगे। साथ ही पोस्टिंग के लिए ऑनलाइन online प्राथमिकता दर्ज करानी होगी। यह प्रक्रिया 15 मार्च तक चलने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन जिला स्तर पर अप्रैल में होगा।
ऐसे होगा जिले का चयन…
डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन डिस्ट्रिक्ट पर क्लिक कर सूची में नाम वाले उम्मीदवारों को अपने दस्तावेजों के सत्यापन Verification of documents के लिए जिले का चयन करना होगा।
वहीं यदि उम्मीदवार अतिथि शिक्षक है तो इस दौरान उसे सिर्फ वही जिले दिखाई देंगे, जहां पर उसने अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके बाद जानकारी सुरक्षित करनी होगी।
उम्मीदवार ऐसे बनाएं अपना यूजर प्रोफाइल –
यूजर प्रोफाइल user profile बनाने के लिए शिक्षक वर्ग (पद) का चयन कर रोल नंबर और जन्मतिथि को दर्ज कराना होगा। प्रोफाइल बनने होने पर संबंधित उम्मीदवार की डिटेल
दिखाई देगी।
ऐसे समझें पूरी प्रक्रिया process …
स्कूलों को प्राथमिकता : च्वॉइस फिलिंग Choice Filling –
आॅनलाइन दस्तावेज अपलोड करने के बाद आपको च्वॉइस फिलिंग करनी होगी। उम्मीदवारों को यहां पर अपनी स्कूलों को प्राथमिकता देनी होगी। इसमें कम से कम एक विकल्प का चयन करना जरूरी होगा। वहीं यदि उम्मीदवार के एक से ज्यादा विषय में पात्र है तो उसे प्रति विषय की अलग-अलग च्वॉइस फिलिंग करनी होगा।
ऐसे करेंगे दस्तावेज अपलोड Document upload –
जिले के चयन के बाद उम्मीदवारों को मेन्यू में डॉक्यूमेंट अपलोड पर कर्सर ले जाकर क्लिक करना होगा। इसमें सभी जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करना होंगा। इसके साथ ही यहीं यदि आप आयु संबंधित अथवा आरक्षण का लाभ लेना चाहते हैं, तो उसके भी अन्य सभी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
वहीं इसके बाद प्रोसीड ऑफ रजिस्ट्रेशन पर क्लिक कर आगे बढ़ें।
ये होगी रजिस्ट्रेशन registration की प्रक्रिया-
उम्मीदवार को काउंसलिंग पोर्टल पर साइन-अप करने के बाद रोल नंबर, जन्मतिथि, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की देना होगा। इसके बाद उम्मीदवार के ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। जिसके बाद सत्यापन के बाद ही आपका पंजीयन होगा।
वहीं यदि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दोनों ही बदल गए हैं, तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उम्मीदवार संपर्क कर सकेंगे, जहां से इन्हें अपडेट किया जा सकेगा।
ऐसे समझें विषयवार वैकेंसी –
विषय Subject : पदों की संख्या Post
इंग्लिश : 2827
गणीत : 1800
संस्कृत : 1823
जीवविज्ञान (बायोलॉजी) : 1699
हिंदी : 1401
भौतिकशास्त्र (फिजिक्स) : 1001
पॉलिटकल साइंस : 900
इतिहास (हिस्ट्री) : 800
रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) : 700
कॉमर्स : 664
अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) : 550
जियोग्राफी : 400
एग्रीकल्चर : 176
समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) : 160
उर्दू : 70
होम साइंस : 29