भगवान शिव की पूजा में चढ़ाएं जानें वाला बेल पत्र सेहत के लिए बहुत फायदेमंद, जानने के लिए पढ़े ये खबर

बेल पत्र एक ऐसा पौधा है जिसके पते से भगवान शिव की खूब पूजा की जाती है ये पते शिव के लिए बहुत अधिक प्रिय होते है। बेल पत्र सेहत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होते है इससे कई बीमारिया बहुत दूर होती है आइए जानते है इससे होने वाले फायदे के बारे में… 

आंखों में इंफैक्शन

मुंह के छाले: अधिक मसालेदार खाने से शरीर में गर्मी की वजह से छाले होते है। ऐसे में बेल पत्र ,हरा धनिया ,और सौंफ को पीस कर इसकी चटनी बना ले फिर उसका सेवन करे इससे आपके मुँह के छाले ठीक हो जायेगे।

खांसी जुकाम: खांसी से छुटकारा पाने के लिए बेल के रस में शहद मिला कर उसका सेवन करने से खासी जुकाम से राहत मिलती है।

अवसर गर्मी के मौसम में आँखो में बहुत अधिक इंफैक्शन हो जाता है और उसे आँखो में सूजन ,खुजली आती है। इस इंफैक्शन को दूर करने के लिए ऐसे में बेल के पतों का रस आँखो में डाल ने से थोड़ा बहुत आराम मिलेगा।

एसिडिटी: गलत खान पान की वजह से पेट में गैस बने लगती है ऐसे में काली मिर्च में नमक मिला कर पीने से पेट में गैस से राहत मिलती है।

सेहत के फायदे

-बेल फल में मौजूद टैनिन डायरिया और कालरा जैसे रोगों के उपचार में काम आता है।

 -कच्चे फल का गूदा सफेद दाग बीमारी का प्रभावकारी इलाज कर सकता है।
 इससे एनीमिया, आंख और कान के रोग भी दूर होते हैं।

-बेल के पत्ते के चूर्ण के सेवन से कैंसर होने की संभावना कम रहती है।
 पुराने समय में कच्चे बेल के गूदे को हल्दी और घी में मिलाकर टूटी हुई हड्डी पर लगाया जाता था।

-इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स के चलते पेट के छालों में आराम मिलता है।
 वायरस व फंगल रोधी गुणों के चलते यह शरीर के कई संक्रमणों को दूर कर सकता है।

-विटामिन सी का अच्छा स्रोत होने के चलते इसके सेवन से सर्वी नामक रक्त वाहिकाओं की बीमारी में आराम मिलता है।

-बेल की पत्तियों का सत्व रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में लाभदायक है।
 पेड़ से मिलने वाला तेल अस्थमा और सर्दी-जुकाम जैसे श्वसन संबंधी रोगों से लड़ने में सहायक है।

-पके हुए फल के रस में घी मिलाकर पीने से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।

-कब्ज दूर करने की सबसे अच्छी प्राकृतिक दवा है। इसके गूदे में नमक और काली मिर्च मिलाकर खाने से आंतों से विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।

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