Bitcoin को भूल जाइए, अगला जमाना NFT का है, हुनर है तो रातों रात बन सकते हैं अमीर, जानिए कैसे 

आम आदमी की भाषा में कहें तो एनएफटी बिटकॉइन की तरह क्रिप्टो टोकन है जो डिजिटल संपत्ति जैसे डिजिटल आर्ट, म्यूजिक, फिल्म, गेम्स या आपको किसी कलेक्शन को मिल सकता है. एनएफटी ने पेंटिंग की दुनिया के कलाकारों को नई राह दिखाई है.


नाम नया है और काम भी नया है. जी हां, अब तक बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी के बारे में सुनते आ रहे थे कि इसे रखने वाला इंसान रातोंरात अमीर हो गया. ठीक उसी तरह अब एक नए तरह के डिजिटल ‘अवतार’ (जो दिखता नहीं है) ने जन्म लिया है जिसे नॉन फंजीबल टोकन (NFT) कहा जा रहा है. इसकी चर्चा अभी हाल में तब और भी गरम हो गई जब टि्वटर के सीईओ जैक डोरसे ने इसका नाम ले लिया.

दरअसल, जैक डोरसे ने अपने एक ट्वीट का डिजिटल वर्जन इस अवतार में बेचा कि उसके खरीदारों की लाइन लग गई और देखते-देखते उस एक ट्वीट की 2.9 मिलियन यानी कि तकरीबन 3 करोड़ रुपये कीमत लग गई. अब आप भी सोच रहे होंगे कि इस ट्वीट में ऐसा क्या था कि उसे 3 करोड़ रुपये में खरीदा गया और अगर कुछ था भी तो उसका डिजिटल वर्जन क्या होता है. तो जान लीजिए, इस ट्वीट की भी किसी सामान या माल की तरह बोली लगी और कद्रदानों ने इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. सबसे बड़े कद्रदान को डोरसे के ट्वीट में कुछ ऐसा दिखा जो उन्होंने 3 करोड़ रुपये उड़ेल दिए.

जैक डोरसे का एनएफटी

लेकिन यह ट्वीट इतना महंगा क्यों बिका? सवाल वाजिब है क्योंकि आज सेकंड में लाखों-करोड़ों ट्वीट होते होंगे. यहां तक कि डोरसे भी पूर्व में कई ट्वीट कर चुके होंगे, लेकिन यह एक ट्वीट उनका करोड़ी कैसे बन गया? दरअसल, 15 साल पुराने इस ट्वीट को जैक डोरसे ने एनएफटी के तौर पर पेश किया. एनएफटी कहें तो नॉन फंजीबल टोकन यानी कि उस ट्वीट को अलहदा होने, विचित्र होने, दुनिया में अनोखा होने का डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त था. लिहाजा ट्वीट पर एनएफटी ठप्पा लगते ही वह करोड़ी ग्रुप में शामिल हो गया.

अब नया सवाल है कि यह एनएफटी का डिजिटल सर्टिफिकेट क्या होता है. तो जान लें, डिजिटल आर्ट की दुनिया में बादशाहत रखने वाले लोग इस तरह का सर्टिफिकेट देते हैं और बताते हैं कि फलां आर्ट एनएफटी बनने के लायक है और उसे डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जा सकता है. बिटकॉइन से इसकी तुलना इसलिए कर सकते हैं क्योंकि दोनों का डिजिटल वर्जन है और दोनों में बिना कुछ किए बेतहाशा कमाई हो सकती है. एनएफटी की बड़ी खासियत उसका डिजिटल सर्टिफिकेट है जो बताता है कि आइटम यूनिक है और अपने आप में अकेला-अनोखा है. मतलब दुनिया में ऐसा दूसरा कोई आइटम नहीं. ऐसी सूरत में उसे एनएफटी का दर्जा मिलता है.

कैसे बनता है एनएफटी

एनएफटी एक तरह से आर्ट और डिजिटल वर्ल्ड का मिश्रण है. जब आपका आर्ट डिजिटल दुनिया में स्थापित हो जाए, लोगों को उसमें कुछ विचित्र दिख जाए तो वह एनएफटी के रूप में घोषित हो जाता है. बिटकॉइन से इसकी तुलना करें तो यह उसी क्रिप्टोकरंसी की तरह किसी टोकन के रूप में होता है. लेकिन यह टोकन दिखता नहीं है. बिना देखे इसे खरीद और बेच सकते हैं, भारी मुनाफा कमा सकते हैं.

इस डिजिटल टोकन को ओनरशिप का सर्टिफिकेट प्राप्त होता है. जिस भी व्यक्ति का आर्ट इस कैटगरी में आता है, उसके आर्ट को ओनरशिप का सर्टिफिकेट मिल जाता है. इसी के साथ उस आर्ट से जुड़े सभी अधिकार उसके मालिक के पास चला जाता है. डिजिटल सर्टिफिकेट यह तय करता है कि उसका डुप्लीकेट नहीं बनाया जा सकता. एक तरह से यह कॉपीराइट का अधिकार देता है.

क्या होता है क्रिप्टो टोकन

आम आदमी की भाषा में कहें तो एनएफटी बिटकॉइन की तरह क्रिप्टो टोकन है जो डिजिटल संपत्ति जैसे डिजिटल आर्ट, म्यूजिक, फिल्म, गेम्स या आपको किसी कलेक्शन को मिल सकता है. एनएफटी कलाकारों के लिए एक नए युग की शुरुआत बताई जा रही है क्योंकि गैलरी में अपना आर्ट बेचना सबके वश की बात नहीं. गैलरी चलाने वालों की धाक और उनकी मोनोपॉली ऐसी होती है कि वहां तक साधारण कलाकार नहीं पहुंच सकते. लेकिन अगर आपमें हुनर है तो डिजिटल दुनिया में आपके आर्ट की कद्र होगी और उसमें दम रहा तो लाखों-करोड़ों रुपये मिल भी सकते हैं.

भारत के इस शख्स ने किया नाम

अगर आप आर्ट और डिजिटल वर्ल्ड के शौकीन हैं तो आपको विग्नेश सुंदरेशन के बारे में जानकारी होगी. विग्नेश सिंगापुर में रहते हैं और भारतीय मूल के नागरिक हैं और ब्लॉकचेन का बिजनेस करते हैं. ब्लॉकचेन इंटरप्रेन्योर भी डिजिटल दुनिया से जुड़ा है जिसमें खरीदारी डिजिटल तौर-तरीके से होती है. विग्नेश अभी हाल में इसलिए सुर्खियों में रहे क्योंकि उन्होंने माइक विंकलमन की एक पेंटिंग 69.3 मिलियन डॉलर में खरीदी. विंकलमन की पेंटिंग बीपल एनएफटी के तौर पर मशहूर हुई थी.

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