सच में असरदार है कपूर, लौंग और अजवाइन, सूंघकर बढ़ता है ऑक्सीजन लेवल?

इन दिनों आपने सोशल मीडिया पर कोरोना सम्बंधित कई घरेलू नुस्खे पढ़े होंगे जो सेहत के लिए कारगर है।

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) बढ़ता ही जा रहा है। जिसके चलते लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार (central government) ने कोरोना से बचाब के लिए टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। जिसके बाद अब 1 मई से 18 साल और ऊपर सभी लोगों को वैक्सीन की दी जाएगी। इसी बीच लोग संक्रमण से बचाव के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, ये कितना कारगर है उसका पता नहीं।

इन दिनों आपने भी सोशल मीडिया पर कोरोना सम्बंधित कई घरेलू नुस्खे पढ़े होंगे जो सेहत के लिए कारगर हो। लेकिन आपको बता दें, कि ऐसे ही आंख बंद कर के किसी भी नुस्खे को ना अपनाए।

इस खबर को दिग्गज नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी शेयर किया था । उन्होंने फेसबुक पर इसे ‘सेहत की पोटली’ का कैप्शन दिया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा- कपूर, लौंग और अजवाइन का मिश्रण बनाकर इसमें कुछ बूंदे नीलगिरी के तेल को मिलाकर इस तरह की पोटली बना लें और अपने दिनभर के कामकाज के दौरान बीच-बीच में सूंघते रहें…यह ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने में मदद करता है।

दरअसल, इन दिनों जानकारी दी जा रही है कि कपूर, लौंग, अजवाइन को सूंघने से ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाया जा सकता है। आइए जानते है क्या ये सच है। या मात्र एक अफवाह..

कपूर

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अजवाइन, लौंग, कपूर और नीलगिरी के बूंदों वाली पोटली को लेकर साइंस का कहना है कि इन चीजों का कोरोना वायरस से कोई लेना-देना नहीं है। कपूर एक ज्वलनशील सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ है जिसमें तेस सुगंध होती है। दर्द और खुजली को कम करता है । बता दें, गैर-औषधीय कपूर बच्चों के लिए खासकर नुकसानदायक है, जो उनमें एक मिनट के अंदर गंभीर विषाक्त पदार्थ पैदा कर सकता है।

लौंग

लौंग में यूजेनॉल होता है जो लीवर की कार्यक्षमता में सुधार करता है और पाचन से जुड़ी दिक्कतें दूर करने में मदद करता है। लेकिन यही यूजेनॉल टॉक्सिसिटी यानी विषाक्तता का भी कारण बन सकता है। लौंग को सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है इससे जुड़े कोई शोध मौजूद नहीं हैं। लेकिन लौंग सूंघना खतरनाक जरूर हो सकता है।

अजवाइन

लौंग और कपूर की तरह अजवाइन और नीलगिरी के तेल दोनों पदार्थों के लिए को लेकर कोई ऐसा शोध नहीं जिसमें ये कहा गया हो कि इनके सूंघने से ऑक्सीजन लेवल में सुधार होता है।

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