कोवैक्सीन पर उठे सवालों के बीच भारत बायोटेक का ऐलान- असर का पता लगाने करेंगे चौथे फेज का ट्रायल

कोवैक्सीन और कोविशील्ड के असर को लेकर हाल ही सामने आई एक स्टडी के बाद अब भारत बायोटेक अपने टीके के चौथे चरण के ट्रायल का ऐलान किया है। कंपनी ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वो अपनी वैक्सीन कोवैक्सीन की रियल-वर्ल्ड इफेक्टिवनेस यानी टीका लगवा चुके लोगों में इसके असर की जांच करेगी।

दरअसल, हाल ही में कोलकाता के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉक्टर अवधेश कुमार सिंह ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन के इम्यून रेस्पॉन्स की तुलना करते हुए स्टडी की थी। स्टडी के मुताबिक, कोवैक्सीन के मुकाबले कोविशील्ड शरीर में ज्यादा एंटीबॉडी बना रही है। जिसका मतलब है कि कोविशील्ड के मुकाबले कोवैक्सीन कम असरदार है। 

हालांकि, भारत बायोटेक ने स्टडी के दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे अवैज्ञानिक और पूर्वाग्रह से आधारित बताया। जिसके बाद अब कंपनी ने ऐलान किया है कि वह जुलाइ में वैक्सीन के थर्ड फेज के क्लीनिकल ट्रायल के डेटा को सार्वजनिक करेगी। दोनों टीके को लेकर सामने स्टडी के बाद डॉक्टर अवधेश कुमार सिंह और भारत बायोटेक के बिजनेस डेवलमपेंट हेड रैच्स एल्ला के बीच ट्विटर पर जवाब सवाल भी देखने को मिली है।

बता दें कि भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकर रिसर्च की ओर से जारी किए गए अंतरिम डेटा के मुताबिक कोवैक्सीन की टीका फेज थ्री ट्रायल में 78 प्रतिशत असरदार पाई गई। इसके साथ ही ट्रायल्स के दौरान इसे लगवाने के बाद अस्पताल में भर्ती होने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। देश में फिलहाल तीन वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। जिसमें एक कोवैक्सीन दूसरा कोविशील्ड और तीसरा रूस का स्पूतनिक वी टीका है।

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