बारिश के मौसम में इन 10 बीमारियों से रहना होगा सावधान, ऐसे करें बचाव 

बारिश के मौसम में बिमारियों का खतरा अक्सर बढ़ जाता है. ऐसे में आप अपने परिवार और अपने आपको किस तरह सुक्षित रख सकते ये जानना भी जरूरी है. कोरोना संक्रमण का दौर भले ही खत्म हो गया. लेकिन अभी भी लोग अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं. अगर आप भी अस्पताल नहीं जाना चाहते हैं तो बारिश के मौसम सावधानियां बरतनी पड़ेंगी. ध्यान रहे बारिश में होने वाली उन 10 बिमारियों से हमे पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए.

मॉनसून में होने वाली 10 खतरनाक बीमारियां

बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा मच्छरों का होता है और ये जगह-जगह पानी भरने जाने से पैदा है और इन्ही के साथ शुरू हो जाती है बीमारियां. आइये जानते हैं इनसे बचाव के कारण.

1. डेंगू  : बारिश के मौसम में मच्छर के काटने से सबसे ज्यादा खतरा डेंगू का रहता है. इसके लक्षण सिरदर्द, थकान, जोड़ों में दर्द, प्लेटलेट्स कम होना आदि हैं.

2. येलो फीवर : एडीज एजिप्टी मच्छर से ही येलो फीवर बनता है. इसमें मरीज के अंदर पीलिया के लक्षण दिखने लगते हैं. 

3. मलेरिया : बारिश के मौसम डेंगू से ज्यादा लोगों के मन में मलेरिया का खतरा रहता था. 

4. चिकनगुनिया : डेंगू के बाद भारत में चिकनगुनिया के केस में बढ़ोतरी देखी गई है. इस बीमारी में बुखार, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते आदि लक्षण दिखते हैं.

5. लाइम डिजीज : ये बीमारी Borrelia burgdorferi बैक्टीरिया के कारण होती है. जो कि संक्रमित काली टांगों वाले कीड़ों के काटने से फैलती है.

6. कोल्ड और फ्लू : इस बीमारी से बारिश के वातावरण में कई बैक्टीरिया और वायरस जिंदा रहते हैं. जो नाक, मुंह या आंखों के रास्ते हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. जिससे शरीर बीमार हो जाता है. इसके कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं.

7. हैजा : विब्रियो कोलेरी नामक जीवाणु से दूषित भोजन या पानी का सेवन करने से हैजा की समस्या हो सकती है. इसके लक्षण दस्त, पैरों में अकड़न और उल्टी की समस्या है.

8. लेप्टोस्पायरोसिस : यह बीमारी मॉनसून (मानसून) के दौरान काफी बढ़ जाती है. 2013 के दौरान भारत में इसके मामले देखे गए थे. जो ज़्यादातर जानवरों में देखे गए थे.

9. हेपेटाइटिस ए :  हैजा की तरह हेपेटाइटिस भी दूषित पानी या खाने के सेवन से होता है. इससे लिवर सबसे ज्यादा प्रभावित होता है.

10. टाइफाइड :  टाइफाइड बुखार के मामले बारिश के मौसम में बढ़ जाते हैं. जो कि साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है. इसके लक्षण सिरदर्द, बुखार, भूख में कमी, कब्ज, दस्त आदि समस्याएं हो सकती हैं.

बारिश के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव

किसी भी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें.
बारिश का पानी ऐसी जगह न  जमा होने दें जहां से मच्छर पैदा हो.
पीने का पानी साफ रखें.

सब्जियां व फल साफ रखें.
हाथों, पैरों को अच्छी तरह साफ रखें.
मच्छर भगाने संबंधी  जरूरी चीजों का इस्तेमाल करें.

भरपूर नींद लें और शारीरिक व्यायाम करें.

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