Astrology: तुलसी के ये उपाय दूर कर सकते हैं आपकी पैसों की समस्या और वास्तु दोष

हिंदू धर्म में तुलसी (Tulsi Puja) को पूज्यनीय माना गया है। तुलसी को विष्णु प्रिय कहा गया है यानी ये भगवान विष्णु को अति प्रिय है इसलिए भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का उपयोग जरूर किया जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा रहती है और वास्तु दोष (Vastu defect) दूर होता है। ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में भी तुलसी (Tulsi Remedies) के कई उपाय बताए गए हैं।

उज्जैन. मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा रहती है और वास्तु दोष (Vastu defect) दूर होता है। ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में भी तुलसी (Tulsi Remedies) के कई उपाय बताए गए हैं। ये उपाय करने से पैसों से जुड़ी आपकी परेशानियां दूर हो सकती हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं…

1. तुलसी के पौधे की जड़ को अगर आप चांदी के लॉकेट में डालकर गले में धारण कर लें तो नवग्रह दोष दूर होता है और किस्मत के द्वार खुल जाते हैं और व्यक्ति के लिए धन के तमाम अवसर पैदा होते हैं।
2. गुरुवार को तुलसी के पौधे (Tulsi Remedies) को पीले कपड़े में बांधकर अपने ऑफिस में जाकर अपनी टेबल पर या आस-पास कहीं रख दें। इससे आपके प्रमोशन के योग बन सकते हैं।
3. गुरुवार, एकादशी या किसी भी शुभ दिन तुलसी की पूजा करें और एक पत्ता लेकर अपने पर्स, तिजोरी या उस स्थान पर रखें, जहां धन रखा जाता है। कुछ ही समय में धन लाभ के योग बनने लगेंगे।
4. यदि व्यापार नहीं चल रहा तो तुलसी के पत्तों को 3 दिनों तक पानी में डुबोकर रखें। इसके बाद पानी को दुकान के दरवाजों और उस स्थान पर छिड़कें, जहां धन रखा जाता है। इससे वास्तु दोष खत्म होगा और बिजनेस चलने के योग बन सकते हैं।
5. प्रतिदिन तुलसी को जल चढ़ाने और शाम के समय इसके नीचे दीपक रखने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं। इससे दुर्भाग्य दूर होता है और तमाम संकट कट जाते हैं।
6. तुलसी की जड़ की मिट्टी लेकर रोजाना माथे पर लगाने से व्यक्ति का मन शांत होता है और उसकी आकर्षण शक्ति बढ़ती है।
7. ऊपरी बाधा या फिर नजर दोष से यदि घर का कोई सदस्य परेशान है तो तुलसी के 7 पत्ते और 7 कालीमिर्च लेकर व्यक्ति के ऊपर से नीचे तक 21 बार वार दें। इस बीच मन में ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र बोलें। बाद में तुलसी के पत्तों और काली मिर्च को नदी में प्रवाहित कर दें।

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