—मैं नाम का फूफा नहीं पार्टी का सशक्त हस्ताक्षर हूँ – धैर्यवर्धन

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प्रोटोकॉल उल्लंघन से नाराज धैर्यवर्धन ने रेल मंत्री सहित
अधिकारीयों को मेल भेजकर शिकायत की ।
कार्यक्रम मे भी नहीं पहुंचकर विरोध का सख्त संदेश देने मे नहीं चूके ।


जोनल समिति के सदस्य एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता धैर्यवर्धन ने ग्रह जिला शिवपुरी रेल स्टेशन के जन सुविधा लोकार्पण , राष्ट्रीय ध्वज स्थापना कार्यक्रम मे दिनांक 8 मार्च को सांयकाल होने जा रहे कार्यक्रम मे आमंत्रित न किया जाने पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है।जब कार्यक्रम को मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री और स्थानीय सांसद के द्वारा गरिमामय उद्घाटन किया जा रहा हो ऐसे मे नियमानुसार मुझे भी आमंत्रित कर उस प्रसन्नता मे भागीदार किया जाना चाहिए था । धैर्यवर्धन् ने कहा कि वे इस सम्वन्ध मे कार्यक्रम के अतिथि द्वय श्रीमंत राजे और माननीय सांसद डॉ के पी यादव को भी वे इस धृष्टता से अवगत कराएँगे। उन्होंने भेजे शिकायती मेल मे कहा कि मुझे बहुत अफसोसजनक प्रतीत हो रहा है। मा. रेल मंत्री जी द्वारा मनोनयन से आपके पश्चिम मध्य रेल मे ZRUCC मेम्बर का कोई अधिकार / प्रोटोकॉल बनता है कि नहीँ ? पहली बार इस अन्चल के किसी व्यक्ति को जोन लेबल पर सदस्य बनाया है वे भारत सरकार और सत्ताधारी दल भाजपा के सशक्त प्रतिनिधि हैं यह अहसास कराकर ही रहूंगा । कल मीडिया को इस आशाजनक और घोर उपेक्षापूर्ण रवैया पर मैं क्या जबाव दूंगा।
धैर्यवर्धन द्वारा मेल पर भेजी शिकायत के पश्चात् जबलपुर, भोपाल तक हडकम्प मच गया तभी शिवपुरी स्टेशन मास्टर ने‌ अपने अधीनस्थ को घर भेजकर आमंत्रण की औपचारिकताएं पूरी की ।
आप मुख्य अतिथि किसी भी माननीय जन प्रतिनिधि को बनाए वे मेरे भी आदरणीय हैं परंतु बतौर विशिष्ट अतिथि तो रेल के जोनल सलाहाकार समिति के स्थानीय निवासी सदस्य को बुलाया ही जाना चाहिए था।
इसके पूर्व भी जब जी एम महोदय पिछ्ले सप्ताह शिवपुरी गुना के भ्रमण पर थे तब भी कोई सूचना नहीं थी अन्यथा एक सौजन्य मुलाकात मैं अवश्य करता ।
शिकायत भेजने के पश्चात् दोपहर डेढ़ बजे आनन फानन मे निमंत्रण कार्ड भेजा गया जिसे धैर्यवर्धन् ने अस्वीकार कर दिया ।
उन्होने रेल मंत्री , रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष , जी एम, डी आर एम को लिखा कि आज दिनांक तक शिवपुरी रेल स्टेशन के स्टेशन अफसर ने भी सौजन्य भेंट नहीं की है । हालांकि रेल अधिकारियो ने खेद प्रकट करते हुए बताया कि चुंकि अभी जोन लेबल पर एक भी बैठक नहीं हुई है अतः परिचय के अभाव मे भोपाल मंडल से यह चूक हुई है।
रैल्वे बोर्ड के अध्यक्ष को लिखी चिठ्ठी मे धैर्यवर्धन् ने पुछा कि क्या अधिकारियो की नज़र मे भारत सरकार के रेल मन्त्रालय ने हम लोगों को केवल कागजी खानापूर्ति के लिए ही बनाया है। उन्होंने लिखा कि माननीय मंत्री जी को भी इस बेरुखी के प्रकरण की जानकारी प्रत्यक्ष मिलकर दूंगा। जोन की पहली बैठक मे भी मैं यह विषय प्रमुखता से उठाकर स्पष्टीकरण माँगूँगा । किसी भी कीमत पर अधिकारियो की तानाशाही एवं बेरूखी को सहन नहीं किया जावेगा। मुझे प्रतिउत्तर स्वरूप इस जोनल सलाहकार समिति के बॉयलाज की प्रति भी अविलम्ब प्रेषित करने का कष्ट करें।
उपरोक्त विषय मे सक्षम अधिकारी द्वारा जान्च एवं समुचित कार्यवाही की अपेक्षा के साथ यह नम्र निवेदन प्रस्तुत है।

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