उस गोरखपुर कांड की पूरी कहानी… जिसने पूरे यूपी को हिला दिया! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुल गई पुलिस की ‘काली करतूत’!

गोरखपुर का होटल कृष्णा पैलेस के रूम नंबर 512…यहां सोमवार को ऐसी घटना घटी, जिसने गोरखपुर ही नहीं बल्कि पूरे यूपी में बवाल मचाकर रख दिया। होटल के इस रूम में ठहरे मनीष गुप्ता नाम के एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई। पुलिस पर उनकी हत्या करने का आरोप लग रहा है। 

रूटीन चेकअप के लिए आई पुलिस

प्रॉपटी डीलर मनीष अपने दोस्तों के साथ गोरखपुर आए थे और यहां पर एक होटल  में ठहरे थे। आरोप ऐसे लग रहे हैं कि रात करीब 12 बजे गोरखपुर पुलिस की टीम नियमित जांच के लिए होटल पहुंची थीं। यहां पुलिस ने कथित तौर पर मनीष गुप्ता के साथ मारपीट की। जिसके चलते मनीष की मौत हो गई। 

मौत को दिखाना चाहा हादसा

शुरूआत में तो पुलिस ने इस मामले को टालने की कोशिश की। इसे हादसे में हुई मौत बताया। लेकिन फिर जब दबाव बढ़ा, तो मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया। इस मामले में 3 पुलिसकर्मी समेत कुल 6 लोगों पर मर्डर का केस हुआ। वहीं बुधवार को नए इंस्पेक्टर की भी तैनाती की गई। साथ ही केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया। अभी सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। 

इस वजह से पुलिस ने मनीष के साथ मारपीट

मामला ऐसा है कि कानपुर के रहने वाले मनीष गुप्ता दो दोस्तों प्रदीप सिंह और हरवीर सिंह के साथ गोरखपुर आए थे। वो यहां  जिस होटल में ठहरे वहां अचानक ही देर रात पुलिसकर्मी आ गए। एक रूटीन चेकअप बताते हुए उन्होंने दरवाजा खटखटाया। इन लोगों ने पुलिस के कहने पर अपने पेपर्स दिखाए। तब मनीष सो रहे थे। मनीष को जगाया तो उन्होंने पुलिस से कहा कि ये समय नहीं है, किसी को जगाने का। हमारे पेपर्स रिस्पेशन पर है, आप वहां से देख सकते थे। मनीष के इस जवाब से स्थानीय थाने के SHO का पारा चढ़ गया और वो मनीष से कहने लगे कि ‘तुम पुलिस को काम सिखाओगे।’ 

बस इतनी ही बात पर पुलिस ने मनीष के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस ने उनको बुरी तरह पीटा, जिस दौरान वो गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद मनीष ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

रो-रोकर पत्नी मांगती दिखीं इंसाफ 

पहले मनीष की मौत को पुलिस ने हादसा दिखाने की कोशिश की। लेकिन उनका परिवार इसे हत्या बताते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो रो-रोकर इंसाफ मांगती हुई नजर आ रही थीं। 

वीडियो में गिड़गिड़ाती हुई मीनाक्षी ने कहा था कि प्लीज न्याय दिला दीजिए। सारी वीडियो क्लिप में कहीं भी खून नहीं है, लेकिन मेरे पति खून से लथपथ थे। मीनाक्षी ने आरोप लगाया कि रूम खून से भरा हुआ था, लेकिन होटल वालों ने सब साफ करवा दिया। बता दें कि मनीष गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी समेत 5 साल का बेटा है।

DM-SSP की भी एक वीडियो हुई वायरल 

इसके अलावा घटना से जुड़ा एक और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें DM और SSP परिजनों से मामले पर FIR दर्ज नहीं करने की सलाह देते हुए नजर आए। अधिकारियों ने कहा है इससे उनको कुछ हासिल नहीं होगा। उनका परिवार बर्बाद हो जाएगा।  

53 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

वहीं परिजनों ने मनीष की हत्या मामले को लेकर जमकर हंगामा किया। वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की मांग पर अड़े रहे और तब तक मनीष का अंतिम संस्कार करने से परिजनों से इनकार कर दिया था। वहीं जब जिला प्रशासन ने मीनाक्षी गुप्ता से मुलाकात की। उनको भरोसा दिया कि उनकी बात मानी जाएगी, तो परिजन अंत्येष्टि के लिए तैयार हुए। करीब 53 घंटें बाद मनीष का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह हुआ। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई बर्बरता की कहानी 

इस बीच मनीष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जिसमें उनके साथ हुई इस बर्बरता की पूरी पोल खुल गई। रिपोर्ट में पता चला कि मनीष के शरीर पर 4 गंभीर चोट के निशाने थे। इसके अलावा उनके सिर पर भी गहरी चोट लगी। वहीं उनके लिए जानलेवा बनी। साथ ही रिपोर्ट में इसका भी पता चला कि मनीष के दाहिने हाथ की कलाई पर डंडे से गंभीर चोट के निशाने मिले। साथ ही बाएं आंख की ऊपरी परत पर भी उनको चोट लगी ।मनीष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये साफ हो गया है कि कितनी बेरहमी के साथ उनके साथ मारपीट की गई और पुलिस जिसे हादसा दिखाने की कोशिश कर रही है, वो साफ तौर पर हत्या है। 

मामले को लेकर प्रशासन एक बार फिर से सवालों के घेरे में है। गोरखपुर सीएम योगी का गृह जनपद है और वहां पर इस तरह की घटना होगी, तो सवाल तो खड़े होने लाजमी है। 

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