मंदिर में मिली युवक की लाश, पास ही रखी थी माउजर बंदूक

ग्वालियर। लाक डाउन 4 मैं जहां लोगों को कई रियायतें दे दी गई है वहीं अब अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और शहर में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही है। इस बीच ग्वालियर के घाटी गांव इलाके में एक युवक की लाश मिली है जिसके बाद पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।

ग्वालियर के घाटीगांव कस्बे मे संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से युवक की मौत हो गयी।वहाँ मंदिर परिसर में मिली युवक राजवीर गुर्जर की लाश मिली।मृतक के सीने में गोली लगने पर मौत हुई। मौके से राउंड से भरी एक माउजर बंदूक भी पुलिस को मिली है। मंदिर के पुजारी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुची। घटना घाटीगांव थाना क्षेत्र के ग्राम जखोदा की है। पुलिस ने शव को ग्वालियर पीएम हाउस पहुचा कर मामला कायम कर लिया है।युवक के परिजनों का कहना है कि मृतक रात में सोने चला गया था उसके बाद बाहर मंदिर परिसर में सुबह शव मिला।परिजन का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी भी नही थी।

मध्य प्रदेश में टिड्डियों का 27 साल में सबसे बड़ा हमला, 8 हजार करोड़ रुपये की मूंग की फसल कर सकते हैं चट

टिड्डियों का 27 साल में सबसे बड़ा हमला

मानसून तक जारी रहने की आशंका ;अधिकारी

8,000 करोड़ की फसल कर सकते हैं चट

भोपाल: देश की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा टिड्डी दल ने मध्य प्रदेश में दस्तक दे दी है है. अधिकारियों ने कहा कि टिड्डियों का राज्य में पिछले 27 साल में सबसे बड़ा हमला है और इसके मानसून तक जारी रहने की आशंका है. मालवा निमाड़ से होते हुए टिड्डी दल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र में भी पहुंच गया है. रेहटी तहसील के गांवों में सीहोर से होते हुई टिड्डी दल पटत्तलाई, झोलियापुर, बारदा, नरेला, कोठरा ,चक्लदी जैसे गांवों में किसानों की फिक्र बढ़ाने लगा है. किसान ढोल, थाली, पटाखे ओर स्प्रे से इन्हें भगाने का प्रयास कर रहे हैं.

जानकारों का कहना है कि वक्त रहते इन पर काबू नहीं किया गया तो ये प्रदेश में 8000 करोड़ रुपये की मूंग की फसल बहुत नुकसान पहुंचा जा सकते हैं. आगे ये कपास और मिर्ची को भी चट कर सकते हैं. 27 सालों बाद राजस्थान से मंदसौर होते हुए टिड्डियों का दल मध्यप्रदेश में घुसा है.

 कृषि विभाग के निर्देश में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्तर पर समूह बनाकर खेतों में रात के समय निगरानी करें. शाम 7 से 9 बजे के बीच टिड्डी दल रात्रि विश्राम के लिए कहीं भी बैठ सकता है, जिसकी पहचान एवं जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर दल का गठन कर सतत निगरानी की जाए. 

किसानों को सलाह दी गई है कि टिड्डी दल के आने पर खेतों में तेज आवाज़ जैसे थालियां बजाकर , ढोल बजाकर ,डीजे बजा कर, खाली टिन के डिब्बे बजाकर, पटाखे फोड़ कर, ट्रैक्टर का साइलेंसर निकालकर आवाज करके टिड्डी दल को आगे की तरफ उड़ाया जा सकता है.         

बॉलीवुड एक्टर किरण कुमार कोरोना वायरस पॉजिटिव, हुए होम क्वारनटीन

एक्टर किरण कुमार को कोरोना वायरस पॉजिट‍िव पाया गया है. 74 वर्षीय किरण ने हाल ही में अपना मेड‍िकल टेस्ट करवाया था, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिट‍िव आई. रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें होम क्वारनटीन में रखा गया है.

10 दिन से होम क्वारटीन में हैं एक्टर

पीटीआई को दिए बयान में एक्टर ने कहा- ‘मैं ठीक था और मुझमें कोई लक्षण भी नहीं थे. 14 मई को मेड‍िकल चेकअप के लिए हॉस्प‍िटल गया था. जहां Covid-19 टेस्ट जरूरी था. तो मैंने भी खुद का टेस्ट करवाया और रिजल्ट पॉजिट‍िव आया.. लेकिन मुझमें ना उस वक्त कोरोना के कोई लक्षण थे और ना अब हैं. ना बुखार है, ना जुकाम. मैं ठीक हूं और खुद को होम क्वारनटीन कर लिया है.

‘मेड‍िकल टेस्ट 10 दिन पहले हुआ था और अब तक कोई लक्षण नजर नहीं आए हैं. मेरा पर‍िवार सेकेंड फ्लोर में रहता है और इस वक्त मैं तीसरे माले पर रह रहा हूं. 26 या 27 मई को मेरा दूसरा टेस्ट होगा. वैसे अभी तो मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं.’

बता दें किरण कुमार से पहले बॉलीवुड के अन्य सेलेब्स भी कोरोना पॉजिट‍िव पाए गए हैं. इसमें सबसे पहला नाम बॉलीवुड सिंगर कन‍िका कपूर का है. उनके बाद प्रोड्यूसर करीम मोरानी, उनकी दोनों बेट‍ियां शजा और जोआ मोरानी कोरोना पॉजिट‍िव पाई गईं थी. सही समय पर इलाज और सावधानी बरतने के कारण वे तीनों जल्द ही अस्पताल से घर वापस आ गए थे.

इन फिल्मों में काम कर चुके हैं किरण

बता दें, किरण कुमार बॉलीवुड का जाना माना नाम हैं. उन्होंने 60 के दशक में अपना फिल्मी कर‍ियर शुरू किया था. लव इन श‍िमला उनकी पहली फिल्म थी. इसके बाद अपराधी, मिस्टर रोमियो, रईस, कुलवधू, मौत के सौदागर, कुदरत का कानून, कातिल, गंगा तेरे देश में, काला बाजार, दोस्त, पत्थर के फूल, खून का कर्ज, हिना, खुदा गवाह, बोल राधा बोल, ये है जलवा, क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता, धड़कन, मुझसे शादी करोगे, बॉबी जासूस, आकाशवाणी समेत कई फिल्मों में काम किया है. वहीं छोटे पर्दे पर भी किरण का बहुत नाम है.

पुलिस ऑफिसर की आत्महत्या के बाद अब थाने के स्टाफ ने कांग्रेस विधायक पर लिखित आरोप लगाया है

जयपुर।

चुरू जिले के सादुलपुर थाना क्षेत्र के सर्किल इंचार्ज विष्णुदत्त विश्नोई के द्वारा सुसाइड करने के मामले में नया पेच आ गया है। पूरे थाने के स्टाफ के द्वारा शनिवार को ही पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर ट्रांसफर करने की मांग की है।

थाने के इंस्पेक्टर समेत सभी अधिकारियों के द्वारा एक पत्र लिखा गया है, जिसमें सभी ने हस्ताक्षर कर पुलिस महानिदेशक को उनका स्थानांतरण दूसरी जगह करने का आग्रह किया गया है। सभी ने लिखा है कि स्थानीय विधायक का बहुत प्रेशर है और आए दिन झूठी शिकायतें देकर तनाव पैदा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राजगढ़ सादुलपुर की विधायक कांग्रेस की कृष्णा पूनिया हैं।

इस मामले को लेकर उप नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ सादुलपुर थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनके साथ चुरू जिले के सांसद राहुल कसवा भी हैं।

शनिवार देर शाम आत्महत्या करने वाले सर्किल इंचार्ज विष्णुदत्त विश्नोई का सुसाइड नोट सामने आया और उसके बाद पूरे थाने की तरफ से डीजीपी को पत्र लिखा गया है। इससे साबित होता है कि सदरपुर थाने के पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव है।

इस मामले को लेकर अभी तक कांग्रेस पार्टी या स्थानीय विधायक कृष्णा पूनियां की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। जबकि भाजपा के नेताओं और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मामले की सीबीआई जांच की मांग की जा रही है।

शहर में लगे सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर, पता बताने वाले को 51 सो रुपए का इनाम

ग्वालियर चंबल अंचल में कोरोना महामारी अपना विकराल रूप धारण करती जा रही है बावजूद इसके ग्वालियर के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अंचल से दूरी बनाए हुए हैं ऐसे में रविवार को कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा शहर के कुछ स्थानों पर सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं और उनका पता बताने वाले को 51 सो रुपए के इनाम की घोषणा की है।

  मध्यप्रदेश में अप चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही राजनीतिक घटनाक्रम भी तेज हो गए क्योंकि उपचुनाव में ग्वालियर चंबल अंचल से 16 सीटों पर चुनाव लड़ा जाना है ऐसे में कांग्रेस भाजपा सहित सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी हलचल बढ़ा दी है इस बीच रविवार की सुबह शहर के महल गेट, गस्त का ताजिया एवं अन्य स्थानों पर सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर देखने को मिले यहां बता दें कि कमलनाथ सरकार से असंतुष्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कांग्रेस की सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई गई थी और उनके 20 से अधिक समर्थक मंत्री विधायकों द्वारा इस्तीफा दे दिया गया था। ऐसे में वर्तमान में कांग्रेसी नेताओं द्वारा सिंधिया को लगातार टारगेट किया जा रहा है और इसी के चलते कुछ कांग्रेसी नेताओं ने रविवार को महल गेट और अन्य स्थानों पर सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर लगा दिए साथ ही उनका पता लगाने वाले को ₹51 इनाम की घोषणा भी कर दी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सिंधिया ने जो आरोप लगाकर कांग्रेश से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन की थी वह काम आज भी पूरे नहीं हुए हैं ग्वालियर चंबल अंचल में कोरोना महामारी अपने पैर पसार चुकी है गरीबों को राशन मुहैया नहीं हो रहा है और पूर्व केंद्रीय मंत्री का कोई अता पता नहीं है।

कोरोना से लड़ने में औषधि सिद्ध होगी चाय

नई दिल्ली। कोविड-19 से लड़ने के लिए संशोधित प्रोटोकॉल में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा प्रतिरोधक क्षमता में सुधार और उपचार के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के स्थान पर एचआईवी-रोधी दवा के उपयोग की संभावना व्यक्त की जा रही है।

दूसरी ओर, अब कहा जा रहा है कि एचआईवी-रोधी दवाओं की तुलना में चाय रसायन भी प्रतिरक्षा बढ़ाने और कोरोना वायरस गतिविधि को अवरुद्ध करने में अधिक प्रभावी हो सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) के निदेशक डॉ संजय कुमार ने इस तथ्य का खुलासा किया है। कांगड़ा चाय के बारे में बोलते हुए यह बात उन्होंने अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर आईएचबीटी में आयोजित एक वेबिनार के दौरान कही है।

डॉ संजय कुमार ने कहा– “चाय में ऐसे रसायन होते हैं जो कोरोनावायरस की रोकथाम में एचआईवी-रोधी दवाओं की तुलना मेंअधिक प्रभावी हो सकते हैं। हमारे वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर-आधारित मॉडल का उपयोग करते हुए जैविक रूप से सक्रिय 65 रसायनों या पॉलीफेनोल्स का परीक्षण किया है, जो विशिष्ट वायरल प्रोटीन को एचआईवी-रोधी दवाओं की तुलना में अधिक कुशलता से बाँध सकते हैं। ये रसायन उन वायरल प्रोटीन्स की गतिविधि को अवरुद्ध कर सकते हैं, जो मानव कोशिकाओं में वायरस को पनपने में मदद करता है।”

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद से संबद्ध आईएचबीटी अपने प्रौद्योगिकी साझेदारों के साथ मिलकर चाय आधारित प्राकृतिक सुगंधित तेलों से युक्त अल्कोहल हैंड सैनिटाइजर का भी उत्पादन व आपूर्ति कर रहा है। आईएचबीटी में चाय के अर्क के उपयोग से हर्बल साबुन भी बनाया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह साबुन प्रभावी रूप से फफूंद-रोधी, जीवाणु-रोधी व वायरस-रोधी गुणों से लैस है। हिमाचल की दो कंपनियों द्वारा इस साबुन का उत्पादन व विपणन किया जा रहा है।

इस अवसर पर टी-विनेगर (चाय के सिरके) की तकनीक धर्मशाला की कंपनी मैसर्स काश आई विशको हस्तांतरित की गई है। चाय के सिरके में मोटापा-रोधी गुण होते हैं। इसके अतिरिक्त आयुष द्वारा सिफारिश की गई जड़ी-बूटियों से युक्त हर्बल ग्रीन और ब्लैक टी उत्पादों को भी लॉन्च किया गया है। इन उत्पादों को सीएम स्टार्ट-अप योजना के तहत मंडी के उद्यमी परितोष भारद्वाज द्वारा विकसित किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु ये उत्पाद बहुत उपयोगी हो सकते हैं।

मध्य प्रदेश तप रहा / प्रदेश के 10 शहरों में पारा 44 डिग्री से ज्यादा तापमान, 4 शहरों में 45 डिग्री पार, सात जिलों में चली लू

भोपाल

नौतपा से पहले भीषण गर्मी ने लोगों को तपा दिया। और तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस कारण दिन में छह घंटे आसमान से आग बरसी। हवा में नमी सूख जाने से हवा इतनी गर्म थी कि लोगों को जलन जैसा अहसास हो रहा है सुबह 11ः30 बजे के बाद लू चलना शुरू हो गई थी। इस सीजन में पहली बार सबसे ज्यादा तापमान रिकार्ड हुआ और लू भी चलना शुरू हो गई। लू की वजह से नमी घट गई, इस वजह से गर्मी का अहसास ज्यादा हुआ। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक लू चलने की आशंका है।

बंगाल की खाड़ी में आए एम्फन तूफान ने हवा का रुख बदल दिया है। हवा पश्चिम चलने लगी। इस कारण पिछले तीन दिन में तूफान ने हवा से पूरी नमी खींच ली। गुजरात व राजस्थान से आने हवा ने धरती गर्म कर दिया। इस वजह से तापमान में उछाल आ गया। सुबह 8ः30 बजे से गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली थी। तीन घंट में तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया। सुबह 11ः30 बजे तापमान तापमान 41.4 डिसे पहुंच गया। गर्म हवा ने गर्मी का अहसास कर दिया। दिन में गर्मी बढ़ती गई। दोपहर में आसमान से आग बरसने लगी। लू के थपेड़ों ने बेहाल कर दिया। वहीं बीती शाम को भी गर्म हवा चली। दिन में हवा में नमी की मात्रा सामान्य से 8 प्रतिशत नीचे आने पर 46 डिग्री सेल्सियस तापमान का अहसास हुआ। गत दिवस गर्मी सामान्य थी, लेकिन अचानक मौसम में बदलाव हुआ। तापमान सामान्य से 3.1 डिसे पहुंच गया।

. नौतपा से 48 घंटे पहले शनिवार को पूरा प्रदेश भीषण गर्मी से बेहाल हो गया। राजधानी में पारा 44 डिग्री के करीब 43.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा जबकि नाैगांव में 46.1 डिग्री पर पहुंच गया। यह देश के 10 सबसे गर्म शहरों में 5वें नंबर पर रहा।

वरिष्ठ माैसम वैज्ञानिक एके शुक्ला एवं पीके साहा ने बताया कि सात जिलाें ग्वालियर, छतरपुर, गुना, रीवा, सीधी, खरगाेन, खंडवा जिले एवं चंबल संभाग के कई शहर व कस्बे लू की चपेट में रहे। रविवार से तीन-चार दिन तक भोपाल समेत प्रदेश के सभी संभागाें के ज्यादातर शहराें में लू चलने के आसार हैं। भाेपाल संभाग में तापमान और बढ़ेगा।

इन शहराें में पारा 44 डिग्री या उसके पार

शहर    तापमान गुना    44.6सीधी    44.6सागर    44.3सतना    44.3उमरिया    44.3राजगढ़    44.2जबलपुर  44.2रायसेन  44.0शाजापुर    44.0टीकमगढ़    44.0

(इन शहराें में पारा 44 डिग्री या उसके पार )

यहां पारा 45 डिग्री या उससे ऊपर पहुंचा

शहर का नामतापमानग्वालियर45.9°खरगाेन45.5°रीवा45.2°खंडवा45.1°

सुबह 8:30 से शाम 7:30 तक 11 घंटे खूब तपा शहर

भोपाल में शनिवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। सुबह 8:30 से शाम 7:30 बजे तक शहर खूब तपा। शाम 7:30 बजे भी पारा 38.6 डिग्री पर था। शुक्रवार की रात भी सीजन में सबसे ज्यादा तपी। रात का तापमान 28.7 डिग्री दर्ज किया गया।

तीन घंटे 42 से 44 डिग्री के बीच रहा तापमान
शनिवार दाेपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक तीन घंटे सबसे ज्यादा तपे। वजह यह थी कि इन तीन घंटे के दाैरान पारा 42 से 44 डिग्री के बीच बना रहा। इस दाैरान चली गर्म हवा से शहर खूब तपा।

गर्मी की तीन वजह 

  1. सूरज की सीधी तीखी किरणें 13 घंटे से भी ज्यादा समय मप्र में पड़ रही हैं।
  2. हवा का रुख पश्चिमी- उत्तर पश्चिमी है।
  3. राजस्थान-गुजरात तप रहे हैं। वहां से ही गर्म हवा आ रही है।
    माैसम विशेषज् के द्वारा

देश के ये 10 शहर और तापमान

शहर का नामतापमानपिलानी, राजस्थान 46.7°चुरु, राजस्थान46.6°नागपुर, महाराष्ट्र46.5°नई दिल्ली46.2°नाैगांव, मप्र     46.1°हिसार, हरियाणा 46.1°आगरा, उत्तर प्रदेश46.1°झांसी, उप्र     46.1°अकाेला, महाराष्ट्र 46.0°खजुराहाे, मप्र46.0°

लद्दाख में सीमा पर बढ़ी टेंशन, चीन के टेंट और फौजी गाड़ियां दिखींं, भारत ने भी बढ़ाई सेना की तैनाती

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच सीमा पर टेंशन लागतार बढ़ती जा रही है. लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास पैंगोंग सो झील और गलवान घाटी में चीनी सेना तेजी से अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है. पिछले दो हफ्ते से चीन ने इन इलाकों में सौ से ज्यादा टेंट बना डाले हैं. इस बीच हालात की गंभीरता को देखते हुए भारत ने भी अपने सैनिकों की तैनाती यहां बढ़ा दी है.

भारतीय सेना तैयार

अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि लद्दाख में भारतीय सेना कुछ अतिरिक्त बटालियन को सीमा पर भेज रही है. लेह सेना की दूसरी यूनिट में करीब 10-12 हजार सैनिक हैं. मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो दिन पहले सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे हालात का जायजा लेने के लिए लद्दाख गए थे. उनके साथ बॉर्डर पर उत्तरी कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वायके जोशी भी मौजूद थे. इसके अलावा इन दोनों के साथ हालात का जायाजा लेने के लिए लेह के 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट हरिंदर सिंह भी थे.

सैटेलाइट तस्वीरों में दावा

इस बीच गलवान घाटी की कुछ सैटेलाइट इमेज सामने आई हैं. इस तस्वीर को ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट से जुड़े एक एक्सपर्ट ने शेयर किया है. उन्होंने इसके जरिए दावा किया है कि LAC के पास दोनों तरफ ढेर सारे टेंट दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि पिछले दो हफ्ते में चीन ने करीब सौ टेंट बनाए हैं. इसके अलावा दोनों तरफ फौज की गाड़िया भी है. हालांकि भारत की तरफ से इन तस्वीरों की पुष्टि नहीं की गई है.

1962 जैसा माहौल

दावा किया जा रहा है कि गलवान घाटी में 1962 की तरह माहौल दिख रहा है, जब भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था. चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 1200 जवान सीमा पर तैनात दिख रहे हैं. यहां कई बंकर भी दिख रहे हैं. भारतीय सेना इनसे 500 मीटर की दूरी पर खड़ी है. सैन्य सूत्रों ने कहा कि पैंगोंग सो झील और गलवान घाटी में भारतीय सेना चीनी सेना के मुकाबले में कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में है.

गतिरोध खत्म करने के लिए हो रही है बातचीत

भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील और गलवान घाटी में तनाव घटाने के लिये इस हफ्ते कम से कम पांच दौर की वार्ता नाकाम रही. दरअसल, दोनों पक्षों ने विवादित सीमावर्ती इलाकों में अपना-अपना आक्रामक रुख जारी रखा है. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि चीनी सेना भारतीय सैनिकों की सामान्य गश्त में बाधा उत्पन्न कर रही है और भारत ने सीमा प्रबंधन को लेकर हमेशा दायित्वपूर्ण रवैया अपनाया है.

कोरोना ने लगाई अब तक की बड़ी छलांग, देश में 24 घंटे में 6767 नए केस और 147 मौतें, जानें टॉप 10 राज्यों का हाल

भारत में हर दिन कोरोना वायरस के मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है और रोज अधिक मामलों का रिकॉर्ड बनाता जा रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी उछाल आई है। बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 6767 नए केस सामने आए हैं और करीब 147 लोगों की मौतें हुई हैं। रविवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर करीब 1,31,868 हो गए हैं और कोविड-19 से अब तक 3867 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के कुल 1,31,868 केसों में 73,560 एक्टिव केस हैं, वहीं 54,440 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है या फिर वह ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस से अब तक सर्वाधिक 1577  लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 47190  हो गई है। तो चलिए जानते हैं टॉप 10 राज्य में क्या है कोरोना वायरस की स्थिति….

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में कोरोना ने सबसे अधिक तबाही मचाई है। यहां कोविड-19 के कुल 47190 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जो किसी भी राज्य से कई गुना ज्यादा अधिक है। इनमें से 13404 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इस राज्य में अब तक सबसे अधिक 1577 लोगों की जान जा चुकी है। 

तमिलनाडु: महाराष्ट्र के बाद कोरोना की सबसे अधिक मार तमिलनाडु में ही देखने को मिल रही है। तमिलनाडु में भी कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 15512 हो चुकी है। यहां इस महामारी से 103 की मौत भी हो चुकी है और 7491 पूरी तरह से ठीक भी हो चुके हैं। 

दिल्ली: दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार बढ़ते ही जा रही है। राजधानी में कोरोना वायरस के अब तक 12910 मामले आ चुके हैं। कोविड-19 महामारी से जहां 231 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 6267 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। 

गुजरात: महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद कोविड-19 ने सबसे ज्यादा गुजरात में तबाही मचाई है। गुजरात में कोरोना के 13664 मामले अब तक आए हैं, जिनमें 829 लोगों की मौत हो चुकी है और 6169 लोग या तो स्वस्थ हो चुके हैं या फिर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।  

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश भी कोरोना वायरस का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 6371 हो गई है, जिनमें से 281 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा, 3267 लोग ठीक हो चुके हैं।

आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस के अब तक 2757 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 1809 लोगों का इलाज हो गया है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यहां 56 की मौत भी हुई है।

बिहार: कोरोना वायरस के बिहार में अब तक 2380 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, बिहार में कोरोना वायरस से 11 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 653 लोग ठीक हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश: यूपी में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।  अब तक यहां 6017 केस आ चुके हैं। हालांकि, इनमें से 3406 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और 155 लोगों की मौत हो चुकी है।

राजस्थान: राजस्थान में भी कोरोना के मामलो में काफी तेजी देखी जा रही है। यहां कोरोना वायरस के अब तक 6742 मामले सामने आ चुके हैं। 160 लोगों की मौत का मामला सामने आया है, वहीं 3786 लोग ठीक हो चुके हैं।

पश्चिम बंगाल: बंगाल में भी कोरोना कहर बरपा रहा है। यहां कोरोना वायरस के अब तक 3459 संक्रमित मामले सामने आए हैं, जिनमें से 269 की मौत हो चुकी है। इनमें से 1281 लोग ठीक भी हो चुके हैं।