सुबह उठकर रोजाना करें ये काम, चंद दिनों में आपके कदम चूमेगी सफलता

बचपन से हमें परिवार वाले शिक्षक सिखाते हैं कि सुबह-सुबह जल्द उठने से आपकी सफलता के दरवाजे खुल जाते हैं. ज्योतिष में भी कुछ ऐसा ही बताया गया है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं जो आपको सफलता की ओर ले जाएंगे. इसके लिए आपको बचपन में सिखाए गए अपने परिवार और गुरुओं के सुबह जल्द उठने वाले नियमों का अनुसरण करना होगा. उसके बाद आज देखेंगे कि सफलता धीरे-धीरे आपके कदम चुमने लगेगी. सबसे पहले आपको ये समझना होगा कि जिस तरह सूर्योदय के पहले उजाला होने लगता है और फिर बाद में सूर्य दिखाई देता है, ठीक उसी तरह व्यक्ति को पूर्ण चैतन्य होने में वक्त लगता है. ऐसे समय में उसका मस्तिष्क संवेदनशील होता है.

ऐसे में कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए. क्योंकि हमारे मस्तिष्क को सेट होने में कम से कम दो घंटे का वक्त लग जाता है. ऐसे समय में हमें कौन से कार्य करना चाहिए और कौन से नहीं करना चाहिए उनके बारे में जान लेना बहुत जरूरी है जो आपकी सफलता को सुनिश्चित करेंगे. सबसे पहले जब आपकी नींद खुले तो एकदम से आंखें नहीं खोलनी चाहिए. इसके लिए धीरे-धीरे आंखें खोलें और यह सुनिश्चित करें कि आंखें खुलते ही आपको अच्छी तस्वीर के दर्शन हो या आप सबसे पहले अपनी हथेली के दर्शन करें और भगवान का ध्यान करें. ऐसा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है. धर्मग्रंथों और ऋषि-मुनियों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हमारे हाथों की हथेलियों में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं.

अत: हमारी सुबह यदि शुभ दर्शन और शुभ कार्यों के साथ शुरू होगी तो संपूर्ण दिन भी शुभ ही होगा. अच्छा ये है कि आप अपने बेडरूम में अच्छी तस्वीरें लगाएं और सुगंधित वातावरण बनाए रखें. बता दें कि बिस्तर छोड़ते ही हमारी यात्रा शुरु हो जाती है. इसलिए जो भी स्वर चल रहा हो उसी साइड का पैर निकालकर उठें. उठने के कम से कम एक घंटे तक चुप रहें और इस दौरान नैतिक कार्य जैसे फ्रेश होना, ब्रश करना जैसे कार्यों को खत्म कर लें. यदि आप पूजा पाठ करते हैं तो शौचादि से मुक्त के बाद ये कार्य करें या प्रार्थना करें या भजन सुन लें.

दरअसल, हम जब सो रहे होते हैं या सोकर उठ रहे होते हैं तो वह काल संधि का काल होता है. जैसे सूर्योदय या सूर्यास्त या जैसे रात और दिन या दिन और रात जहां मिल रहे होते हैं, उसे संधि कहते हैं. ऐसे काल में हमारा मस्तिष्क बहुत ही संवेदनशील होता है. ऐसे में यदि वह सकारात्मक बातें ग्रहण करता है, तो जीवन में सकारात्मक घटनाएं ही घटती हैं, लेकिन यदि वह लगातार नकारात्मकता ग्रहण करता है तो जीवन में नकारात्मकता ही घटित होती है.

इसके बाद सुबह उठने के बाद सबसे पहले उन कामों के बारे में सोचे जो आपको प्राथमिक रूप से करना है. इस आदत से आप सबसे जरूरी कार्य को निपटाने की क्षमता साहिल करेंगे. जीवन में सफलता हेतु सबसे पहले वही कार्य करना चाहिए जो आपने जीवन में खास है. इसके अलावा सुबह आंख खुलते ही आप किसी का भी चेहरा देखने से बचें, खासकर किसी ऐसे व्यक्ति, पशु या अन्य का जिसे देखकर आपके मन में अचानक से बुरे भाव आते हो या आपको अच्छा न लगता हो. बता दें कि जो लोग देर से सोते हैं, वे देर से ही उठते हैं या उन्हें मजबूरीवश देर से सोना और जल्दी उठता पड़ता है.

ऐसे लोगों की सेहत दिन-ब-दिन गिरती जाती है जिसका उन्हें पता नहीं चलता. वे चिढ़चिढ़े हो जाते हैं और उनके संबंधों पर भी गहरा असर होता है. ऐसे में जरूरी है कि सुबह उठकर शौचादि के बाद 5 मिनट का ध्यान करें या अपने ईष्टदेव की पूजा या प्रार्थना करना शुरु माना जाता है. इसके बाद ही कोई दूसरा कार्य करना शुभ माना जाता है.

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