तात्या टोपे के वंशज चला रहे किराना दुकान, शहीद उधम सिंह के वंशज कर रहे दिहाड़ी मजदूरी

नई दिल्ली। देशभर में शनिवार को 74वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जाएगा, लेकिन हमें आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के वंशज अभी भी दयनीय स्थिति में रह रहे हैं। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले शहीदों के कुछ वंशज जहां दैनिक मजदूरी के काम में लगे हैं, वहीं कुछ तो सड़कों पर भीख मांगने तक को मजबूर हैं।

उधम सिंह

मिसाल के तौर पर, शहीद उधम सिंह के भांजे के बेटे जीत सिंह को पंजाब के संगरूर जिले में एक निर्माण स्थल के पास देखा गया। जीत वहां पर दिहाड़ी मजदूरी कर रहे हैं। जलियावालां बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए 1940 में उधम सिंह लंदन गए और पंजाब के तत्कालीन उपराज्यपाल माइकल ओडायर की हत्या कर दी थी, लेकिन पंजाब में बाद की सरकारों ने शहीद उधम सिंह के परिवार की कोई सुध नहीं ली।

तात्या टोपे

इसी तरह 1857 के विद्रोह के नायकों में से एक तात्या टोपे के वंशज बिठूर, कानपुर में संघर्ष कर रहे हैं। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के 73 से अधिक विस्मृत (भुला दिए गए) नायकों के वंशजों पर चार किताबें लिखने वाले पूर्व पत्रकार शिवनाथ झा का कहना है कि मैंने तात्या के पड़पोते विनायक राव टोपे को बिठूर में एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते हुए देखा है।

झा ने शहीद सत्येंद्र नाथ के पड़पोते की पत्नी अनिता बोस को भी खोजा और उन्होंने देखा कि मिदनापुर में अनिता की हालत भी दयनीय बनी हुई है। सत्येंद्र नाथ और खुदीराम बोस अलीपुर बम कांड में शामिल थे। दोनों को 1908 में फांसी दी गई थी। अंग्रेजों द्वारा दी गई फांसी के वक्त सत्येंद्र नाथ 26 वर्ष के थे और खुदीराम महज 18 साल के थे।

अपने दैनिक जीवन में संघर्ष कर रहे स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के वंशजों की मदद के लिए शिवनाथ झा हमेशा प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने विनायक राव टोपे और जीत सिंह को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पांच लाख रुपये भी एकत्र किए थे। शिवनाथ झा ने कहा कि मैंने सत्येंद्र नाथ के अपाहिज पड़पोते और उनकी पत्नी अनिता बोस को भी खोज निकाला, जो मिदनापुर में लकवाग्रस्त हालत में थीं। मैंने उनसे बात की, वह बोलने में सक्षम थीं। पूर्व पत्रकार झा ने कहा कि अब वह इस बुजुर्ग दंपति के पुनर्वास की कोशिश कर रहे हैं।

शिवनाथ झा और उनके दोस्त एक एनजीओ चलाते हैं और स्वतंत्रता सेनानियों की जीवन शैली का विस्तार से वर्णन करते हुए किताबें प्रकाशित करते हैं। उनका संगठन 800 पृष्ठों की एक नई किताब 1857-1947 के शहीदों के वंशज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत करने के विचार में है। इस पुस्तक में झांसी की रानी, जसपाल सिंह (बाबू कुंवर सिंह कमांडर-इन-चीफ), वाजिद अली शाह, मंगल पांडे, जबरदस्त खान, तात्या टोपे, बहादुर शाह जफर, दुर्गा सिंह, सुरेंद्र साई, उधम सिंह, अशफाकउल्ला खान, खुदीराम बोस, भगत सिंह, सत्येंद्र नाथ (खुदीराम बोस के गुरु), चंद्र शेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, राज गुरू, सुखदेव, बटुकेश्वर दत्त, जतिंद्रनाथ मुखर्जी जैसे अन्य कई नायकों के वंशजों का उल्लेख किया गया है।

पन्ना टाइगर रिजर्व में गुस्सैल हाथी ने रेंजर को कुचल कर मार डाला

पन्‍ना।
 पन्ना टाइगर रिजर्व में टाइगर ट्रेकिंग के दौरान एक गुस्सैल हाथी ने हिनौता रेंजर बी.आर. भगत को कुचलकर मार डाला। हाथी के अचानक हमला करने से महावत समेत आसपास मौजूद वनकर्मी अत्यंत ही दहशत में आ गए। दिल दहला देने वाली इस घटना की भनक लगते ही पार्क के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुच गए। रेन्जर बी.आर. भगत को अचेत अवस्था में मझगंवा कस्बा में स्थित एनएमडीसी के स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने परीक्षण करने के उपरान्त उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक जरांडे ईश्वर रामहरि ने इस दुखद हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बाघिन पी-433 के गले में लगाया गया रेडियो कॉलर कुछ ज्यादा ही टाइट होने से उसे समस्या आ रही थी, इसके सुधार हेतु वन आवश्यक कार्रवाई करने के लिए परिक्षेत्राधिकारी हिनौता बी.आर. भगत को निर्देशित किया गया था।

आज हाथियों की मदद से बाघिन पी-433 की ट्रेकिंग के दौरान नर हाथी रामबहादुर अचानक गुस्से में आ गया। इस हाथी ने रेन्जर श्री भगत को धक्का मारा जिससे वह नीचे जमीन पर गिर गए और फिर उनके सीने में अपने विशाल दाँतों से हमला कर दिया।

पन्ना टाइगर रिजर्व के गंगऊ क्षेत्र में दोपहर लगभग 1 बजे घटित इस अप्रत्याशित घटना के समय मौके पर मौजूद रहे वनकर्मी काफी घबरा गए। घायल रेंजर को तुरंत वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया और पन्ना टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों को इस हादसे की सूचना दी गई।

रेंजर बी.आर. भगत को अचेत हालत में आनन-फानन नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मझगवां ले जाया गया। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने सघन परीक्षण करने के पश्चात उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे की खबर आने के बाद से पन्ना टाइगर रिजर्व एवं उत्तर-दक्षिण सामान्य वन मण्डल पन्ना में शोक की लहर है।

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम का बड़ा एलान, नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत हर देशवासी को मिलेगी हेल्थ आईडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से कहा कि भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन्स टेस्टिंग के चरण में हैं. जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन की बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन की भी तैयारी है.

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से एक नए हेल्थ मिशन की घोषणा की. पीएम मोदी ने कहा, आज से देश में ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा.

यही नहीं देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि देश के वैज्ञानिक दिन रात एक कर कोरोना महामारी को परास्त करने में जुटे हैं. इसके लिए वह दिन रात वैक्सीन तैयार कर रहे हैं.

पीएम ने कहा, ‘आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन्स टेस्टिंग के चरण में हैं.जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन की बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन की भी तैयारी है.’

मोदी ने राजघाट में बापू को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धाजंलि अर्पित की. वह सीधे राजघाट पहुंचे और बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए.

इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. प्रधानमंत्री आज लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर लगातार सातवीं बार देश को संबोधित कर रहे हैं.

कोविड-19 महामारी के साये में लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए चार हजार से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया है जिनमें अधिकारी, राजनयिक और मीडियाकर्मी शामिल हैं. इसके मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए है.

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन देश में क्रांति लाएगा

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन.नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा.आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आई डी में समाहित होगी.

नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार

पीएम मोदी ने लाल किले से कहा, ‘कोरोना के समय में हमने देख लिया है कि डिजिटल भारत अभियान की क्या भूमिका रही है. अभी पिछले महीने ही करीब-करीब 3 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन अकेले भीम यूपीआई से हुआ है. साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिल फाइबर से जुड़ी थीं. बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है.

पीएम ने कहा, ‘आने वाले एक हजार दिन में इस लक्ष्य को पूरा किया जाएगा.आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा.’

देश वासियों को संबोधित करते हुए पीएम ने विश्वास दिलाया कि भारत इस संदर्भ में सचेत है, सतर्क है और इन खतरों का सामना करने के लिए फैसले ले रहा है और नई-नई व्यवस्थाएं भी लगातार विकसित कर रहा है.देश में नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है.

मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए

पीएम मोदी ने कहा, ‘मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं.मध्यम वर्ग को अवसर चाहिए, मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए.ये भी पहली बार हुआ है जब अपने घर के लिए होम लोन की ईएमआई पर भुगतान अवधि के दौरान 6 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है.’

‘अभी पिछले वर्ष ही हजारों अधूरे घरों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के फंड की स्थापना हुई है.एक आम भारतीय की शक्ति, उसकी ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा आधार है.इस ताकत को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर, निरंतर काम हो रहा है.’

‘आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में, आधुनिक भारत के निर्माण में, नए भारत के निर्माण में, समृद्ध और खुशहाल भारत के निर्माण में, देश की शिक्षा का बहुत बड़ा महत्व है. इसी सोच के साथ देश को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है.’

110 जिले चुनकर शिक्षा,स्वास्थ्य रोजगार के लिए विशेष प्रयास

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा,विकास के मामले में देश के कई क्षेत्र भी पीछे रह गए हैं.ऐसे 110 से ज्यादा आकांक्षी जिलों को चुनकर, वहां पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वहां के लोगों को बेहतर शिक्षा मिले, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, रोजगार के बेहतर अवसर मिलें.आत्मनिर्भर भारत की एक अहम प्राथमिकता है – आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान.देश के किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का ‘एग्रीकल्चर इनफ्रास्ट्रक्चर फंड’ बनाया गया है.इसी लाल किले से पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था.आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है.

नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट से 100 लाख करोड़ खर्च होंगे

पीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा,’आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं. हमें मेक इन इंडिया के साथ साथ मेक फॉर व‌र्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है.भारत को आधुनिकता की तरफ, तेज गति से ले जाने के लिए, देश के ओवरऑल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को एक नई दिशा देने की जरुरत है.ये जरूरत पूरी होगी नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट से.इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स को इंडेंटिफाई भी किया जा चुका है.ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा.अब इंफ्रास्ट्रक्चर में Silos को खत्म करने का युग आ गया है.इसके लिए पूरे देश को मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने की एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई है.’

आत्मनिर्भर भारत का मतलब क्रिएटिविटी और स्कीलस को बढ़ाना

अपने भाषण में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान पर जो दिया. उन्होंने कहा,आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, finished product बनकर भारत में लौटता रहेगा.एक समय था, जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी. तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे.आज जब हम सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों का पेट भर सकते हैं.आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, हमारी क्षमता, हमारी क्रिएटिविटी हमारी स्कीलस् को बढ़ाना भी है.सिर्फ कुछ महीना पहले तक एन-95 मास्क,पीपीई किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे.आज इन सभी में भारत, न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है. वोकल फॉर लोकल, रि स्किलऔर अप स्किल का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा.

वकीलों ने कहा, अभिव्यक्ति के अधिकार का इस्तेमाल कर रहे थे प्रशांत भूषण


नई दिल्ली, अधिवक्ता प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना का दोषी ठहराए जाने को वकीलों ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उनका कहना है कि प्रशांत भूषण सिर्फ अपने अभिव्यक्ति के अधिकार का इस्तेमाल कर रहे थे। वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के पूर्व अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा, ‘उन्होंने जो कुछ कहा मैं उसका अनुमोदन नहीं करता। यह अनुचित हो सकता है, लेकिन यह उनके बोलने की आजादी का हिस्सा था। कोर्ट ने जो फैसला किया वह सही नहीं था।’

उन्होंने कहा कि भूषण के ट्वीट अदालत की अवमानना के आरोप के दायरे में नहीं आते। विकास सिंह के दृष्टिकोण से सहमति जताते हुए अधिवक्ता अरविंद दातार ने कहा कि वह इस फैसले से सहमत नहीं है कि भूषण ने जो कहा था वह अदालत की अवमानना है। उन्होंने जो कुछ कहा था, वह उनकी अभिव्यक्ति की आजादी थी। हालांकि वरिष्ठ अधिवक्ता अजित सिन्हा ने अलग रुख अपनाते हुए कहा कि यह फैसला कोर्ट को करना था और फैसले पर टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है। यह सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र था।

छह महीने तक की सजा का है प्रावधान

बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने जाने माने वकील प्रशांत भूषण को दो ट्वीट में न्यायपालिका की गरिमा को कम करने वाली अवमानना पूर्ण टिप्पणी के लिए अवमानना का दोषी ठहराया है। इसमे छह महीने तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि कोर्ट अभी सजा के मुद्दे पर विस्तृत सुनवाई 20 अगस्त को करेगा। लेकिन सख्ती का संकेत जरूर दे दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर जनता का न्यायपालिका से विश्वास डिगाने के हमला किया गया हो तो कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। 

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, बीआर गवई और कृष्ण मुरारी की पीठ ने गत 27 जून को प्रशांत भूषण के दो विवादित ट्वीट्स पर स्वत: संज्ञान के मामले में सुनाया है। उन ट्वीट्स में भूषण ने वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की बाइक वाली फोटो पर टिप्पणी की थी और दूसरे ट्वीट में न्यायपालिका और पिछले चार मुख्य न्यायाधीशों की कार्यप्रणाली पर आक्षेप लगाए थे। 

बिना मोबाइल नंबर के भी चल सकता है WhatsApp, यहां जानिए कैसे

WhatsApp को आप अपने लैंडलाइन नंबर के जरिए भी चला सकते हैं. इसके लिए कंपनी WhatsApp Business को लैंडलाइन नंबर के माध्यम से चलाने की सुविधा दे रही है.

नई दिल्ली: दुनियाभर में जितना पॉपुलर WhatsApp है शायद ही कोई दूसरा ऐप होगा. ये लोकप्रिय इसलिए भी क्योंकि ये अपने यूजर्स के लिए हर तरह की सुविधा पेश करने की कोशिश करता है. इस ऐप को चलाने के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि लैंडलाइन नंबर से भी WhatsApp चलाया जा सकता है. जी हां, आप व्हाट्सऐप लैंडलाइन नंबर के जरिए भी चला सकते हैं.

अक्सर बिजनेसमैन अपने पर्सनल मोबाइल नंबर को ही बिजनेस में यूज करते हैं. लेकिन ये कम ही लोग जानते हैं कि मोबाइल नंबर की जगह लैंडलाइन से भी इस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है. यूजर्स अपने लैंडलाइन नंबर को सीधे WhatsApp Business ऐप से जोड़ सकते हैं.

लैंडलाइन नंबर पर ऐसे जोड़ें WhatsApp

1. सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में व्हाट्सऐप बिजनेस इंस्टॉल कर लें. अब अपने मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप पर ऐप को ओपन करें.

2. इसके बाद आपसे कंट्री कोड पूछा जाएगा. फिर 10 अंकों का मोबाइल नंबर डालने को कहा जाएगा. यहां पर आप अपना लैंडलाइन नंबर भी डाल सकते हैं.

3. ऐप में वैरिफिकेशन एसएमएस या कॉलिंग के जरिए होगा. हमनें लैंडलाइन का यूज किया है इसलिए मैसेज तो नहीं आएगा. लेकिन ऐप पहले एसएमएस ही भेजता है, फिर एक मिनट बाद दोबारा मैसेज या कॉल करने वाला बटन एक्टिव हो जाता है. यहां पर आपको Call Me का ऑप्शन सलेक्ट करना है.

4. आप जैसे ही कॉल का ऑप्शन सलेक्ट करेंगे, आपके लैंडलाइन नंबर पर कॉल आएगा. यह एक ऑटोमैटिक वॉयस कॉल होगा. इसमें आपको 6 अंकों का वैरिफिकेशन कोड बताया जाएगा.

5. आप इसी वैरिफिकेशन कोड को ऐप में एंटर कर दें. इसके बाद आपका व्हाट्सऐप अकाउंट लैंडलाइन नंबर पर सेट हो जाएगा. यहां पर पहले की तरह प्रोफाइल फोटो और नाम रखा जा सकता है.

UPSC: फेल होने वालों के लिए इस IAS ने कही दिल छू लेने वाली बात, पढ़ें 

नई दिल्ली

UPSC CSE 2018 में 26वीं रैंक हासिल करके आईएएस बने हिमांशु नागपाल की सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट खूब पसंद की जा रही है. उन्होंने ये पोस्ट उन अभ्यर्थ‍ियों के लिए लिखी है जो किसी कारणवश यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर सके. यहां पढ़ें उनकी पोस्ट.

UPSC में 26वीं रैंक हासिल करके आईएएस बने हिमांशु नागपाल की कहानी हर किसी के लिए एक सीख है. पिता और जवान भाई की मौत का सदमा झेलने के बावजूद हिमांशु का हौसला नहीं टूटा और वो तैयारी करते रहे. हरियाणा के एक छोटे से गांव के इस लड़के ने एक दुखी पल में तय किया कि अब उसके सामने आईएएस के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा. अपने चाचा से मिले जज्बे से एक ही अटेंप्ट में 26वीं रैंक हासिल कर ली. हिमांशु ने यूपीएससी रिजल्ट के बाद एक पोस्ट लिखकर एक ऐसी दिल छू लेने वाली बात कही है कि हर कोई इस पोस्ट को लाइक और शेयर कर रहा है.

यहां देखें वो पोस्ट

Like every year, UPSC came out with its final results today. Though it happened a bit late but despite the lockdown…

Posted by Himanshu Nagpâl on Tuesday, August 4, 2020


उन्होंने अपनी पोस्ट पर लिखा कि हर साल की तरह, यूपीएससी के परिणाम आ गए हैं. हालांकि यह थोड़ा देर से हुआ, लेकिन लॉकडाउन की स्थिति के बावजूद, यूपीएससी अंतिम परिणामों की घोषणा करने में कामयाब रहा. रिजल्ट के बाद कई चेहरों पर खुशी और सफलता की कहानियां हैं.

मैं इनमें से कुछ को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं जिन्होंने सभी बाधाओं और समस्याओं को हराकर परीक्षा को पास किया. लेकिन उन खुश चेहरों के बीच कुछ ऐसे भी थे जो सफल नहीं हो पाए.

उन्होंने कहा कि भले ही मैं इस बात से इनकार नहीं करता कि मुझे इस बात का अंदाजा नहीं है कि अगर आप इस परीक्षा में पास होने के करीब हों और फेल हो जाएं, क्योंकि मैंने फर्स्ट अटेंप्ट में इसे निकाल लिया था. फिर भी मुझे ये पता है कि परीक्षा में असफल होने का डर मुझे दिन-रात परेशान करता था. ये उनकी पोस्ट का एक अंश है आप यहां उनकी पूरी पोस्ट पढ़ सकते हैं.

हिमांशु अपने संघर्ष के दिनों को हमेशा याद करते हैं. अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे उनके पिता उनका हंसराज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन कराने आए थे. वहां के हॉस्टल इंटरव्यू बोर्ड में लगे नाम देखकर कहा था कि हिमांशु एक दिन मैं तुम्हारा नाम यहां देखना चाहता हूं. लेकिन वक्त को कुछ और ही मंजूर था. उसी दिन घर लौटते वक्त पिता की मौत हो गई.

हिमांशु कहते हैं कि मुश्क‍िलें हर किसी के लाइफ में हैं. लेकिन, इन मुश्किलों से सीखना बहुत जरूरी है. वो आगे बताते हैं कि पिता का मेरी लाइफ से जाना बहुत बड़ा चैलेंज था. दूसरी तरफ कॉलेज में एक नया माहौल था. कॉलेज के फ्रेंड्स और टीचर्स ने पर्सनली बुलाकर समझाया कि तुम्हारे लिए मेहनत बहुत जरूरी है. उस समय टीचर्स, मम्मी, बड़े भाई और अंकल ने मुझे समझाया कि जिंदगी खत्म नहीं हुई है. आपको अपने अंदर ज्यादा कॉन्फीडेंस लाना पड़ेगा.

बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सर्विस परीक्षा-2019 का रिजल्ट जारी किया था. प्रदीप सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा (मेन्स) परीक्षा 2019 में टॉप किया है. दूसरे स्थान पर जतिन किशोर और तीसरे स्थान पर प्रतिभा वर्मा रहीं.

यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम के लिए इंटरव्यू 20 जुलाई को शुरू हुए थे. इसका रिजल्ट 4 अगस्त को जारी कर दिया गया. रिजल्ट में पास होने वाले कुल 829 उम्मीदवारों को अप्वाइंटमेंट के लिए पत्र भेजा जाएगा. अगर कैटेगरी वाइज रिजल्ट की बात करें तो इस साल 304 जनरल कैटेगरी, 78 ईडब्ल्यूएस, 251 ओबीसी, एससी 129, एसटी के 67 उम्मीदवारों ने ये परीक्षा क्लीयर की है.

सुशांत केस में बड़ा खुलासा : जानिए कौन निकालता था अकाउंट से पैसे, रिया के अलावा और किसे पता था ATM का पिन


सुशांत सिंह प्रकरण में हर रोज नये खुलासे हो रहे हैं। जिस सैमुअल मिरांडा पर सुशांत के परिजनों ने उसकी मौत के बाद केस दर्ज करवाया था, वह रिया का खासमखास निकला। रिया के इशारे पर कई बार सैमुअल पैसे भी निकाल चुका है। 

बीते वर्ष 2019 के 14 नवंबर को भी सैमुअल ने सुशांत के खाते से दो लाख रुपये निकाले थे। 20-20 हजार कर ये रुपये एटीएम से निकाले गये थे। सूत्रों की मानें तो इन सभी बातों की जानकारी रिया को थी। सुशांत से छिपाकर सैमुअल रुपये निकाला करता था। उसे भी सुशांत सिंह के काड्स के पिन नंबरों के बारे में जानकारी दी। बहरहाल छानबीन पूरी होने के बाद इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। 

सुशांत के खाते के बारे में और किन-किन लोगों को जानकारी थी इसका पता भी जांच टीम को चलेगा। यह भी कयास लगाये जा रहे हैं कि सुशांत के खाते से जान-बूझकर छोटी रकम निकाली जाती थी ताकि उन्हें किसी तरह का शक न हो। गौरतलब है कि दिवंगत अभिनेता के परिजन एफआईआर में भी यह आरोप लगा चुके हैं कि सुशांत सिंह के खाते से एक साल में धीरे-धीरे कर मोटी रकम ट्रांसफर की गयी थी। 

श्रुति मोदी के पास भी दफन हैं कई राज 
सुशांत सिंह की पीए श्रुति मोदी भी उनकी मौत से जुड़े कई राज को जानती हैं। जांच एजेंसियों ने श्रुति के लिये भी सवालों की फेहरिस्त तैयार कर ली है। सूत्रों की मानें तो श्रुति भी रिया चक्रवर्ती के बेहद करीब थीं। सिद्धार्थ पिठानी को भी वह बेहद अच्छे से जानती है। यह माना जा रहा है कि श्रुति सुशांत की मौत से जुड़े कई राज खोल सकती हैं। इस मामले की जांच कर रही टीम उनसे लंबी पूछताछ भी कर सकती है। 

सुशांत की मौत हुये दो महीने बीत गए
सुशांत की मौत हुये दो महीने बीत चुके हैं। बीते 14 जून को मुंबई स्स्थित उनके फ्लैट में सुशांत का शव मिला था। तब से अब तक इस मामले में कई दिलचस्प मोड़ आये। शुरू में जहां इस घटना को आत्महत्या करार दिया गया था वहीं बाद में पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया। सुशांत के परिजनों ने पटना में केस दर्ज करवा दिया। रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती सहित कइयों पर नामजद एफआईआर की गयी। एफआईआर में सुशांत के पिता ने रिया पर गंभीर आरोप लगाये। पटना पुलिस की टीम मुंबई गयी। अंत में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी। 

Independence Day 2020 Live: Live: पीएम मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, देश को कर रहे संबोधित

74th Independence Day (15th August) Live Updates: कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले पर 74वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया. वह अभी इस प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र के नाम संबोधन दे रहे हैं. स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. कोरोना को लेकर भी कई सावधानियां भी बरती जा रही हैं. प्रधानमंत्री का भाषण समाप्त होने के बाद, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट राष्ट्रगान गाएंगे. सभी उपस्थित लोगों से अनुरोध किया जाएगा कि वे अपनी जगह पर खड़े हो जाएं और राष्ट्रगान के गायन में शामिल हों.

74वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे पीएम मोदीलाल किले पर सातवीं बार तिरंगा फहराने वाले पहले गैरकांग्रेसी पीएमराष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करेंगे पीएम मोदी.

प्रधानमंत्री मोदी ने तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेक लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं.

शिवराज कैबिनेट के फैसले: विधायक-सांसद बन सकेंगे कोऑपरेटिव संस्था में प्रशासक, मंत्रियों को सभी विभागों की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है, गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस ब्रीफिंग कर शिवराज कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। जिसमें उन्होने बताया कि  सरकार द्वारा कोऑपरेटिव एक्ट में संशोधन किया गया है। अब विधायक व सांसद कोऑपरेटिव संस्था में प्रशासक बन सकेंगे।

कैबिनेट की बैठक में सीएम शिवराज ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि अपने अपने विभाग की कार्य योजना बनाकर 25 अगस्त तक सभी मंन्त्रीगण कार्ययोजना ड्राफ्ट सीएम को देंगे। वहीं वेबीनार में आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश को लेकर जो भी सुझाव मिले हैं उन सुझावों से समग्र ड्राफ्ट तैयार कर सीएम शिवराज सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भेजेंगे।

इस ड्राफ्ट के अंदर प्रदेश सरकार का 3 साल का रोडमैप तैयार होगा। सीएम ने सभी मंत्रियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि विभाग के सभी शिलान्यास और उद्घाटन के कार्यक्रम वर्चुअल हों। कैबिनेट की बैठक में उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग से जुड़े फैसले भी किए गए हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में बीते कल कोरोना के 796 नए केस आए हैं, 570 डिस्चार्ज हुए हैं, देश में मध्यप्रदेश 15 वें स्थान पर हैं। प्रदेश की रिकवरी रेट 75 प्रतिशत के आसपास है। हम कोरोना के 20 हजार से ज्यादा टेस्ट प्रतिदिन कर रहे हैं, सरकार बनने के समय 2600 बेड भी नहीं थे, आज हमारे पास 26 हजार से ज्यादा बेड हैं। हमारे पास ऑक्सीजन युक्त 7910 बेड हैं। प्रदेश में ICU के 1948 बेड हैं।

गृहमंत्री ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए निशुल्क उपचार की व्यवस्था हैं, प्रदेश में पेड क्वारंटाइन और होम आइसोलेशन की व्यवस्था भी की गई है, जिसकी हम मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।