स्थापना दिवस पर बोले PM मोदी, भाजपा के 41 साल सेवा-समर्पण के साक्षी

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी का आज 6 अप्रैल को स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। पार्टी के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित सभी बड़े नेताओं ने शुभकामनाएं दी है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 41 साल पूरे होने पर जनसंघ से लेकर के भारतीय जनता पार्टी तक राष्ट्र सेवा के इस यज्ञ में अपना योगदान देने वाले हर व्यक्ति को आदर पूर्वक नमन करता हूं। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेई, कुशाभाऊ ठाकरे, राजमाता सिंधिया ऐसे अनगिनत महान व्यक्तित्व को बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता की तरफ से मैं आदर पूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। पार्टी को आकार देने वाले, पार्टी को विस्तार देने वाले हमारे आदरणीय आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी जी का बीते कई वर्षों से हमें आशीर्वाद मिलता रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा यह मंत्र रहा है कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश। यह परंपरा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर आज तक अनवरत चली आ रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की शक्ति है कि हम आर्टिकल-370 को हटाकर कश्मीर को संवैधानिक अधिकार दे पाए। हम सभी ने देखा 1 वोट से सरकार गिरना स्वीकार कर लिया लेकिन पार्टी के आदर्शों से समझौता नहीं किया। आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारे कार्यकर्ताओं ने अनेक कष्ट सहे हैं।

कोरोना संकट का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते साल कोरोना ने पूरे देश के सामने एक अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया था, तब आप सब अपना सुख-दुख भूलकर देशवासियों की सेवा में लगे रहे। आपने सेवा ही संगठन का संकल्प लिया और उसके लिए आप डटे रहे, लगे रहे और लोगों की सेवा करते रहे जो काम आप गांव-गांव में शहरों में कर रहे थे, घर घर पहुंच रहे थे। कोरोना संकट काल में भाजपा की सरकार चाहे केंद्र में हो या राज्य हो, अपना दायित्व निभाती रही। गरीब कल्याण योजना से लेकर वंदे भारत मिशन तक हमारे सेवा भाव को देश ने महसूस किया है, संकटकाल में देश ने नए भारत का खाका खींचा और आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया।

प्रधानमंत्री के भाषण में किसानों का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे देश में 80 फीसदी से ज्यादा छोटे किसान है, इन किसानों की संख्या 10 करोड़ से भी अधिक है, पहले की जो सरकारी रही थी उनकी प्राथमिकताओं में छोटे किसानों की जरूरत कभी नहीं रही, लेकिन बीते वर्षों में हमारी सरकार की कृषि से जुड़ी हर योजना के केंद्र में छोटे किसान को रखा, चाहे नए कृषि कानून हो, पीएम किसान सम्मान निधि हो, किसान उत्पाद संगठन की व्यवस्था हो, फसल बीमा योजना में सुधार करना हो, प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को ज्यादा मुआवजा देना हो, हर खेत को पानी की योजना हो, इसका फायदा छोटे किसानों को दिया है।

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