बाटला हाउस एनकाउंटर को वर्षों फर्जी बताते रहे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया दूध का दूध और पानी का पानी

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने बाटला हाउस एनकाउंटर केस में शामिल एक आंतकी आरिज खान उर्फ जुनैद को दोषी करार दिया है। सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा है कि जुनैद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की शहादत का जिम्मेदार है, वह घटना के वक्त बाटला हाउस में मौजूद था और बाद में वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा।

मुठभेड़ को फर्जी बताते रहे दिग्विजय सिंह

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एनकाउंटर पर दिए गए कांग्रेस नेताओं के बयानों की काफी कड़ी आलोचना हो रही है। एक तरफ दिग्विजय सिंह ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया था तो दूसरी तरफ सलमान खुर्शीद ने यहां तक दावा किया था कि एनकाउंटर में मारे गए लड़कों की तस्वीरें देखकर सोनिया गांधी रो पड़ी थीं। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी क्लीन चिट देते हुए बाटला हाउस एनकाउंटर को बिल्कुल सही ठहराया था।

टाइम्स नाउ के सामने दिया था यह तर्क

बावजूद इसके दिग्विजय सिंह कहते रहे कि बाटला हाउस एनकाउंटर फर्जी था। उन्होंने मई 2016 में हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ से बात करते हुए न केवल अपनी बात दुहराई थी बल्कि अपने पक्ष में तर्क भी रखा था। उन्होंने टाइम्स नाउ की संवाददाता के सवाल पर कहा था,
“मैंने हमेशा कहा है कि यह एनकाउंटर फर्जी है और आज भी इस पर अडिग हूं। यह जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है कि इसकी पुष्टि करे। हमने न्यायिक जांच की मांग की थी। अगर इसे मान लिया जाता तो सही तथ्य सामने आ जाते।”

दिग्विजय सिंह ने मुठभेड़ के फर्जी होने के दावे के पीछे एक तर्क दिया था। उन्होंने कहा था, “मेरी आपत्ति इस बात पर है कि किसी एनकाउंटर में किसी के सिर के ऊपर पांच गोलियां नहीं लग सकती हैं। यही मेरा कहना है और इसलिए मैंने न्यायिक जांच की मांग की।”

सोनिया गांधी भी रोई थीं?

दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेता भले ही मृत आतंकियों को मासूम बताया हो, लेकिन तत्कालीन गृह मंत्री शिवराज पाटिल और उनके बाद के गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने इस एनकाउंटर को सही बताया था। दोनों कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। उधर, सलमान खुर्शीद ने जरूर कहा था कि मृतक मासूमों की तस्वीर देखकर सोनिया गांधी रो पड़ी थीं, लेकिन बाद में वो भी बदल गए और कहा कि सोनिया रोई नहीं थीं, भावुक हो गई थीं।

बीजेपी हमेशा कहती रही- सही है बाटला हाउस एनकाउंटर

हालांकि, बीजेपी हमेशा से ही बाटला हाउस एनकाउंटर को सही बताती रही। पार्टी ने एकनाउंटर को फर्जी बताने वाले कांग्रेसी नेताओं पर वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा दांव पर लगाने का आरोप भी लगाया। बीजेपी नेता और अब केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तब कहा था कि कांग्रेस की केंद्र सरकार बाटला हाउस मुठभेड़ को सही बताती है जबकि पार्टी के कुछ नेता गलत बताते हैं, यह अजीब स्थिति है।

एनकाउंटर से महज छह दिन पहले दहली थी दिल्ली

ध्यान रहे कि बाटला हाउस एनकाउंटर दिल्ली के जामियानगर इलाके में 19 सितंबर 2008 को हुआ था। इससे महज छह दिन पहले 13 सितंबर 2008 के दिन दिल्ली दहल उठी थी। दिल्ली के करोल बाग, कनाट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इस बम ब्लास्ट में 26 लोगों की मौत हुई थी और 133 लोग घायल हुए थे। राजधानी बम धमाकों से दहल गई थी, लोग सदमें में थे और हर जगह चीख पुकार मची हुई थी। इस कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा हुए थे शहीद

दिल्ली पुलिस ने जांच में पाया था कि बम ब्लास्ट के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का हाथ है। इस ब्लास्ट के बाद 19 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकी जामिया नगर स्थित बटला हाउस के एक मकान में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना किसी देरी के बाटला हाउस में छापा मारा। इस टीम की लीड किया था इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा ने जो शहीद हो गए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने फ्लैट में छापा मारा और दोनों ओर से फायरिंग हुई थी।

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