इस्तीफा देने से पहले सोनिया गांधी को कैप्टन ने लिखी थी चिट्ठी, बताया था 5 महीनों का दर्द

पंजाब के सीएम पद से शनिवार को इस्तीफा देने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से न सिर्फ फोन पर बात की थी बल्कि बीते 5 महीने से जारी पूरे घटनाक्रम को लेकर नाराजगी भी जताई थी। कैप्टन ने इस चिट्ठी में सोनिया से कहा था कि इस घटनाक्रम को पंजाब की बुनियादी चिंताओं को समझे बिना ही अंजाम दिया गया। कैप्टन ने चिट्ठी में अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।

कैप्टन ने सोनिया को बताया कि उनकी सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में 89 फीसदी वादों को पूरा किया है। कैप्टन ने अपनी चिट्ठी में कांग्रेस की पंजाब इकाई में हो रहे राजनीतिक फेरबदल के परिणामस्वरूप राज्य में अस्थिरता पैदा होने की भी आशंका जाहिर की है। 

कैप्टन ने सोनिया से साफ कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पीड़ा का अनुभव हुआ है लेकिन इसके बावजूद उन्हें यह उम्मीद है कि इससे राज्य में कठिन परिश्रम से आई शांति और विकास को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि बीते कुछ सालों से वह राज्य के हित में जिन कामों पर ध्यान दे रहे थे, वे भी जारी रहेंगे। 

बीते विधानसभा चुनावों से पहले किए वादों को पूरा न कर पाने के आरोप झेलने पर कैप्टन ने इस चिट्ठी में लिखा है कि अभी तक उनकी सरकार ने 89.2 फीसदी चुनावी वादे पूरे किए हैं और कई और वादों पर काम अभी भी जारी है। 

इससे पहले समाचार एजेसी एएनआई से बातचीत में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया, ‘जब मुझे पता चला कि कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुनने की बात हो रही है तो मैंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सुबह करीब 10 बजे फोन किया। मैंने उनसे कहा कि मैम ये सब क्या हो रहा है। ऐसे में मैं इस्तीफा दे दूंगा। मुझे लगता है कि मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए, मैं आपको अपना इस्तीफा भेज रहा हूं। इसके जवाब में सोनिया जी ने कहा कि आई एम सॉरी अमरिंदर, आप इस्तीफा दे सकते हैं। फिर मैंने कहा ओके मैम।’

अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव के बाद भी उन्होंने सोनिया गांधी और उनके बच्चों के साथ निकटता के कारण इस तरह से अपमानित किये जाने की उम्मीद नहीं की थी।

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