बर्खास्त IAS पीतांबरा मंदिर में कर रहीं तंत्र साधना:शशि कर्णावत बोलीं- मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए गए, मां के दरबार में मिलेगा न्याय;

नवरात्र में दतिया के पीतांबरा शक्ति पीठ में बर्खास्त आईएएस अधिकारी डॉ. शशि कर्णावत भी तंत्र-मंत्र साधना में जुटी हैं। शशि 9 दिन तक सिर्फ फलाहार पर ही तंत्र मंत्र और साधना कर रही हैं। शशि कर्णावत ने कहा कि उन्होंने क्रोध, हानि, लाभ, यश, अपयश आदि सामाजिक भावनाओं को त्याग दिया है।

बता दें कि शशि कर्णावत मंडला में साल 1999-2000 में हुए प्रिंटिंग घोटाले में दोषी पाई गई थीं। वे वहां पर जिला पंचायत सीईओ थीं। मंडला के विशेष न्यायालय ने सितंबर 2013 में उन्हें घोटाले में दोषी पाते हुए पांच साल के कारावास की सजा के साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। 1996 बैच की आईएएस शशि को पद से भी बर्खास्त कर दिया था। फिलहाल, मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है।

पीतांबरा माता मंदिर में तंत्र साधना कर रही डॉ शशि कर्णावत ने बताया कि वह 2005 से यहां मंत्र दीक्षा के लिए आती हैं। शशि रोजाना मां पीतांबरा की आराधना और सेवा करती हैं। कर्णावत ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जिस प्रकार से मुझे प्रताड़ित कर मुझ पर आरोप लगाए गए, उसका फल एक ना एक दिन पीतांबरा माई सबको देंगी। उन्होंने बताया कि उनका जन्म नवरात्रि की पंचमी को हुआ था, इसी कारण वह मां की आराधना में रहती हैं।

मंत्र दीक्षा के रूप में भी किया कठिन तप
आईएएस शशि कर्णावत ने बताया कि वे हर वर्ष मंत्र की प्राप्ति के लिए मंदिर में साधना करने आती हैं। शशि ने बताया कि उन्होंने क्रोध, हानि, लाभ, यश, अपयश आदि सामाजिक भावनाओं को त्याग दिया है और मां पीतांबरा की आराधना में लीन हैं।

राजनीति में सक्रिय होने के सवाल को टाल दिया
मंदिर में साधना में जुटी आईएएस शशि कर्णावत ने कहा कि वे बर्खास्तगी के बाद पूर्व सीएम कमलनाथ से मिली थीं। इस दौरान उनकी नाथ से लंबी बातचीत भी हुई। अब वे आगे राजनीति में सक्रिय रहेंगी या नहीं, यह सब पीतांबरा माई की इच्छा पर ही निर्भर करता है।

कर्णावत ने पूछा कि क्या कोई मेरी आवाज छिन सकता है ? क्या कोई मेरे विचार छिन सकता है ? नौकरी तो शासन की दी हुई थी, इसलिए झूठे आरोपों में फंसाकर मेरी नौकरी छीन ली गई, लेकिन मैं जानती हूं कि पीतांबरा मैया के दरबार में मुझे न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि आईएएस लॉबी में कोई गॉडफादर होना चाहिए और मेरा वहां कोई गॉडफादर नहीं था। इसी वजह से मेरी पेंशन भी रोक दी गई।

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