सिंधिया रियासत कालीन 109 साल पुरानी सरकारी प्रेस होगी बंद

ग्वालियर। शहर में मौजूद 109 साल पुरानी सरकारी प्रेस जल्द बंद होने वाली है. सिंधिया घराने के द्वारा 1912 में स्थापित इस प्रेस में जयाजी प्रताप अखबार प्रकाशित होता था. इस अखबार में हुक्मराजे और गजट का प्रकाशन होता था. बाद में यहां निर्वाचन की गोपनीय सामग्री सहित सरकारी दस्तावेज का प्रकाशन किया जाने लगा. यहां नगरीय निकाय चुनाव की 30 हजार डायरियों का प्रकाशन का काम चल रहा है, लेकिन जैसे ही सरकार के इस आदेश की खबर प्रेस में काम करने वाले लोगों को लगी तो उनके चेहरे पर मायूसी छा गई है. वहीं देश के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.
दरअसल ग्वालियर की सरकारी प्रेस के साथ इंदौर, रीवा की सरकारी प्रेस भी बंद करने का आदेश जारी किए हैं. ग्वालियर सहित इंदौर और रीवा की सरकारी प्रेस में कुल 1286 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 495 अभी खाली है खाली पदों को सरकार ने खत्म कर दिया है. मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर, रीवा और ग्वालियर की सरकारी प्रेस बंद करने का आदेश दिया है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि ‘सरकारी कार्य ऑनलाइन होने से और रॉ मटेरियल महंगा होने से यह सरकारी प्रेस घाटे में जा रही है. इस कारण इन को बंद किया जा रहा है, लेकिन ऐसे में सरकारी पैसों में काम करने वाले कर्मचारियों की भविष्य पर रोजी-रोटी का संकट लगा है. मध्य प्रदेश की इंदौर और रीवा सहित पुरानी ग्वालियर की सरकारी प्रेस में 160 कर्मचारी कार्यरत है. ग्वालियर की सरकारी प्रेस 109 साल पुरानी है और इस प्रेस की बंद होने की सूचना मिलते ही कर्मचारी निराश हैं और वह आंदोलन करने के लिए तैयार है. कर्मचारियों का कहना है कि ‘सरकार ने इस देश को बंद करने का आदेश जारी किया है, लेकिन इस प्रेस में काम करने वाले कर्मचारी क्या करेंगे और उनके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा.’

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