भाजपा में शामिल होने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया था 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर- उमंग सिंघार

धार। मध्यप्रदेश की राजनीति में मतदान से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. उपचुनाव से पहले एक बार फिर विधायकों की खरीद फरोख्त का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.पूर्व वन मंत्री उमंग सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुझे भाजपा में शामिल होने के लिए मुझे 50 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर दिया था लेकिन मैंने ये ऑफर ये कहकर ठुकरा दिया था कि आपके रास्ते अलग है और मेरे रास्ते अलग है.उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह बात उन्होंने आपसी चर्चा के दौरान कही थी, इसलिए इस बात का कोई ऑडियो वीडियो नहीं है.आपसी चर्चा के दौरान कोई भी इस तरीके की ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं करता है, इसलिए मेरे पास भी ऐसा कोई ऑडियो वीडियो नहीं है, पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट रूप से मुझे 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर बीजेपी में शामिल होने के लिए दिया/

दरअसल पूर्व वन मंत्री उमंग सिंघार बदनावर उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमल सिंह पटेल के पक्ष में प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं. यह पहली बार है जब किसी कांग्रेस नेता ने ऑफर देने वाले नेता का नाम लेकर स्पष्ट रूप से बताया है. पूर्व मंत्री मनीष कुमार ने बताया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुझे 50 करोड़ और प्रदेश में बनने वाली शिवराज सरकार में मंत्री पद का ऑफर दिया है. अब पूर्व वन मंत्री उमंग सिंघार का यह बड़ा बयान राजनीतिक गलियारों में किस तरीके कि हलचल पैदा करता है,किस तरह यह बयान उपचुनाव पर प्रभाव डालता है. यह देखने वाली बात होगी.

यूपी में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन पर योगी सरकार सख्त, उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली: फ्रांस (France) विरोध की आग अब भारत तक पहुंच चुकी है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) के ‘इस्लामिक आतंकवाद’ संबंधी बयान के खिलाफ देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए. हालांकि, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने साफ कर दिया है कि ऐसे प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किये जाएंगे.

सख्ती से निपटा जाएगा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन पर सख्त रुख अपनाया है. यूपी डीजीपी कार्यालय की तरफ से अलर्ट जारी कर कहा गया है कि हिंसा और उपद्रव करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. साथ ही संवेदनशील जिलों में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं. सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर खास नजर रखे हुए है. 

भोपाल में प्रदर्शन पर केस 
यूपी के बरेली और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के बयान के विरोध में प्रदर्शन किये गए. इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस विरोधी नारेबाजी भी की. वहीं, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में भी प्रदर्शन हुए. यहां कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद (Congress MLA Arif Masood) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ नारे लगाये. पुलिस ने शांति भंग करने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया है. वहीं, भाजपा ने कांग्रेस से कट्टरपंथ पर अपनी स्थिति साफ करने की मांग की है.

मुंबई में पोस्टर चिपकाए
फ्रांस के खिलाफ मुंबई में भी प्रदर्शन हुए. यहां के भिवंडी में कट्टरपंथी संगठनों ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के पोस्टर सड़क पर चिपका दिये. ऐसे में लोगों के पास उन पोस्टरों के ऊपर से गुजरने के अलावा कोई चारा नहीं था. पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली वह तुरंत मौके पर पहुंची और सभी पोस्टरों को हटाया. मालूम हो कि पैगंबर मोहम्मद के कार्टून और फ्रांस के राष्ट्रपति के आतंकवाद को इस्लाम से जोड़ने संबंधी बयान के खिलाफ कई मुस्लिम देश मोर्चा खोले हुए हैं. फ्रेंच उत्पादों के बहिष्कार का अभियान भी चलाया जा रहा है.  

भाजपा का सवाल, अपमान क्यों??

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने मुंबई की सड़कों पर मैक्रों के पोस्टर चिपकाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, महाराष्ट्र सरकार ये क्या हो रहा है? भारत आज फ्रांस के साथ खड़ा है. जो जिहाद फ्रांस में हो रहा है, उस आतंकवाद के खिलाफ हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने फ्रांस के साथ मिलकर लड़ने की प्रतिज्ञा की है. फिर मुंबई की सड़कों पर फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष का अपमान क्यों?

ममता बनर्जी का मुकाबला करने को अब जेपी नड्डा नहीं, अमित शाह जाएंगे बंगाल, जानें नया शेड्यूल

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी जहां राज्य में सत्ता पाने की कोशिश में जुटेगी, वहीं ममता बनर्जी की टीएमसी सत्ता कायम रखने के लिए दमखम दिखाएगी। इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों का जायजा लेने के लिए पांच नवंबर से पश्चिम बंगाल की दो दिवसीय यात्रा करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। पहले खबर थी कि जेपी नड्डा जाने वाले थे।

देर रात के एक घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल भाजपा के महासचिव सयंतन बसु ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की छह नवंबर से निर्धारित यात्रा रद्द हो गई। बसु ने शुक्रवार रात कहा, ‘जे पी नड्डा जी की यात्रा फिलहाल रद्द हो गई है। यह निर्णय लिया गया है कि अमित शाह जी पांच नवंबर से दो दिवसीय यात्रा पर पश्चिम बंगाल आएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘उनके पांच नवंबर को मेदिनीपुर जिले का दौरा करने की संभावना है और अगले दिन वह राज्य के पार्टी नेताओं से मिलेंगे। कार्यक्रम को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शाह संगठन के विभिन्न पहलुओं पर गौर करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘यह कमोबेश इनडोर कार्यक्रम होंगे। संभावना है कि वह कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं।’

सूत्रों ने बताया कि यात्रा के दौरान शाह, विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष जैसे वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ बूथ और जिला स्तर के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। हालांकि, अमित शाह ने इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल के लिए एक डिजिटल रैली को संबोधित किया था। यह कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के बाद राज्य की उनकी पहली यात्रा होगी। शाह ने इससे पहले एक मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा किया था।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ राज्य में ‘बिगड़ती कानून-व्यवस्था’ को लेकर राज्य सरकार की लगातार आलोचना करते रहे हैं। पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता राज्य में कानून व्यवस्था खराब होने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग भी कर रहे हैं। धनखड़ ने एक दिन पहले ही नयी दिल्ली में शाह से मुलाकात की और राज्य के मामलों को लेकर चर्चा की।

अभिनंदन वर्धमान पर पाकिस्तान की पोल खोलने वाले पूर्व स्पीकर को सजा देगी इमरान सरकार

एयर फोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई मामले पाकिस्तान और उसके सेना प्रमुख की पोल खोलने वाले नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर अयाज सादिक को जल्द ही इमरान खान और सेना के जुल्मों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें सच बोलने की सजा भुगतनी होगी। इमरान खान की सरकार में सूचना मंत्री शिबली फराज ने बकायदा धमकी देना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने जो गलती की है उसके लिए माफी नहीं दी जा सकती है और इसकी सजा दी जाएगी।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब देते हुए भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया था। हालांकि, ‘डॉग फाइट’ में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह से उन्होंने सफलतापूर्वक इजेक्ट किया और उन्होंने पीओके में लैंड किया था। पाकिस्तान ने भारत के दबाव और प्रतिक्रिया से डरकर अभिनंदन को रिहा करने का फैसला किया था। पाकिस्तान के सांसद अयाज सादिक ने भी इसकी पुष्टि की है।

सांसद अयाज सादिक ने कहा कि भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर बुलाई गई बैठक में खुद पीएम इमरान खान ने आने से इनकार कर दिया था। उसमें पाक आर्मी चीफ आए तो मगर उनके पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना था, कहीं भारत अटैक न कर दे। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगर अभिनंदन को सीमा पार नहीं जाने देंगे तो भारत रात 9 बजे पाकिस्तान पर हमला कर देगा।

अक्सर परमाणु हमले की गीदड़ भभकी देने वाले पाकिस्तान की पोल खुली तो अब उसे चेहरा छिपाने की जगह नहीं मिल रही है। यही वजह है कि अब इमरान सरकार अयाज सादिक से बदला लेने पर तुल गई है। इमरान के मंत्री शिबली फराज ने ट्वीट किया, ”अयाज सादिक ने जो कहा वह माफी योग्य नहीं है। अब कानून अपना काम करेगा।” फराज ने जोर देकर कहा, ”राज्य को कमजोर करना अक्षम्य अपराध है और सादिक और उनके समर्थकों को इसकी सजा दी जाएगी।” 

पाकिस्तानी न्यूज चैनल दुनिया टीवी के मुताबिक, पीएमएल-एन नेता अयाज सादिक के खिलाफ लाहौर के सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आवेदन को लीगल डिपार्टमेंट में सलाह के लिए भेजा है।

पाकिस्तान पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि अयाज सादिक को सच बोलने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, आखिर उन्होंने सेना की पोल खोल दी है। पाकिस्तान में यह नया नहीं है, सेना से पंगा लेने वालों को अक्सर अपनी जान गंवानी पड़ती है या फिर यातनाओं से उनकी जिंदगी को जहन्नुम बना दिया जाता है। आने वाले समय में अयाज के साथ भी ऐसा ही हो सकता है।

गौरतलब है कि पहले भी पीएमएल-एन के दो वरिष्ठ सांसदों ने आरोप लगाया था कि पीटीआई के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय पायलट को छोड़ने का फैसला दबाव में ले रही है। अयाज सादिक ने बैठक के ब्योरे को संसद में रखकर सच को दुनिया के सामने ला दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह आर्मी चीफ के पैर कांप रहे थे और विदेश मंत्री ने कहा कि अभिनंदन को नहीं छोड़ा गया तो भारत रात 9 बजे हमला कर देगा। 

इससे पहले पाकिस्तान सेना ने गुरुवार सादिक की बातों का खंडन करते हुए कहा कि अभिनंदन को छोड़ने का फैसला एक जिम्मेदार मुल्क की ओर से उठाया गया गंभीर कदम था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर का बयान सच के उलट है और दुख की बात है कि जिम्मेदार लोग गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर जिम्मेदाराना बयानों से राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की जा रही है।

नाराजगी जताकर लौट गईं थीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती, अब ट्विटर पर दी सफाई

भिंड। मेहगांव विधानसभा के नून्हाड़ गांव में 2 दिन पहले हुई चुनावी सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती हेलीपैड दूर बनाने से काफी नाराज हो गई थी। उन्होंने सभा में महज 10 मिनट का समय देकर नाराजगी भी जताई थी। नाराजगी भरी बातों के बीच ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी ओपीएस भदौरिया के समर्थन में अपनी बात कही थी और हेलीकॉप्टर के लिए रवाना हो गई थी। अब 2 दिन बाद इस नाराजगी पर उमा भारती को सफाई देनी पड़ी है। अपनी सफाई में उन्होंने कई सारे ट्वीट किए हैं। इसको लेकर भाजपा खेमे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

उमा भारती ने ट्विटर पर यह दी सफाई

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ट्वीट कर सफाई दी, मेरे मेहगांव विधानसभा के कार्यक्रम को लेकर, जो खबर छपी है , वह शत प्रतिशत सही है। किंतु उसके पीछे का जो घटनाक्रम है वह सीमित लोगों को पता है। उमा भारती लिखती हैं मैं वहां के अपनी पार्टी के उम्मीदवार को ध्यान में रखते हुए तथ्यों को सार्वजनिक कर रही हूं। भाजपा उम्मीदवार ओपीएस भदौरिया की सभा में पहले भी अमायन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ जा चुकी हूं। व्यक्तिगत तौर पर ओपीएस मुझे बहुत ही प्रिय हैं। इसलिए मैंने दोबारा सभा के लिए समय दिया। कठिनाई यह थी कि मुझे ग्वालियर से उड़ना था तथा ओपीएस की सभा के बाद झांसी के ऊपर से उड़ते हुए घुवारा एवं रायसेन में मुख्यमंत्री के साथ सभाओं को संबोधित करना था। यह तो सर्वविदित तथ्य है कि ग्वालियर एवं झांसी आर्मी के फ्लाइंग जोन में है। उनके तय समय पर ही हमें लैंडिंग एवं टेकऑफ करना पड़ता है। हमें ओपीएस की सभा से 11ः45 बजे उड़ना ही था। हम वहां तयशुदा समय के अनुसार 11.00 बजे पहुंचे तथा 11.45 बजे वहां से उड़ने का आदेश था। मुझे हेलीकॉप्टर से उतरते ही जानकारी दी गई कि सभा स्थल से आना-जाना 30 किलोमीटर है। बीच में रेलवे लाइन भी है। मेरे पास सिर्फ 45 मिनट का ही समय है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभा स्थल हेलीपैड के पास ही होना था। मेरा तो आने जाने में ही समय निकल गया। इसलिए मैं सिर्फ दो – तीन मिनट बोलकर ओपीएस को आशीर्वाद देकर निकल आने के लिए मजबूर हो गई। यह वह तथ्य हैं जिन्हें सार्वजनिक करना जरूरी नहीं था किंतु दो -तीन दिन से जो चर्चाएं हो रही हैं। इससे मुझे आज ऐसा लगा कि मैं इन बातों को भी सार्वजनिक कर दूं।

उमा ने सभा में ही जताई थी नाराजगी

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का हेलिकॉप्टर 2 दिन पहले नुन्हाड़ सभा स्थल से करीब 8 किमी दूर सुनारपुरा के पास उतरा था। यहां से वे सभा स्थल पहुंची तो नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा मैं आज तो यहां इसलिए आ गई। लोग कहेंगे कि इनके घर परिवार का एक उम्मीदवार खड़ा है इसलिए शायद मैं नहीं आ रहीं। यहां बता दें मेहगांव में बसपा उम्मीदवार योगेश सिंह नरवरिया से उमा भारती की दूर की रिश्तेदारी है। उमा भारती ने सभा मे कहा था इसीलिए यहां आ गई हूं, लेकिन यह बात मुझे ठीक नहीं लगी। उन्होंने कहा संचालक महोदय की। कोक सिंह की। इन लोगों को जिम्मेदारी समझना चाहिए थी। आप लोग ऐसा करते हो, अगर गोरमी में हेलिकॉप्टर उतर रहा है तो सभा वहां रख लेते। और अगर नहीं हो पा रहे तो सभा रखिए ही नहीं, हम दोबारा समय दे देते।

आतंकवाद का समर्थन करने वाले बड़ी चुनौती: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता दिवस परेड के दौरान देश को संबोधित करते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और वाल्मिकी जयंती की शुभकामनाएं दीं.

पीएम मोदी गुजरात की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. वह भारत के पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती पर केवड़िया में आयोजित एकता दिवस समारोह में शामिल हुए. इस दौरान हुई एकता दिवस परेड को उन्होंने सलामी दी और फिर देशवासियों को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर आतंकवाद का खुलकर समर्थन किए जाने की बड़ी चुनौती बताया और पुलवामा हमले में राजनीतिक स्वार्थ दिखाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा.

पीएम मोदी ने कहा, “प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत और पूरा विश्व कर रहा है.बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है.”

“आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होने की बहुत ज़्यादा जरूरत है. शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है. आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता.”

उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर विपक्ष पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देखा जा रहा था. ये बात देश कभी नहीं भूल सकता.

पीएम मोदी ने कहा, “आज यहां जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी. ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की. देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे.”

उन्होंने कहा कि देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए. देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी.

कश्मीर और देश की सुरक्षा

इसके अलावा पीएम मोदी ने केवड़िया में शुरू की गईं नई परियोजनाओं का ज़िक्र किया, कोरोना वॉरियर्स की सराहना की, कश्मीर में विकास और देश की सुरक्षा पर बात की.

पीएम मोदी ने कहा, “आज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का भी शुभारंभ होने जा रहा है. सरदार साहब के दर्शन के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देशवासियों को अब सी-प्लेन सर्विस का भी विकल्प मिलेगा. ये सारे प्रयास इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ाने वाले हैं.

उन्होंने वाल्मिकी जयंती का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये भी अद्भुत संयोग है कि आज ही वाल्मीकि जयंती भी है.आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं, जिस भारत को अनुभव करते हैं, उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था.

पीएम ने कश्मीर के विषय में कहा कि कश्मीर के विकास में जो बाधायें आ रही थीं, उन्हें पीछे छोडकर अब कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है.चाहे नॉर्थईस्ट में शांति की बहाली हो, या नॉर्थईस्ट के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम, आज देश एकता के नए आयाम स्थापित कर रहा है.

पीएम मोदी के संबोधन की अन्य मुख्य बातें

ये आपदा अचानक आयी. इसने पूरे विश्व में मानव जीवन को प्रभावित किया है, हमारी गति को प्रभावित किया.लेकिन इस महामारी के सामने देश ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को, अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति को साबित किया वो अभूतपूर्व है.

सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है.आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है.

आत्मनिर्भर देश ही अपनी प्रगति के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त रह सकता है.इसलिए, आज देश रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है.इतना ही नहीं, सीमाओं पर भी भारत की नज़र और नज़रिया अब बदल गए हैं.

हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है.हम एक हैं तो असाधारण हैं.लेकिन साथियों, हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है.हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं.ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है.

आज भारत की भूमि पर नज़र गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है.आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज औरअनेक सुरंगें बना रहा है.अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है.

सैनिकों की जानें गईं, लेकिन करगिल युद्ध से क्या हासिल हुआ, मुशर्रफ पर नवाज का हमला

पाकिस्तान में राजनेताओं की ओर से अपनी सेना के जनरलों का पर्दाफाश करने के सिलसिले में पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल (एन) नेता नवाज शरीफ का नाम भी जुड़ गया है. शरीफ ने परवेज मुशर्रफ समेत सेना के जनरलों को पाकिस्तान को 1999 करगिल युद्ध में मिली शिकस्त के लिए जिम्मेदार ठहराया है.  

लिंक में शरीफ को यह कहते सुना जा सकता है कि कैसे पाकिस्तानी सैनिकों को बिना खाने और हथियारों के ही लड़ना पड़ा था. शरीफ ने कहा, “यह दर्दनाक था कि चोटियों पर हमारे सैनिकों के पास खाना तो दूर हथियार तक नहीं थे. जानें कुर्बान हुईं लेकिन देश या समुदाय ने क्या हासिल किया?” 

क्वेटा में एकत्र लोगों से शरीफ ने वर्चुअल संबोधन में कहा, “करगिल युद्ध की शुरुआत सेना ने नहीं बल्कि कुछ जनरलों की ओर से की गई थी. वो युद्ध जिसने बहादुर पाकिस्तानी सैनिकों को खोया, वो युद्ध जिसने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को शर्मसार किया. उन्होंने (जनरलों) ने न सिर्फ सेना बल्कि देश और समुदाय को ऐसी स्थिति में डाल दिया, जिससे कुछ हासिल नहीं किया जा सकता था.” शरीफ ने लंदन से वीडियो लिंक के माध्यम से बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान ने करगिल युद्ध से कुछ हासिल नहीं किया. 

जनरल मुशर्रफ का उल्लेख करते हुए शरीफ ने कहा कि “ये जनरल, जो करगिल युद्ध के पीछे थे, उन्होंने ही 12 अक्टूबर, 1999 को तख्तापलट किया था और अपनी करतूतों को छुपाने और सजा से बचने के लिए मार्शल लॉ का ऐलान किया था. परवेज मुशर्रफ और उनके साथी ने निजी फायदे के लिए सेना का इस्तेमाल किया और उसे अपमानित किया.” 

शरीफ के बयान पाकिस्तान के राजनेताओं की उन टिप्पणियों की सीरीज का ही हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान की सेना की ओर से भारत को डील करने की स्थिति में किए गए दुस्साहसों और कार्रवाइयों से पर्दा हटाया जा रहा है.  इमरान खान सरकार के एक मंत्री फवाद चौधरी ने 29 अक्टूबर को पाकिस्तानी संसद में बोलते हुए अपनी सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया. चौधरी ने अपने बयान में कहा कि भारत के पुलवामा में सुसाइड हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के 40 जवानों की मौत पाकिस्तान के लिए उपलब्धि थी.  

चौधरी संसद में पीएमएल (एन) के सांसद अयाज सादिक के बयान का जवाब दे रहे थे. सादिक ने कहा था कि पाकिस्तान सरकार ने भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन को इसलिए रिहा किया था क्योंकि उसे भारत की ओर से हमला किए जाने का डर था.”  भारतीय वायुसेना ने पिछले साल फरवरी में बालाकोट स्थित आतंकी कैम्पों पर कार्रवाई की थी. उसी ऑपरेशन में हिस्सा लेते हुए विंग कमांडर अभिनंदन का विमान हिट किया था और वो पैराशूट से कूदने के बाद पाकिस्तानी क्षेत्र में पहुंच गए थे जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. 

फवाद के बयान ने तूल पकड़ा तो उन्होंने लीपापोती के अंदाज में कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया और वो कहना चाह रहे थे कि पुलवामा हमले के बाद जो घटनाक्रम हुआ और उसके दौरान जो इमरान सरकार की ओर से कदम उठाए गए, वो पाकिस्तान के लिए उपलब्धि की तरह था. 

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की वापसी के लिए आरएसएस प्रचारक को बनाया गया नया महासचिव विजयवर्गी के पर कतरे कतरे

कोलकाता। बीजेपी आलाकमान ने पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई में अंदरूनी कलह मिटाने और राज्य के नेतृत्व को काबू में रखने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इसमें बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पर करतना भी शामिल है। अखबार के मुताबिक बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने विजयवर्गीय से कहा है कि उन्हें अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश से ज्यादा वक्त पश्चिम बंगाल में लगाने की कोई ज़रूरत नहीं है। उनकी जगह अब पार्टी के संयुक्त महासचिव (संगठन) शिव प्रकाश को पश्चिम बंगाल पर ज्यादा ध्यान देने को कहा गया है। कैलाश विजयवर्गीय अब तक पश्चिम बंगाल में पार्टी के केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक के तौर पर काफी वक्त देते रहे हैं।

संगठन के स्तर पर हाल में किए गए बदलावों में आरएसएस प्रचारक रहे अमिताव चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल बीजेपी का संगठन महासचिव बनाना बेहद मायने रखता है। चक्रवर्ती को सुब्रतो चट्टोपाध्याय की जगह पर संगठन महासचिव बनाया गया है। सुब्रतो पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष के बेहद करीबी माने जाते हैं और 2014 से संगठन महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सूत्रों के मुताबिक घोष ने उन्हें हटाए जाने का कड़ा विरोध किया था, लेकिन इस मामले में उनकी बात सुनी नहीं गई।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने ये तमाम बदलाव राज्य संगठन के भीतर दिलीप घोष और मुकुल रॉय खेमे के खेमों में बढ़ते आपसी टकराव को काबू में रखने के इरादे से किए हैं। बीजेपी आलाकमान को फिक्र है कि अगर इस खेमेबाज़ी पर काबू नहीं पाया गया तो 2021 के विधानसभा चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इन बदलावों के जरिए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल इकाई की कमान सीधे अपने हाथों में लेने का संकेत भी दिया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें बताया कि अब से बीजेपी की राज्य इकाई के तमाम मसलों पर केंद्रीय नेतृत्व की सीधी नज़र रहेगी, जो तमाम मसलों और रणनीतियों का फैसला खुद ही करेगा।

दरअसल, 2017 में मुकुल रॉय के शामिल होने के बाद से ही पश्चिम बंगाल बीजेपी में दो गुट बने हुए हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद यह गुटबाज़ी और बढ़ गई। जहां पार्टी के पुराने लोग दिलीप घोष के साथ हैं, वहीं टीएमसी से आने वाले लोगों का जुड़ाव मुकुल रॉय गुट के साथ है। दिलचस्प बात यह है कि कैलाश विजयवर्गीय इस गुटबाज़ी को खत्म करने पर ध्यान देने की जगह मुकुल रॉय गुट को बढ़ावा देने में लगे रहे। पिछले महीने राज्य समिति के पुनर्गठन में मुकुल रॉय गुट के नए लोगों को अहमियत दिए जाने के बाद यह गुटबाज़ी और बढ़ गई।

इसी बीच, मुकुल रॉय को पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा की जगह पर  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया। हालात तब और बिगड़ गए जब दिलीप घोष ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की राज्य इकाई की सभी जिला समितियों को भंग करके उनके अध्यक्षों को पद से हटा दिया। इसी के बाद बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को लगा कि अब इस अंदरूनी कलह पर काबू पाने के लिए कदम उठाना ज़रूरी हो गया है।

विजयवर्गीय के पर कतरने का फैसला करके बीजेपी आलाकमान ने मुकुल रॉय गुट को कड़ा संदेश देने की कोशिश भी की है। संदेश यह है कि मुकुल रॉय को अब दिलीप घोष के साथ मिलकर काम करना होगा ताकि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी को गुटबाज़ी का खामियाज़ा न भुगतना पड़े।

बहरहाल, इस सारी कवायद का एक संदेश यह भी है कि अब बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई का नियंत्रण पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में चला गया है, जिनके इशारों पर ही अब राज्य इकाई को काम करना होगा। इन हालात में टीएमसी यह आरोप भी लगा सकती है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी दरअसल बाहरी लोगों द्वारा चलाई जाने वाली पार्टी है।

भारत का पहला सी-प्लेन आज केवड़िया से भरेगा उड़ान, PM मोदी देश को सौपेंगे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट

अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया और अहमदाबाद दोनों तरफ का कुल किराया 3000 रुपये तय किया गया है. एक तरफ का किराया 1500 रुपये रखा गया है.

केवड़िया/अहमदाबाद: आज लौहपुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर देश का पहला सी-प्लेन उड़ान भरेगा. प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को देश को समर्पित करेंगे. ये सेवा रोजाना पर्यटकों के लिए अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया से अहमदाबाद के बीच उपलब्ध होगी. पीएम मोदी आज खुद सी-प्लेन के जरिये केवड़िया से अहमदाबाद तक का सफर करेंगे.

सी-प्लेन की उड़ानें स्पाइसजेट की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्पाइस शटल द्वारा संचालित की जाएंगी. शुरुआती तौर पर स्पाइसजेट 31 अक्टूबर से अहमदाबाद-केवड़िया मार्ग पर दो दैनिक उड़ानें संचालित करेगा. अहमदाबाद से प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे सी-प्लेन उड़ेगा और 10:45 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से प्रतिदिन सीप्लेन 11:45 पर उड़ेगा और 12:15 पर अहमदाबाद पहुंचेगा. यही सीप्लेन प्रतिदिन 12:45 पर दोबारा अहमदाबाद से उड़ेगा और दोपहर 1:15 पर केवड़िया पहुंचेगा. केवड़िया से ये फिर से दोपहर 3:15 पर उड़ेगा और 3:45 पर अहमदाबाद पहुंचेगा.

कितना होगा किराया
अहमदाबाद से केवड़िया और केवड़िया और अहमदाबाद दोनों तरफ का कुल किराया 3000 रुपये तय किया गया है. एक तरफ का किराया 1500 रुपये रखा गया है. 30 अक्टूबर से ऑनलाइन टिकट की बुकिंग शुरू हो गई है. इन उड़ानों के लिए 15 सीटर ट्विन ओटर 300 विमानों का इस्तेमाल होगा.

सी-प्लेन में पानी से उतरने और टेक-ऑफ करने की क्षमता होती है, जिससे ऐसे क्षेत्रों तक पहुंच होती है, जिनमें लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे नहीं होते हैं. ट्विन ओटर 300 सबसे सुरक्षित और सबसे लोकप्रिय सी-प्लेन है. ये दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले विमानों में से एक है. विमान का एक अविश्वसनीय दुर्घटनामुक्त इतिहास है और कोई आश्चर्य नहीं कि यह दुनियाभर में अपने गंतव्य तक उड़ान अनुभव के लिए सबसे अधिक मांग वाला विमान है.

इससे पहले 2017 में पीएम मोदी ने सी-प्लेन में किया था सफर
पीएम मोदी ने पहली बार साल 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान सी प्लेन का सफर किया था. तब भी उन्होंने साबरमती रिवरफ़्रंट से उड़ान भरी थी. तब पीएम मोदी साबरमती रिवरफ़्रंट से उड़ान भरकर 49 किलो मीटर दूर धरोई डैम पहुंचे थे. वहां पीएम ने मशहूर अम्बा देवी के दर्शन किए थे और फिर सी-प्लेन से वापस साबरमती रिवरफ़्रंट पर लैंडिंग की थी. तब पीएम मोदी के सी-प्लेन से सफर करने को लेकर काफी सियासत भी हुई थी.