घर पर बैठे-बैठे परेशान हो गया हूं, मेरी मौत के लिए कोई नहीं है जिम्मेदार, सुसाइड नोट लिखकर तालाब में लगा दी छलांग, मौत

ग्वालियर/घर से स्कूटर लेकर निकले इंजीनियरिंग के छात्र ने सागरताल में कूदकर जान दे दी है। शनिवार सुबह उसका स्कूटर बहोड़ापुर में सागरताल के बाहर खड़ा मिला है। स्कूटर की सीट पर छात्र का मोबाइल और एक भारी पत्थर से सुसाइड नोट दबा मिला है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तत्काल छानबीन शुरू की। करीब 2 घंटे की तलाश के बाद छात्र का शव तालाब से मिला है। छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह घर बैठे-बैठे परेशान हो गया है। उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है।

बहोड़ापुर थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि शनिवार सुबह सागरताल पर सैर करने आने वाले लोगों ने सूचना दी थी कि सागरताल के गेट के बाहर एक स्कूटर (एक्टिवा) खड़ा हुआ है। स्कूटर पर ही एक मोबाइल व सुसाइड नोट रखा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। स्कूटर के रजिस्ट्रेशन नंबर से पता लगा कि यह स्कूटर पड़ाव थाना क्षेत्र के RP कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी अनिल श्रीवास्तव के नाम पर है। यह स्कूटर उनका छोटा बेटा 19 वर्षीय आयुष श्रीवास्तव शुक्रवार शाम को लेकर निकला था। तभी से वह लापता है। गाड़ी की सीट पर रखा मोबाइल भी आयुष का निकला। सुसाइड नोट में भी आयुष श्रीवास्तव लिखा हुआ था। तत्काल छात्र के परिजन को सूचना दी गई। साथ ही पुलिस ने छानबीन शुरू की। गोताखोर ने 2 घंटे तक छानबीन की और उसके बाद तालाब में 20 फीट की गहराई में छात्र का शव अटका मिला है। पुलिस ने गोताखोर की मदद से शव को बाहर निकलवा कर निगरानी में लिया है और पोस्टमार्टम कराया है।

पुलिस को पता लगा है कि छात्र ने इसी साल 12वीं पास कर B. TECH फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया है, लेकिन कॉलेज नहीं खुलने के कारण वह दिन भर घर पर ही रहता था। शुक्रवार शाम को वह घूमने जाने की कहकर घर से निकला फिर लौटा ही नहीं। जब रात तक वह नहीं आया तो उसके पिता ने मामले की सूचना पड़ाव थाना में दी थी। पुलिस उसे तलाश पाती उससे पहले शव मिलने की सूचना घर तक पहुंच गई।

मेरी मौत के लिए मैं खुद हूं जिम्मेदार

पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है वह इंग्लिश में है। इसलिए मौके पर सिपाही उसे पढ़ ही नहीं पाए। जब TI बहोड़ापुर के पास वह पहुंचा तो उन्होंने पढ़ा। सुसाइड नोट में छात्र ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। उसने जिक्र किया है कि वह घर बैठे-बैठे परेशान हो गया है। वह डिप्रेशन सहन नहीं कर पा रहा है। उसकी मौत के बाद किसी को भी परेशान न किया जाए। मृतक पांच बहन भाई हैं। तीन भाइयों में वह सबसे छोटा और लाड़ला था।

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