Uric Acid के मरीज नाश्ते में शामिल कर सकते हैं ये 5 चीजें, दूर हो सकती है परेशानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में जब यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो गाउट का खतरा बढ़ता है

हाई यूरिक एसिड के कारण अगर लोग गठिया से घिर गए हैं तो अपनी डाइट में केला शामिल कर सकते हैं

High Uric Acid Breakfast: ब्लड में मौजूद एक वेस्ट प्रोडक्ट होता है यूरिक एसिड जो प्यूरीन नामक प्रोटीन के ब्रेकडाउन से बनता है। बता दें कि प्यूरीन शरीर में अपने आप तो बनता ही है, साथ ही कुछ फूड्स और ड्रिंक्स में भी मौजूद होता है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने को हाइपरयूरिसेमिया की स्थिति कहते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में जब यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो गाउट का खतरा बढ़ता है। इस वजह से जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की परेशानी देखने को मिलती है। इसके अलावा, किडनी रोग, मोटापा, स्ट्रोक, डायबिटीज और हार्ट डिजीज से पीड़ित होने का खतरा भी रहता है।

स्वस्थ रहने के लिए सही डाइट का चुनाव बेहद जरूरी है। साथ ही, हाई यूरिक एसिड के मरीजों को अपनी डाइट में जरूरी फूड्स शामिल करने चाहिए जिनमें प्यूरीन की मात्रा कम हो और जो यूरिक एसिड लेवल कंट्रोल करने में मदद करे। वहीं, नाश्ता दिन भर का सबसे जरूरी आहार होता है जो शरीर को ऊर्जा से भरपूर रखता है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड के मरीज नाश्ते में क्या खा सकते हैं –

केला: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई यूरिक एसिड के कारण अगर लोग गठिया से घिर गए हैं तो अपनी डाइट में केला शामिल कर सकते हैं। इससे खून में यूरिक एसिड की मात्रा कंट्रोल में रहती है जिससे गाउट अटैक का खतरा भी कम होता है। केला में प्यूरीन की मात्रा कम होती है जिस वजह से यूरिक एसिड के मरीज नाश्ते में इसका सेवन कर सकते हैं।

सेब: सेब में डाइटरी फाइबर प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने में मदद करता है। फाइबर ब्लडस्ट्रीम से यूरिक एसिड को सोख लेता है और अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकाल देता है। साथ ही, सेब में मैलिक एसिड होता है जो बढ़ते यूरिक एसिड के प्रभावों को न्यूट्रलाइज करता है।

ग्रीन टी: इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि वजन घटाने में ग्रीन टी का सेवन फायदेमंद होता है, पर क्या आप जानते हैं कि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को काबू करने में ग्रीन टी का सेवन लाभप्रद साबित हो सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को फ्री-रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही, शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को निकालने में भी इसका सेवन फायदेमंद होता है।

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