आधी रात को पुलिस पर हमला, वायरलेस सेट तोड़ा

भोपाल । कोहेफिजा थाना इलाके के खानू गांव में बुधवार देर रात आधा दर्जन युवकों ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। बदमाशों के पास रायफल भी थी। झूमाझटकी करते हुए पुलिसकर्मी का वायरलेस सेट तोड़ दिया। वारदात के बाद बदमाश रायफल लेकर पैदल भाग निकले। पुलिस ने मौके से एक जिप्सी बरामद की है। उसका रजिस्ट्रेशन राजस्थान का है। ज्ञात हो कि विगत तीन अप्रैल को काजी कैंप इलाके में देर रात खुली दुकान बंद कराने गई हनुमानगंज थाने की पुलिस टीम पर जहीर मौलाना और उसके परिवार ने हमला कर दिया था। उसमें एक एएसआइ अरविंद जाट, हवलदार लोकेश जोशी और सिपाही सुजान मीना घायल हो गए थे।

कोहेफिजा थाना प्रभारी अनिल वाजपेयी ने बताया कि बुधवार रात को थाने की डायल-100 की वैन से पुलिस गश्त पर थी। रात करीब डेढ़ बजे पुलिस वैन खानूगांव के पास से गुजर रही थी, तभी आरक्षक नवीन की नजर तालाब किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी एक जिप्सी पर पड़ी। नवीन जिप्सी के पास पहुंचा। उसमें आधा दर्जन युवक बैठे हुए थे। जिप्सी में बंदूक भी रखी थी। नवीन ने उन लोगों से पूछताछ करते हुए वहां मौजूद रहने की वजह पूछी तो बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए नवीन से झूमाझटकी करना शुरू कर दी। नवीन ने घटना की सूचना वायरलेस सेट से अधिकारियों को देना चाही तो बदमाशों ने वायरलेस सेट छीन कर उसका तार तोड़ दिया। वैन का हूटर बजाने पर बदमाश जिप्सी मौके पर छोड़ रायफल लेकर पैदल भाग निकले। आरक्षक नवीन की शिकायत पर अज्ञात युवकों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, झूमाझटकी करने, तोड़फोड़ करने का केस दर्ज किया गया। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

प्लानिंग से करें स्टार्टअप की शुरुआत : प्रो होलानी

यदि आप स्टार्टअप शुरू करना चाहते है तो उसके लिए प्लानिग पहले से करें, क्योंकि बिना योजन बनाए किए गए कामों की सफलता की गारंटी नहीं होती। इसके साथ ही मजबूत टीम वर्क भी आपकी सफलता में महत्वपूर्ण फेक्टर साबित होता है। यह बात जीवाजी विश्विद्यालय के कुलाधिसचिव प्रो उमेश होलानी ने कही। वह जेयू के सीआईएफ में चल रहे फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम में बतौर एक्सपर्ट बोल रहे थे।। ऑनलाइन चलने वाला
यह प्रोग्राम 12 अप्रैल तक चलेगा। इस अवसर पर दुग्धसंघ के सीईओ अनुराग सिंह सेंगर, जेयू की ओर से
साइंटिफिक ऑफिसर डॉ साधना श्रीवास्तव, वीआरएस गुर्जर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

इन पर भी करें फोकस

दुग्धसंघ के सीईओ अनुराग सिंह ने कहा कि व्यवसाय की सफलता के लिए कोऑर्डिनेशन, कोऑपरेशन को ध्यान में रखना आवश्यक है।

होटल संचालक ने पत्नी से नोंकझोंक के बाद फांसी लगाकर की आत्महत्या

ग्वालियर/ घोसीपुरा (मुरार) में मुकेश सोनी ने बुधवार की रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक खुला संतर में होटल चलाता था। युवक के आत्महत्या का स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका है। मृतक के नजदीकी लोगों ने पुलिस को बताया कि रात को मुकेश आैर उसकी पत्नी के बीच रात में नोक-झोंक हुई थी। मुरार थाना पुलिस ने घरवालों की सूचना पर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस युवक के आत्महत्या का कारण पता लगाने के लिए जांच कर रही है।

घोसीपुरा निवासी मुकेश सोनी बुधवार की रात को होटल बंद कर घर लौटा। घर पर किसी बात को लेकर पत्नी से नोक-झोंक हो गई। मुकेश सोनी व पत्नी अलग-अलग कमरे में सोने चले गए। रात में चालीस वर्षीय मुकेश सोनी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मुकेश के फांसी लगाने से घर में कोहराम मच गया। युवक के फांसी लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस भी पड़ताल करने के लिए मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद मुकेश के शव को पीएम के लिए डेड हाउस पहुंचा दिया। पुलिस ने गुरूवार की दोपहर को मुकेश के शव का डाक्टरी परीक्षण कराने के बाद शव को उसके स्वजनों को सौप दिया है। पुलिस ने बताया कि परिवार के लोगों ने गमगीन होने के कारण मृतक के आत्महत्या करने के संबंध में कुछ नहीं बताया है। पत्नी से कुछ नोक-झोंक होने की बात सामने आई है, लेकिन अभी वह भी स्पष्ट नहीं हैं। युवक के आत्महत्या करने के वास्तविक कारण पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

अब सभी शहरों में शनिवार-रविवार लॉकडाउन, शिवराज सिंह ने घोषणा करते हुए कहा- मेरी मंशा कभी भी लॉकडाउन की नहीं रही

मध्यप्रदेश में अब सभी शहरों में शनिवार-रविवार दो दिन का लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। चौहान ने कहा कि यह लॉकडाउन शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक यानी कुल 60 घंटे का होगा। सरकार का यह फैसला मध्यप्रदेश के सभी बड़े-छोटे शहरों में लागू होगा। अब तक यहां 13 शहरों में एक दिन का संडे लॉकडाउन लागू था।

एक दिन पहले को ही मध्यप्रदेश के सभी शहरों में नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई थी। लेकिन बुधवार को 24 घंटे में रिकॉर्ड 4043 कोरोना मरीज आने के बाद सरकार ने शनिवार-रविवार लॉकडाउन का ऐलान किया। इसकी घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी मंशा लॉकडाउन की नहीं रही है।

मध्य प्रदेश के सभी छोटे और बड़े शहरों में अब शनिवार को भी लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को यह ऐलान कर दिया। शुक्रवार शाम 6 से सोमवार के सुबह 6 बजे तक लगातार लॉकडाउन 60 घंटे का रहेगा। CM ने कहा कि मेरी मंशा कभी भी लॉकडाउन की नहीं रही है। बता दें कि एक दिन पहले ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया था।

थाने में 4 दिन की सजा बढ़ाकर दिखाने पर कम हो रही थी 6 महीने की सजा, रिकॉर्ड से हुआ खुलासा अब 2 साल ज्यादा जेल में रहना पड़ेगा

ग्वालियर/ सेन्ट्रल जेल में बंद हत्यारे ने धोखाधड़ी कर शासन की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया है। हत्यारे ने अपनी 6 महीने की सजा कम करने के चक्कर में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर 4 दिन की सजा बढ़ाकर दिखा दी। जिससे वह 26 जनवरी 2022 की जगह 15 अगस्त 2021 में ही छूट जाए। घटना मार्च 2020 सेन्ट्रल सेल ग्वालियर की है। रिकॉर्ड से पूरे मामले का खुलासा हो गया। अब आजीवन कारावास की सजा काट रहे हत्यारे पर बहोड़ापुर थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। धोखाधड़ी में होने वाली 2 साल की अतिरिक्त सजा उसे और भुगतना पड़ेगी।

जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि जेल में हत्या के मामले में वर्ष 2007 से आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी दुर्गेश भदौरिया को जेल में वारंट का काम सौंपा गया था। जहां उसने मार्च 2020 तक काम किया। साल 2021 में उसकी सजा का समय पूरा होने वाला था और 26 जनवरी 2022 में गणतंत्र दिवस पर रिहा होने वाले बंदियों की सूची में उसका नाम जाना था। उसकी सजा में सिर्फ 4 दिन का अंतर आ रहा था। यह 4 दिन बच जाते तो वह 15 अगस्त 2021 में ही रिहा हो सकता था। जेल वारंट सेल में काम करने के दौरान बंदी दुर्गेश ने साजिश रची। यहां उसने अपनी सजा से जुड़े दस्तावेज में 4 दिन अतिरिक्त पुलिस कस्टडी के जोड़ लिए थे। इससे उसकी रिहाई 6 महीने पहले ही हो जाए। जब उसका रिकॉर्ड वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचा तो उन्हें संदेह हुआ। साथ ही मामले की जांच की तो पता चला कि हत्यारे दुर्गेश ने शातिर दिमाग का उपयोग कर चार दिन जोड़कर दस्तावेज में छेड़छाड़ की है।

वैरीफिकेशन से हुआ खुलासा

जेल प्रबंधन ने मामले की जानकारी के लिए पहले कोर्ट से वर्ष 2007 का रिकॉर्ड निकाला, जिसमें उसे कस्टडी में रखने की जानकारी नहीं थी, फिर संबंधित थाना पुलिस से जानकारी मांगी तो पता चला कि उसे पुलिस कस्टडी में नहीं रखा गया था। इसका पता चलते ही जेल प्रबंधन ने मामले की शिकायत बहोड़ापुर थाना पुलिस से की। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

ऑक्सीजन की कमी से गईं 5 जानें, सरकार ने भिलाई स्टील प्लांट से 60 टन ऑक्सीजन सप्लाई का किया करार

मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन और रेमडेसिविर के इंजेक्शन की कमी से हालात बदतर हो रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से 48 घंटे में सागर में 4 और खरगोन में 1 कोरोना मरीज की मौत हो गई। ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने भिलाई स्टील प्लांट से करार किया है। हर रोज प्लांट से 60 टन ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। इस बीच पिछले 24 घंटे में पूरे एमपी में कोरोना से 13 मरीजों की मौत हुई है।

पहली खेप अगले एक-दो दिन में मिलने की उम्मीद है। भोपाल कलेक्टर ने जिले में चल रहे प्लांट 24 घंटे चालू रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। 24 घंटे में 4043 केस मिले हैं। प्रदेश के 4 बड़े शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में ही 50 फीसदी संक्रमित आए हैं।

सभी शहरों में संडे लॉकडाउन, सरकारी दफ्तर 5 दिन ही खुलेंगे

प्रदेश में 7 अप्रैल तक एक्टिव केस की संख्या 27 हजार से ज्यादा हो चुकी थी। जबकि कोरोना की पहली लहर में एक्टिव केस का आंकड़ा 21 हजार से आगे नहीं बढ़ पाया था। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश के सभी शहरों में संडे लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। सभी सरकारी दफ्तर अगले 3 महीने तक सप्ताह में केवल 5 दिन ही खुलेंगे। इनकी टाइमिंग सुबह 10 से शाम 6 बजे तक रहेगी। शनिवार और रविवार दफ्तर पूरी तरह बंद रहेंगे। प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में आज गुरुवार से अगले आदेश तक रोजाना रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। छिंदवाड़ा जिले में रात 8 बजे से अगले 7 दिन तक टोटल लॉकडाउन रहेगा।

CM शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार शाम को आपात बैठक में चर्चा के बाद यह फैसला लिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सहमति लेकर कलेक्टर शहरी क्षेत्र में रविवार के अलावा शनिवार को भी लॉकडाउन का आदेश जारी कर सकते हैं। प्रदेश के अधिक संक्रमित शहरी क्षेत्रों में कंटेनमेंट ज़ोन बनाए जाएंगे कंटेनमेंट एरिया में 7 से10 दिन तक का लाॅकडाउन लगाया जा सकेगा।

12 फीसदी पर संक्रमण दर, छोटे शहरों में भी 100 से अधिक केस

पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 4,043 पॉजिटिव केस मिले हैं। हालात बिगड़ने का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पॉजिटिविटी रेट 12% पहुंच गया है। मौतों का आंकड़ा 4086 हो गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के बाद अब बड़वानी, उज्जैन और उमरिया में 100 से अधिक केस मिले हैं।

कश्मीर में सरकारी बिल्डिंगों पर फहरा तिरंगा, महबूबा मुफ्ती बोलीं- डरे हुए हैं सरकार में बैठे लोग

श्रीनगर
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की ओर से सभी सरकारी भवनों में तिरंगा झंडा फहराए जाने के आदेश पर महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि राज्य प्रशासन (Jammu and kashmir News) के दिल में असुरक्षा की भावना है। मुफ्ती ने कहा कि देश में कही भी राज्यपाल ऐसा आदेश जारी नहीं करते। फिर कश्मीर में यह आदेश क्यों जारी किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप भी लगाया कि कश्मीर में किसी को भी अपनी बात रखने की आजादी नहीं है।

बता दें कि बीते दिनों उपराज्यपाल ने आदेश जारी किया था कि जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी भवनों पर 15 दिनों के अंदर तिरंगा झंडा फहराया जाए। जब इस बारे में बुधवार को महबूबा मुफ्ती से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं इस पर क्या बोलूं। कहीं न कहीं इनके (केंद्र सरकार के) दिल में गैर यकीनियत (अविश्वास की भावना) है। इन लोगों में असुरक्षा की भावना है।’ उन्होंने कहा कि पूरे देश में कोई भी राज्यपाल ऐसा आदेश जारी नहीं करता तो फिर जम्मू-कश्मीर में ऐसा क्यों?

पहले भी दिया था ‘विवादित’ बयान
मुफ्ती ने आगे कहा, ‘केंद्र सरकार को एहसास-ए-कमतरी है। उनमें सेंस ऑफ इनसिक्यॉरिटी (असुरक्षा की भावना) है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में किसी का भी अपनी राय रखना जुर्म है। उन्होंने कहा कि रोज नए-नए कानून लाकर लोगों की जुबान बंद करने की कोशिश की जा रही है। मुफ्ती इससे पहले भी तिरंगा न फहराने से संबंधित बयान देकर विवादों में रह चुकी हैं। बीते साल अक्टूबर में दिए अपने एक बयान में उन्होंने कहा था कि जब तक मेरा झंडा (जम्मू-कश्मीर का झंडा) हमारे पास वापस नहीं आ जाता, मैं कोई भी दूसरा झंडा नहीं उठाऊंगी।

वहीं, मुफ्ती के बयान की बीजेपी नेता रविंद्र रैना ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और हर किसी के पास जन्मसिद्ध अधिकार है कि वह तिरंगा फहराए। कश्मीर घाटी में हर कोई तिरंगा खुशी से फहराता है लेकिन महबूबा मुफ्ती जैसे नेता जो राष्ट्रद्रोहियों के टोन में बोलती हैं, वे इससे दुख में हैं।

कोराेना बेकाबू, पॉजिटिविटी रेट 12%:4043 नए केस, 13 मौतें; एक्टिव केस 26 हजार के पार,12 दिन में दो गुना हुए

मध्य प्रदेश / कोरोना का ग्राफ तेजी से ऊपर आ रहा है। पिछले 24 घंटे में रिकाॅर्ड 4,043 पॉजिटिव केस मिले हैं। हालातों के बिगड़ने का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पॉजिटिविटी रेट 12% पहुंच गया है। मौतों का आंकड़ा 4086 हो गया है। इसमें 6 अप्रैल की 13 मौत भी शामिल हैं। चार महानगरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के बाद अब बाद अब बड़वानी, उज्जैन और उमरिया में 100 से अधिक केस मिले हैं। प्रदेश में संक्रमण बेकाबू रफ्तार को रोकने के लिए सरकार ने 13 जिलों में रविवार के बाद अब शनिवार को भी लॉकडाउन करने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि हम लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन कुछ जिलों में ऐसी परिस्थितियां आती है तो लॉकडाउन बढ़ाना ही अंतिम विकल्प होगा। इसके लिए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सिफारिश से इस तरह के सख्त फैसले लिए जाएंगे। सरकार की सबसे बड़ी चिंता एक्टिव केस का ग्राफ बढ़ना है। प्रदेश में एक्टिव केस 12 दिन में दो गुना हो गए हैं। 26 मार्च को प्रदेश में 12,995 एक्टिव केस थे, जो 6 अप्रैल को बढ़कर यह संख्या 26,059 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्टिव केस बढ़ने के कारण अस्पतालों में बेड की संख्या 24 से बढा़कर 36 हजार किए जा रहे हैं। जीवन शक्ति योजना के तहत स्व सहायता समूहों को 10 लाख मास्क बनाने का सरकार ने ऑर्डर दे दिया है।

ग्वालियर की स्थिति पिछले साल से भी ज्यादा भयावह होती जा रही है । बीते एक सप्ताह से यहां डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज हर रोज निकल ही रहे थे लेकिन वुधवार को कोरोना का बड़ा विस्फोट सामने आया । संक्रमित लोगो का आंकड़ा सारी सीमाएं पार करके 225 पर पहुंच गया। टेस्ट के मुकाबले यह आंकड़ा लगभग 15 फीसदी है जो यहां हो रहे इसके भयबह स्प्रेड का संकेत  देता है ।

हाॅस्पिटल एडमिशन प्रोटोकॉल लागू होगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि हॉस्पिटल एडमिशन प्रोटोकाॅल लागू किया जा रहा है। इसके तहत कोविड की जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि कम संक्रमित मरीज को होम आइसोलेशन में भेजना है या फिर कोविड केयर सेेंटर में रखा जाना है।
हर जिले में बनेगा एक-एक कोविड केयर सेंटर
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर जिले में एक-एक कोविड केयर सेंटर बनाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। ताकि जिन मरीजों का परिवार बड़ा है और होम आइसोलेशन में दिक्कत है तो उन्हें इन सेंटर में रखकर इलाज किया जाएगा।
रेमडेसिवीर का इंजेक्शन खरीदेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेमडेसिवीर के इंजेक्शन को लेकर कई जगह से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार जल्दी ही एसओपी जारी करेगी। ताकि यह तय हो सके कि किस मरीज को यह इंजेक्शन लगाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन की सरकारी स्तर पर खरीद की जाएगी। ताकि मध्यम वर्गीय व गरीब को निशुल्क उपलबध कराया जाएगा।
जहां ज्यादा केस, वहां बनेगा कंटेटमेंट जोन
मुख्यमंत्री ने बताया कि बड़े शहरों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसको रोकने के लए शहर के जिस इलाके में केस ज्यादा आएंगे, वहां कटेंटमेंट जोन बनाए जाएंगे। इसके आधार पर ही सीमित क्षेत्र में लॉकडाउन भी लगाया जाएगा।

प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के एम्स अस्पताल में ली कोरोना टीके की दूसरी खुराक, लोगों से की अपील

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना टीके की दूसरी खुराक ली। उन्होंने बीती 1 मार्च को कोरोना टीके की पहली डोज ली थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत बायोटेक का बनाया कोरोना टीका लगवाया है। 

टीके की दूसरी खुराक लेने के बाद पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे को-विन ऐप पर पंजीकरण करवाकर टीका लें क्योंकि टीकाकरण ही उन चुनिंदा रास्तों में से एक है, जिसके जरिए वायरस को हराया जा सकता है। 

खबरों के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी को कोविड टीके की दूसरी खुराक पंजाब की नर्स निशा शर्मा ने दी। हालांकि इस दौरान उनके साथ पुडुचेरी की नर्स पी. निवेदा भी मौजूद थीं। 

नर्स ने कहा- पीएम मोदी को टीका देना यादगार लम्हा

पीएम नरेंद्र मोदी को आज पंजाब की नर्स निशा शर्मा ने कोरोना टीके की दूसरी डोज दी। उनके साथ पुडुचेरी की नर्स पी. निवेदा भी थीं, जिन्होंने पीएम मोदी को टीके की पहली खुराक दी थी। टीका दिए जाने के बाद नर्स निशा शर्मा ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टीके की दूसरी डोज दी। उन्होंने हमसे बात की। उन्हें वैक्सीन देना और उनसे मिलना मेरे लिए यादगार लम्हा है।’

एक मार्च को पीएम मोदी ने ली थी वैक्सीन की पहली डोज

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज 1 मार्च को ली थी। इसी दिन देश में टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हुआ था। पीएम मोदी ने उस वक्त अचानक एम्स पहुंचकर टीका लगवाया था। उस समय भी पीएम मोदी को पुडुचेरी की सिस्टर पी. निवेदा ने ही कोरोना टीका लगाया था।