लॉकडाउन:इंदौर में वाहनों की हवा निकाली, जबलपुर में बनियान और झोले का बनाया मास्क; भोपाल में दिखी ढील, छिंदवाड़ा में बाजार मर्जी से बंद

MP के 3 शहरों में रविवार को लॉकडाउन के दौरान पुलिस की सख्ती रही। इंदौर और जबलपुर में दोपहर बाद पुलिस ने अपने तेवर और सख्त कर लिए। इंदौर में बेवजह घर से बाहर निकले लोगों के वाहनों की पुलिस ने हवा निकाल दी। जबलपुर में जुर्माने से बचने के लिए लोगों ने झोला और बनियान काे ही मास्क बना लिया। वहीं, भोपाल में थोड़ी ढील दिखी। सुबह की तरह दोपहर और उसके बाद भी लोग अपने निजी वाहनों से आते-जाते रहे। हालांकि तीनों शहरों में मेडिकल और अस्पतालों को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहीं। छिंदवाड़ा में भी लोगों ने स्वेच्छा से बाजार बंद रखे।

सुबह के समय दूध सप्लाई के लिए छूट मिली हुई थी। सब्जी के ठेले तक शहर में नहीं चलने दिए गए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने का फायदा भी वाहन चालकों ने उठाया। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों को दोगुना किराया देना पड़ा। इंदौर के रीगल चौराहे पर बेवजह सड़क पर निकले एक युवक को पुलिस ने डंडा मारकर घेर भेजा। बाद में दोपहर बाद पुलिस की सख्ती में कमी आई। निजी वाहनों से लोगाें की आवाजाही शुरू हो गई।

भोपाल: दुकानें बंद, सड़कों पर निकलते रहे लोग

शहर में एक तरह से लॉकडाउन शनिवार रात 10 बजे से ही शुरू हो गया था। रविवार सुबह से अस्पताल और मेडिकल दुकानें छोड़कर सभी दुकानें बंद रहीं। लॉकडाउन के दौरान धारा 188 लागू की गई है। यानी बिना कारण घर से निकलने पर गिरफ्तारी के आदेश थे, लेकिन सुबह 9 बजे से पहले तक सड़कों पर लोग आते-जाते रहे। पुलिस बैरिकेड्स लगाकर साइड में खड़ी रही। बाद में थोड़ी सख्ती शुरू की। हालांकि यह सख्ती दोपहर बाद फिर से ढीली पड़ गई। लोगों की आवाजाही सड़कों पर दोबारा शुरू हो गई। वहीं शहर में स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वालों ने ज्यादा किराया वसूला। भोपाल में पिछले 24 घंटे में संक्रमितों का आंकड़ा 400 के पार हो गया है। ऐसे में प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान ज्यादा सख्ती बरतने की बात कही थी। यदि दुकानदार ने नियमों का उल्लघंन किया, तो 5 हजार रुपए फाइन देना होगा। इसके बाद भी नहीं माने तो दूसरी और तीसरी बार में 2 गुना यानी 10 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। अगर फिर भी दुकानदार नहीं माने तो दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर: किसी भी दुकान का शटर नहीं उठा

रविवार की सुबह दूध वाले की आवाज तो आई, लेकिन सब्जी के ठेले गायब दिखे। सुबह चाय-नाश्ते के स्टॉल भी नहीं लगे। लॉकडाउन को लेकर पुलिस ने शनिवार रात 10 बजे से ही मोर्चा संभाल लिया था। हालांकि सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही बनी रही। इसके बाद पुलिस ने सुबह 9.30 बजे के बाद सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया और आने जाने वालों से पूछताछ शुरू कर दी। सायरन बजाती हुईं पुलिस की गाड़ियां सड़कों पर अनाउंस करती रहीं। दोपहर बाद भी यहां पर सख्ती रही। रीगल चौराहे पर पुलिस ने एक व्यक्ति को डंडे मारकर घर भेजा। सड़क पर निकलने का वाजिब कारण नहीं बताने पर वाहनों की हवा पुलिस ने निकाल दी।

शहर में अस्पताल और मेडिकल को छोड़कर सभी बाजार और दुकानें बंद रहीं। शहर में 1500 जवानों की तैनाती किया गया। हालांकि यहां भी आवाजाही पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है। दोपहर बाद यहां पर सख्ती तेज हुई। जुर्माने से बचने के लिए लोगों ने झोले और बनियान को मास्क बनाकर पहना लिया। PSC अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर सुबह सात से नौ बजे तक के बीच विभिन्न केंद्रों के लिए बसें उपलब्ध कराई गईं। अभ्यर्थियों की वापसी में भी बसों की सुविधा परीक्षा केंद्राें से स्टेशन व ISBT के लिए उपलब्ध कराई गई।

सिर्फ इनको मिली है लॉकडाउन में छूट

दवा की दुकान और अस्पताल। आवश्यक वस्तुओं के थोक परिवहन, औद्योगिक इकाइयों और उनके श्रमिकों व कर्मियों, औद्योगिक कच्चे माल और उत्पाद के परिवहन, बीमार व्यक्तियों के परिवहन, बाहर से आने वाले ट्रक, डंपरों को, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से आने-जाने की छूट रहेगी। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को छूट रहेगी कि वे अपनी फोटो पहचान पत्र व टिकट दिखाकर आवाजाही कर सकेंगे।

इन गतिविधियों पर टोटल लॉकडाउन
सभी निजी व शासकीय संस्थाएं। दुकान, होटल, प्रतिष्ठान, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, सिटी बस, ऑटो, टैक्सी, खुदरा व थोक दुकानें, मार्केट, क्लब, बगीचे, रेस्टाेरेंट, खानपान की दुकानें, मंडियां, शराब दुकानें, किराना दुकानें, सब्जी दुकानें बंद।

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