13 व 14 को होगा ग्वालियर में साहित्यकारों का जमघट

दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर से लगभग 40 साहित्यकार भाग लेंगे। 13 मार्च शनिवार को प्रथम सत्र 10 आरंभ होगा, कार्यक्रम का उद्घाटन जाने माने हिंदी गजलगो डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ (कोरबा) करेंगे। सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध पत्रकार प्रमोद भार्गव करेंगे तथा मुख्य वक्ता प्रमुख चिंतक डॉ. बजरंग बिहारी तिवारी (दिल्ली) होंगे। इस अवसर पर प्रसिद्ध कथाशिल्पी राजनारायण बोहरे (इंदौर) द्वारा नौ पुस्तकों का विमोचन किया जायेगा। साहबनामा (व्यंग्य संग्रह- मुकेश नेमा), दीनानाथ जी सठिया गए हैं (कहानी संग्रह- शिव अवतार पाल), संवेदनाओं के स्वर (लघुकथा संग्रह- विजचानंद ‘विजय’) ढाई आखर (काव्य संग्रह- रीमा दीवान चड्ढा), रिश्तों की सौगात (कहानी संग्रह- शगुफ्ता यास्मीन काजी), बहती हो तुम नदी निरंतर (गीत संग्रह- श्याम सुंदर तिवारी), जिंदगी का रहा सफर तनहा (गजल संग्रह- हरिओम सिंह ‘विमल’, सहमा हुआ इतिहास (कहानी संग्रह- डॉ. प्रतिभा त्रिवेदी), योनिमुद्रे नमोस्तुते (उपन्यास- ए. असफल) कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि चौधरी करेंगी तथा आभार प्रदर्शन डॉ. ऊशा बांगा।
द्वितीय सत्र सायं 4 बजे आरंभ होगा। इसमें देशभर के 10 ख्यातनाम साहित्यकारों को विभिन्न विधाओं के लिए पुरस्कृत किया जायेगा। सत्र की अध्यक्षता श्याम सुंदर तिवारी (खण्डवा) तथा संचालन डॉ. प्रतिभा त्रिवेदी करेंगी। कथेतर साहित्य के लिए डॉ. बजरंग बिहारी तिवारी (दिल्ली) कहानी के लिए शिव अवतार पाल (इटावा), कविता के लिए शैलेंद्र शरण (खण्डवा), नवगीत के लिए राजा अवस्थी (कटनी), गीत के लिए श्याम सुंदर तिवारी (खण्डवा), गजल के लिए राजकुमार राज (बैतूल), बालकहानी के लिए दिव्या शर्मा (गुरुग्राम), बालकविता के लिए राजेंद्रप्रसाद श्रीवास्तव (विदिशा) तथा छंद के लिए डॉ. योगिता बाजपेई ‘कंचन’ (रायपुर) को किस्सा कोताह सम्मान से विभूशित किया जायेगा।
14 मार्च रविवार को प्रथम सत्र सुबह दस बजे आरंभ होगा, जिसमें सौरभ उपाध्याय (विदिशा), हरगोंविंद मैथिल (विदिशा), विजय बागरी (कटनी), बलवीर सिंह पाल (इटावा), डॉ. निर्दोश प्रेमी (शिकोहाबाद), डॉ. कृपाराम कृपालु (उरई), अखिलेश शर्मा (मिहोना), डॉ. सुधीर आचार्य (अंबाह) तथा मनोज शुक्ल अर्णव (आगरा) काव्यपाठ करेंगे। सत्र की अध्यक्षता जानेमाने पत्रकार डॉ. राकेश पाठक तथा संचालन प्रो. आशा वर्मा एवं आभार प्रदर्शन डॉ. अशोक चौहान करेंगे।
वार्षिकोत्सव का अंतिम सत्र सायं 4 बजे आरंभ होगा। जिसमें देशभर के जानेमान कथाशिल्पी लघुकथा और कहानी पाठ करेंगे। सत्र की अध्यक्षता प्रो. पद्मा शर्मा और संचालन डॉ. जितेंद्र बिसारिया करेंगे। सत्र में दीर्घ नाराण (लखनऊ) कहानी, अंजू खरबंदा (दिल्ली) लघुकथा, मृणाल आशुतोष (समस्तीपुर) लघुकथा, हरिभटनागर (भोपाल) कहानी, तरुण भटनागर (रीवा) कहानी, डॉ. ज्योति गजभिये (मुंबई), लघुकथा एवं मनीश बाजपेई (बलौदा बाजार) आलेख वाचन करेंगे। आभार प्रदर्शन डॉ. ज्योति उपाध्याय के साथ ही उक्त द्विदिवसीय वार्षिकोत्वस का समापन हो जायेगा।
आयोजक गण – डॉ. राकेश पाठक, मुकेश नेमा, डॉ. पद्मा शर्मा, डॉ. ऊषा बांगा, डॉ. आशा वर्मा, डॉ. रश्मि चौधरी, अमिति चितवन, रविशेखर, देव श्रीमाली डॉ. शिव सिंह, अशोक कुमार गुप्त, शिवमंगल सिंह, ए. असफल, डॉ. ज्योति उपाध्याय, ममता शर्मा, राजेंद्र सिंह, डॉ. अशोक चौहान, डॉ. जितेंद्र बिसारिया, त्रिलोकीनाथ दुबे, कैलाश रीतोरिया, रामचरण मधुकर ने साहित्यानुरागियों से वार्षिकोत्सव में उपस्थित होने की अपील की है.

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