कोरोना: पुलिस के हत्थे चढ़े सांसों के सौदागर, बरामद किए 101 ऑक्सीजन सिलेंडर, ऐसे चल रहा था कारोबार

शहर में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। नगर कोतवाली, नंदग्राम कोतवाली और अपराध शाखा की टीम ने एक साथ दबिश देकर दो स्थानों से 101 सिलेंडर बरामद किए हैं। इसमें 30 सिलेंडर भरे हुए हैं, वहीं बाकी खाली सिलेंडर हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कैला भट्ठा के रहने वाले आकिल सैफी पुत्र असरफ और न्यू प्रेम नगर जस्सीपुरा के रहने वाले जावेद मलिक के रूप में हुई है।

पुलिस के अपराध शाखा प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि कई दिनों से ऑक्सीजन के सिलेंडर की कालाबाजारी की खबरें आ रही थी। ऐसे में पुलिस की टीमें दो दिन से पता करने का प्रयास कर रही थी कि आखिर यह सिलेंडर कहां से आ रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को पता चला कि कैला भट्ठा स्थित किसी गैस गोदाम से सिलेंडरों की कालाबाजारी हो रही है। ऐसे में पुलिस उप महानिरीक्षक अमित पाठक के निर्देश पर नगर कोतवाल संदीप कुमार सिंह, नंदग्राम कोतवाल नीरज कुमार की टीम के साथ उनकी टीम ने जाल बिछाकर शनिवार की देर शाम कैलाभट्ठा में दबिश दी। 

इस दौरान पता चला कि जो व्यक्ति सिलेंडर बेचता है वह हिंडन विहार स्थित गोदाम पर है। ऐसे में पुलिस टीमों ने हिंडन विहार में दबिश दी। वहां से पुलिस ने आरोपी आकिल सैफी को हिरासत में लेते हुए 39 सिलेंडर बरामद कर लिए। फिर आकिल की ही निशानदेही पर पुलिस ने हिंडन विहार में ही जावेद के गोदाम पर दबिश देकर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया और गोदाम से 38 सिलेंडर बरामद किए हैं। 

इन दोनों को लेकर पुलिस कोतवाली पहुंची और जब यहां पूछताछ की गई तो आकिल ने बताया कि उसके घर में बने गोदाम में भी 25 सिलेंडर भरे हुए रखे हैं। ऐसे में पुलिस ने उसके घर दोबारा पहुंची और सभी सिलेंडर कब्जे में ले लिया है। 

मजबूरी का लाभ उठाकर करते थे सांस का सौदा
नगर कोतवाल संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी लोगों की मजबूरी का लाभ उठाकर उनकी सांस का सौदा करते थे। उन्होंने बताया कि इनके पास सिलेंडर किराए पर लेने आ रहे लोगों से आरोपी पहले उनकी जरूरत का अंदाजा करते थे। जैसे ही उन्हें लगता था कि ग्राहक मजबूर है तो एक सिलेंडर का किराया 24 घंटे के लिए पांच से दस हजार रुपये तक मांगते थे। वहीं 40 से पचास हजार में बेचने का सौदा करते थे। इसी प्रकार भरा हुआ सिलेंडर 60 से 70 हजार रुपये में देते थे।

मामले का खुलासा होने पर लोग भड़के 
इन गोदामों से ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी का खुलासा होते ही शहर में आक्रोश का माहौल बन गया। स्थिति यहां तक आ गई कि लोग तोड़फोड़ करने लगे और इनके खिलाफ वही सलूक करने की मांग करने लगे जो कानपुर के गैंगेस्टर विकास दुबे के साथ हुआ था। हालात खराब होते देख आसपास के थानों की पुलिस मौके पर बुलाई गई। लोगों को भरोसा दिया गया कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद लोग शांत हुए।

इस मामले पर पुलिस उप महानिरीक्षक अमित पाठक ने कहा, ‘पुलिस टीमें कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सुराग तलाशने में जुटी हैं। इस तरह का कोई भी अपराधी बचने नहीं पाएगा।’

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