कोरोना हुआ तो हड़बड़ाकर न हो जाएं अस्पताल में भर्ती, पहले लीजिए 6 मिनट का वॉक टेस्ट

कोरोना की दूसरी लहर ने देश और दुनिया की नाक में दम कर दिया। भारत में संक्रमितों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं। ऐसे में कई बार गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पा रहा है। इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपका RT-PCR टेस्ट पॉजिटिव आता है तो घबराकर अस्पताल में भर्ती न हो जाएं। अधिकतर कोरोना मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो सकते हैं। ट्विटर पर सरकार द्वारा साझा किए गए एक वीडियो मेसेज में टाटा मेमोरियल अस्पताल के निदेशक डॉ सीएल प्रमेश के सुझाव दिए गए हैं।

कोविड पॉजिटिव रोगियों को अच्छे खाने के अलावा, तरल पदार्थ, योग, प्राणायाम करना चाहिए। इसके अलावा उन्हें अपने बुखार और ऑक्सीजन के स्तर को ट्रैक करना चाहिए। ऑक्सीजन स्तर की सटीक समझ के लिए, छह मिनट का वॉक टेस्ट लेने का सुझाव दिया जा रहा है, जहां एक मरीज को अपने क्वारंटाइन वाले कमरे में चलने के छह मिनट पहले और बाद में ऑक्सीजन लेवल चेक करना है। यह टेस्ट एक दिन में 2-3 बार लिया जा सकता है। यदि ये रीडिंग सामान्य हैं, तो अस्पताल में एडमिट होने की कोई जरूरत नहीं है।

संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होना चाहिए अगर- 

ऑक्समीटर पर बेसलाइन रीडिंग 94 फीसदी से नीचे है।

चलने के 6 मिनट पहले और बाद में ऑक्सीजन के स्तर में 4 प्रतिशत या अधिक उतार-चढ़ाव होता है।

ऐसे मामलों में जब ऑक्सीजन का स्तर 94 फीसदी से नीचे होता है, तो रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में सुधार के लिए अपने पेट के बल लेट जाना चाहिए। यदि किसी रोगी में बुखार के अलावा कोई अन्य लक्षण नहीं है, तो केवल पेरासिटामोल ही लें।

एम्स के निदेशक डॉ. रामदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोविड के 85 प्रतिशत से अधिक मरीज बिना किसी विशिष्ट उपचार के ठीक हो सकते हैं। “ऑक्सीजन एक उपचार है, यह एक दवा की तरह है। 

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