मिशन अर्थ : सीएम शिवराज ने किया विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को ‘मिशन अर्थ’ कार्यक्रम में गोशालाओं, हितग्राही मूलक पशु आश्रयों, चारागाह विकास कार्यों और विद्युत उप केंद्रों की सौगात दी। साथ ही अत्याधुनिक सीमन प्रयोगशाला का उद्घाटन भी किया। भोपाल के मिंटों के हाल में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 33 विद्युत उप केंद्रों का लोकार्पण एवं चार उप केंद्रों का भूमिपूजन किया। इन 37 उप केंद्रों की कुल लागत 1,530 करोड़ रुपये है। लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम वर्चुअल हुआ। लोकार्पित होने वाले 33 विद्युत उप केंद्रों में 17 अति उच्च दाब के हैं। इनसे 28 जिलों के लगभग 19 लाख उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री प्रदेश की विभिन्न् ग्राम पंचायतों में 260 करोड़ रुपये की लागत से बनी 985 सामुदायिक गोशालाओं का लोकार्पण और 50 करोड़ रुपये से बनने जा रही 145 सामुदायिक गोशालाओं का शिलान्यास भी किया। 13 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बने 1,821 हितग्राहीमूलक पशु आश्रयों का लोकार्पण, लगभग 22 करोड़ की लागत से बनने जा रहे 2632 पशु आश्रयों का शिलान्यास, मनरेगा में विभिन्न् प्रकार के हितग्राहीमूलक पशु आश्रयों, सामुदायिक गोशाला एवं चारागाह विकास के 384 करोड़ रुपये के 8,310 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ।

‘मिशन अर्थ’ कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठनों एवं कृषि अधोसंरचना निधि के हितग्राहियों का सम्मेलन भी हुआ। वहीं, भोपाल के भदभदा में मुख्यमंत्री राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 47 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला का उद्घाटन हुआ। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी सेक्स सार्टेड सीमन प्रोडक्शन प्रयोगशाला है।

सेक्यूलरिज्म-कम्यूनिज्म के खेल ने देश का बहुत नुकसान किया-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के तामूलपुर में रैली को संबोधित किया। पीएम ने यहां भी कांग्रेक को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, दो चरणों की वोटिंग के बाद आज तामूलपुर में आपके दर्शन करने का मुझे अवसर मिला है। इन दोनों चरणों के बाद असम में फिर एक बार NDA सरकार, ये लोगों ने तय कर लिया है। असम की पहचान का बार-बार अपमान करने वाले लोग, यहां की जनता को बर्दाश्त नहीं हैं। असम को दशकों तक हिंसा और अस्थिरता देने वाले, अब असम के लोगों को अब एक पल भी स्वीकार नहीं हैं। असम के लोग विकास, स्थिरता, शांति, भाईचारा, सद्भावना के साथ हैं। मेरे राजनीतिक अनुभव के आधार पर, जनता के प्यार की भाषा, जनता के आशीर्वाद की ताकत पर मैं कहता हूं कि असम में एक बार फिर आप लोगों ने NDA सरकार बनाना तय कर लिया है।

पीएम ने कहा, असम में हो रहा विकास यहां पर कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है। असम में हो रहा विकास यहां पर लोगों का, महिलाओं का जीवन आसान बना रहा है। असम में हो रहा विकास, यहां पर नए अवसर बना रहा है, नौजवानों के लिए अवसर बढ़ा रहा है। हम जब भी कोई योजना बनाते हैं, तो सबके लिए बनाते हैं। हर क्षेत्र के लोगों को, हर वर्ग के लोगों तक, बिना भेदभाव, बिना पक्षपात, उस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए हम कड़ी मेहनत करते हैं। देश में कुछ बातें ऐसी गलत चल रही हैं, अगर हम समाज में भेदभाव करके, समाज के टुकड़े करके अपने वोटबैंक के लिए कुछ दे दें, तो दुर्भाग्य देखिए, उसे देश में सेक्युलरिज्म कहा जाता है। लेकिन अगर सबके लिए काम करें, बिना भेदभाव के सबको देते हैं, तो कहते हैं कि ये कम्युनल हैं। सेक्यूलरिज्म-कम्यूनिज्म के इस खेल ने देश का बहुत नुकसान किया है।

ग्वालियर के सबसे बड़े अस्पताल में कैदी वार्ड में सोता रह गया जेल प्रहरी, हथकड़ी सरका कर भाग गया बंदी; 3 महीने पहले भी ऐसे ही भागा था

ग्वालियर / अंचल के सबसे बड़े अस्पताल के कैदी वार्ड से एक कैदी भाग गया। उसने हथकड़ी सरका कर निकाल दी। बिस्तर पर कंबल और तकिया से डमी बना दिया। इससे लोगों को लगे कि वह सो रहा है। वार्ड के बाहर सो रहे प्रहरी को पता ही नहीं चला। कैदी दुष्कर्म और अपहरण मामले में सजा काट रहा था। यही बंदी ठीक 3 महीने पहले जेएएच के इसी वार्ड से कड़ी सरका कर फरार हुआ था। तब भी पत्नी पास सो रही थी और बाहर दो प्रहरी गहरी नींद में थे। एक ही जगह से एक ही तरह से दो बार बंदी के भागने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जेल प्रहरी को सस्पेंड कर दिया गया है।

सागर निवासी 37 वर्षीय मोहन पुत्र कल्लू अहिरवार को दुष्कर्म और अपहरण के मामले में सजा हुई थी। उसे टीबी की गंभीर बीमारी है। अभी वह ग्वालियर केन्द्रीय जेल में बंद था। गंभीर हालत को देखते हुए उसे कुछ दिन पहले JAH लाया गया था। जहां उसको हर दिन खून की उल्टी हो रही थी। शुक्रवार रात 12 से शनिवार सुबह 6 बजे तक जेल प्रहरी पंकज अग्रवाल जेएएच के बंदी वार्ड के बाहर प्रहरा दे रहा था। अंदर बंदी मोहन भर्ती था। देखभाल के लिए पास ही बंदी की मां और पत्नी भी सो रही थीं।

रात 3 बजे तक जेल प्रहरी ने मोहन को सोता हुआ देखा था। इसके बाद प्रहरी की झपकी लग गई। इसी समय बंदी मोहन ने अपने हाथ पर बंधी हथकड़ी को सरकाया और भाग गया। पकड़ा न जाए इसके लिए बिस्तर पर तकिया और चादर की डमी बना गया। घटना का पता सुबह उस समय लगा जब जेल प्रहरी पंकज की नींद खुली। बंदी के भाग जाने की खबर से हंगामा खड़ा हो गया। जेल अधीक्षक मनोज साहू मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जेल प्रहरी पंकज को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। साथ ही सिर्फ एक ही प्रहरी की ड्यूटी लगाने पर अफसरों को फटकार लगाई है।

जेयू: 200 से अधिक लोगों ने लगवाया कोरोना का टीका

जीवाजी विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर में चल रहे कोरोना वेक्सिनेशन के दूसरे दिन कार्यपरिषद सदस्य डॉ शिवेंद्र सिंह राठौड़ सहित जीवाजी विश्वविद्यालय परिवार के 200 से अधिक लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया।
इस दौरान जेयू की कुलपति प्रो संगीता शुक्ला, कुलाधिसचिव प्रो उमेश होलानी, डीसीडीसी डॉ केशव सिंह गुर्जर, प्रो जीबीकेएस प्रसाद, डॉ केके सिजोरिया, डॉ दीपमाला शर्मा सहित अन्य अधिकारी व डॉक्टर्स मौजूद रहे।

इंजीनियरिंग छात्रा ने दी जान:सुसाइड नोट में लिखा – उस पर बहुत भरोसा था, शादी का झांसा दिया और फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा

जबलपुर में मनचले से परेशान होकर 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा ने सुसाइड कर लिया। पुलिस को उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है। छात्रा ने लिखा है कि ज्योतिष द्विवेदी नाम के युवक ने उसे बातों में फंसाया। शादी का झांसा देकर हदें पार की और फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। मुझे उसपर बहुत भरोसा था। उसे सजा जरूर मिले। युवक के घरवालों पर भी परेशान करने का आरोप लगाया है।

छात्रा के परिजनों ने शुक्रवार रात अधारताल थाने पहुंच कर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। TI शैलेश मिश्रा के मुताबिक सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

महाराजपुर पटेल नगर निवासी सुभाष पटेल जीआईएफ में कार्यरत है। उसकी पत्नी सविता भाई गई हैं। घर में बेटा आदित्य व बेटी अदिति पटेल (20) थी। अदिति रांझी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई कर रही थी। दो दिन पहले सुभाष घर पहुंचा तो अदिति ने खाना परोसा। खाना खाकर सुभाष फैक्ट्री तो बेटा आदित्य दुकान चला गया।

रात में दोनों लौटे तो बेटी पंखे से लटकी मिली
रात में अदिति से मिलने उसकी सहेली पहुंची तो उसने दरवाजा नहीं खोला। अदिति के मोबाइल पर भी कॉल किया, लेकिन उसने नहीं रिसीव किया। इसके बाद उसने अदिति के पिता सुभाष व भाई आदित्य को खबर दी। दोनों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। नहीं खुलने पर दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे। वहां अदिति फंदे से लटकी मिली। फंदे से उतारकर पिता-पुत्र अदिति को अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने जब्त किए सुसाइड नोट
सुसाइड की खबर पाकर अधारताल पुलिस पहुंची तो कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें अदिति ने लिखा है कि उसे ज्योतिष द्विवेदी नाम के युवक से प्यार हो गया था। उस पर उसे बहुत भरोसा था। पर उसने बातों में फंसाया। उसकी भावनाओं से खेला। शादी का झांसा देकर मनमानियां कीं। फिर उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा। ज्योतिष के घरवाले भी उसे प्रताड़ित करते हैं। अब वह जीना नहीं चाहती, लेकिन जिंदगी बर्बाद करने वाले ज्योतिष को सजा जरूर मिले। अधारताल पुलिस ने अभी मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है।

जानिए, परवल खाने के 6 बेजोड़ फायदे


1 परवल में कई औषधीय गुण पाये जाते हैं.

2. परवल गर्मियों के मौसम में मिलने वाली एक मौसमी सब्जी है.

3. परवल के सेवन से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है.

गर्मी के मौसम में सब्ज‍ियों के विकल्प कम हो जाते हैं लेकिन कुछ सब्ज‍ियां ऐसी हैं जो इस मौसम में आसानी से मिल जाती हैं. परवल गर्मियों का एक बेहतरीन विकल्प है. परवल की सबसे बड़ी खूबी ये है कि ये लंबे समय तक ताजा रहता है.

परवल में विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा ये कैल्शि‍यम का भी अच्छा स्त्रोत है. इसके छिलकों में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में होता है.

परवल खाने के फायदे:

_परवल त्वचा से जुड़ी समस्याओं में खासतौर पर फायदेमंद होता है. परवल में मौजूद बीज कब्ज और पाचन से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद होते हैं. डायबिटीज के मरीजों को खासतौर पर परवल खाने की सलाह दी जाती है.

_ परवल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मददगार होते हैं. ये चेहरे की झांइयों और बारीक रेखाओं को दूर करने में भी मददगार है.

_परवल इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है. ये बुखार, सर्दी-खांसी, स्कि‍न इंफेक्शन और चोट को जल्दी भरने में मदद करता है.

अगर आपके बच्चे को भूख नहीं लगने की शिकायत है तो उसे परवल की सब्जी खिलाएं. परवल के इस्तेमाल से पेट के कीड़े मर जाते हैं.

_ परवल में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर्स पाए जाते हैं. जो पाचन तंत्र को सही रखने में मददगार होते हैं.

परवल का लेप पेन-किलर की तरह काम करता है.

अमेरिकी संसद के बाहर कार ने दो पुलिसकर्मियों को रौंदा, एक की मौत, कैपिटल हिल में लगा लॉकडाउन

अमेरिकी संसद भवन एक बार फिर से दहल गया है. अमेरिकी संसद के बाहर गोलीबारी की खबर है. बीते 6 जनवरी को हुए दंगे के बाद शुक्रवार को एक वाहन ने यहां दो पुलिसकर्मियों रौंद दिया जिसमें एक की मौत हो गई. इसके बाद से यूएस कैपिटल भवन को लॉकडाउन कर दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने संदिग्ध को गोली मार दी है. एक पुलिसकर्मी का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

इलाके में गोलीबारी की सूचना के बाद पुलिस ने शुक्रवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार) यूएस कैपिटल को बंद कर दिया. अमेरिकी कैपिटल पुलिस का कहना है कि सभी कैपिटल बिल्डिंग्स को ‘बाहरी सुरक्षा खतरे के चलते’ बंद कर दिया गया है और कर्मचारियों को सूचित कर दिया गया है कि वे इमारतों में ‘एंट्री’ या ‘एग्जिट’ नहीं कर सकते.

बता दें कि कार टकराने और गोलीबारी की यह घटना कैपिटॉल के पास एक तलाशी चौकी पर हुई. इस घटना ने करीब तीन महीने पहले अमेरिकी कैपिटॉल में घुसी भीड़ द्वारा मचाए गए उत्पात की यादें ताजा कर दी, जब राष्ट्रपति पद पर जो बाइडेन की जीत के संबंध में अमेरिकी संसद के सदस्य मतदान कर रहे थे.

कार चालक के पास चाकू का संदेह

कैपिटॉल पुलिस ने कहा कि एक व्यक्ति ने पुलिस के दो अधिकारियों को वाहन से टक्कर मार दी और इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया. उन्होंने कहा कि इस घटना में एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुआ है. अधिकारियों ने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि कार चालक के पास चाकू था, जिसके बाद पुलिस ने गोली चलाई.

सुर्खियों में कैपिटल हिल

साल की शुरुआत से ही कैपिटल हिल का नाम सुर्खियों में बना हुआ है. 6 जनवरी को ट्रंप समर्थकों ने अमेरिका के लोकतंत्र की इस प्रतीक पर हमला बोल दिया था. इसके बाद एफबाआई ने 20 जनवरी को इस पर दंगों की आशंका जताई थी. बता दें कि 20 जनवरी को कैपिटल हिल के सामने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शपथ ग्रहण की थी.

सेक्‍स की भूख बढ़ाने के लिए UAE के राजकुमार कर रहे सोन चिरैया का शिकार, इमरान कमा रहे पैसे

पाकिस्‍तान के हुबॉरा या सोन चिरैया पक्षी एक बार फिर से चर्चा में हैं। इन बेजुबानों के शिकार के लिए संयुक्‍त अरब अमीरात के शाही के परिवार के कई सदस्‍य पाकिस्‍तान पहुंचे हैं। पाकिस्‍तान ने सऊदी अरब के शाही परिवार को हुबॉरा पक्ष‍ियों के शिकार का न्‍यौता दिया है। हुबॉरा पक्षी अंत‍रराष्‍ट्रीय स्‍तर पर संरक्षित प्रजातियों की श्रेणी में आते हैं और इनका शिकार प्रतिबंधित है। हालांकि शिकार पर यह प्रतिबंध खाड़ी देशों सऊदी अरब और संयुक्‍त अरब अमीरात के राजकुमारों पर लागू नहीं होते हैं। ये राजकुमार अपनी सेक्‍स पावर को बढ़ाने के लिए इन बेजुबानों की हत्‍या करके उनका मांस खाते हैं। वहीं कर्ज के तले डूबा कंगाल पाकिस्‍तान सऊदी अरब और यूएई के राजकुमारों से शिकार के नाम पर मोटी-मोटी फीस वसूलकर अपना खजाना भर रहा है। आइए जानते हैं पूरी कहानी…..

​सऊदी-UAE के कर्ज के पहाड़ तले दबा पाकिस्‍तान

पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने दुबई के शासक शेख मोहम्‍मद बिन राशिद अल मक्‍तूम, राजकुमार और शाही परिवार के अन्‍य सदस्‍यों को साल 2020-21 के सीजन में शिकार का परमिट दिया है। सऊदी अरब के अरबों डॉलर के कर्ज के पहाड़ तले दबे पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने विवादों में घिरे प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान को अपने देश में बेजुबानों की हत्‍या करने की अनुमति दी है। इमरान सरकार ने शाही परिवार से जुड़े दो अन्‍य सदस्‍यों को भी हुबारॉ पक्षियों के शिकार की स्‍वीकृति दी है। प्र‍िंस सलमान के दबाव का आलम यह है कि इमरान खान सरकार ने एक भगोड़े सऊदी प्रिंस को भी शिकार करने की अनुमति दी है जिसने पिछले साल फीस का पैसा भी नहीं दिया था। पाकिस्‍तान में यह पहली बार नहीं है जब सोन चिरैया के शिकार के लिए खाड़ी देशों के शाही घराने को श‍िकार का न्‍यौता दिया गया है। पिछले 4 दशक से यह गुप्‍त और निजी शिकार अभियान पाकिस्‍तान में बदस्‍तूर जारी है। शिकार के लिए ये शेख बाज का इस्‍तेमाल करते हैं।

सेक्‍स पावर बढ़ाने के लिए ये राजकुमार करते हैं श‍िकार

अरब देशों के लोग पिछले कई हजार साल से हुबॉरा पक्षियों का शिकार करते आ रहे हैं और अब भी यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल, ऐसी मान्‍यता है कि हुबॉरा पक्षी के मांस को खाने से सेक्‍स पावर बढ़ती है और इसी वजह से सऊदी अरब, यूएई के राजकुमार इनका शिकार करने के लिए पाकिस्‍तान खिंचे चले आते हैं। सेक्‍स पावर बढ़ाने के लिए हुबॉरा पक्षियों के मांस को स्‍पेनिश मक्खियों और वियाग्रा के बीच रखा जाता है। स्‍पेनिश मक्खियों को भी सेक्‍स पावर बढ़ाने के लिए किया जाता है। हुबारा पक्षियों को लंबे समय से यौन शक्तिवर्द्धक एक दवा के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है। यही वजह है कि खाड़ी देशों के धनी लोग बेतहाशा पैसा खर्च करके पाकिस्‍तान में श‍िकार करते हैं और अपने काम वासना को बढ़ाने की कोशिश करते हैं। हुबॉरा पक्षी दक्षिण एशिया, मध्‍य पूर्व और अफ्रीका में पाए जाते हैं। ये पक्षी ठंड से बचने के लिए पाकिस्‍तान आते हैं। कुछ पक्षी ईरान भी जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक 42 हजार एशियाई हुबॉरा और 22 हजार ऊत्‍तरी अफ्रीकी हुबॉरा पक्षी बचे हुए हैं।

इमरान ने पीएम बनने से पहले किया था विरोध, अब दी अनुमति

सूत्रों के मुताबिक इमरान खान जब सत्‍ता में नहीं थे तब वह हुबारॉ पक्षियों के शिकार को अनुमति देने का विरोध करते थे और खैबर पख्‍तूनख्‍वा में शिकार की अनुमति नहीं दी थी जहां पर उनकी पार्टी का शासन था। हालांकि अब इमरान खान ने अपने फैसले को पलटते हुए सऊदी प्रिंस को हुबारॉ पक्षियों के शिकार की अनुमति दे दी है। डॉन ने बताया कि ताबुक प्रांत के गवर्नर प्रिंस फहद बिन सुल्‍तान को भी अनुमति दी गई है। पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2015 में हुबॉरा पक्षियों के शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि इस आदेश को बाद में पलट दिया गया। पाकिस्‍तान की एक अदालत ने बाज के निर्यात और हुबारॉ के शिकार पर प्रतिबंध लगा दिया था तो सऊदी अरब और यूएई के साथ उसके संबंध रसातल में चले गए थे। भारी तनाव के बाद पाकिस्‍तान सरकार झुक गई थी। हुबारॉ या तिलोर पक्षी शर्मीला लेकिन बेहद खूबसूरत होता है और आकार में टर्की चिड़िया जैसा दिखाई देता है।

बेजुबानों की हत्‍या से इमरान सरकार भरती है खजाना

पाकिस्‍तान सरकार भी खाड़ी के शेखों की सेक्‍स पावर बढ़ाने की इच्‍छा का जमकर फायदा उठाती है और उनसे पैसा कमाती है। सऊदी अरब के ताबुक प्रांत के गवर्नर प्रिंस फहद बिन सुल्‍तान ने कुछ साल पहले 2000 हुबारॉ पक्षियों का शिकार किया था और दुनियाभर के मीडिया में सुर्खियों में आ गए थे। यही नहीं प्रिंस फहद ने पिछले साल हुबारॉ पक्षियों के शिकार के लिए जरूरी एक लाख डॉलर की फीस को भी पाकिस्‍तान सरकार को नहीं दिया था। यही नहीं प्रिंस फहद ने पिछले साल 60 बाज के इस्‍तेमाल के लिए जरूरी 60 हजार डॉलर की फीस को भी नहीं दिया था। हुबारॉ के शिकार के बाद प्रिंस फहद फीस द‍िए बिना ही वापस सऊदी अरब चले गए थे। प्रिंस फहद की दादागिरी का आलम यह है कि उन्‍होंने 2000 हुबारॉ पक्षियों का शिकार किया जबकि उन्हें मात्र 100 पक्षियों के शिकार की अनुमति दी गई थी। पाकिस्‍तान के बलूचिस्तान प्रांत को शिकार के हर सीज़न में कम से कम 2 अरब रुपये की कमाई होती है। खाड़ी के शेख अपना पूरा काफ‍िला लेकर आते हैं जिससे स्‍थानीय लोगों की बहुत कमाई होती है।

गिरिराज सिंह बोले- मोदी जी को चुनौती देना ‘दीदी’ के बस की बात नहीं, एक बार मेरे खिलाफ कोशिश करें

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच एक बार फिर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “बनारस में मोदी जी को चुनौती देना ममता दीदी और उनके कुनबे के बस की बात नहीं है. समगोत्री होने के नाते, एक बार मेरे खिलाफ कोशिश कीजिए. दीदी, अगर आपमें हिम्मत है, तो घोषित करें कि आप नंदीग्राम में चुनाव हारने के बाद राजनीति से संन्यास ले लेंगी.”

बेगुसराय से भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा के ट्वीट के जवाब में ये बात कही है. महुआ ने गुरुवार को अपने एक ट्वीट में कहा था, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी के दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने को लेकर टिप्पणी की है. जी हां प्राइम मिनिस्टर, वो दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ेंगी. वो जगह और कोई नहीं वाराणसी होगी. आप वहां मुकाबले की तैयारी करिए.”

गिरिराज ने ममता के ‘शांडिल्य’ गोत्र बताने पर भी साधा था निशाना 

इस से पहले एक चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने अपने गोत्र का जिक्र करते हुए बताया था कि उनका गोत्र शांडिल्य है. नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, “मैं मंदिर गई थी पुरोहित ने पूछा कि मेरा गोत्र क्या है? मुझे याद आया कि त्रिपुरेश्वरी मंदिर में अपना गोत्र मां माटी मानुष बताया था लेकिन आज जब मुझसे पूछा गया तो मैंने कहा कि पर्सनल गोत्र शांडिल्य है लेकिन मैं समझती हूं कि मेरा गोत्र मां-माटी-मानुष है.”

इस पर गिरिराज सिंह ने कहा था “रोहिंग्या को वोट के लिए बसाने वाले, दुर्गा/काली पूजा रोकने वाले, हिंदुओ को अपमानित करने वाले, अब हार के खौफ से गोत्र पर उतर गए. “शांडिल्य गोत्र” सनातन और राष्ट्र के लिए समर्पित है, वोट के लिए नहीं.” एक अन्य ट्वीट में गिरिराज सिंह ने कहा, “ममता दीदी, अब तो पता करना होगा कि रोहिंग्या और घुसपैठियों का भी गोत्र शांडिल्य है क्या?”

बंगाल में दो चरणों का चुनाव संपन्न, 2 मई को आएंंगे नतीजे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो चरणों की वोटिंग संपन्न हो गई है, यहां कुल 8 चरणों में चुनाव होने है. चुनाव के नतीजे 2 मई को घोषित किए जायेंगे.