ग्वालियर में जवान पर हमला; मुंह फोड़ा, दो टांके आए; हमलावर बोले- यहां नहीं चलता खाकी का खौफ

बदमाशों को पकड़ने पहुंची पुलिस पर हमला हो गया है। बदमाशों ने एक पुलिस जवान (होमगार्ड जवान) का मुंह फोड़ दिया और सड़क पर पटक-पटक कर पीटा। जवान के मुंह में दो टांके आए हैं। घटना हजीरा चौराहा के पास मछली मंडी में सोमवार रात 11.45 बजे की है। घटना के बाद तत्काल फोर्स मौके पर पहुंचा, लेकिन हमलावर फरार हो गए। हमलावर एक पक्ष को धमकाकर शराब पीने के लिए रुपए मांगे रहे थे। जब पुलिस ने रोका तो हमला कर दिया। हमलावरों ने यह कहते हुए धमकाया भी कि यहां खाकी का खौफ नहीं चलता है। ग्वालियर थाना में घायल जवान की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

घोसीपुरा पुलिस लाइन निवासी 27 वर्षीय राहुल पुत्र श्याम सिंह चौहान होमगार्ड जवान है। अभी उनकी पदस्थापना हजीरा थाना में है। सोमवार शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक राहुल की हजीरा चौराहा पर आरक्षक महेश लोधी के साथ ड्यूटी थी। रात 11.45 बजे प्वाइंट मिला था कि चौराहा के पास मछली मंडी में झगड़ा हो गया है। जिस पर दोनों जवान वहां पहुंचे तो राहुल सोनकर, आयुष सोनकर, पीयूष और दीपक सोनकर पास ही रहने वाले 40 वर्षीय टीटू सोनकर से मारपीट कर रहे थे। जब पुलिस जवान राहुल सिंह और आरक्षक महेश लोधी ने वहां पहुंचकर स्थिति का संभालने का प्रयास किया तो हंगामा मचा रहे बदमाशों ने उन पर ही हमला बोल दिया। दो बदमाशों ने राहुल सिंह को धक्का मार दिया। जिससे वह दूर जाकर गिरा और मुंह पत्थर पर पड़ा। इसके बाद जमीन पर पटक-पटक कर उसे पीटा। किसी तरह जवान जान बचाकर भागे और इसी समय कन्ट्रोल रूम पर सूचना दी गई। सूचना के बाद हजीरा और ग्वालियर थाना से फोर्स मौके पर पहुंचा। हमलावर पुलिस को देखते ही भाग गए। पुलिस ने घायल जवान को अस्पताल पहुंचाया। जहां राहुल सिंह चौहान के मुंह में काफी चोट लगी होने पर दो टांके भी लगाने पड़े हैं। ग्वालियर थाना पुलिस ने राहुल सिंह की शिकायत पर दीपक सोनकर, राहुल सोनकर, आयुष और पीयूष सोनकर के खिलाफ हमला करने और पुलिस को उसका काम नहीं करने देने पर FIR दर्ज की गई है।

शराब के लिए मांग रहे थे रुपए

सभी हमलावर अपराधिक छवि के हैं। वह अपने पड़ोसी टीटू सोनकर से शराब पीने के लिए रुपए मांग रहे थे। जब टीटू ने रुपए देने से मना किया तो चारों ने उससे मारपीट शुरू कर दी। टीटू के परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बदमाशों को पकड़ने पहुंची तो उन्होंने पुलिस पर ही हमला कर दिया। ग्वालियर थाना में एक मामला चारों आरोपियों पर टीटू सोनकर की तरफ से भी अवैध वसूली और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।

कोरोना की दूसरी लहर कितनी खतरनाक, कैसे करें कंट्रोल, जानें AIIMS डायरेक्टर गुलेरिया ने क्या-क्या कहा

देश के 11 राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति गंभीर है और आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया का कहना है कि कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं किए जाने से स्थिति बिगड़ी है और स्थिति ठीक वैसी ही होती जा रही है, जैसी क्रिसमस के बाद ब्रिटेन में देखने को मिली थी। पेश हैं इस संबंध में उनसे पांच सवाल और उनके जवाब…

सवाल : कई राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है, कुछ राज्यों में स्थिति चिंताजनक है। एक बार संक्रमण के मामले घटने के बाद आई तेजी को आप कैसे देखते हैं?
जवाब : कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम होने के बाद लोग सोचने लगे कि कोविड खत्म हो गया है और टीकाकरण शुरू होने के बाद लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई। मास्क लगाने, भीड़ एकत्र नहीं करने, दो गज की दूरी बनाए रखने जैसे कोविड प्रोटोकाल की अनदेखी की जाने लगी। टीका आने के बाद तो लोग सोचने लगे कि अब सब ठीक हो गया है। इससे संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे। 

सवाल: कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर कितनी प्रभावी है? क्या इसमें वायरस के किसी प्रभावी स्वरूप की कोई भूमिका सामने आई है?
जवाब : वायरस भी लगातार स्वरूप बदल रहा है, हमें मालूम नहीं था कि नया वायरस कितना प्रभावी है। अगर वायरस का कोई नया स्वरूप ऐसे महौल में आए जहां कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं किया जा रहा हो, तब वह काफी तेजी से फैलता है। ऐसी ही स्थिति इस बार देखने को मिली है। इस बार संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है और यह चिंता का विषय है। देश में जिस प्रकार कोरोना के आंकड़े एक बार फिर बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए ऐसी आशंका है कि वायरस का कोई ऐसा स्वरूप प्रवेश कर गया हो जो और तेजी से फैल रहा है। ये ठीक ऐसी ही स्थिति दिख रही है जैसी क्रिसमस के बाद ब्रिटेन में सामने आई थी। 
 
सवाल :  कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए क्या फिर से लॉकडाउन लगाना व्यावहारिक रहेगा? 
जवाब : जिन स्थानों पर कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं, वहां छोटे निषिद्ध क्षेत्र बनाना या उस इलाके में ‘मिनी लॉकडाउन लगाना बेहतर रहेगा। इन क्षेत्रों में इस बात पर ध्यान देना होगा कि कोई वहां से बाहर नहीं निकले और न ही कोई अंदर जाए। यह स्थिति दो हफ्ते तक बनाकर रखनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी लोग प्रभावित इलाकों से दूसरे क्षेत्रों में जा रहे हैं और संक्रमण फैल रहा है। 
  
सवाल : क्या कोरोना वायरस रोधी टीका लगाने के लिए उम्र की बाध्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए? 
जवाब : अगर आदर्श स्थिति हो तब तो सभी लोगों को टीका लगाया जाना चाहिए। लेकिन भारत की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए, हमें इस बात पर ध्यान देना होगा कि देश में टीके के उत्पादन की क्या स्थिति है। 18 वर्ष से अधिक उम्र की करीब एक अरब आबादी को देखते हुए हमें दो अरब टीके की खुराक की जरूरत होगी। अभी ‘कोविशील्ड और ‘कोवैक्सीन दो टीके भारत में बन रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में तत्काल टीके उपलब्ध नहीं हैं। टीके के लिए उम्र की बाध्यता समाप्त करने से ऐसे लोगों को टीका देर से लगने की आशंका रहेगी जिन्हें इसकी पहले जरूरत है। टीके की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे इसे कम उम्र समूह के लोगों के लिए भी खोलना चाहिए। 
  
सवाल : क्या वर्तमान स्थिति को आप कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का चरमोत्कर्ष (पीक) मानते हैं?
जवाब : वर्तमान स्थिति को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का ‘पीक’ नहीं कहा जा सकता। अभी कुछ और समय लगेगा। अभी मामले बढ़ेंगे। ऐसे में लोगों को दो गज की दूरी बनाए रखनी चाहिए और हर समय मास्क पहनना चाहिए।

स्थापना दिवस पर बोले PM मोदी, भाजपा के 41 साल सेवा-समर्पण के साक्षी

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी का आज 6 अप्रैल को स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। पार्टी के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित सभी बड़े नेताओं ने शुभकामनाएं दी है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 41 साल पूरे होने पर जनसंघ से लेकर के भारतीय जनता पार्टी तक राष्ट्र सेवा के इस यज्ञ में अपना योगदान देने वाले हर व्यक्ति को आदर पूर्वक नमन करता हूं। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेई, कुशाभाऊ ठाकरे, राजमाता सिंधिया ऐसे अनगिनत महान व्यक्तित्व को बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता की तरफ से मैं आदर पूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। पार्टी को आकार देने वाले, पार्टी को विस्तार देने वाले हमारे आदरणीय आडवाणी जी, मुरली मनोहर जोशी जी का बीते कई वर्षों से हमें आशीर्वाद मिलता रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा यह मंत्र रहा है कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश। यह परंपरा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर आज तक अनवरत चली आ रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की शक्ति है कि हम आर्टिकल-370 को हटाकर कश्मीर को संवैधानिक अधिकार दे पाए। हम सभी ने देखा 1 वोट से सरकार गिरना स्वीकार कर लिया लेकिन पार्टी के आदर्शों से समझौता नहीं किया। आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारे कार्यकर्ताओं ने अनेक कष्ट सहे हैं।

कोरोना संकट का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते साल कोरोना ने पूरे देश के सामने एक अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया था, तब आप सब अपना सुख-दुख भूलकर देशवासियों की सेवा में लगे रहे। आपने सेवा ही संगठन का संकल्प लिया और उसके लिए आप डटे रहे, लगे रहे और लोगों की सेवा करते रहे जो काम आप गांव-गांव में शहरों में कर रहे थे, घर घर पहुंच रहे थे। कोरोना संकट काल में भाजपा की सरकार चाहे केंद्र में हो या राज्य हो, अपना दायित्व निभाती रही। गरीब कल्याण योजना से लेकर वंदे भारत मिशन तक हमारे सेवा भाव को देश ने महसूस किया है, संकटकाल में देश ने नए भारत का खाका खींचा और आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया।

प्रधानमंत्री के भाषण में किसानों का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे देश में 80 फीसदी से ज्यादा छोटे किसान है, इन किसानों की संख्या 10 करोड़ से भी अधिक है, पहले की जो सरकारी रही थी उनकी प्राथमिकताओं में छोटे किसानों की जरूरत कभी नहीं रही, लेकिन बीते वर्षों में हमारी सरकार की कृषि से जुड़ी हर योजना के केंद्र में छोटे किसान को रखा, चाहे नए कृषि कानून हो, पीएम किसान सम्मान निधि हो, किसान उत्पाद संगठन की व्यवस्था हो, फसल बीमा योजना में सुधार करना हो, प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को ज्यादा मुआवजा देना हो, हर खेत को पानी की योजना हो, इसका फायदा छोटे किसानों को दिया है।

दिल्ली में रात 10 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू, लखनऊ में धारा 144

दिल्ली। कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया है। रात 10:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक दिल्ली में नाइट कर्फ्यू रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 अप्रैल तक रहेगा। बता दें, दिल्ली में भी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश की राजनाधीनी लखनऊ में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके पीछे नियंत्रण के बाहर हो रहे कोरोना वायरस के नए संक्रमण के साथ ही पंचायत चुनाव का कारण बताया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला तथा पुलिस प्रशासन को इसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। लखनऊ में पांच मई तक धारा 144 लागू रहेगी। इस दौरान एक स्थान पर पांच से अधिक लोग एकत्र नहीं होंगे। इसका उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी दिल्ली में नाइट कर्फ्यू को लेकर अधिकारियों ने रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी थी। इस बीच केंद्र सरकार ने भी लगातार सक्रिय है।सोमवार को कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की 50 उच्चस्तरीय टीमें गठित की हैं। इन टीमों को महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ तथा पंजाब के 50 जिलों में तैनात किया जा रहा है। रविवार को रिकॉर्ड एक लाख से ज्यादा नए मामले सामने आने के बाद सोमवार की देर रात तक मिले आंकड़ों में इनकी संख्या एक लाख से नीचे आ गई है। बीते 24 घंटों में 96,556 नए मामले मिले हैं, 50,084 मरीज ठीक हुए हैं और 445 और मरीजों की मौत हुई है। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1.27 करोड़ के करीब पहुंच गया है। इनमें से 1.17 करोड़ से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं और 1,65,577 लोगों की जान भी जा चुकी है। सक्रिय मामले लगातार बढ़ रहे हैं और वर्तमान में इनकी संख्या 7,83,846 हो गई है।

बीते 24 घंटों में 96,982 नए केस, 446 की मौत, इन राज्यों में हाल-बेहाल

देश में कोरोना का संकट तेजी से गहरा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 96,982 नए मरीज सामने आए हैं। इस दौरान 446 मरीजों की जान गई है। साथ ही 50,143 मरीज स्वस्थ्य होकर अपने घर लौटे हैं। सरकार के मुताबिक, अब तक देश में कोरोना के कुल मामले 1,26,86,049 हो गए हैं। महामारी को मात देने वालों का आंकड़ा 1,17,32,279 है जबकि 7,88,223 एक्टिव केस हैं यानी इतने मरीजों का इलाज चल रहा है या क्वारंटाइन हैं। अब तक देश में कोरोना के कारण 1,65,547 लोगों की जान जा चुकी है।

महाराष्ट्र में 10 हजार कम हुए नए केस

महाराष्ट्र में एक दिन पहले के मुकाबले सोमवार को नए मामलों में 10 हजार की कमी आई। रविवार को राज्य में 57 हजार से अधिक नए केस मिले थे, सोमवार को 47,288 नए मामले पाए गए। इस दौरान 155 और मरीजों की जान गई, जो रविवार के 222 मौतों की तुलना में बहुत कम है। ठाणे में शिवसेना के पूर्व नेता सुनील वयाले के खिलाफ कोरोना उल्लंघन के मामले में केस दर्ज किया गया है। वयाले ने अपनी बेटी की शादी में निर्धारित 50 से ज्यादा लोगों को बुलाया था। मुंबई पुलिस ने महानगर में सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी है। यह 30 अप्रैल तक प्रभावी है, इसमें सार्वजनिक स्थलों पर एक साथ पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर रोक है।

कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आए महाराष्ट्र में लॉकडाउन के कदम से अर्थव्यवस्था को 40 हजार करोड़ रुपये की चोट लगेगी। होटल और ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर इसका सबसे ज्यादा दबाव झेलेंगे। केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। देश में सामने आ रहे कुल नए मामलों में करीब 60 फीसद महाराष्ट्र से हैं। रेटिंग एजेंसी ने बताया कि आर्थिक गतिविधियों पर असर से राष्ट्रीय स्तर पर ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) की विकास दर पर भी असर पड़ेगा। एजेंसी ने जीवीए का अनुमान 11.2 फीसद से घटाकर 10.9 फीसद कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में 7000 से ज्यादा नए केस

महाराष्ट्र से उलट छत्तीसगढ़ में अचानक संक्रमण के नए मामलों में उछाल आ गया है और इनकी संख्या 7,302 पर पहुंच गई है। इसके अलावा कर्नाटक में 5,279, उत्तर प्रदेश में 3,974, तमिलनाडु में 3,672, दिल्ली में 3,548, मध्य प्रदेश में 3,398, गुजरात में 3,160 और पंजाब में 2,692 नए मामले पाए गए हैं।

कोरोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 24 घंटों में 1,03,558 नए केस, 478 की मौत

भारत में कोरोना की स्थिति भयावह होती जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में देशभर में कोरोना के एक लाख से अधिक केस सामने आए हैं। यह किसी एक दिन में कोरोना मरीजों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। जानकारी के मुताबिक, बीते 24 घंंटों में देश में 1,03,558 नए केस आए हैं। इससे पहले सितंबर 2020 में 97,894 केस सामने आए थे। इसके साथ ही देश में कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा 1,25,89,067 (1.25 करोड़ से अधिक) पहुंच गया है। कोरोने के सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल शामिल हैं। वहीं बीते 24 घंटों में 478 मरीजों की मौत हुई है। इस दौरान कुल 52,847 मरीज ठीक हुए हैं। अभी देशभर में 7,41,830 एक्टिव केस हैं। यानी इतने मरीजों का या तो अस्पतालों में इलाज चल रहा है या होम क्वारंटाइन हैं। देश में कोरोना से अब तक मरने वालों का आंकड़ा 1,65,101 पहुंच गया है।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में समेत समूचे महाराष्ट्र में हालात खराब हैं। रविवार को मुंबई में 11,163 नए कोरोनो वायरस मरीज सामने आए। मुंबई में एक दिन में सर्वाधिक मामलों का यह रिकॉर्ड है।। इस तरह मुंबई में अब तक कुल 4,52,445 कोरोना मरीज सामने आ चुके हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने एक बयान में कहा, 25 मरीजों की मौत के साथ महानगर में मृतक संख्या 11,776 तक पहुंच गई।

अफगानिस्तान के कंधार में हुई एयरस्ट्राइक में 80 से ज्यादा आतंकी ढेर, तालिबानी कमांडर सरहदी भी मारा गया

अफगानिस्तान के कंधार में रविवार को एयरस्ट्राइक में 80 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। अरघनदाब जिले में हुई इस कार्रवाई में तालिबान के मुख्य कमांडर सरहदी की भी मौत हो गई। अफगानी डिफेंस मिनिस्ट्री ने ट्वीट करके भी एयर फोर्स की इस कार्रवाई की जानकारी दी।

डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता फवाद अमान ने बताया कि आतंकवादियों के ठिकानों पर उस वक्त एयर स्ट्राइक की गई, जब वे एक हमले को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

टैंक और गाड़ियां भी उड़ा दीं
चीन की शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एयर स्ट्राइक के दौरान आतंकवादियों और उनके कमांडर की मौत हुई। इसके अलावा आतंकियों के दो टैंक और कई वाहन भी उड़ा दिए गए। हालांकि, अभी कंधार में एक्टिव तालिबानियों ने इस हमले पर कोई बयान नहीं जारी किया है।

अफगानिस्तानी राष्ट्रपति ने शांति का रोडमैप तैयार किया
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबानी आतंकवादियों के साथ शांति का एक रोडमैप तैयार किया है। रिपोर्ट्स में कुछ दस्तावेजों के हवाले से बताया गया कि तुर्की में होने वाली एक बैठक से पहले गनी ने तीन फेज वाला रोडमैप तैयार किया है। इसमें इलेक्शन से पहले तालिबानियों के साथ समझौते और सीजफायर का जिक्र किया गया है।

अमेरिका ने भी तैयार किया था प्रस्ताव
दरअसल, अफगानिस्तान से 1 मई को सभी विदेशी सेनाओं के लौटने की डेडलाइन तय की गई है। इसीलिए अमेरिका चाहता है कि तालिबानियों के साथ शांति का समझौता हो जाए। इसके लिए अमेरिका तुर्की में यूएन के दखल से एक बैठक के लिए जोर लगा रहा है। इसके लिए अमेरिका ने भी एक प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें तुरंत एक नए लीगल सिस्टम को बनाने का जिक्र था, जिसमें तालिबानियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए। लेकिन गनी ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपना प्रस्ताव तैयार किया है।

भगवान शिव की पूजा में चढ़ाएं जानें वाला बेल पत्र सेहत के लिए बहुत फायदेमंद, जानने के लिए पढ़े ये खबर

बेल पत्र एक ऐसा पौधा है जिसके पते से भगवान शिव की खूब पूजा की जाती है ये पते शिव के लिए बहुत अधिक प्रिय होते है। बेल पत्र सेहत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होते है इससे कई बीमारिया बहुत दूर होती है आइए जानते है इससे होने वाले फायदे के बारे में… 

आंखों में इंफैक्शन

मुंह के छाले: अधिक मसालेदार खाने से शरीर में गर्मी की वजह से छाले होते है। ऐसे में बेल पत्र ,हरा धनिया ,और सौंफ को पीस कर इसकी चटनी बना ले फिर उसका सेवन करे इससे आपके मुँह के छाले ठीक हो जायेगे।

खांसी जुकाम: खांसी से छुटकारा पाने के लिए बेल के रस में शहद मिला कर उसका सेवन करने से खासी जुकाम से राहत मिलती है।

अवसर गर्मी के मौसम में आँखो में बहुत अधिक इंफैक्शन हो जाता है और उसे आँखो में सूजन ,खुजली आती है। इस इंफैक्शन को दूर करने के लिए ऐसे में बेल के पतों का रस आँखो में डाल ने से थोड़ा बहुत आराम मिलेगा।

एसिडिटी: गलत खान पान की वजह से पेट में गैस बने लगती है ऐसे में काली मिर्च में नमक मिला कर पीने से पेट में गैस से राहत मिलती है।

सेहत के फायदे

-बेल फल में मौजूद टैनिन डायरिया और कालरा जैसे रोगों के उपचार में काम आता है।

 -कच्चे फल का गूदा सफेद दाग बीमारी का प्रभावकारी इलाज कर सकता है।
 इससे एनीमिया, आंख और कान के रोग भी दूर होते हैं।

-बेल के पत्ते के चूर्ण के सेवन से कैंसर होने की संभावना कम रहती है।
 पुराने समय में कच्चे बेल के गूदे को हल्दी और घी में मिलाकर टूटी हुई हड्डी पर लगाया जाता था।

-इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स के चलते पेट के छालों में आराम मिलता है।
 वायरस व फंगल रोधी गुणों के चलते यह शरीर के कई संक्रमणों को दूर कर सकता है।

-विटामिन सी का अच्छा स्रोत होने के चलते इसके सेवन से सर्वी नामक रक्त वाहिकाओं की बीमारी में आराम मिलता है।

-बेल की पत्तियों का सत्व रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में लाभदायक है।
 पेड़ से मिलने वाला तेल अस्थमा और सर्दी-जुकाम जैसे श्वसन संबंधी रोगों से लड़ने में सहायक है।

-पके हुए फल के रस में घी मिलाकर पीने से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।

-कब्ज दूर करने की सबसे अच्छी प्राकृतिक दवा है। इसके गूदे में नमक और काली मिर्च मिलाकर खाने से आंतों से विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।

दुनिया में पहली बार आधा इंसान आधा रोबोट 

ब्रिटेन के चिकित्सक पीटर स्कॉट मार्गन ने कैसे खुद को बदला आधा इंसान और आधा मानव में। पीटर ने मोटर न्यूरॉन नाम की घातक बीमारी होने के बाद खुद को दुनिया के पहले रोबोमैन के रूप में बदल लिया। इस बीमारी के कारण उनकी मांसपेशिया बर्बाद हो रही थीं। अब मशीनों की सहायता से वे उन सभी कामों को आसानी से कर लेते हैं, जिन्हें कोई स्वस्थ इंसान करता है।

ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक ने मोटर न्यूरॉन नाम की घातक बीमारी होने के बाद खुद को दुनिया के पहले रोबोमैन के रूप में बदल लिया है। इस बीमारी के कारण उनकी मांसपेशिया बर्बाद हो रही थीं। अब मशीनों की सहायता से वे उन सभी कामों को आसानी से कर लेते हैं, जिन्हें कोई स्वस्थ इंसान करता है। आधे इंसान आधे रोबोट वाले वैज्ञानिक हैं 62 साल के डॉक्टर पीटर स्कॉट मॉर्गन।

डॉक्टर पीटर स्कॉट-मॉर्गन इंग्लैंड के डेवोन में रहते हैं। साल 2017 में उन्हें पहली बार पता चला कि उन्हें मांसपेशियों को बर्बाद करने वाली एक दुर्लभ बीमारी हो गई है। इस कारण उनके कई अंग काम करना बंद करने लगे थे। उन्होंने रोबोटिक्स का उपयोग करके अपने जीवन का विस्तार किया। डॉ मॉर्गन अपनी 65 साल की पार्टनर फ्रांसिस के साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, नवंबर 2019 में उन्होंने खुद को आधे इंसान और आधे मशीन में ढालने का काम शुरू किया था। विज्ञान कथाओं, खासकर कॉमिक्स में साइबोर्ग नामक एक चरित्र की कल्पना की जाती रही है, जो आधा इंसान और आधा मशीन हुआ करता है।

मॉर्गन ने उसी को आधार बनाकर अनुसंधान शुरू किया। वे कहते हैं कि आधा मशीन होने के बाद भी मेरे पास प्यार है, मैं मस्ती करता हूं, मुझे उम्मीद है, मेरे पास सपने हैं और मेरे पास उद्देश्य हैं। उन्हें अपने प्रयोग में कई जटिल और जोखिम भरे रास्तों से गुजरना पड़ा। बीमारी के दौरान उनके चेहरे पर भाव भंगिमाएं बताने वाली कई मांसपेशियां खत्म होने लगी थीं। फिर उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआइ) की मदद से शरीर की भाषा को बताने की तकनीक का ईजाद किया। डॉ स्कॉट मॉर्गन ने केवल अपनी आंखों का उपयोग करके कई कंप्यूटरों को नियंत्रित करने में सक्षम करने के लिए आइ-ट्रैकिंग तकनीक की खोज की है। वे वेंटिलेटर से सांस ले सकते हैं।

मानव जाति के 13.8 अरब साल के इतिहास में पहली बार कोई इंसान रोबोट में बदला है। आधा मानव, आधा रोबोट के तौर पर खुद को वे पीटर 2.0 कहते हैं। पहले के जीवन को उन्होंने पीटर 1.0 नाम दिया है। पीटर को रोबोट में बदलने के लिए डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कई तरह की सर्जरी की। उनके शरीर के फूड पाइप को सीधे पेट से, कैथेटर को ब्लैडर से जोड़ने के साथ ही एक वेस्ट बैग भी जोड़ा गया है, ताकि मल मूत्र साफ हो सके। चेहरे को रोबोटिक बनाने वाली सर्जरी की जा चुकी है, जिसमें कई आर्टिफिशियल मांसपेशियां हैं। 10 अक्तूबर 2020 को की गई आखिरी सर्जरी में उनके दिमाग को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) से जोड़कर उनकी आवाज भी बदल दी गई। अब मनुष्य और एआइ के सामंजस्य की बेहतरीन मिसाल बनने जा रहे पीटर एक सायबोर्ग आर्टिस्ट के तौर पर काम करेंगे। डीएक्ससी टेक्नोलॉजी के मुताबिक, एआइ वो डेटा इस्तेमाल करेगा जो पीटर का डिजिटल फुटप्रिंट यानी लेख, वीडियो, इमेज और सोशल मीडिया आदि तैयार करेगा। एआइ की मदद से पीटर का रोबोटिक हिस्सा विचार, अनुभव और तस्वीरों को पहचानेगा। पीटर एक थीम देंगे तो एआइ उसका स्वरूप बताएगा।

पीटर के इस कायापलट के लिए दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी कंपनियों ने अलग-अलग काम किए। जैसे डीएक्ससी ने पीटर के शरीर में लीड सिस्टम इंटिग्रेटर, सायबोर्ग आर्टिस्ट और एक होस्ट लगाया। इंटेल ने वर्बल स्पॉन्टिनिटी सॉफ्टवेयर, माइक्रोसॉफ्ट ने होलोलेंस, एफजोर्ड ने यूजर इंटरफेस डिजाइन और मानव पक्ष को लेकर काम किए। चेहरे में जो आइ कंट्रोलिंग सिस्टम लगाया गया है, उसकी मदद से अब पीटर 2.0 कई कंप्यूटरों को आंखों के इशारे से एक साथ चला सकेंगे। पीटर अब वेंटिलेटर से ही सांस लेते हैं। उन्होंने बताया कि आधा इंसान और आधा मशीन बनाने या यूं कहें कि बनने की प्रेरणा उन्हें साइंस फिक्शन कॉमिक के कैरेक्टर साइबोर्ग से मिली है।

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से भगवान कृष्ण की लड्डू गोपाल मूर्ति गायब, नकद इनाम देने की घोषणा 

लड्ड गोपाल की एक मूर्ति गायब हो गई है। दिल्ली स्थित व्यवसायी के परिवार ने इसका पता लगाने वाले को 11,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

मथुरा। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से भगवान कृष्ण (लड्ड गोपाल) की एक मूर्ति गायब हो गई है। दिल्ली स्थित व्यवसायी के परिवार ने इसका पता लगाने वाले को 11,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भाव्या गुप्ता अपनी मां के साथ 23 मार्च को होली मनाने के लिए बरसाना आई हुई थीं। उनके पिता दिल्ली में कोल्ड ड्रिंक का थोक कारोबार चलाते हैं।

भाव्या ने कहा, “हम पिछले 27 वर्षो से लड्ड गोपाल (भगवान कृष्ण के बाल रूप) की पूजा कर रहे हैं। 24 मार्च को हम बांके बिहारी मंदिर में ‘लड्ड गोपाल’ को दर्शन कराने के लिए लेकर गए थे। वहां से मूर्ति गायब हो गई।”

उन्होंने आगे कहा, “तब से हम इसे ढूंढ़ रहे हैं। जब हम इसका पता लगाने में विफल रहे, तब हमने वृंदावन में इसका पोस्टर चिपकाने और नकद इनाम देने की घोषणा करने का फैसला लिया।”