पाकिस्तान में गद्दार और अमेरिका में हीरो’, वो डॉक्टर जिसने बताया ओसामा का ठिकाना, लेकिन उल्टा मिली 33 साल जेल की सजा

अलकायदा के आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने 10 साल पहले पाकिस्तान में मार गिराया. लेकिन बहुत ही कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी को ढेर करने में एक पाकिस्तानी नागरिक ने बड़ी भूमिका निभाई. इस व्यक्ति का नाम है डॉ शकील अफरीदी (Shakeel Afridi), जिन्हें पाकिस्तानी में गद्दार माना जाता है और अमेरिका में एक हीरो की तरह उनकी प्रशंसा की जाती है.

अमेरिकी नेवी सील द्वारा अलकायदा के मुखिया को ढेर किए एक दशक से ज्यादा हो चला है. लेकिन अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं है कि पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा डॉ अफरीदी को बरी किया गया है. उन्होंने वैक्सीनेशन प्रोग्राम की आड़ में CIA को ओसामा बिन लादेन की पिनपॉइंट लोकेशन की जानकारी दी थी. डॉ अफरीदी को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित साहिवाल जेल में बंद करके रखा गया है. यहां वह अब अपने दिन गिनने में लगे हुए हैं.

अधिकारियों ने डॉ अफरीदी को बनाया बलि का बकरा

ओसामा के मारे जाने के दौरान वाशिंगटन में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने बताया कि उन्हें अब जेल में इसलिए रखा जा रहा है ताकि हर पाकिस्तानी को पश्चिमी खुफिया एजेंसी के साथ सहयोग न करने का सबक सिखाया जा सके. पाकिस्तान में ओसामा की मौजूदगी पर सवाल खड़ा हो पाता, इससे पहले ही अधिकारियों ने डॉ अफरीदी को बलि का बकरा बना दिया. समाचार एजेंसी एएफपी ने डॉ अफरीदी के भाई और उनके वकील के जरिए जेल में उनकी दिनचर्या की जानकारी निकाली है.

जेल में इस तरह दिन गुजार रहे हैं डॉ अफरीदी

जेल में डॉ अफरीदी को किसी से भी बात नहीं करने दिया जाता है. वह सिर्फ अपनी लीगल टीम और परिवार के लोगों से बात कर पाते हैं. परिवार के मुताबिक, कैद में वह रोज रोज एक्सरसाइज करते हैं. उनके पास कुरान शरीफ है, जिसे वह रोज पढ़ते हैं. इसके अलावा, किसी भी अन्य किताब को उन्हें नहीं दिया जाता है. गार्ड्स की मौजूदगी में उनकी दाढ़ी और बाल काटे जाते हैं. साथी कैदियों से मुलाकात करने पर पाबंदी लगाई गई है. परिवार के लोगों को सिर्फ महीने में दो बार मुलाकात करने की इजाजत है.

ओसामा के डीएनए के लिए CIA ने डॉ अफरीदी के जरिए शुरू किया वैक्सीन अभियान

पाकिस्तान के बीहड़ जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले डॉक्टर अफरीदी CIA को एक बेहतर व्यक्ति लगे, जो एबटाबाद में बिन लादेन के ठिकाने पर जासूसी कर सकते थे. CIA को ओसामा के वहां मौजूद होने के सबूत चाहिए थे. इस तरह CIA ने डॉ अफरीदी के जरिए वैक्सीन अभियान की शुरुआत करवाई, ताकि ओसामा के ठिकाने से उसके डीएनए सैंपल्स लिए जा सके. वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने ओसामा के मारे जाने के कुछ हफ्ते बाद ही डॉ अफरीदी को गिरफ्तार कर लिया.

33 साल जेल की सजा काट रहे हैं डॉ अफरीदी

डॉ अफरीदी के ऊपर ओसामा से जुड़े मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई. दरअसल, एक आदिवासी अदालत ने एक औपनिवेशिक युग के कानून के तहत डॉ अफरीदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक विद्रोही ग्रुप को पैसे मुहैया कराया है. इसके बाद उन्हें दोषी ठहराते हुए 33 साल की सजा सुनाई गई. अमेरिकी प्रशासन ने उनकी हिरासत को लेकर विरोध जताया. अमेरिका ने कैदियों के बदले उन्हें अपने यहां लाने का प्रयास किया, लेकिन ये सौदा कभी हो ही नहीं पाया.

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