अनाज मंडी झांसी रोड इलाके में 4 मंजिला इमारत में आग, 43 लोगों की मौत कई घायल

रानी झांसी रोड पर मौजूद अनाज मंडी के एक मकान में भीषण आग लग गई। आग में जलकर 35 लोगों की मौत हो गई तो दर्जनों लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।



राजधानी के अनाज मंडी इलाके में एक मकान में सुबह-सुबह आग लग गई, घटना में 50 लोगों को बचाया गया हैअब तक यह पता नहीं चल पाया है कि आग किस वजह से लगी, राहतकर्मी फंसे हुए लोगों को बचाने में लगे हैंघटना की जानकारी मिलते ही मौके पर दमकल की 30 गाड़ियों को भेजा गया, राहत अभियान जारी.

नई दिल्ली
दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में रविवार सुबह आग ने भीषण तांडव मचाया है। चार मंजिला इमारत में लगी आग में जलकर और धुएं में दम घुटने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 43 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। दर्जनों लोगों को लोकनायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल, हिंदू राव और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची 30 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। राहत अभियान अभी भी जारी है।

आग सुबह करीब 5 बजे लगी। उस समय मकान में अधिकतर लोग सो रहे थे। बाताया जा रहा है कि इस इमारत में छोटी-छोटी फैक्ट्रियां चलती थीं, जिनमें पैकेजिंग और प्लास्टिक बैग आदि बनाने का काम होता था। यहां काम करने वाले कई लोग रात को सोते भी यहीं थे। कई मजदूर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बताए गए हैं।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने की जानकारी सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर मिली। तुरंत दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि मकान में फंसे कई लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, कई लोगों ने आग में झुलसकर दम तोड़ दिया तो कइयों का धुएं में दम घुट गया।

घायल लोगों को एलएनजेपी और हिंदू राव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. किशोर कुमार ने बताया कि कई लोगों की मौत हो गई है। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है। दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, ‘अब तक 50 लोगों को बचाया गया है। ज्यादातर लोग धुएं से प्रभावित हुए हैं।’

मध्यप़देश में पोषण अभियान आउटसोर्स के तहत निम्न पदों के लिये 10 दिसंबर तक आवेदन किये जा सकते.


भोपाल महिला बाल विकास में पोषण अभियान के तहत 1008 पदों के लिये 10 दिसंबर तक आवेदन किये जा सकते हैं.
Helpdesk@keyconsultancy.co.in पर विज्ञापन देखा जा सकता है.
डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर  51 पद
डिस्ट्रिक्ट प़ोजेक्ट असिस्टेंट 51 पद
ब्लाक कोआर्डिनेटर 453 पद
ब्लाक प़ोजेक्ट असिस्टेंट 453 पद
कुल 10008 पदों के लिये 10 दिसंबर तक शाम 6 बजे तक आनलाईन आवेदन किये जा सकते हैं.

जोड़े जो अविवाहित हैं होटल के कमरे में रहना अपराध नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

जस्टिस एमएस रमेश ने हाल के एक आदेश में कहा, ‘प्रत्यक्ष तौर पर कोई कानून या नियम नहीं है जो विपरीत लिंग के अविवाहित जोड़े को होटल के कमरे में मेहमान के तौर पर रहने से रोकता है.’

चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि दो बालिग लोगों के ‘लिवइन रिलेशन’ में रहने को अपराध नहीं माना जाता है. ऐसे अविवाहित जोड़ों का होटल के किसी कमरे में एकसाथ रहने पर कोई आपराधिक मामला नहीं बनता.

जस्टिस एमएस रमेश ने हाल के एक आदेश में कहा, ‘प्रत्यक्ष तौर पर कोई कानून या नियम नहीं है जो विपरीत लिंग के अविवाहित जोड़े को होटल के कमरे में मेहमान के तौर पर रहने से रोकता है.’ उन्होंने यह टिप्पणी प्राधिकारियों को कोयबंटूर स्थित किराए पर दिए जाने वाले अपार्टमेंट पर लगे सील को खोलने का निर्देश देते हुए की.

इस अपार्टमेंट को पुलिस और राजस्व विभाग ने इस साल जून में इस शिकायत के बाद मारे गए छापे के बाद सील कर दिया था कि वहां अनैतिक गतिविधि होती हैं. वहां छापा मारने वाली टीम को वहां एक अविवाहित जोड़ा मिला था और कमरे में शराब की कुछ बोतलें मिली थीं.

जज ने कहा, अविवाहित जोड़े के रहने के आधार पर परिसर को सील करने जैसा कठोर कदम उठाना इसे रोकने वाले किसी कानून के अभाव में पूरी तरह से गैरकानूनी है.

शरद पवार ने कहा- अजित की बगावत से पार्टी में अस्थिरता आई, पर उनकी ताकत को अनदेखा नहीं कर सकते; मैं सबको तराजू पर तौलता हूं

नई दिल्ली जब कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बनाने पर बात कर रहे थे, तब शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने चौंकाया था। लेकिन राकांपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने इस मीटिंग में मोदी से कहा था कि राज्य में शिवेसना और कांग्रेस के साथ वे सरकार बनाने वाले हैं। अजित पवार ने जब पार्टी से बगावत कर देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बनाई, तब लगा कि पवार और मोदी की बैठक में ही इसकी रूपरेखा तय की गई।

हालांकि, विशेष बातचीत में राकांपा प्रमुख ने साफ किया- ”मोदी और मेरी मुलाकात हुई, यह किसी से छिपी नहीं थी। भाजपा के साथ सरकार बनाने का प्रस्ताव हमने पहले ही ठुकरा दिया था। मोदी से मिला तो मैंने उनसे कहा- हम शिवसेना के साथ सरकार बना रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री बोले- ‘आपने हमारा ऑफर रिजेक्ट कर दिया, फिर भी हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।” पवार ने कहा कि हमारी पार्टी में कुछ नेता भाजपा के साथ जाना चाहते थे। उन्हें लग रहा था कि तीन के बजाय यदि दो दल सत्ता में आएंगे, तो सरकार स्थिर होगी।

सवाल: अजित पवार का क्या करेंगे?
पवारः अजित पवार की बगावत से पार्टी में अस्थिरता आई, यह सच है। उनकी वह गलती ही थी। लेकिन अजित की ताकत की अनदेखी नहीं की जा सकती। मैं तराजू लेकर बैठता हूं और सबको उस पर तौलता हूं।

सवाल: अजित की बगावत पर सुप्रिया ने लिखा था- पार्टी और परिवार बिखर गए। अजित-सुप्रिया में सत्तासंघर्ष बढ़ सकता है?
पवारः अजित और सुप्रिया में सत्तासंघर्ष मुद्दा ही नहीं। अजित को राज्य में रुचि है और सुप्रिया को संसदीय कामकाज अच्छा लगता है। इस बार राज्य की राजनीति में सुप्रिया की सक्रियता दिखी, लेकिन वह एक संकट काल था। ऐसे संकट काल में सभी एकजुट होने ही चाहिए। वह भी थी। इससे बढ़कर कुछ नहीं।

सवाल: सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा कर सकेगी?
पवारः महाराष्ट्र में किया गया प्रयोग सफल रहेगा और सरकार पांच साल चलेगी। उद्धव मुख्यमंत्री बनने के लिए राजी नहीं हो रहे थे। मैंने उनसे कहा कि बालासाहब ठाकरे की ही तरह मैं भी तुम्हें आदेश दे रहा हूं। तब वे तैयार हुए। उनका व्यक्तित्व और चेहरा सर्वसमावेशी है। किसी के भी सरकार से बाहर होने का सवाल ही नहीं उठता।

सवाल: रिमोट कंट्रोल आपके पास ही रहेगा?
पवारः नहीं। सरकार के कामकाज और प्रशासन में कोई हस्तक्षेप मेरी ओर से नहीं होगा। इतिहास को अभिमान होना ही चाहिए। लेकिन इतिहास रचने का मौका भी सरकार के पास है।

सवाल: मंत्रियों के बीच काम का बंटवार कब तक होगा?
पवारः मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों का बंटवार, उपमुख्यमंत्री का चुनाव इस संदर्भ में जल्द ही फैसला होगा। नागपुर में शीत सत्र से दो दिन के भीतर चित्र स्पष्ट होगा।

सवाल: देवेंद्र फडणवीस पर आपका क्या कहना है?
पवारः नई पीढ़ी के इस नेता ने अपेक्षाएं बहुत ऊंची पाल रखी थी। लेकिन सत्ता में दंभ कभी नहीं करना चाहिए। जमीन से संबंध नहीं टूटना चाहिए। सत्ता का दंभ खराब होता है, यह देवेंद्र को अब जरूर समझ आ गया होगा। उम्मीद है कि वे आत्मावलोकन करेंगे।

सवाल: क्या यह प्रयोग राष्ट्रीय स्तर पर होगा?
पवारः नया विकल्प खड़ा हो सकता है, यह इस प्रयोग ने साबित किया। भाजपा के विरोध में गठबंधन करने के लिए कोई भी प्रयत्न नहीं कर रहा। कोई भी इस तरह संपर्क में नहीं। ऐसा गठबंधन आसान नहीं होगा।

सोनिया गांधी की पूर्व निज सचिव के खिलाफ एफआईआर कराने वाले डॉ. भल्ला के अस्पताल में तोड़-फोड़ के बाद उनके अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है

ग्वालियर। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत अब ग्वालियर में डॉ. ए.एस. भल्ला को निशाने पर ले लिया है। उनके सहारा अस्पताल में बड़ी तोड़-फोड़ के बाद देर शाम अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। भाजपा शासन काल में डॉ. भल्ला स्वयं को ताकतवर मानते थे। उन्होंने अपने रसूख का उपयोग कर सोनिया गांधी की पूर्व निज सचिव सहित 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। यह निज सचिव पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ से शिकायत करने भोपाल पहुंची थीं। 
दरअसल ग्वालियर में कुछ साल पहले सोनिया गांधी की निज सचिव रहीं एक कांग्रेस नेत्री ने डॉ. ए.एस. भल्ला के साथ बड़ा स्कूल खोला था। बाद में दोनों में विवाद हुआ तो कांग्रेस नेत्री ने डॉ. भल्ला को स्कूल से बेदखल कर दिया। भाजपा शासन काल में डॉ. भल्ला ने इस कांग्रेस नेत्री के खिलाफ ग्वालियर में धोखाधड़ी की एफआईआर कराई थी। यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। इसी बीच बताया जाता है कि दिल्ली में रहने वाली कांग्रेस की इस नेत्री ने भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर स्वयं के साथ हुए अन्याय की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर कलेक्टर को डॉ. भल्ला के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

डॉ. भल्ला ने प्रशासन को दी चुनौती
इसी बीच पिछले महीने डॉ. भल्ला ने शासकीय और निजी डॉक्टरों को एकत्रित कर प्रशासन के खिलाफ भड़काया। उन्होंने डॉक्टरों की बैठक कर फैसला किया कि ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा शासकीय और अशासकीय अस्पतालों में बार-बार निरीक्षण के कारण परेशानी होती है। प्रशासन अस्पतालों में दखल अंदाजी कर रहा है। इसलिए अब कोई भी डॉक्टर प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सर कहकर नहीं बुलाएंगे। डॉ. भल्ला ने मीडिया में बयान दिया कि पूरा प्रदेश अफसरशाही की चपेट में है और यह अफसरशाही अस्पतालों पर हुकुम चलाने का काम कर रही है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। डॉ. भल्ला की इस हरकत के बाद जिला प्रशासन ने नगर निगम के जरिए ग्वालियर के 41 निजी अस्पतालों में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे। मैक्स अस्पताल, दिशा व समर्पण पैथोलॉजी का लाइसेंस भी 15 दिन के लिए सस्पेंड किया था। इसके अलावा डॉ. भल्ला के बसंत विहार स्थित सहारा अस्पताल को सील करने का नोटिस भी एसडीएम अनिल बनवारिया थमा कर आए थे। प्रशासन की इस कार्यवाही के बाद डॉ. भल्ला ने लगभग चुनौती ेदेते हुए प्रशासन से कहा था कि ग्वालियर के सभी निजी नर्सिंग होम हड़ताल कर देंगे।

अभी जारी रहेगी कार्यवाही
बताया जाता है कि डॉ. भल्ला के खिलाफ ग्वालियर में चल रही कार्यवाही की मॉनिटरिंग भोपाल में मुख्यमंत्री सचिवालय से की जा रही थी। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल इस पर निगाह रखे हुए थे। खबर है कि डॉ. भल्ला के खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

एमपी ई कॉप ऐप लॉन्च : मध्यप्रदेश पुलिस ने किया हर तरह की सुरक्षा का वादा

गृह विभाग ने ट्विटर (twitter) पर मोबाइल ऐप (mobile app) की जानकारी आम जनता से साझा की है. विभाग ने लिखा है- एमपी ई कॉप मोबाइल एप के माध्यम से आपको मिलेगी मध्यप्रदेश पुलिस (madhya pradesh police) की हर जानकारी. अब एक क्लिक पर मध्यप्रदेश पुलिस होगी आपके पास. आज ही डाउनलोड करें : https://t.co/yLmqDbfnFh पुलिस विभाग का मकसद

भोपाल.मध्य प्रदेश पुलिस (madhya pradesh police) जनता (public) की तत्काल मदद करने के लिए नये सिरे से तत्पर है. उसने एक मोबाइल ऐप लॉन्च (mobile app) कर दिया है,इसका नाम है-एमपी ई कॉप. ये ऐप हर तरह की मदद के लिए तैयार है.इसमें पुलिस से फौरन मदद, गुमशुदा व्यक्ति, चोरी गए वाहन, किरायेदारों का वेरिफिकेशन और अगर कोई गुप्त सूचना देना हो तो वो भी दी जा सकती है.

आम जनता की ज्यादा से ज्यादा और जल्दी मदद करने के साथ उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पुलिस ने एमपी ई कॉप मोबाइल ऐप लॉन्च किया है. पुलिस मुख्यालय की तकनीकी शाखा इसे ऑपरेट कर रही है. कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन में ये ऐप डाउनलोड कर घर बैठे शिकायत दर्ज करा सकता है. बस एक क्लिक पर घर बैठे पुलिस की मदद मिलेगी, ऐसा पुलिस का दावा है. इससे पहले जनता की मदद के लिए पुलिस एक वेबसाइट चला रही थी. अब उससे एक कदम आगे बढ़कर मोबाइल एप लॉन्च किया है.

एक क्लिक पर मदद

गृह विभाग ने ट्विटर पर मोबाइल ऐप की जानकारी आम जनता से साझा की है. विभाग ने लिखा है- एमपी ई कॉप मोबाइल एप के माध्यम से आपको मिलेगी मध्यप्रदेश पुलिस की हर जानकारी. अब एक क्लिक पर मध्यप्रदेश पुलिस होगी आपके पास. आज ही डाउनलोड करें : https://t.co/yLmqDbfnFh

पुलिस विभाग का मकसद

भले ही प्रदेश की जनसंख्या के हिसाब से पुलिस बल कम हो,लेकिन डिजिटल दुनिया में तकनीक के ज़रिए पुलिस मदद पहुंचा सकती है. इसी मकसद के साथ एमपी ई कॉप मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है. इस ऐप में एक एसओएस बटन दिया है. आपात स्थिति में क्लिक करने पर पुलिस को उस व्यक्ति की लोकेशन पता चल जाएगी. इस एप के ज़रिए घर बैठे भी पुलिस की मदद ली जा सकती है. ऐप पर की गई शिकायत के निपटारे की जानकारी भी ऑनलाइन मिल जाएगी. इस ऐप में प्रदेश के हर थाने की जानकारी भी दी गई है. इसके ज़रिए संबंधित इलाके के पुलिस स्टेशन में संपर्क कर मदद ली जा सकती है.

क्या? राहुल गांधी फिर से संभालेंगे कांग़ेस की कमान

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के एक बार फिर से पार्टी प्रमुख बनने की संभावना है। मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो राहुल गांधी को एकबार फिर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में वापस लाने की पार्टी में तैयारियां की जा रही है।

खबरों के अनुसार, ऑल इंडिया कांग्रेस कमीटी (एआईसीसी) की बैठक में इस संबंध में योजना बनाई जा चुकी है। खबरें हैं कि अगले साल के शुरुआत में जब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी अपना पद छोड़ेंगी तो राहुल गांधी को एक बार फिर से कांग्रेस की कमान सौंप दी जाएगी। एआईसीसी की जनवरी में बैठक आयोजित की जाएगी।

कांग्रेसी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी की वापसी को पार्टी द्वारा जरूरी बताया है और 15 जनवरी के बाद कभी भी वह पार्टी की कमान संभाल सकते हैं।

गौरलतब है कि इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें इस पद पर बनने रहने के लिए कहा, लेकिन वह उनकी बात नहीं मानें।

उन्नाव रेप पीड़िता की मौत: अखिलेश यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे 

उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज। प्रियंका गांधी उन्नाव जाकर पीड़िता के घरवालों से मिलेंगी। वहीं अखिलेश यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।

नई दिल्ली
जिंदा जलाई गई उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियां इसे राज्य सरकार की नाकामी बताते हुए घेर रही हैं। प्रियंका गांधी उन्नाव जाकर पीड़िता के घरवालों से मिलेंगी। वहीं अखिलेश यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मृत पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कह रहे हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जमानत पर बाहर आए आरोपियों ने रेप पीड़िता को जिंदा जला दिया था। शुक्रवार रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।

पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई: प्रियंका गांधी

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने मामले पर प्रदेश की योगी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा, ‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे। यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए। सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है।

उन्होंने आगे कहा, ‘उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?’ प्रियंका गांधी आज उन्नाव जाकर पीड़िता के परिवारवालों से मिलेंगी। इसके लिए वह लखनऊ से निकल चुकी हैं।

फास्ट ट्रैक ले जाया जाएगा केस: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेप पीड़िता की मौत पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट ले जाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने कहा, उन्नाव रेप पीड़िता की मौत बेहद दुखद है। मैं संबंधित कोर्ट से अपील करता हूं कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट ले जाएं। मैं अपील करूंगा कि केस की डे टु डे बेसिस पर सुनवाई हो।

हैदराबाद: रेप केस में आरोपियों के परिजन सदमे में.

हैदराबाद रेप के चारों आरोपियों के परिजन सदमे में हैं। एक आरोपी चेन्नाकेशावुलू की पत्नी ने कहा कि मुझे भी वहीं ले चलो जहां मेरे पति को मारा गया और मुझे भी मार डालो। बता दें कि चारों आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया।
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हैदराबाद रेप के आरोपी एनकाउंटर में मारे गए, खबर सुनकर परिजन रह गए सन्नआरोपी चेन्नाकेशावुलू की पत्नी ने कहा कि मुझे भी वहीं ले चलो और मुझे भी मार डालोवहीं, आरोपी जोल्लू शिवा के पिता ने कहा कि बेटे ने अपराध किया होगा लेकिन ऐसा अंत सही नहीं.

हैदराबाद
हैदराबाद रेप मामले के चारों आरोपियों को एनकाउंटर में मार दिए जाने के बाद उनके परिजन ने हैरानी जताई है। मुख्य आरोपी मोहम्मद आरिफ की मां ने जब एनकाउंटर में बेटे की मौत की खबर सुनी तो वह सन्न रह गईं। वह सिर्फ इतना कह पाईं कि उनका बेटा चला गया। वहीं, आरोपी चेन्नाकेशावुलू की पत्नी ने कहा कि मुझे भी वहीं ले चलो जहां मेरे पति को मारा गया और मुझे भी मार डालो।

बताते चलें कि इस मामले में आरिफ के पिता ने कहा था कि उनके बेटे ने अगर अपराध किया है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपी चेन्नाकेशावुलू की पत्नी रेणुका ने पति की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि पति की मौत के बाद उसके पास कुछ बचा नहीं है इसलिए पुलिस उसे भी मार दे। रेणुका ने कहा कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि उसके पति को कुछ नहीं होगा और वह जल्द ही लौट आएगा। रेणुका ने आगे कहा, ‘नहीं, मुझे कुछ नहीं पता कि क्या करना है। प्लीज, मुझे वहीं ले चलिए जहां मेरे पति को मारा गया और मुझे भी मार दीजिए।’ बता दें कि चेन्नाकेशावुलू और रेणुका की हाल ही में शादी हुई थी।


हैदराबाद एनकाउंटर पर बोले निर्भया के माता-पिता

‘हर किसी को इस तरह से नहीं मार दिया जाता है’
आरोपी जोल्लू शिवा के पिता जोल्लू रामप्पा ने कहा कि हो सकता है कि उनके बेटे ने अपराध किया हो लेकिन उसका इस तरह से अंत नहीं होना था। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग रेप और मर्डर करते हैं लेकिन उन्हें इस तरह से नहीं मारा जाता है। उनके साथ ऐसा सलूक क्यों नहीं किया जाता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि चारों आरोपी बेहद गरीब परिवार से थे और बहुत कम पढ़े-लिखे थे। हालांकि, वे पैसे कमाते थे और सारे पैसे शराब और बाकी चीजों पर उड़ा देते थे। तेलंगाना के नारायणपेट का रहने वाला आरिफ ट्रक ड्राइवर बनने से पहले एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। जोल्लू शिवा और जोल्लू नवीन गुडीगांदला गांव के रहने वाले थे और क्लीनर का काम करते थे। चेन्नाकेशावुलू भी उसी गांव का रहने वाला था और वह ट्रक चलाता था। लोगों ने बताया कि चेन्नाकेशावुलू को किडनी संबंधित बीमारी भी थी।