एक चुटकी हींग गर्म पानी में डालकर पीने से मिलते सेहत को कई लाभ

अकसर भारतीय घरों की रसोई में मसालदान तो होती है, और उसके मसाले भी होते हैं। जैसे- धनिया मिर्चा हल्दी तेजपत्ता करीपत्ता इलाय़ची हींग आदि। इन सबका इस्तेमाल खाने को स्वादिष्ट बनाने में करते हैं। ताकि खाने में रंगत और महक दोनो ही आसके। लेकिन दाल में तड़का लगाने और सब्जी को लजीज बनाने में अक्सर लोग हींग का ही तड़का लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं हींग केवल एक मसाला मात्र नहीं है बल्कि कई बीमारियों को दूर करने में फायदा भी करती है।

हींग का पीने के फायदे

पुराने समय में पीरियड्स के दौरान पेट दर्द दूर करने के लिए हींग का पानी पिया जाता था। हींग सर्दी खांसी को दूर करने वाली मानी जाती है। यह अस्थमा को दूर करने के लिए भी जानी जाती है। लेकिन इतना ही नहीं हींग का पानी पीने के और भी कई फायदे हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि हींग का पीने के फायदे बता रहे हैं।

आयुर्वेद के अुनसार गर्म पानी में आधी चुटकी हींग डालकर आप रोज पीते हैं तो आपको ये 7 फायदें मिलेंगे।

किडनी और ब्लेडर क्लीन

जब हींग को गर्म पानी में उबालते हैं तो इससे पेशाब लगती है जिससे किडनी और ब्लेडर क्लीन हो जाता है। यह यूरिन इंफेक्शन को भी रोकती है।

डाइजेशन रिलेटेड प्रॉब्लम

हींग एंटी इंफ्लेमैटरी प्रॉपर्टी के साथ आती है। यह डाइजेशन रिलेटेड प्रॉब्लम को फिक्स करने के साथ ही एसिडिटी को दूर कर देती है।

माइग्रेन के दर्द में कारगर

हींग का पानी माइग्रेन के दर्द के अलावा दांत के दर्द से भी राहत दिलाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं जो दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित

हींग को खाने में डालकर खाना हो या फिर पानी में मिलाकर पीना दोनों ही आपके शरीर के लिए गुणकारी होता है। हींग का पानी शरीर में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।

हड्डियों और दांतों को बनाता है मजबूत

हींग के पानी में एंटी इंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं जो हड्डियों को मजबूती देती हैं। वहीं हींग में पाया जाने वाला एंटी ऑक्सीडेट्स दांतों को हेल्दी और strong बनाता है।

एनिमिया से बचाने

हींग में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, यह बॉडी को एनिमिया से बचाने के साथ ही दांतों को स्ट्रॉन्ग रखता है। हींग कैंसर से भी प्रोटेक्ट करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!