चीन ने हाट स्प्रिंग और गोगरा से हटने से किया इनकार, कहा- भारत को जो मिला उसमें खुश रहे

पेइचिंग
चीन और भारत के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी सैन्‍य गतिरोध के लगभग एक साल हो गए हैं लेकिन अभी विवाद बना हुआ है। दोनों देशों के बीच अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है, फिर भी इस विवाद का कोई हल होता नहीं द‍िख रहा है। इस बीच ताजा बातचीत में चीनी ड्रैगन ने लद्दाख के हाट स्प्रिंग और गोगरा इलाके से अपनी सेना को पीछे हटाने से इनकार कर दिया है। यही नहीं चीन ने भारत को यह भी कहा है कि भारत को जो मिला है (पैंगोंग इलाके में पीछे हटना), उसमें उसे खुश रहना चाहिए।

इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 9 अप्रैल को हुई कोर कमांडर स्‍तर की ताजा बातचीत में चीन ने हाट स्प्रिंग, देपसांग मैदान और गोगरा पोस्‍ट से अपने सैनिकों को हटाने से इनकार कर दिया है। इससे पहले फरवरी महीने में भारत और चीन की सेनाएं पैंगोंग झील और कैलाश रेंज से पीछे हट गई थीं और अन्‍य विवादित स्‍थलों को लेकर बातचीत करने पर सहमति बनी थी।

चीनी सैनिक भारतीय सैनिकों को गश्‍त करने से लगातार रोक रहे
उच्‍च पदस्‍थ भारतीय सूत्रों के मुताबिक चीन ने पहले हाट स्प्रिंग के पेट्रोलिंग प्‍वाइंट 15 और पीपी-17ए और गोगरा पोस्‍ट से पीछे हटने पर सहमति जताई थी लेकिन बाद में अब उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया है। चीन ने कहा है कि भारत को उससे खुश होना चाहिए जो उसने हासिल किया है। उन्‍होंने बताया कि पेट्रोलिंग प्‍वाइंट 15 और पीपी-17ए पर चीनी सेना की ओर से प्‍लाटून स्‍तर की सैन्‍य तैनाती की गई है जो पहले कंपनी के स्‍तर की थी। भारतीय सेना के प्‍लाटून में 30 से 32 जवान होते हैं। वहीं सेना की एक कंपनी में 100 से 120 जवान होते हैं।

सूत्र ने कहा कि इस इलाके में आने जाने के लिए रोड की जरूरत नहीं है। वे बहुत जल्‍द ही आ जाते हैं और इस समय में वे भारतीय क्षेत्र में काफी अंदर तक घुसे हुए हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि पिछले दो से तीन साल में भारत कभी भी पैंगोंग झील के फिंगर 8 तक नहीं पहुंच सका है। उन्‍होंने कहा कि देपसांग में भारतीय सेना अपने परंपरागत गश्‍त वाले इलाके तक वर्ष 2013 से अब तक नहीं पहुंच सकी है। चीनी सैनिक भारतीय सैनिकों को गश्‍त करने से लगातार रोक रहे हैं।

कोरोना पेशेंट के साथ दुष्कर्म का प्रयास आरोपी वार्ड बॉय गिरफ्तार

घटना लोटस हॉस्पिटल के कोविड सेंटर गोल्डन विलेज हॉस्पिटल की घटना

ग्वालियर में कोविड हॉस्पिटल में भर्ती महिला से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। आधी रात वार्ड बॉय ने कमरे की कुंडी अंदर से लगाकर कोरोना पॉजिटिव महिला के चेकअप के नाम पर उसके कपड़ों में हाथ डालकर शरीर को छूता रहा। विरोध करने पर जबरदस्ती की। शोर मचाने पर वार्ड बॉय वहां भाग गया। घटना शनिवार रात 11 बजे से 12 बजे के बीच लोटस हॉस्पिटल के कोविड सेंटर गोल्डन विलेज होटल हॉस्पिटल की है। इतना ही नहीं महिला के बेटे व जेठ के साथ आरोपी ने मारपीट भी की है। घटना की शिकायत कंपू थाना में दर्ज कराई गई है। परिजन ने कोविड हॉस्पिटल के डॉ. प्रशांत अग्रवाल पर भी आरोपी को बचाने और भगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ व दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है।

शिवपुरी की विवेकानंद कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय महिला को कोरोना पॉजिटिव होने पर 16 अप्रैल की शाम को लोटस हॉस्पिटल के कोविड सेंटर गोल्डन विलेज होटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार सुबह महिला को ऑक्सीजन लगा दी गई थी। शनिवार रात 11 बजे वार्ड बॉय विवेक लोधी महिला के रूम में पहुंचा। उसने पूछा कैसा लग रहा है। तब महिला ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा है। इस पर वार्ड बॉय ने महिला के कपड़े की चेन खोलकर सीने पर हाथ रख दिया साथ ही शरीर को गंदी नीयत से छूने लगा। पहले महिला को लगा कि यह किसी तरह की जांच होगी जो कोविड मरीज को दी जाती होगी, लेकिन जब वार्ड बॉय ने अलग तरह की हरकत शुरू कर दी तो उन्होंने उससे मना किया। इसके बाद वह रूम से चला गया। पर रात 12 बजे वह फिर से रूम में आया। इस बार उसके इरादे नेक नहीं थे। वार्ड बॉय ने रूम की अंदर से कुंडी लगा दी। इसके बाद महिला से पूछा कैसा लग रहा है। इस पर महिला ने उससे कहा वह ठीक है तुम जाओ, लेकिन आरोपी ने कहा कि हार्ट बीट तो नहीं बढ़ी है। यह कहते हुए उसने महिला के कपड़ों में हाथ डालना शुरू कर दिया जबरदस्ती की। उसके इरादे समझकर महिला ने शोर मचाया तो आरोपी भाग गया।

आरोपी ने महिला के बेटे, जेठ को भी पीटा

घटना से घबराई महिला ने फोन कर अपने बेटे को बुलाया। बेटा अपने ताऊ के साथ वहां पहुंचा। बेटे को महिला ने पूरी बात बताई। जब बेटा हॉस्पिटल के नीचे आया तो बाहर ही आरोपी विवेक लोधी खड़ा था। जिसे उसने पकड़ा तो उसने महिला के बेटे और जेठ के साथ भी मारपीट की। यहां हॉस्पिटल के डॉक्टर व स्टाफ आ गया और आरोपी को वहां से भगा दिया।

हॉस्पिटल संचालक पर भी गंभीर आरोप

पीड़ित महिला के बेटे ने इस मामले में कोविड हॉस्पिटल के संचालक डॉ. प्रशांत अग्रवाल पर भी आरोपी को बचाने और मौके से भगाने का आरोप लगाया है। पीड़ित के बेटे ने बताया कि जब आरोपी को उन्होंने पकड़ा तो डॉ. प्रशांत अग्रवाल वहां आ गए। विवेक लोधी को वहां से भगा दिया। जब पीड़ित के बेटे ने कहा कि यह तो आरोपी था पुलिस केस है आपने इसे भगा कैसे दिया। इस पर डॉक्टर का जवाब था कि आरोपी पकड़ना उनका काम नहीं है।

इस घटना से कई सवाल खड़े हो गए हैं

निजी कोविड सेंटर में वार्ड बॉय की यह घटना अपने आप में संकेत है कि कोविड पॉजिटिव के साथ अंदर क्या-क्या हो सकता है। आशंका है कि वार्ड बॉय ने यह पहली बार नहीं किया हो। पर बदनामी के डर से यह बात बाहर न आई हो। इसकी भी जांच की जा रही है।

कोविड वार्ड में पहुंचे पुलिसकर्मी

इस घटना के बाद महिला से पूरी घटना के संबंध में पूछताछ करने पुलिस की महिला ऑफिसर सहित अन्य पुलिसकर्मी कोविड वार्ड में अंदर तक पहुंचे। यहां बयान लेने के बाद वह थाने लौटे। ऐेसे उनको भी कोविड का खतरा पैदा होता है।

आरोपी को किया गिरफ्तार

आरोपी ने छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया है। इस पर तत्काल मामला दर्ज करने के बाद दबिश देकर आरोपी विवेक लोधी को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. प्रशांत अग्रवाल पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

काेराेना से जंग में घर पर इलाज ले रहे मरीजाें काे उत्साह का आनलाइन डाेज

ग्वालियर, । जंग बीमारी से हो या फिर किसी और से, संयम व हौसलों से जीती जाती है। जिस व्यक्ति ने भी हौसले बुलंद रखे, उसने जंग जीती है, इसलिए घबराएं नहीं। कोई भी महामारी आपके हौसलों से बढ़ी नहीं हो सकती। संयम के साथ उपचार लें और हौसले को बुलंद रखें, जीत आपकी ही होगी। ये और ऐसी तमाम उत्साहवर्धक बातें, सलाह, घर में रहकर इलाज ले रहे मरीजों से गूगल मीट के जरिए मुरार एसडीएम पुष्पा पुषाम सहित तमाम प्रशासनिक अफसर, डाक्टर व प्रोफेसर हर दिन कर रहे हैं। यह चर्चा होम आइसोलेट मरीजों के उपचार में उत्साह रूपी दवा के डोज का काम कर रही है।

सभी इंसीडेंट कमांडर हर रोज अपने-अपने जोन के मरीजों का इंटरनेट मीडिया के द्वारा उत्साहवर्धन करते हैं। इसमें मरीजों को उनके खान-पान, रहन-सहन, दवा और योग के बारे में अलग-अलग विषय के विशेषज्ञ परामर्श और कोरोना से जीतने का हौंसला दे रहे हैं। गौरतलब है कि शहर में 5130 एक्टिव केस हो चुके हैं, जिसमें करीब 4400 मरीज होम आइसोलेट हैं। जिनका उत्साह वर्धन करने का कार्य प्रतिदिन किया जाता है। साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान, दवा की उपलब्धता, खाने-पीने की समस्या का भी निराकरण करते हुए उन पर निगरानी भी रखी जाती है।

आनलाइन मीट में ये होते हैं शामिल: सभी इंसीडेंट कमांडर, डा. बिंदु सिंघल, डा. बीना प्रधान, डा. शशीवाला भौंसले, डा.संध्या सुलैया, डीपीएमयू के अलावा अलग-अलग कालेज के प्रोफेसर सहित संभागायुक्त आशीष सक्सेना भी जुड़ते हैं।

मरीज के हर सवाल का जवाब देते विशेषज्ञः होम आइसोलेट मरीज के हर सवाल का जबाव गूगल मीट के दौरान दिया जाता है। मुरार निवासी 45 वर्षीय महिला ने खुद को स्वस्थ बताया, लेकिन सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दर्द की शिकायत बताई। डा. बिंदु सिंघल ने उन्हें पैरों द्वारा किए जाने वाले योग के बारे बताया। इसी तरह से दवा की उपलब्धता, खान-पान संबंधी समस्या का समाधान भी तत्काल दिया जा रहा है।

यह दिए जाते टिप्स

योगा: खुद को चुस्त-दुरस्त रखने के लिए योगासन आवश्यक है। किस योग को किस तरह करना है, उसका क्या फायदा है, यह बताया जाता।

खान-पान: घर में रहने वाले मरीज क्या खाएं, क्या न खाएं। डाक्टर मरीजों का डाइट चार्ट बताते हैं।

उपचार: घर पर रहने वाले मरीज के लक्षण के आधार पर डाक्टर के द्वारा उसका इलाज बताया जाता है।

खाली समय में क्या करें

टीकाकरण: मरीजों को बताया जाता है कि जो भी अपके रिश्तेदार या परिचित हैं, उन्हें भी घर पर रहने की सलाह दें। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की सूची तैयार करें और उन्हें टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करें।

घर से न निकलें: होम आसोलेशन के दौरान घर से न निकलें, न किसी से मिलें। घर में भी अलग-थलग रहें।

अध्ययन करें: घर पर रहकर अध्ययन करें, क्योंकि आज के समय में हर कोई व्यस्त है। आपको यह समय मिला है तो उसका सदुपयोग करें। वेद-पुराण, रामायण, महाभारत या फिर साहित्य पढ़ें, जो आप में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

पौधारोपण: घर में रहकर मोबाइल के जरिए और लोगों को भी पौधारोपण, गार्डनिंग के लिए प्रेरित करें। कोविड गाइडलाइन का पालन करने के लिए प्रेरित करें।

नकारात्मक सूचना: इंटरनेट मीडिया हो या न्यूज चैनल नकारात्मक प्रभाव डालने वाली सूचनाओं को न देखें।

21 काे मनाई जाएगी नवमी, हाेगा कन्या पूजन

ग्वालियर, । पिछले साल की तरह इस साल भी चैत्र नवरात्र कोरोना के साये में मनाई जा रही है। मंदिरों में न सही, लेकिन घर में रहकर ही श्रद्धालु मां की आराधना कर रहे हैं। नवरात्रि का अंतिम दिन 21 अप्रैल को नवमी तिथि मनाई जाएगी। नवमी पर मां की विशेष आराधना की जाती है। इस दिन मां दुर्गा के 9वें रूप सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है।

माता सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं। साथ ही बुराई से लड़ने की शक्ति मिलती है। मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री की अगर सच्चे मन से पूजा-अर्चना की जाए तो व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन मां दुर्गा से आशीर्वाद पाने के लिए, चैत्र नवरात्रि में 9 दिनों के उपवास के बाद कन्या पूजन और हवन किया जाता है। कुछ लोग अष्टमी के दिन 20 को कन्या पूजन करेंगे। चूंकि वर्तमान में कोरोना का संकट है, ऐसे में कन्याओं को अपने घर बुलाकर उन्हें भोजन कराना उचित नहीं होगा। क्योंकि इससे कन्याओं के कोरोना संक्रमित होने का खतरा बन सकता है। ऐसे में अभिभावक भी अपनी बच्चियों को भेजने से कतराएंगे। इस आपदा का समाधान श्रद्धालु तकनीक का इस्तेमाल कर निकाल सकते हैं। श्रद्धालु वीडियो काल कर प्रतीकात्मक कन्या पूजन कर सकते हैं। साथ ही उनके खाने व दक्षिणा की राशि अभिभावक की डिजिटल माध्यम से भेज सकते हैं। चैत्र नवरात्रि का पारण इस वर्ष 22 अप्रैल, गुरुवार को किया जाएगा। इस दिन वे लोग पारण करते हैं, जो नवरात्रि के 9 दिनों तक व्रत रखते हैं और मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा करते हैं। नवरात्र के 5वें दिन शनिवार को मां स्कंदमाता की आराधनी का गई। रविवार का मां कात्यायनी की पूजा की गई।

ककैटाे से छाेड़ा पानी, जल्द भरेगा तिघरा

ग्वालियर, । ग्वालियर में पानी के संकट को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाले तिघरा बांध को भरने के लिए ककैटो बांध से पेहसारी बांध में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। ककैटो बांध की नहर खोलकर पेहसारी बांध के लिए शनिवार को 100 एमसीएफटी पानी छोड़ा गया है। करीब सात दिन में ककैटो बांध से नहर के जरिए पेहसारी में 700 एमसीएफटी पानी पहुंचाया जाना है। पेहसारी को भरने के बाद तिघरा बांध में पानी छोड़ा जाएगा।

ग्वालियर में तिघरा जलाशय का जलस्तर 1602 एमसीएफटी है, यह पानी 13 जुलाई तक शहर की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त है। आमतौर पर शहर में मानसून का आगमन जून के अंत तक हो जाता है, लेकिन कई बार मानसून पिछड़ने के कारण बारिश देरी से होती है। ऐसे में पेहसारी से मिलने वाला एक माह का पानी शहरवासियों के लिए बरदान साबित हो सकता है।

700 एमएसीएफटी में से पहुंचेगा 300 एमसीएफटी पानीः ककैटो बांध से पेहसारी तक पानी लाने के लिए स्टेटकाल के समय करीब आठ किलोमीटर लंबी नहर बनाई गई थी। इन नहरों के जरिए ही ककैटो से पेहसारी बांध तक पानी लाया जाता है। पेहसारी बांध से तिघरा के लिए 700 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाएगा, लेकिन रास्ते में वाष्पीकरण और धरती द्वारा पानी सोख लेने के कारण तिघरा तक 300 एमसीएफटी पानी ही पहुंच सकेगा।

तिघरा को भरने का काम 30 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। शनिवार को ककैटो से पेहसारी को भरने के लिए नहर खोल दी गई है। पेहसारी में अभी पानी नहर वाले स्तर से नीचे है। सात दिनों में पानी का स्तर बढ़ जाएगा, जिसके बाद पानी पेहसारी से छोड़ा जाएगा।

सरस्वती शिशु मंदिर के 12 भवनों में भी होगा टीकाकरण व उपचार

ग्वालियर, । कोरोना वायरस रूपी आपदा की घड़ी है, मगर इस संकट को हराने के लिए चारों तरफ से मानवता ने हाथ उठना शुरू हाे गए हैं। अब तक जो स्कूल बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य संवारने का काम करते थे। वे अब कोरोना से जंग में भी मददगार बनने जा रहे हैं। दरअसल ग्वालियर में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के 12 स्कूल भवनों में जल्द ही वैक्सीनेशन व क्वारंटाइन सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। यहां कोरोना मरीजों के इलाज के साथ ही वैक्सीनेशन भी किया जाएगा।

सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान भोपाल द्वारा वर्तमान संकट के समय में मानवीय कमद उठाया गया है। लोगों की जान बचाने के लिए मध्य भारत प्रांत के सभी सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के भवन संबंधित जिला प्रशासन को क्वारंटाइन सेंटर, वैक्सीनेशन सेंटर हेतु उपलब्ध कराने का निश्चय किया है। इसी तारतम्य में शनिवार को विद्या भारती ग्वालियर द्वारा कलेक्टर को जिले में संचालित शिशु मंदिर विद्यालय के 12 भवनों की सूची प्रदान की गई है। इस सूची में मौजूद भवनों में जिला प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन सेंटर बनाना भी शुरू कर दिया गया है। विद्या भारती के जिला संयोजक मनोज गुप्ता (प्राचार्य बालक सरस्वती शिशु मंदिर बादलगढ़) ने बताया कि 16 स्कूलों के कुल 12 भवन हैं, जिनमें बड़े-बड़े कई हॉल हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सूची सौंपी दी गई है।

इन 12 स्कूलों में इतने कमरे

संस्कारधाम 06

नदीद्वार 12

चिटनिस की गोठ 11

संत रविदास 06

सिद्धेश्वर नगर 08

केदारधाम सीबीएसई 10

केदारधाम एमपी बोर्ड 08

आंतरी 10

बिलौआ 08

भितरवार 21

कुल 121

(नाेटः12 भवनों में कुल 98 शौचालय हैं।)

कोई भी वैक्सीन 100% कारगर नहीं… जानें कोरोना की दूसरी लहर और टीके पर क्या बोले एम्स डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया

नई दिल्ली
देश में कोरोना की दूसरी लहर में अब एक ही दिन में 2-2 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब देश में जनवरी से ही कोरोना टीकाकरण का अभियान चल रहा है। टीका लगवाने के बाद भी संक्रमण के कुछ मामले सामने आ रहे हैं। इसकी क्या वजह है? क्या वैक्सीन किसी काम के नहीं हैं? और देश में कोरोना की दूसरी लहर क्यों आई? ऐसे तमाम सवालों के जवाब AIIMS डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को दिए।

कोरोना की दूसरी लहर आने की क्या हैं मुख्य वजह?
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कोरोना के मामलों में उछाल के लिए कई फैक्टर जिम्मेदार हैं। लेकिन दो मुख्य कारण हैं जिससे केस तेजी से बढ़े। उन्होंने कहा, ‘कोरोना के मामलों में उछाल की 2 मुख्य वजह हैं। पहली यह कि जब जनवरी-फरवरी में वैक्सीनेशन शुरू हुआ और नए मामले काफी नीचे चले गए तब लोगों ने कोरोना से जुड़े नियमों का पालन बंद कर दिया। दूसरी वजह यह है कि वायरस म्यूटेट हुआ और ज्यादा तेजी से फैलने लगा।’

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो लॉ स्कूल के प्रित्जकर स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रफेसर अनूप मलानी देश में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे एक और संभावित कारण बताते हैं। उनके मुताबिक वायरस लोगों को दोबारा भी संक्रमित कर रहा है। केस बढ़ने के पीछे यह भी एक वजह हो सकती है।

वैक्सीन 100 प्रतिशत कारगर नहीं फिर भी क्यों जरूरी?

कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी कुछ लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसे देखते हुए किसी के भी मन में यह सवाल आना लाजिमी है कि क्या वैक्सीन संक्रमण से बचाव करने में नाकाम है और अगर नाकाम है तो फिर इसकी उपयोगिता क्या है, कोई क्यों लगवाए? रणदीप गुलेरिया ने वैक्सीन को लेकर भ्रम को भी दूर किया। उन्होंने कहा, ‘हमें यह याद रखना होगा कि कोई भी वैक्सीन शत प्रतिशत कारगर नहीं है। आप संक्रमित हो सकते हैं लेकिन हमारे शरीर के ऐंटीबॉडी वायरस को बढ़ने नहीं देंगे और आप गंभीर रूप से बीमार नहीं होंगे।’

वैक्सीन संक्रमण नहीं रोकते लेकिन गंभीरता कम करेंगे: प्रफेसर मलानी

एक्सपर्ट बार-बार लोगों को कोरोना टीके की अहमियत बता रहे हैं। स्वास्थ्य और विकास अर्थशास्त्री प्रफेसर अनूप मलानी ने भी कहा है कि कोविड-19 टीके किसी व्यक्ति को संक्रमित होने से नहीं रोकते, लेकिन बीमारी को तेजी से ठीक करने और इसकी गंभीरता को कम करने में मदद करते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो लॉ स्कूल के प्रित्जकर स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रफेसर मलानी भारत भर में शहरों और राज्यों में आर्थिक विकास-केंद्रित थिंक-टैंक आईडीएफसी के साथ कोविड-19 सीरोसर्वे श्रृंखला का नेतृत्व कर रहे हैं।

एम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि हेल्थकेयर सिस्टम पर जबरदस्त दबाव है। जिस तरह से केस बढ़ रहे हैं, उससे निपटने के लिए हमें अपने अस्पतालों में बेड और बाकी सुविधाएं बढ़ानी होंगी। इसके अलावा हमें जल्द से जल्द कोरोना केसों में कमी लानी होगी।’

गुलेरिया ने चुनावी और धार्मिक गतिविधियों में भी कोरोना नियमों का पालन किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह ऐसा समय है जब देशभर में तमाम धार्मिक गतिविधियां होती हैं और चुनाव भी चल रहे हैं। हमें समझना होगा कि जिंदगियां भी महत्वपूर्ण हैं। हम इन चीजों को छोटे स्तर पर कर सकते हैं ताकि धार्मिक भावनाएं भी आहत न हों और कोवीड एप्रोप्रिएट बिहैवियर का भी पालन हो सके।’

नए केस और मौतों का पिछला सभी रेकॉर्ड टूटा
भारत में कोविड-19 के रेकॉर्ड 2,34,692 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,45,26,609 हो गई है वहीं एक दिन में अब तक सर्वाधिक 1,341 लोगों की मौत होने के बाद मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,75,649 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार आठ बजे के डेटा के मुताबिक, देश में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 16 लाख से अधिक हो गई है।

24 घंटों में रिकॉर्ड 2,61,500 केस, 1501 मरीजों की मौत से हड़कंप

देश में कोरोना बेकाबू हो गया है। हर दिन रिकॉर्ड संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़े जिस गति से बढ़ रहे हैं, वो डराने वाला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के नए मामले की संख्या ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मृतकों की संख्या भी चरम पर पहुंच चुकी है। बीते 24 घंटों में देश में 2,61,500 नए मामले सामने आए है। इसके साथ देश में इस संक्रमण का शिकार होने वालों की संख्या 1,47,88,109 हो गई है। यह पहली बार है जब नए मामले एक दिन में ढाई लाख से अधिक दर्ज किए गए। वहीं मृतकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। शनिवार को इस अवधि में 1501 मरीजों की मौत हो गई। कोरोना की पहली लहर में एक दिन में सर्वाधिक मौत का आंकड़ा 1290 था, जिसे 16 सितंबर को दर्ज किया गया था। फिलहाल देश में महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,77,150 हो गई है।

दुनियाभर का यही हाल, मौत की संख्या 30 लाख पार

दुनिया में कोरोना संकट फिर गहराता जा रहा है। ब्राजील, भारत और फ्रांस जैसे देशों में कोरोना के बढ़ते कहर के चलते विश्व में इस वायरस की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 30 लाख के पार पहुंच गई है। जबकि संक्रमित लोगों का वैश्विक आंकड़ा 14 करोड़ से अधिक हो गया है। वर्ल्डोमीटर के डाटा के अनुसार, शनिवार को दुनिया में कोरोना पीड़ितों की संख्या 14 करोड़ 11 लाख आठ हजार 481 हो गई। मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 30 लाख 18 हजार 467 हो गया।

अमेरिका: 3,23,28,917 संक्रमित, 5,80,193 मौत

ब्राजील: 1,38,34,342 संक्रमित, 3,69,024 मौत

फ्रांस: 52,60,182 संक्रमित, 1,00,593 मौत

रूस: 46,93,469 संक्रमित, 1,05,193 मौत

ब्रिटेन: 43,85,938 संक्रमित,127,260 मौत

भोपाल में हमीदिया अस्पताल के दवा स्टोर से 850 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी

भोपाल
मध्य प्रदेश में एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो दूसरी ओर कई जगहों पर रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कमी से लोग परेशान हैं। राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित कई शहरों में इनकी कालाबाजारी से लोग त्रस्त हैं। इस बीच, प्रदेश के सरकारी अस्पताल में रेमडेसिविर की चोरी की खबर भी सामने आई है। भोपाल के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल से रेमडेसिविर के 850 इंजेक्शन का बॉक्स चोरी हो गया है। इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं।

प्रदेश में रेमडेसिविर की किल्लत के बीच सरकार ने कई शहरों में हेलिकॉप्टर से इसकी आपूर्ति की है। हमीदिया अस्पताल में 850 इंजेक्शन का बॉक्स शुक्रवार को पहुंचाया गया था और शनिवार को इसे मरीजों को दिया जाना था, लेकिन इससे पहले ही इसका पूरा बॉक्स चोरी हो गया।

शनिवार सुबह स्टोर रूम से इंजेक्शन गायब होने की सूचना मिलते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन अब ये पता लगा रहा है कि इंजेक्शन के साथ किसी और दवा की चोरी हुई है या नहीं? हालांकि, अस्पताल के बड़े अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं। अस्पताल के अधीक्षक आईडी चौरसिया से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने चोरी की बात स्वीकार की, लेकिन मीटिंग का बहाना बना लिया।