कुलपति के प्रयास से जीवाजी विश्वविद्यालय में हुआ टीकाकरण

ग्वालियर

जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में आज माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला हेल्थ सेंटर में Covishield का टीकाकरण किया गया l जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षा गार्डों ने टीकाकरण कराया l इस टीकाकरण केंद्र का सुभारंभ कुलपति द्वारा किया गया l आज लगभग 100 अधिक लोगों को टीक़ा लगाया गया । इसके साथ ही आगामी चार दिन इसी केंद्र पर रविवार को छोड़कर टीकाकरण किया जाएगा l इस अवसर पर रेक्टर प्रो. उमेश होलनी भी मौजूद थे इसके साथ ही सी॰एम॰एच॰ओ॰ डॉ. मनीष शर्मा , डी॰सी॰डी॰सी॰ डॉ. केशव सिंह गुर्जर, प्रो. जी॰बी॰के॰एस॰ प्रसाद, वित्तनियत्रक सग़िरा सिद्दीक़ी, प्रो. एस॰के॰ सिंह, उपकुलसचिव आई॰के॰ मंसूरी, डॉ. शान्तिदेव सिसोदिया , आदि उपस्थित थे और सभी ने टीकाकरण कराया l आगामी दिनो में भी शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं एवं अपने परिवार के सदस्यों को टीकाकरण कराएँगे l

पवैया ने दी नसीहत-अब नेताओं के काफिलों व कार्यक्रमों में भीड़ पर अंकुश लगाया जाए

ग्वालियर । बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने होली व कोरोना संक्रमण को लेकर रंगपंचमी पर दूसरा ट्वीट किया है। इस ट्वीट के शब्दों में सरकार को आगाह करने के साथ समझाइश भी है। पूर्व मंत्री ने रंगों का पर्व होली परंपरा के अनुसार मनवाने के लिए राज्य सरकार को साधुवाद दिया है। साथ ही सरकार को उसके राजधर्म के पालन की सुध भी दिलाई है। इस ट्वीट के राजनीतिक गलियारे में अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं।

दाेहरा मापदंड उचित नहींः हिंदू ब्रिगेड के प्रथम पंक्ति के नेता जयभान सिंह पवैया ने ट्वीट में लिखा है कि प्रदेश सरकार को साधुवाद होली भी मनी और गाइड लाइन का पालन भी कराया, माहौल भी सकारात्मक रहा। इसके बाद पूर्व मंत्री ने सरकार को जनता की अपेक्षा से अवगत कराते हुए लिखा है कि किसी भी दल के नेताओं के दौरों काफिलों व सरकारी गैर सरकारी कार्यक्रमों में संख्या को लेकर वही सख्ती दिखाई दे। महामारी के विरूद्ध लड़ाई में इसका अच्छा संदेश जाएगा। इस ट्वीट से पहले सरकार पर होली पर बंदिशें लगाए जाने पर जयभान सिंह पवैया ने ट्वीट किया था। परंपराओं पर बंदिशों से समाज व जीवन दोनों निष्प्राण हो जाएंगें। इस दूसरे ट्वीट से साफ है कि अब पवैया की सरकार से क्या अपेक्षा है। एक तरह से सरकार के दाेहरे मापदंड पर संयमित भाषा में हिंदू ब्रिगेड के नेता ने सवालिया निशान लगाया है। इस ट्वीट की गूंज वल्लभ भवन तक सुनाई दे रही है। गाैरतलब है कि पिछले कुछ समय में पवैया इंटरनेट मीडिया पर खासे सक्रिय हाे गए हैं।

रॉबर्ट वाड्रा के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रियंका गांधी ने खुद को आइसोलेट किया; असम दौरा रद्द

नई दिल्ली/कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा की कोरोना रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई है। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से प्रियंका ने अपना असम दौरा रद्द कर खुद को होम आइसोलेट कर लिया है।

प्रियंका ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि हाल में कोरोना संक्रमण के संपर्क में आने के चलते मुझे अपना असम दौरा रद्द करना पड़ रहा है। मेरी कल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है मगर डॉक्टरों की सलाह पर मैं अगले कुछ दिनों तक आइसोलेशन में रहूंगी।

वहीं, देश में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गुरुवार को 81,398 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई, 50,384 मरीज ठीक हुए और 468 लोगों की मौत हुई। इस तरह एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में एक ही दिन में 30,543 की बढ़ोतरी हुई।

गुरुवार को नए केस का आंकड़ा 1 अक्टूबर के बाद सबसे ज्यादा रहा। तब 81,785 केस आए थे। मौत का आंकड़ा भी 450 के पार रहा। इससे एक दिन पहले ही 458 लोगों ने दम तोड़ा था।

देश में अब तक करीब 1.23 करोड़ लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। करीब 1.15 करोड़ ठीक हो चुके हैं। 1.63 लाख ने जान गंवाई है। अब एक्टिव केस 6.10 लाख हो गए हैं। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।

गलतफहमी में न रहें, सिर्फ एक महीने में इस शहर में 500 बच्चे हुए कोरोना के शिकार

देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस का कहर तेजी से फैलते जा रहा है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी कोरोना वायरस के नए मामलों में बड़ा इजाफा देखने को मिला है और कोरोना के इस खतरनाक कहर से बच्चे भी अछूते नहीं हैं। लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, मंगलवार को करीब 2000 कोरोना वायरस के नए मामलों में 20 मामले उन बच्चों में थे, जिनकी उम्र दस साल से नीचे है। यहां चौंकाने वाली बात है कि अकेले बेंगलुरु में अब तक इस महीने में कोरोना वायरस से कुल 500 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि, नगर निगम का कहना है कि बच्चों के बीच मामलों में कोई वास्तविक उछाल नहीं है। 

ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) के निवर्तमान आयुक्त मंजूनाथ प्रसाद ने एनडीटीवी को बताया कि 1 मार्च के बाद से हमने लगभग 32,000 स्कूली छात्रों का कोरोना टेस्ट किया है। इनमें से केवल 121 बच्चो कोविड से संक्रमित पाए गए हैं। जो कुल मामलों का महज .38 प्रतिशत है। इसलिए हम स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि बेंगलुरु में बच्चे बड़ी संख्या में संक्रमित नहीं हैं। 

उनका कहना है कि सबसे अधिक 20 से 40 साल के उम्र के लोगों को कोरोना वायरस अपनी चपेट में ले रहा है और उन्हें संक्रमित कर रहा है। इस बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने स्पष्ट कर दिया है कि करोना के बढ़ते मामलों के बावजूद भी स्कूल खुले रहेंगे।

येदियुरप्पा ने कहा अगर बच्चे स्कूल आते हैं तो वे अनुशासन के साथ एक स्थान पर होंगे। अगर वे घर पर हैं तो वे हर किसी के साथ घुल-मिल जाएंगे। नियंत्रण के दृष्टिकोण से स्कूलों का खुला होना अच्छा है। परीक्षाएं 15 दिनों में होंगी। हालांकि, कुछ अभिभावक चाहते हैं कि कोरोना के बढ़ते मामले के बीच स्कूलों को बंद कर दिया जाए।

देश में कोरोना से हाहाकार
भारत में एक दिन में कोविड-19 के 72,330 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,22,21,665 हो गई। इस वर्ष सामने आए संक्रमण के ये सर्वाधिक मामले हैं। इससे पहले 11 अक्टूबर 2020 को एक दिन में 74,383 नए मामले सामने आए थे। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 459 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,62,927 हो गई। करीब 116 दिन बाद एक दिन में संक्रमण से मौत के इतने अधिक मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 22 दिनों से लगातार बढ़ते नए मामलों के साथ ही उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 5,84,055 हो गई, जो कुल मामलों का 4.78 प्रतिशत है। इस साल 12 फरवरी को उपचाराधीन मरीजों की संख्या सबसे कम 1,35,926 थी, जो तब के कुल मामलों का 1.25 प्रतिशत थी।

खुद को कांग्रेसी कहलाना अच्छा नहीं लगता, पुराने साथी ने लिखा सोनिया गांधी को पत्र, अपनी ही पार्टी पर उठाई उंगली

कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं और युवा नेतृत्व के बीच जारी अंदरुनी कलह अब खुल कर सामने आने लगी है। हाल ही में कांग्रेस के सबसे अनुभवी 23 नेताओं के समूह ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और पार्टी के हर स्तर पर बदलाव की मांग की है। अब पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता रणजी थॉमस ने अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है और ईमानदार आत्मनिरीक्षण करने की मांग की है।

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव रह चुके रणजी थॉमस पार्टी के कद्दावर नेता अहमद पटेल के साथ-साथ अंबिका सोनी और ऑस्कर फर्नांडिस के साथ भी काम कर चुके हैं। उन्होंने अपनी चिट्ठी में कहा कि सोनिया गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बने रहना चाहिए और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) का पुनर्गठन करना चाहिए। थॉमस ने मांग की कि सीडब्ल्यूसी में अनुभवी, जानकार, राजनीतिक कुशलता और पार्टी के प्रति निष्ठा रखने वाले नेताओं को शामिल करना चाहिए।

बता दें कि रणजी थॉमस पेशे से वकील हैं और यूपीए सरकार के दौरान उन्हें अरुणाचल प्रदेश का एडवोकेट जनरल बनाया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस वक्त बाहर और अंदर दोनों ही तरफ से अनपेक्षित चुनौतियों का सामना कर रही है। इससे पहले कि पार्टी को कुछ अपूर्णीय क्षति पहुंचे, इसे ठीक करने के लिए कुछ कदम उठाने की जरूरत है।

थॉमस ने चिट्ठी में कहा कि आज हम ऐसे मोड़ पर आ चुके हैं, जहां कई पार्टी कार्यकर्ता खुद को इस महान राजनीतिक दल का सदस्य बताने से हिचक रहे हैं। जिस दल ने भारत को आजादी दिलाई, उसके सदस्य ही या तो शांत रह रहे हैं या दूसरी पार्टियों के साथ जा रहे हैं। थॉमस ने सोनिया से कहा कि उन्हें पार्टी को दोबारा सक्रिय करना चाहिए और इसके कायाकल्प के लिए कदम उठाने चाहिए। हालांकि, इसके लिए उन्होंने सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने की जरूरत बताई।

मुख्तार अंसारी की बुलेट प्रूफ एम्बुलेंस को लेकर एक्शन में योगी सरकार, मऊ में अस्पताल संचालिका से पूछताछ

मोहाली कोर्ट में बुधवार को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के यूपी नंबर वाली एम्बुलेंस से पेशी के बाद योगी सरकार एक्शन में आ गई है। एम्बुलेंस भले ही बाराबंकी आरटीओ में रजिस्टर्ड है लेकिन उसका सीधा कनेक्शन मुख्तार के इलाके मऊ से जुड़ने के तत्काल बाद जांच शुरू हो गई है। मऊ के श्याम संजीवनी हॉस्पिटल के नाम पर पंजीकृत होने के कारण अस्पताल संचालिका डाक्टर अलका राय से गुरुवार को पुलिस ने पूछताछ की। एम्बुलेंस की और डिटेल के लिये पुलिस अधीक्षक ने बाराबंकी आरटीओ से रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले यूपी के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने एम्बुलेंस को लग्जरी और बुलेट प्रूफ बताते हुए कहा कि सरकार इसकी जांच कराएगी। 

डाक्टर अलका राय से उनके अस्पताल के नाम से रजिस्टर्ड एम्बुलेंस मुख्तार अंसारी तक पहुंचने को लेकर पूछताछ हुई है। पुलिस डॉक्टर राय और मुख्तार अंसारी के बीच कनेक्शन भी खोज रही है। हालांकि डाक्टर राय का कहना है कि वर्ष 2013 में मुख्तार विधायक अंसारी के प्रतिनिधि ने कागजात पर हस्ताक्षर कराकर एम्बुलेंस ले लिया था। एंबुलेंस उसके बाद कहां आई, कहां गई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पूरे मामले पर मऊ के एसपी घुले सुशील चंद्रभान का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। बाराबंकी आरटीओ से भी रिपोर्ट मांगी गई है। पूरे मामले पर पुलिस नजर रखे हुये है।

बाराबंकी में पिछले साल दी गई थी नोटिस
बाराबंकी संवाददाता के अनुसार मुख्तार अंसारी को जेल से पेशी पर ले जाने वाली एम्बुलेंस बाराबंकी के अस्पताल व डा. अलका राय के नाम पर दर्ज है। एम्बुलेंस का फिटनेस खत्म होने के मामले में एआरटीओ ने जनवरी 2020 में ही नोटिस जारी कर रखी थी। इस अस्पताल के नाम एम्बुलेंस दर्ज है उसका मोहल्ले में कोई अस्तित्व कभी नहीं रहा।

2017 में खत्म हो चुकी है फिटनेस 
महोली कोर्ट में मुख्तार अंसारी को जिस एम्बुलेंस नम्बर यूपी 41 एटी 7171 से जेल से लाया गया था। वह बाराबंकी में पंजीकृत है। इसकी सूचना मिलते ही सम्भागीय परिवहन विभाग से लेकर जिला प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है। सम्भागीय परिवहन विभाग ने उक्त एम्बुलेंस की डिटेल्स निकाली तो वह श्याम सन हास्पिटल के नाम व डा. अलका राय निवासी रफी नगर के नाम दर्ज है। इसे लेकर एआरटीओ पंकज वर्मा ने बताया कि उक्त एम्बुलेंस का फिटनेस 31 जनवरी 2017 को दर्ज खत्म हो चुका था। जिसे लेकर नोटिसें दी गईं थीं। अंतिम नोटिस जनवरी 2020 को संबंधित पते पर भेजी गई थी मगर कोई जवाब नहीं आया और न ही कोई सम्पर्क करने आया।

मामले की कराएंगे जांच 
इसे लेकर बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उधर रफी नगर के निवासियों से जब सम्पर्क किया गया तो वहां के रहने वाले पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हफीज भारती के भाई अजीज भारती उर्फ अज्जू ने बताया कि वह जन्म से यहीं रहते हैं मगर इस नाम का कोई हास्पिटल यहां नहीं चलता था और न ही डा. अलका राय नाम से कोई रहता है।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडेन ने इमरान खान को दिया झटका, भारत आएंगे जॉन कैरी, पाकिस्‍तान को ना

वॉशिंगटन
अमेरिका के जो बाइडेन प्रशासन ने पाकिस्‍तान को करारा झटका दिया है। जलवायु परिवर्तन पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति के विशेष दूत जॉन कैरी भारत, बांग्‍लादेश की यात्रा करेंगे लेकिन इस महासंकट से सर्वाधिक जूझ रहे देशों में शामिल पाकिस्‍तान नहीं जाएंगे। जानकारी के मुताबिक कैरी जलवायु संकट पर चर्चा करने के लिए एक से नौ अप्रैल के बीच भारत, बांग्लादेश और यूएई की यात्रा पर जाएंगे।

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के मुताबिक केरी के पाकिस्‍तान नहीं आने और जलवायु परिवर्तन पर शिखर सम्‍मेलन में इमरान खान को न्‍योता नहीं देने से कई लोगों की त्योरियां चढ़ गई हैं। लोगों को मानना है कि यह पाकिस्‍तान के लिए बड़ा झटका है। दक्षिण एशियाई मामलों के अमेरिकी विशेषज्ञ माइक कुगेलमैन ने कहा, ‘पहले पाकिस्‍तान को वाइट हाउस के वैश्विक जलवायु परिवर्तन शिखर सम्‍मेलन में न्‍यौता नहीं दिया गया। अब अमेरिका के जलवायु दूत जॉन कैरी चर्चा के लिए भारत और बांग्‍लादेश जा रहे हैं।’

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 22-23 अप्रैल के बीच जलवायु परिवर्तन पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन बाइडन द्वारा आयोजित ‘नेताओं के शिखर सम्मेलन’ और इस वर्ष के अंत में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) से पहले कैरी इस मुद्दे पर विचार विमर्श के लिए इन देशों की यात्रा करेंगे। कैरी ने ट्वीट किया, ‘जलवायु संकट से निपटने के लिए अमीरात, भारत और बांग्लादेश में दोस्तों के साथ सार्थक चर्चा को लेकर उत्साहित हूं।’

40 नेताओं संग जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर वार्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत विश्व के 40 नेताओं को जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर वार्ता के मकसद से आयोजित होने वाले ‘नेताओं के शिखर सम्मेलन’ के लिए आमंत्रित किया है। इस शिखर सम्मेलन का मकसद जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के आर्थिक लाभ एवं महत्व को रेखांकित करना है। वाइट हाउस ने पिछले सप्ताह कहा था, ‘यह ग्लासगो में इस साल नवंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) के मार्ग में एक मील का पत्थर साबित होगा।’

वाइट व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत 40 नेताओं को शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

वैश्विक स्तर पर 80 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार
इन नेताओं के अलावा दक्षिण एशिया से बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग को भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। वाइट हाउस ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन और सीओपी26 का मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के प्रयासों को गति देना है। उसने कहा कि इस सम्मेलन में इन उदाहरणों को भी रेखांकित किया जाएगा कि जलवायु महत्वाकांक्षा से अच्छे वेतन वाली नौकरियां कैसे पैदा होती हैं, नवोन्मेषी तकनीक विकसित करने में कैसे मदद मिलती है और कमजोर देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के अनुसार ढलने में कैसे सहायता मिलती है। इस सम्मेलन में वे 17 देश भाग लेंगे, जो वैश्विक स्तर पर 80 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं और वैश्विक जीडीपी में उनकी 80 प्रतिशत भूमिका है।

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को मार गिराया, BJP नेता के घर पर हमले में थे शामिल

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। शुक्रवार सुबह से ही यह मुठभेड़ जारी थी। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के काकापोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान तीनों आतंकियों को घेरने में कामयाबी मिली और लंबी चली मुठभेड़ के बाद इन्हें मार गिराया गया। सुरक्षाबलों पर आतंकियों की ओर से लगातार फायरिंग की जा रही थी। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।

कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि पुलवामा एनकाउंटर में मारे गए ये तीनों आतंकी भाजपा नेता के घर पर हुए हमले में शामिल थे। बता दें कि सुबह से ही पुलवामा में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर रखा था। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान पुलिस कर्मियों पर गोलियां चला दी गईं, जिसके बाद उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि सुबह से ही दोनों ओर से गोलीबारी अब भी जारी थी। 

दरअसल, गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थानीय भाजपा नेता पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि चार में से एक आतंकवादी बुर्का पहनकर आया था और अरिगाम नौगाम स्थित भाजपा नेता अनवर अहमद से मिलने का अनुरोध किया था। अधिकारी ने बताया कि बारामूला जिले के भाजपा महासचिव एवं कुपवाड़ा जिले के प्रभारी अहमद घटना के समय मकान में मौजूद नहीं थे। 
क्या हुआ था कल

अधिकारी ने बताया कि जैसे ही संतरी ने दरवाजा खोला आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी जिससे संतरी की मौत हो गई। संतरी की पहचान रमीज रजा के तौर पर हुई है। रजा को एसएमएचएस अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि अंदर मौजूद अन्य गार्ड द्वारा जवाबी कार्रवाई किए जाने के डर से आतंकवादी भाजपा नेता के घर पर नहीं होने की सूचना मिलने पर भाग गए। हालांकि वे एसएलआर राइफल लूट ले गए। 
यह घटना उत्तरी कश्मीर स्थित बारामूला जिले के सोपोर में ब्लॉक विकास परिषद (बीडीसी) के सदस्य एवं उसके सुरक्षा गार्ड की आतंकवादियों द्वारा हत्या करने के तीन दिन बाद हुई है। 

ये हैं सरकार वे तीन बड़े फैसले, जिनसे विधानसभा चुनाव के नतीजे हो सकते हैं प्रभावित

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान आए तीन महत्वपूर्ण फैसलों और घोषणाओं का व्यापक असर पड़ सकता है। इनमें रसोई गैस की कीमतों में कमी, सुपरस्टार रजनीकांत को दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा और ब्याज दरों पर रिजर्व बैंक के फैसले को वापस लेना शामिल है। ये फैसले उस समय हुए हैं, जब असम और पश्चिम बंगाल के साथ तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार चरम पर है। 

भाजपा इन विधानसभा चुनावों को न केवल प्रतिष्ठा, बल्कि बड़े बदलाव और भविष्य की रणनीति का चुनाव मानकर लड़ रही है। उसने असम और पश्चिम बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। साथ ही तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है। ऐसे में हाल के तीन बड़े फैसले उसके पक्ष में माहौल बना सकते हैं। 31 मार्च को रिजर्व बैंक ने विभिन्न बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने की घोषणा की थी, लेकिन एक अप्रैल की सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उस फैसले को वापस लेने का ऐलान किया है। बचत योजनाओं पर ब्याज की कमी से लोगों में नाराजगी हो सकती थी और अब उसे कम करने की कोशिश की गई है।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने रसोई गैस की कीमतों को भी कम किया है और संकेत दिए हैं कि जल्दी पेट्रोल-डीजल के दाम भी घट सकते हैं। महंगाई से जूझ रहे आम आदमी को इससे काफी राहत मिल सकती है और इसका असर भी विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव के दौरान ही सुपरस्टार रजनीकांत को दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने का फैसला भी आया है। तमिलनाडु में रजनीकांत की खासी अपील है और वह किसी का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का यह फैसला रजनीकांत के समर्थकों को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश जरूर है। गौरतलब है कि रजनीकांत ने अपनी राजनीतिक पारी को फिलहाल स्थगित कर रखा है, जिससे उनका समर्थक वर्ग असमंजस की स्थिति में है। अब भाजपा ने उसे अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में खींचने की कोशिश की है।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से उन राज्यों में तो सरकार गठित होगी ही, लेकिन इसका राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में भी काफी महत्व है। असम को छोड़कर सभी भाजपा की पहुंच से दूर वाले राज्य हैं। पार्टी की कोशिश है कि वह इन राज्यों में अपना राजनीतिक बजूद बढ़ाए, जिससे कि 2024 के लोकसभा चुनाव की उसकी रणनीति को व्यापक स्वरूप मिल सके और नए क्षेत्रों में पहुंच बने।