राफेल और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से फ्रांस ने दागीं परमाणु मिसाइलें, आखिर जंग की ओर क्यों बढ़ रहा यूरोप?

रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ता तनाव दुनिया में एक बड़ी जंग की वजह बन सकता है. यूक्रेन से लगने वाली सीमा पर रूस ने बड़ी तादाद में बख्तरबंद हथियार और सैनिक तैनात कर दिए हैं. इससे यूरोप में युद्ध के आसार बढ़ते जा रहे हैं. पूरे यूरोप में हाई अलर्ट जैसे हालात पैदा हो रहे हैं. ऐसे में बम बरसाने वाले अमेरिकी लड़ाकू विमान नॉर्वे पहुंच गए हैं. गुस्साए रूस ने अपनी नौसेना को भी तैनात कर दिया है.

हालात को देखते हुए फ्रांस ने भी अपनी तैयारी को तेज कर दिया है. खबर है कि हाल ही में फ्रांसीसी एयरफोर्स के राफेल और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने एक मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान अपनी ताकत दिखाते हुए परमाणु मिसाइलें दागीं. फ्रांस की वायुसेना की Nuclear Deterrent Force ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. हालांकि, फ्रांस अपनी परमाणु हमले की ताकत का जायज़ा लेने के लिए ऑपरेशन पोकर के तहत साल में 4 बार युद्धाभ्यास करता है, जो आम तौर पर रात में किया जाता है. ऑपरेशन पोकर के दौरान फ्रांस की वायुसेना परमाणु हमले के जवाब में सेकेंड स्ट्राइक क्षमता का अभ्यास करती है.

50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने किया अभ्यास

पिछले हफ्ते हुए युद्धाभ्यास के बारे में फ्रांसीसी एयरफोर्स ने बताया कि इस एक्सरसाइज में कुल 50 लड़ाकू विमानों ने शिरकत की. फ्रांस के अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरकर ये लड़ाकू विमान ऑपरेशन पोकर में शामिल हुए. इनमें राफेल, WC-135 और A-330 MRTT लड़ाकू विमानों के साथ ही अवाक्स E-3 S और मिराज-2000 फाइटर जेट शामिल हुए.

परमाणु हथियारों का टेस्ट फायर किया

फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने भूमध्य सागर के ऊपर से उड़ान भरते हुए तकरीबन 6-7 घंटे चले इस ऑपरेशन में फ्रांस के मध्य इलाके में बनी टेस्टिंग रेंज में परमाणु हथियारों का टेस्ट फायर किया. खबर है कि युद्धाभ्यास के दौरान कुछ लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के विमान होने की भूमिका भी निभाई थी. साथ ही फ्रांस के लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के Air Defence Zone में घुसकर हमला करने की ट्रेनिंग भी की. राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस की एयरफोर्स के अलावा नेवी में भी तैनात किया गया है. साल 2009 और 2010 से ही इन विमानों को न्यूक्लियर एयर लॉन्च क्रूज मिसाइलों (ASMPA) से लैस करने का काम किया जा रहा है. अपनी मिसाइलों की ताकत बढ़ाने के लिए फ्रांस लगातार बड़े पैमाने पर हथियारों का टेस्ट कर रहा है.

ASN4G को विकसित करने में लगी कंपनी

इस टेस्ट के दौरान राफेल बनाने वाली कंपनी Dassault Aviation और फ्रांस की हथियार निर्माता कंपनी MBDA के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे. MBDA कंपनी ASMPA की जगह ASN4G को विकसित करने में लगी हुई है. जानकारी के मुताबिक ASN4G को दुनिया का कोई भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम रोक नहीं सकता है. हवा से लॉन्च होने की वजह से इसकी मारक क्षमता और रेंज भी काफी ज्यादा है. अगर राफेल लड़ाकू विमान को इस मिसाइल से लैस किया जाता है तो इससे फ्रांस की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा हो जाएगा.

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