Viral Fever Spread: मौसमी बुखार या? दिल्ली से लेकर MP,UP, बिहार तक बच्चों पर यह कैसी आफत

कोरोना वायरस की तीसरी लहर के अंदेशे से पहले ही देश के तमाम राज्य इस वक्त वायरल फीवर से जूझ रहे हैं। यूपी,एमपी समेत कई राज्यों में कोरोना का असर तेजी से बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भी हालात पटरी पर नहीं आ।

    

हाइलाइट्स

*देश के तमाम राज्य इस वक्त वायरल फीवर से जूझ रहे हैं

*यूपी, एमपी, बिहार और अब दिल्ली में भी ये तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर

*दिल्ली स्थित सर गंगाराम की ओपीडी में भी 80% बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं

नई दिल्ली
देशभर के तमाम राज्यों में वायरल फीवर (Viral Fever In India) ने तेजी से पैर पसार लिए हैं। यूपी, एमपी, बिहार और अब दिल्ली में भी ये वायरस (Viral Fever In Delhi) तेजी से फैलता जा रहा है। चिंता की बात ये है कि इसमें सबसे ज्यादा बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। बिहार, यूपी समेत तमाम राज्यों में हालात ये हैं कि अस्पतालों में जगह नहीं बच रही है। यूपी के फिरोजाबाद में इस बीमारी ने न जाने कितनों मासूमों की जिंदगी लील ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी यही हाल है। इसी बीच लोगों के चिंता ये भी है कि कहीं ये कोरोना की तीसरी लहर तो नहीं। राजधानी दिल्ली के एक आंकड़ें ने भी चिंता पैदा कर दी है।

कोरोना को लेकर भी सता रहा डर
कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं थी हुई कि वायरल फीवर ने देश के तमाम राज्यों में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। हमारे सहयोगी सांध्य टाइम्स के एक इनपुट के अनुसार दिल्ली में भी वायरल फीवर बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के पटेल नगर स्थित बीएलके अस्पताल में हर 10 में से 6 बच्चे वायरल फीवर से ग्रसित आ रहे हैं। सर गंगाराम की ओपीडी में भी 80% बच्चे वायरल फीवर की चपेट में हैं। ये वायरस ज्यादातर बच्चों को ही अपनी गिरफ्त में ले रहा है।

दिल्ली में भरने लगे अस्पताल
दिल्ली के ही मधुकर रेनबो अस्पताल की ओपीडी में 50% बच्चे हैं। ये वायरल फीवर 104 डिग्री तक बुखार कर रहा है। कम से कम तीन दिन से पांच दिनों तक ये बुखार अपनी चमेट में लेता है। इसके कारण का बच्चों के शरीर में कमजोरी भी आ रही है। वायरल फीवर से बच्चे ही नहीं जवान और बुजुर्ग हर कोई पीड़ित हो रहा है मगर बच्चों की तादाद सबसे ज्यादा है। सूत्रों की मानें तो बच्चों को आईसीयू तक में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।

बिहार में भी बुखार का कहर
बिहार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भागलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चा वार्ड में 70 बिस्तर हैं और उनमें से 53 पर मरीज भर्ती हैं। एनएमसीएच के बच्चा वार्ड में 136 बिस्तर में से 87 भरे हुए हैं। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सीवान, छपरा, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, हाजीपुर और पूर्वी चंपारण के मरीज भर्ती हैं। गोपालगंज जिले में पिछले सप्ताह वायरल बुखार से एक बच्चे की मौत हो जाने पर जिला प्रशासन ने सभी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी। वैशाली जिले के हाजीपुर में पिछले हफ्ते करीब 20 बच्चे बीमार पड़ गए जिनमें से एक की मौत हो गई। फिलहाल सात बच्चे हाजीपुर सदर अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती हैं।

MP के कई जिलों में वायरल फीवर का कहर, बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
मध्य प्रदेश के कई जिलों में वायरल फीवर का कहर गंभीर हो रहा है। ग्वालियर, छतरपुर, भोपाल, बड़वानी, मंदसौर, जबलपुर सहित कई जिलों में सबसे ज्यादा बच्चे इसका शिकार हो रहे हैं। ग्वालियर में एक हजार से ज्यादा बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित हैं। उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। बेड फुल होने से एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है। भोपाल में वायरल फीवर के साथ डेंगू और चिकनगुनिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। छतरपुर के जिला अस्पताल में भी इलाज के लिए आने वाले बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालत यह है कि अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे। मंदसौर में यही हालात हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1100 मरीज पहुंचे जबकि सामान्य तौर पर इसमें 350 मरीजों का इलाज रोजाना किया जाता है।

उत्तर प्रदेश भी डेंगू और वायरल डेंगू और वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। फिरोजाबाद, मथुरा, बलिया जैसे जिलों में परेशानी लगातार बढ़ रही है। यहां अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां एक तरफ फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में 430 मरीज भर्ती हैं। वहीं मथुरा के कई गांवों में भी इसका प्रकोप और केस बढ़ते जा रहे हैं। मथुरा में अब तक एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। फिरोजाबाद में ही बुखार के 430 मरीज भर्ती हैं। वहीं अबतक 50 से ज्यादा की मौत की खबरें हैं। यूपी की इस रहस्यमयी बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। राजधानी लखनऊ, एटा, इटावा, सीतापुर, बाराबंकी, श्रावस्ती, कासगंज और फर्रुखाबाद से मामले सामने आ रहे हैं।

यूपी के फिरोजाबाद में अब तक 111 लोगों की मौत
फिरोजाबाद और आसपास के इलाकों में फैला डेंगू का बुखार कैसे ‘संदिग्ध’ बना, इसके पीछे की वजह अलाइजा टेस्ट का न हो पाना है। शुरुआती दौर में जो मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे उनका केवल रैपिड एंटीजेन टेस्ट हुआ। जबकि डेंगू प्रोटोकॉल में साफ है कि जबतक अलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं होगी तबतक उसे डेंगू का मरीज नहीं माना जाएगा। वहीं, जबतक मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल अलाइजा टेस्ट का इंतजाम करवा पातीं तबतक स्थितियां बिगड़ चुकी थीं और फिरोजाबाद के कई इलाकों में मौत होने लगी थी। फिरोजाबाद में जानलेवा बुखार से मृतकों का आंकड़ा 111 हो गया है। बुधवार को 5 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गई।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
दिल्ली के मधुकर रेनबो अस्पताल के पेडियाट्रिक्स विभाग के डायेरक्टर डॉ. नितिन वर्मा कहते हैं, ‘हम वायरल फीवर के प्रकोप के बीच हैं। बच्चों में वायरल फीवर के काफी ज्यादा केस हमारे पास आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले 25 फीसदी बच्चे बुखार, सर्दी, खांसी जैसे सामान्य लक्षणों वाले होते हैं। कुछ सामान्य वायरल के मामले हैं, जबकि कुछ केस स्वाइन फ्लू के रूप H3N2 के हैं।’ नोएडा के चाइल्ड पीजीआई की डायरेक्टर डॉ. ज्योत्सना मदान कहती हैं, ‘ओपीडी में आने वाले 50-55 फीसदी मामले फीवर की शिकायत के हैं, हमारे यहां हर दिन 5-7 डेंगू के केस आ रहे हैं। ये सीजनल फीवर के मामले हैं, ऐसा हर साल होता है।’ नोएडा के जिम्स अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता कहते हैं, ‘हमारे यहां वायरल फीवर से पीड़ित 6 बच्चे भर्ती हैं, जबकि डेंगू पीड़ित एक बच्चा भर्ती है। हर दिन ओपीडी में करीब 30 मरीज आ रहे हैं।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!