राफेल विवाद: भारतीय कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार- कहा, दासौ को की थी राफेल के मॉडल की आपूर्ति

नई दिल्ली, । भारत की एक कंपनी ने मंगलवार को कहा कि उसने राफेल लड़ाकू विमान के 50 मॉडलों की आपूर्ति इसके निर्माता दासौ एविएशन को की थी। इससे एक दिन पहले फ्रांस के मीडिया में विमान सौदे की एक खबर आने पर नए सिरे से विवाद पैदा हो गया था।

फ्रांसीसी प्रकाशन मीडियापार्ट ने देश की भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी की एक जांच का हवाला देते हुए बताया कि दासौ एविएशन ने विमान के 50 मॉडलों के लिए डिफसिस सॉल्यूशंस को लगभग 10 लाख यूरो का भुगतान किया था, जिन्हें उपहार के रूप में दिया जाना था। मीडिया की खबर में कहा गया है कि एजेंसी फ्रांसेसे एंटिकॉरप्शन (एएफए) के निरीक्षकों को इस बात का कोई सुबूत नहीं दिया गया कि ये मॉडल बनाए गए थे।

डिफसिस सॉल्यूशंस ने मंगलवार को एक बयान और टैक्स इनवॉइस जारी करते हुए कहा कि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा, यह दावा पूरी तरह से निराधार, बेबुनियाद और भ्रामक है, जिसमें यह कहा गया है कि डिफसिस ने कभी भी राफेल विमानों के 50 मॉडल की आपूíत नहीं की। कंपनी ने कहा कि रक्षा कंपनी से प्राप्त खरीद आर्डर के आधार पर राफेल विमानों के 50 मॉडल दासौ एविएशन को पहुंचाए गए थे।

कंपनी ने कहा, ऐसी आपूर्ति से संबंधित डिलीवरी चालान, ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न संबंधित अधिकारियों के साथ विधिवत दाखिल किए गए हैं। मीडियापार्ट ने अपनी खबर में कहा, दासौ समूह एएफए को यह दिखाने के लिए कि एक भी दस्तावेज मुहैया नहीं करा पाया कि ये मॉडल मौजूद थे और इनकी आपूíत की गई थी, एक तस्वीर भी नहीं। निरीक्षकों को संदेह है कि यह एक फर्जी खरीद थी, जिसे गुप्त वित्तीय लेन-देन को छिपाने के लिए तैयार किया गया था।

राहुल बोले, कर्म किए-कराए का बहीखाता, कोई बच नहीं सकता

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे में एक बिचौलिये को भुगतान किए जाने के दावे संबंधी फ्रांसीसी मीडिया की खबर को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, कर्म किए-कराए का बहीखाता और इससे कोई बच नहीं सकता।

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