रोहिणी कोर्ट शूटआउट मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी, पकड़े गए बाकी 2 आरोपी

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट के बाद शनिवार को पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर जितेंदर गोगी सहित दो हमलावरों की भी मौत हो गई थी। आरोपियों की पहचान उमंग और विनय के तौर पर हुई है। पुलिस ने कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

मामले के जानकार कुछ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शूटआउट की योजना बनाने में चार लोग शामिल थे जिनमें से दो हमलावरों को मौके पर ही मार गिराया गया। दो हमलावर फरार चल रहे थे, जिन्हें अब पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। 

दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्लान के मुताबिक, उमंग को कोर्ट के बाहर गाड़ी लेकर खड़े रहना था ताकि हमले के बाद सभी वहां से भाग सके और बाकी तीन हमलावरों को कोर्टरूम में जाना था। हालांकि, प्लान फेल होने की वजह से उमंग अकेले ही गाड़ी लेकर फरार हो गया। हमले के लिए कोर्ट जाने से पहले चारों आरोपी एक मॉल में मिले भी थे। 

दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में रोहिणी कोर्ट के गेट नंबर 4 पर संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद विनय और उमंग को गिरफ्तार किया है। 

बता दें कि दिल्ली की रोहणी अदालत में बीते शुक्रवार कुछ बदमाशों ने गोलीबारी कर गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को मार गिराया था। बदमाशों ने कोर्टरूम में सुनवाई के वक्त फायरिंग की। हमले के बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो हमलावर बदमाशों को वहीं मार गिराया गया था। ये हमलावर वकीलों के वेश में कोर्ट पहुंचे थे। वकील की ड्रेस में मारे गए टिल्लू गैंग के सदस्यों का नाम मोरिस और राहुल था

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के वार्षिक सत्र में पाकिस्तान के नेताओं को करारा जवाब देने की भारत की महिला राजनयिकों की परंपरा को प्रथम सचिव स्नेहा दूबे ने शनिवार को भी जारी रखा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाने को लेकर महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को तीखा जवाब दिया। इतना ही नहीं, कश्मीर का राग अलापने वाले इमरान खान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए, दुनिया के सामने पाक के सारे पाप गिना दिए। आइए जानते हैं कि कब-कब भारत की किस महिला राजनयिकों ने यूएन में पाक की पोल खोली।

2016 : एनम गंभीर ने नवाज शरीफ के झूठ की पोल खोली
भारत की राजनायिक एनम गंभीर ने यूएन महासभा में पाकिस्तान के उस वक्त के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को करारा जवाब दिया था। शरीफ के भाषण के बाद एनम ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देना पाकिस्तान की पुरानी नीति है। ये कितनी अजीब बात है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश मानवाधिकारों की बात करते है।

2019: विदिशा मैत्रा ने कहा था- पाक नफरत फैला रहा
संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमला किया और भारत पर कई आरोप लगाए थे। इसके जवाब में आईएफएस विदिशा मैत्रा ने कहा कि इमरान खान संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और उनका भाषण नफरत से भरा है। उनका आतंकवाद को पाल रहा है जो पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा है।

2021 : स्नेहा दुबे के पांच जवाब ने पाक का झूठ बेनकाब किया
1. पाकिस्तान को खुले तौर पर आतंकवादियों का समर्थन करने और उन्हें हथियार देने के लिए विश्व स्तर पर चिह्नित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देने का अपमानजनक रिकॉर्ड भी पाकिस्तान के ही खाते में हैं।
2. पाकिस्तान पीठ पीछे आतंकवादियों को इस उम्मीद में पालता है कि वे केवल अपने पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाए। ओसामा बिन-लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली। आज भी पाकिस्तान सरकार उसे ‘शहीद’ के रूप में महिमामंडित करती है।
3. हम सुनते रहते हैं कि पाकिस्तान ‘आतंकवाद का शिकार’ है। यह एक ऐसा देश है जो आग ख़ुद लगाता है लेकिन ख़ुद को अग्निशामक के रूप में प्रस्तुत करता है।
4. जम्मू- कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे हैं और हमेशा रहेंगे।
5. पाकिस्तान के लिए बहुलतावाद को समझना बहुत मुश्किल है क्योंकि अपने मुल्क में वो अल्पसंख्यकों को उच्च पदों से दूर रखता है।

कौन हैं स्नेहा दुबे
– स्नेहा दुबे 2012 बैच की आईएफएस ऑफिसर हैं। स्कूली पढ़ाई गोवा में की
– उच्च शिक्षा पुणे के फर्गुसन कॉलेज से और फिर एमफिल की पढ़ाई जेएनयू दिल्ली से पूरी की
– 2011 में पहली कोशिश में ही सिविल सर्विसेज परीक्षा पास कर ली। उनका पहला अपॉइंटमेंट विदेश मंत्रालय में हुआ
– 2014 में उन्हें मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास भेज दिया गया। फिलहाल वे संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेट्री हैं

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