नकल के लिए लगाया खूब पैसा और अक्ल, पहनी 6 लाख की ब्लूटूथ वाली चप्पल

राजस्थान में शिक्षकों की नौकरी के लिए जरूरी राजस्थान पात्रता परीक्षा (आरईईटी) के दिन अजीबोगरीब घटनाओं के बारे में सुनने और देखने को मिली।परीक्षार्थियों ने नकल करने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस लगे चप्पलों का सहारा लिया। इसके लिए मोटे रकम खर्च किए गए। राजस्थान पुलिस ने कई आरईईटी परीक्षार्थियों की चप्पलों में छिपे ब्लूटूथ डिवाइस को जब्त कर लिया, जबकि आरोपियों को हिरासत में लिया गया था।

कुछ परीक्षार्थियों ने तो इन ब्लूटूथ फिटेड चप्पलों के लिए 6 लाख रुपये तक का भुगतान भी किया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद, आरईईटी परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए इन साधनों का सहारा लेने से नहीं रोका जा सका। अजमेर के किशनगढ़ में एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ डिवाइस को अपनी चप्पल में छिपाकर परीक्षा केंद्र तक ले गया।

हालांकि, इससे पहले कि वह परीक्षा में बैठ पाता, पुलिस ने उसे पकड़ लिया और अब गहन जांच कर रही है। अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी आवेदकों को परीक्षा केंद्रों से 200 मीटर दूर चप्पल उतारने के आदेश जारी किए हैं।

रविवार को पूरे राजस्थान से ऐसी कई घटनाओं की सूचना मिलने के बाद, धोखाधड़ी को रोकने के लिए कुछ जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने सहित कड़े सुरक्षा उपाय किए गए थे। बीकानेर में शिक्षकों के चयन के लिए परीक्षा में अनुचित साधनों का सहारा लेने के लिए ब्लूटूथ उपकरणों से लैस चप्पल पहने पाए जाने के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। कई अन्य डमी उम्मीदवारों को भी विभिन्न जिलों में गिरफ्तार किया गया था।  परीक्षार्थियों द्वारा धोखाधड़ी को बढ़ावा देने में कथित संलिप्तता के लिए दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को भी निलंबित कर दिया गया था।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित, परीक्षा 33 जिलों में स्थापित 3,993 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थी। इसके लिए 16.51 लाख उम्मीदवारों ने अपना नामांकन कराया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दौसा और जयपुर ग्रामीण में पुलिस ने क्रमश: चार और आठ डमी उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया और बीकानेर, अजमेर, प्रतापगढ़, सीकर, भरतपुर और जोधपुर में धोखाधड़ी में शामिल कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया।

बीकानेर की पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा ने बताया कि गंगाशहर थाना क्षेत्र से पांच लोगों को परीक्षा में नकल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनमें से तीन एक सिम कार्ड से जुड़े एक छोटे कॉलिंग डिवाइस के साथ लगे हुए चप्पल पहने पाए गए थे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के कानों में एक छोटा, बमुश्किल दिखाई देने वाला ब्लूटूथ-सक्षम उपकरण पाया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो गिरोह के सदस्य थे जिन्होंने उम्मीदवारों को छह-छह लाख रुपये की चप्पलें दीं।

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