एयरफोर्स का मेगा ऑपरेशन:वायुसेना के 42 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ऑक्सीजन सप्लाई मजबूत करने में जुटे, 21 दिनों में 1400 घंटे उड़ान भरी

कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश में अचानक मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत हो गई। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने विदेशों से संसाधन जुटाने का सिलसिला शुरू किया। इस काम में देश की एयरफोर्स बड़ी भूमिका निभा रही है। उसके विमान विदेशों से मेडिकल ऑक्सीजन के टैंकर और कोरोना से लड़ाई के लिए जरूरी दूसरी चीजें लाने में जुटे हैं।

वायुसेना के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर अब तक 732 उड़ानें भर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने देश के अंदर और विदेशों से 498 ऑक्सीजन टैंकर पहुंचाए।

देश भर में अब तक 403 ऑक्सीजन कंटेनर पहुंचाए
वायु सेना ने इस मेगा ऑपरेशन के लिए 42 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं। इनमें छह C-17, छह Ilyushin-76, 30 मीडियम लिफ्ट C-130Js और AN-32 विमान शामिल हैं। एयरफोर्स के प्रवक्ता ने बताया कि हमारे पायलटों ने देश भर में 403 ऑक्सीजन कंटेनर पहुंचाने के लिए 939 घंटों की 634 उड़ानें भरी हैं। ये 6856 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ 163 मीट्रिक टन दूसरे उपकरण ले जा सकते हैं।

9 देशों के लिए उड़ान भरी
एयरफोर्स ने जर्मनी, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सिंगापुर सहित 9 से ज्यादा देशों से ऑक्सीजन कंटेनर और दूसरी राहत सामग्री लाने के लिए उड़ान भरी है। वायुसेना के अधिकारियों के मुताबिक, इंटरनेशनल सेक्टर में हमारे विमान इन देशों से 95 कंटेनर लेकर आए। इसके लिए 480 घंटे उड़ान भरी गई। उन्होंने बताया कि विदेश से लाए गए कंटेनर 793.1 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ले जाने में मदद कर सकते हैं। विमानों में 204.5 मीट्रिक टन दूसरी राहत सामग्री भी लाई गई है।

LAC पर भी ऑपरेशन जारी
एयरफोर्स ने देश के उत्तरी इलाकों में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर भी अपना अभियान नहीं रोका है। यहां पिछले साल से भारतीय और चीनी सेना में तनाव है। इन इलाकों में गर्मियों के लिए सैनिकों की तैनाती शुरू हो गई है। इसका मतलब है कि फॉरवर्ड लोकेशंस पर दोनों ओर के सैनिक बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।

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