काेराेना से जंग में घर पर इलाज ले रहे मरीजाें काे उत्साह का आनलाइन डाेज

ग्वालियर, । जंग बीमारी से हो या फिर किसी और से, संयम व हौसलों से जीती जाती है। जिस व्यक्ति ने भी हौसले बुलंद रखे, उसने जंग जीती है, इसलिए घबराएं नहीं। कोई भी महामारी आपके हौसलों से बढ़ी नहीं हो सकती। संयम के साथ उपचार लें और हौसले को बुलंद रखें, जीत आपकी ही होगी। ये और ऐसी तमाम उत्साहवर्धक बातें, सलाह, घर में रहकर इलाज ले रहे मरीजों से गूगल मीट के जरिए मुरार एसडीएम पुष्पा पुषाम सहित तमाम प्रशासनिक अफसर, डाक्टर व प्रोफेसर हर दिन कर रहे हैं। यह चर्चा होम आइसोलेट मरीजों के उपचार में उत्साह रूपी दवा के डोज का काम कर रही है।

सभी इंसीडेंट कमांडर हर रोज अपने-अपने जोन के मरीजों का इंटरनेट मीडिया के द्वारा उत्साहवर्धन करते हैं। इसमें मरीजों को उनके खान-पान, रहन-सहन, दवा और योग के बारे में अलग-अलग विषय के विशेषज्ञ परामर्श और कोरोना से जीतने का हौंसला दे रहे हैं। गौरतलब है कि शहर में 5130 एक्टिव केस हो चुके हैं, जिसमें करीब 4400 मरीज होम आइसोलेट हैं। जिनका उत्साह वर्धन करने का कार्य प्रतिदिन किया जाता है। साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान, दवा की उपलब्धता, खाने-पीने की समस्या का भी निराकरण करते हुए उन पर निगरानी भी रखी जाती है।

आनलाइन मीट में ये होते हैं शामिल: सभी इंसीडेंट कमांडर, डा. बिंदु सिंघल, डा. बीना प्रधान, डा. शशीवाला भौंसले, डा.संध्या सुलैया, डीपीएमयू के अलावा अलग-अलग कालेज के प्रोफेसर सहित संभागायुक्त आशीष सक्सेना भी जुड़ते हैं।

मरीज के हर सवाल का जवाब देते विशेषज्ञः होम आइसोलेट मरीज के हर सवाल का जबाव गूगल मीट के दौरान दिया जाता है। मुरार निवासी 45 वर्षीय महिला ने खुद को स्वस्थ बताया, लेकिन सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दर्द की शिकायत बताई। डा. बिंदु सिंघल ने उन्हें पैरों द्वारा किए जाने वाले योग के बारे बताया। इसी तरह से दवा की उपलब्धता, खान-पान संबंधी समस्या का समाधान भी तत्काल दिया जा रहा है।

यह दिए जाते टिप्स

योगा: खुद को चुस्त-दुरस्त रखने के लिए योगासन आवश्यक है। किस योग को किस तरह करना है, उसका क्या फायदा है, यह बताया जाता।

खान-पान: घर में रहने वाले मरीज क्या खाएं, क्या न खाएं। डाक्टर मरीजों का डाइट चार्ट बताते हैं।

उपचार: घर पर रहने वाले मरीज के लक्षण के आधार पर डाक्टर के द्वारा उसका इलाज बताया जाता है।

खाली समय में क्या करें

टीकाकरण: मरीजों को बताया जाता है कि जो भी अपके रिश्तेदार या परिचित हैं, उन्हें भी घर पर रहने की सलाह दें। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की सूची तैयार करें और उन्हें टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करें।

घर से न निकलें: होम आसोलेशन के दौरान घर से न निकलें, न किसी से मिलें। घर में भी अलग-थलग रहें।

अध्ययन करें: घर पर रहकर अध्ययन करें, क्योंकि आज के समय में हर कोई व्यस्त है। आपको यह समय मिला है तो उसका सदुपयोग करें। वेद-पुराण, रामायण, महाभारत या फिर साहित्य पढ़ें, जो आप में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

पौधारोपण: घर में रहकर मोबाइल के जरिए और लोगों को भी पौधारोपण, गार्डनिंग के लिए प्रेरित करें। कोविड गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

नकारात्मक सूचना: इंटरनेट मीडिया हो या न्यूज चैनल नकारात्मक प्रभाव डालने वाली सूचनाओं को न देखें।

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