देशमुख मामले में कांग्रेस विधायक ने अपनी ही पार्टी पर उठाए सवाल, कहा- महाराष्ट्र में समर्थन वापस ले कांग्रेस

भोपाल, जेएनएन। महाराष्ट्र में पुलिस अधिकारियों के माध्यम से गृहमंत्री द्वारा पये लिए जाने को लेकर मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने अपनी पार्टी को कठघरे में खड़ा किया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट किया है कि अगर 100 करोड़ रपये प्रतिमाह मुंबई पुलिस के माध्यम से महाराष्ट्र के गृहमंत्री वसूल रहे हैं और यह सत्य है तो देशमुख ‘देश’ के ‘मुख’ नहीं हो सकते। लगता है अगाड़ी सरकार पिछड़ती जा रही है। कांग्रेस को समर्थन वापस लेना चाहिए।

मालूम हो, लक्ष्मण सिंह इससे पहले भी पार्टी गाइडलाइन के खिलाफ जाकर बयान देते रहे हैं। प्रदेश में कमल नाथ सरकार के दौरान एक बार वे दिग्विजय सिंह के बंगले का घेराव कर चुके हैं। सितंबर 2019 में किसानों की कर्जमाफी को लेकर उन्होंने राहुल गांधी को घेरा था। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी को किसानों का कर्ज दस दिन में माफ करने का वादा नहीं करना चाहिए था। कमल नाथ सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर पाई, इसलिए हाथ जोड़कर गलती मान लेनी चाहिए। इसके अलावा श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए दिग्विजय सिंह द्वारा चंदा दिए जाने पर टिप्पणी की थी कि राम जी के नाम पर बड़े साहब ने भी चंदा दिया है। बड़े साहब तो सबको एडजस्ट करके चलने वाले हैं, लेकिन आपको और हमको एडजस्ट करने की जरूरत नहीं है।

मुंबई के पूर्व पुलिस कम्निश्नर परमबीर सिंह द्वारा चिट्ठी लिखकर गृहमंत्री पर लगाए गए 100 करोड़ की वसूली जैसे गम्भीर आरोपों के बाद उद्धव सरकार भारी दबाव में हैं। ऐसे में उद्धव, गृहमंत्री अनिल देशमुख से इस्तीफा लेने के मूड में हैं लेकिन अनिल देशमुख के साथ पूरी एनसीपी खड़ी है। अब इस मुद्दे पर मचे बवाल के बीच एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के भाई और चाचौड़ा विधानसभा से विधायक लक्ष्मण सिंह ने भी अपनी बात रखी है।

विधायक लक्ष्मण सिंह ने अपने ट्वीट में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को टैग करते हुए लिखा है कि अगर 100 करोड़ रुपए प्रति महीना मुंबई पुलिस से महाराष्ट्र के गृहमंत्री वसूल रहे हैं और अगर यह बात सत्य है तो देशमुख, देश के मुख नहीं हो सकते। अगाड़ी सरकार पर पिछड़ती जा रही है कांग्रेस को समर्थन वापस लेना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *