खूब बिक रही होम्योपैथ की ये चार दवाएं, ठीक हो रही सर्दी-खांसी और मजबूत हो रहा इम्यून सिस्टम

कोरोना ने होम्योपैथी चिकित्सा की विश्वसनीयता को बढ़ा दिया है। लोगों का भरोसा तेजी से होम्योपैथ चिकित्सा के प्रति बढ़ा है। कोरोना काल में होम्योपैथ की ये चार दवाइयां काफी कारगर साबित हो रही है।

जमशेदपुर। कोरोना ने होम्योपैथी चिकित्सा की विश्वसनीयता को बढ़ा दिया है। लोगों का भरोसा तेजी से होम्योपैथ चिकित्सा के प्रति बढ़ा है। कोरोना काल में होम्योपैथ की ये चार दवाइयां काफी कारगर साबित हो रही है। सबसे अधिक मांग आर्सेनिक एलबम-30 की हो रही है। इस दवा का प्रयोग शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युन सिस्टम) बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसकी सेवन चार बूंद खाना खाने के पहले चार टाइम लें। एक सप्ताह के अंदर ही इसका असर दिखने लगता है।

वहीं, मौसम चेंज होने की वजह से सर्दी-खांसी के मरीज भी बढ़ गए हैं। उनके लिए हिपर सल्फर 30 पॉवर की दवा लाभदायक है। छींक आना, सर्दी होने पर पानी में पांच बूंद मिलाकर चार टाइम लें। इससे राहत मिलेगी। गले में खरांश होने पर हिपर सल्फर 200 पावर की दवा लेने की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। इस दवा का सेवन पानी में मिलाकर पांच बूंद चार टाइम लेना है। वहीं, सांस लेने में परेशानी होने पर सेनेगा-क्यू दवा का प्रयोग कर सकते हैं। इस दवा का सेवन पानी में मिलाकर 20 बूंद चार टाइम करनी है। इन दवाओं की मांग बाजार में सबसे अधिक हो रही है।

रुपए व सिक्कों से भी फैल सकता है वायरस

रुपए और सिक्कों से भी कोरोना वायरस फैल सकता है। ऐसे में रुपए और सिक्कों के आदान-प्रदान में सावधानी बरतना चाहिए। जहां तक संभव हो पॉलीथिन साथ रखें और सिक्का को हाथ में न लेकर पॉलीथिन में लें। घर में पहले सिक्कों को सैनिटाइज करें फिर अपने हाथों अच्छी तरह से साफ करें।

कपड़ों पर नौ घंटे तक रहता कोरोना वायरस

कपड़ों पर कोरोना का वायरस नौ घंटे तक रहता है। ऐसे में कपड़ों को अच्छी तरह से साफ करें और धूप में सूखाएं। जहां तक संभव हो धूप में भी बैठना चाहिए।

मरीजों का भरोसा तेजी से बढ़ा

होम्योपैथ चिकित्सा पर मरीजों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। दवाइयां काफी कारगर साबित हो रही है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। इसके लिए ताजा भोजन करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। नींद पूरी करें। बाहर से घर लौटने पर सबसे पहले कपड़े बदलना चाहिए। इसके साथ अपने हाथ, पैर और चेहरे को साफ करना चाहिए।

– डॉ. एमएन अख्तर, होम्योपैथ चिकित्सक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!