आसमान से खेत पर गिरा सोने का पत्थर! किसान की आंखें खुली रह गईं देख कर! महाराष्ट्र का उस्मानाबाद हुआ अवाक!

‘ऊपर वाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़ कर’, यह कहावत तो आपने सुनी होगी. लेकिन यह आपने शायद ही सुना होगा कि कोई किसान आसमान में यह सोच कर ताक रहा हो कि बरसात में बारिश होगी, लेकिन बरसात के बदले आसमान से गिरा सोने का पत्थर, बेचारा किसान भौंचक हो गया यह देख कर.

आपको यकीन नहीं हो रहा होगा. तो चलिए हम आपको जगह बताते हैं. यह घटना महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के वाशिम की है. शुक्रवार को एक किसान जब अपने खेत में काम कर रहा था तो अचानक आकाश से एक पत्थर गिरा. किसान एकदम से डर गया. वह पत्थर किसान से सात-आठ फुट की दूरी पर गिरा था. शुक्र था कि उसके सर पर नहीं गिरा था. लेकिन इसके बाद तो जो हुआ, उससे किसान की आंखें खुली की खुली रह गईं. क्योंकि यह कोई मामूली पत्थर नहीं था. यह एक सुनहरा पत्थर था.

ऐसा पहले कभी नहीं हुआ? किसने किया? एलियन या ईश्वर? विश्वास किस पर?

इस घटना ने पूरे उस्मानाबाद में खलबली मचा दी. जंगल की आग की तरह यह खबर सोशल मीडिया में वायरल होने लगी. बिलकुल सोने की चमक वाला यह पत्थर पूरे दो किलों का है. तरह-तरह की बातें शुरू हो गईं. यह पत्थर किसी दूसरे ग्रह से आया है क्या? कौन सा ऐसा ग्रह है जहां पत्थर भी सोने के होते हैं? आखिर इस तरह से अचानक यह सुनहरा पत्थर किसान के बिलकुल सर पर गिरने वाला था और यह सात-आठ फुट की दूरी पर गिर गया. यह कोई कुदरती करिश्मा है या कोई साधारण सी घटना है, जो पहले भी हुई है. लेकिन इलाके में जितने भी पढ़े-लिखे बुजुर्ग तक यह बात पहुंच रही है, उनका यही कहना है कि उन्होंने ऐसा ना पहले कभी सुना है, ना पहले कभी देखा है.

किसान घबराया, यह करिश्माई पत्थर उसने तहसील कार्यालय में जमा करवाया

फिलहाल यह पत्थऱ तहसील कार्यालय में जमा करवा दिया गया है. जिस किसान के खेत में यह करिश्माई पत्थर गिरा है उसका नाम निवृत्त माली है. दरअसल उस्मानाबाद जिले में तूफानी बारिश हुई है. इसलिए अपने खेतों का जायजा लेने जब निवृत्त माली वहां गए हुए थे, तभी यह घटना हुई. इस घटना से माली बहुत घबरा गए थे. उन्होंने तुरंत इस बात की जानकारी तहसील कार्यालय को दी.

कैसा है यह अद्भुत पत्थर? भू-वैज्ञानिकों का क्या कहना है इस पर?

फिलहाल इस पत्थर की प्रारंभिक जांच कर इसे भारतीय भूवैज्ञानिक विभाग को भेज दिया गया है. शुरुआती तौर पर भू वैज्ञानिक इसे उल्कापात की घटना मान रहे हैं. पत्थर  की लंबाई 7 ईंच और चौड़ाई 6 ईंच है. इसकी मोटाई करीब साढ़े तीन ईंच है.

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