दिग्विजय ने कहा- चुनाव जरूरी नहीं, गांधी परिवार तय करे कांग्रेस अध्यक्ष, राहुल को बताया मोदी का विकल्प

नई दिल्ली। कांग्रेस हाईकमान पार्टी को मौजूदा गहरे राजनीतिक संकट के दौर से उबारने के लिए नए अध्यक्ष का चुनाव कराने पर गंभीर है मगर पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव कराने की कोई जरूरत नहीं है। गांधी परिवार को ही पार्टी के नेतृत्व के बारे में फैसला करना चाहिए।

दिग्विजय ने राहुल गांधी को बताया नरेंद्र मोदी का विकल्प

कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कार्यसमिति की बैठक के दौरान दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले विपक्ष का विकल्प हैं।

ममता को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का चेहरा बनाने की शुरू हुई सुगबुगाहट

कांग्रेस में असंतुष्ट नेताओं के समूह जी-23 के पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर बढ़ते दबाव और बंगाल में ममता बनर्जी की बड़ी जीत के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का चेहरा बनाने की शुरू हुई सुगबुगाहट के मद्देनजर दिग्विजय सिंह की यह टिप्पणी भविष्य में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के दांव-पेंच की ओर इशारा करती है।

दिग्विजय ने कहा- सोनिया, राहुल और प्रियंका मिलकर जो तय करेंगे, पार्टी वही मानेगी

खास बात यह है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात, मीडिया की सुर्खियों के लिए नहीं बल्कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कही जहां पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष का चुनाव टालने को लेकर बैठक में हुई चर्चा के दौरान दिग्विजय ने 1969 में कांग्रेस के हुए विभाजन के बाद इंदिरा गांधी के पार्टी को आगे बढ़ाने के संदर्भ का जिक्र कर कहा कि पार्टी आपकी है। इसलिए चुनाव कराने की जरूरत नहीं बल्कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को इस बारे में कोई फैसला करना चाहिए और तीनों मिलकर जो तय कर देंगे पार्टी उसको मानेगी।

दिग्विजय ने कहा- राहुल गांधी ने देश के सवालों और मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई

सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने ममता बनर्जी को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का नेता बनने के लिए उभर रहे सुरों की कोई चर्चा तो नहीं कि मगर इस पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश के सवालों और मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई है।

प्रमोद तिवारी ने दिग्गी राजा की बात से जताई सहमति

संवैधानिक संस्थाओं को ध्वस्त करने से लेकर जनता की मुश्किलों को लेकर मोदी सरकार से सीधी लड़ाई लड़ने वाले वे अकेले नेता रहे हैं। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी ही मोदी का विकल्प हैं। सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ पार्टी नेता प्रमोद तिवारी ने दिग्गी राजा की इस बात से सहमति जताई और राहुल की जमकर सराहना की। प्रियंका गांधी ने बीच में टोकते हुए तिवारी बात को लंबा नहीं खींचने की हिदायत दी।

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