लुकवासा: दिनेश श्रीवास्तव हुए सेवानिवृत्त, ग्रामीणों ने भव्य समारोह में दी विदाई

साधु संतों के सेवक के रूप में मिली पहचान ,

शिवपुरी कोलारस तहसील में लुकवासा क्षेत्र के जाने माने समाजसेवी , बरिष्ठ शिक्षक श्री दिनेश श्रीवास्तव आज अपने 42 वर्ष के शानदार सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त हो गए , इस मौके पर क्षेत्र के सभी बरिष्ठजन , बुद्धिजीवी , अनेक छात्रों ने नम आंखों से अपने गुरु जी को विदाई थी , कार्यक्रम के दौरान शिक्षा जगत की तमाम हस्तियां उपस्तिथ रहीं तथा सहभोज का लुफ्त उठाया

लुकवासा में जन्मे सम्मानीय श्रीवास्तव जी – शिवपुरी जिले के छोटे से कस्बे लुकवासा के बड़े मंदिर के पास छोटे से मगर बेहद ही खूबसूरत घर में श्री जगन्नाथ प्रसाद श्रीवास्तव एवम श्री मति दख्खो बाई श्रीवास्तव के यहां जन्मे दिनेश श्रीवास्तव जी परिवार में सबसे छोटे थे ,बचपन से पढ़ाई में अब्बल रहे श्रीवास्तव जी ने बड़ी बहिन प्रभा देवी श्रीवास्तव के साथ उंगली पकड़कर पढ़ाई की तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सफल रहे , जिसके परिणाम स्वरूप
10.10.1979 में बतौर शाशकीय शिक्षक स्थान प्राथमिक विद्यालय कुंडाई में पहली पदस्थापना मिली जहां पर 8 बर्ष विताये , उसके बाद 8 बर्ष माध्यमिक विद्यालय बूढ़ाडोंगर में छात्रों के अंदर शिक्षा की ज्योति जागते रहे
संत सेवा से मिली आलौकिक शांति – समाज सेवा क्षेत्र में रुचि के बारे में बताते हुए दिनेश सर कहते हैं कि
सन 1990 में लुकवासा स्थित मुड़ियाखेड़ा हनुमान मंदिर पर बाहर से पधारे संत कुंडल बाले महाराज के सम्पर्क में
आने से मानो उनकी दुनिया ही बदल गई ,तथा कुंडल बाले महाराज के विचारों का प्रभाव ऐसा रहा की उसके बाद संत सेवा, बेसहारा, अनाथ सेवा , दीन दुखियों का पालन , तथा तमाम धार्मिक अनुष्ठान , आयोजन में भागीदारी दिनचर्या का हिस्सा कब बन गई ,पता ही नही चला , लेकिन आत्मिक शांति ने नया जीवन देने का काम किया जिसके फलस्वरूप उसी दिशा में निरंतर बढ़ते चले जा रहे हैं
उसी समय अपने गृह घर मे
कन्या प्राथमिक विद्यालय लुकवासा में स्थानांतरित हो कर आये जहां पर 16 बर्ष तक कड़े परिश्रम से छात्राओं को शिक्षित करने का काम किया तथा जर्जर हो चुकी कन्याशाला भवन के कायाकल्प का श्रेय भी गुरुजी को दिया जाता है अब चूंकि उम्र के साथ साथ सेवाकाल भी बढ़ रहा था इसलिए सन 2013 में पदोन्नत होकर उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर शेष वर्ष माध्यमिक बिद्याल अतरुनी में सेवाएं दी जहां पर सेवानिवृत्त होकर अब समाजसेवा को सम्पूर्ण समय बिताने का लक्ष्य है सम्मानीय गुरुजी दिनेश श्रीवास्तव के परिवार में कुल सदस्य एक पुत्री बर्षा श्रीवास्तव दो पुत्र विवेक एवम अभिषेक श्रीवास्तव और दो बहु दो नाती हैं

शिवप्रताप सिंह रघुवंशी (रेजोनेंस कोचिंग इंस्टीट्यूट कोटा ) तथा गोपाल दंडौतिया आयुर्वेद चिकिस्तक (शाशकीय अस्पताल लुकवासा)
जैसे अनेक छात्र छात्रायें श्रीवास्तव जी के तरासे हुए नायाब हीरे हैं जो
समाज में रहकर अपने अपने क्षेत्र में नई ऊंचाई पर अपना मुक़ाम बनाये हुए हैं , कोलारस हलचल परिवार अपने आदर्श गुरु जी की सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता है ,तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं
देता है

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