अरुणाचल प्रदेश में भारत को म‍िला यूरेनियम, चीन के सरकारी ‘भोंपू’ ग्‍लोबल टाइम्‍स को लगी म‍िर्ची

पेइचिंग
अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के नजदीक भारत के यूरेनियम की खोज से चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स को जबरदस्त मिर्ची लगी है। चीन के कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने भारत पर भड़कते हुए लिखा कि इस तरह के व्यवहार से भारत-चीन सीमा वार्ता को नुकसान पहुंचेगा। बता दें कि चीन शुरू से ही अरुणाचल प्रदेश को अपना बताते हुए दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता रहा है। इतना ही नहीं, चीन के इस सरकारी भोपू ने भारत के यूरेनियम की खोज की प्रशंसा करने पर भारतीय मीडिया पर भी हमला बोला है।

अरुणाचल में यूरेनियम उत्खनन से भड़का चीन

ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में हमारे सहयोगी प्रकाशन टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा कि भारत अरुणाचल प्रदेश में यूरेनियम का पता लगा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को भारत के एटॉमिक मिनिरल्स डॉयरेक्ट्रेट के डॉयरेक्टर डीके सिन्हा के हवाले से लिखा कि इस क्षेत्र में यूरेनियम के छिपे होने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, इसलिए हमने यहां अपने कार्य को जारी रखा हुआ है।

अरुणाचल प्रदेश को चीनी मीडिया ने बताया अपना

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस पिट्ठू मीडिया ने दावा किया कि चीन सरकार ने कभी भी “अरुणाचल प्रदेश” को मान्यता नहीं दी है। उसने आगे लिखा कि भारत का दावा है कि यह क्षेत्र उसका है, जबकि चीन में इसे तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा या जंगनान के रूप में जाना जाता है। ग्लोबल टाइम्स यहीं नहीं रुका, उसने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश को पिछली शताब्दी में अवैध रूप से बनाया गया था, जिसमें चीन का 90,000 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा शामिल है।

चीनी विशेषज्ञ ने कार्रवाई की मांग की

टोहुआ विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन के सहायक प्रोफेसर जी चाओ के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि यह मायने नहीं रखता है कि इस क्षेत्र में यूरेनियम मौजूद है, बल्कि इस क्षेत्र को खुद का होने का दावा करना गलत है। प्रोफेसर साहब ने तो भारत के ऊपर अभिमानी रवैया रखने तक का आरोप लगा दिया। प्रोफेसर ने चीन को भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की मांग तक कर डाली।

अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा

ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में भारत की खोजबीन की कोशिशों से सीमा वार्ता जटिल होगी। उसने तो इसे एकतरफा भड़काने वाली प्रतिक्रिया तक करार दिया है। वहीं, भारत शुरू से कहता आया है कि अरुणाचल प्रदेश हमारा अभिन्न अंग है। भारत की अलग-अलग पार्टियों की सरकारें कई बार संसद में और बाहर भी अरुणाचल प्रदेश को लेकर अपना रूख स्पष्ट कर चुकी हैं।

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