हाई कोर्ट ने जिला मुख्यालयों में वकील व मुंशियों को लाकडाउन में आवागमन की छूट दी

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में वकील और उनके क्लर्कों को लाकडाउन में आवागमन से छूट प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस अतुल श्रीधरन की युगलपीठ ने कहा है कि लाकडाउन के दौरान आवागमन के पास के लिए संबंधित जिले के कलेक्टर या उनके द्वारा नामांकित अधिकारी के पास आवेदन करना होगा।

भोपाल के अधिवक्ता ने दायर की थी याचिका: भोपाल निवासी अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि हाई कोर्ट द्वारा 3 मई को जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर के वकील और उनके क्लर्कों को लाकडाउन के दौरान छूट प्रदान की गई है। लाकडाउन के दौरान भोपाल की जिला अदालत और कई ट्रिब्यूनलों में वर्चुअल सुनवाई चल रही है। इसके लिए वकीलों और उनके क्लर्कों को अपने घर से ऑफिस आना-जाना पड़ता है। आवागमन के दौरान कई बार वकीलों और उनके क्लर्कों के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई हो जाती है।

सभी जिला मुख्यालयों के वकील और उनके क्लर्कों को राहत: याचिकाकर्ता की ओर अधिवक्ता अजय गुप्ता ने तर्क दिया कि भोपाल के अलावा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में वकीलों और उनके क्लर्कों को आवागमन से छूट दी जाना चाहिए। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कहा कि जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में संबंधित हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के माध्यम से लाकडाउन में आवागमन के पास बनाने की प्रक्रिया चल रही है। भोपाल सहित प्रदेश के शेष जिला मुख्यालयों में कलेक्टर या उनके द्वारा नामांकित अधिकारी के समक्ष पास के लिए आवेदन किया जा सकता है। सुनवाई के बाद डिवीजन बैंच ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में वकील और उनके क्लर्कों को लाकडाउन में आवागमन से छूट प्रदान करते हुए कलेक्टर के समक्ष पास के लिए आवेदन देने का आदेश दिया है।

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