दो सांसदों सिंधिया एवं शेजवलकर की श्रेय लेने की होड़ से भाजपा कार्यकर्ता अवाक

ग्वालियर । ग्वालियर में भाजपा के दो सांसद है । एक निर्वाचित विवेक नारायण शेजवलकर और दूसरे राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया । अब इन दोनों में ग्वालियर पर आधिपत्य को लेकर घमासान सड़को पर आ गया है । इस घमासान के चलते भोपाल में भाजपा के एक बड़े नेता ने कहा था कि सिंधिया के लोगो को ही सब दे देंगे तो भाजपा कार्यकर्ता कहां जाएंगे । हालांकि ग्वालियर पहुंचे सिंधिया ने साफ कहा था कि यहां न कोई मेरा है और न तेरा यहां सिर्फ भाजपा का है।

भाजपा और सिंधिया के बीच शुरू से ही पटरी नही बैठ पा रही । इसकी शुरुआत हुई । जनसंघ के जमाने से भाजपा का ड्रीम प्रोजेक्ट रहे रोप वे का मामला । भाजपा ने लम्बी लड़ाई के बाद केंद्र और राज्य सरकार से इसको मंजूरी दिलाई । भाजपा शुरू से आरोप लगाती रही कि सिंधिया परिवार इसकी एनओसी नही होने देता क्योंकि वह नही चाहता कि इसका बेस सेंटर सिंधिया स्कूल पर बने । लेकिन केंद्र और राज्य दोनो में भाजपा की सरकार होने और ग्वालियर के सांसद नरेंद्र तोमर के वहां प्रभावशाली होने के चलते आखिरकार एनओसी मिल गई । गाजे बाजे के साथ इसका काम भी शुरू हो गया । करोड़ो रूपये खर्च भी हो गया लेकिन प्रदेश में बदले सियासी परिवर्तन ने भाजपा के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को हवा में उड़ा दिया । इस प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी निरस्त करके इसे स्थाई रूप से बन्द कर दिया गया । इसको लेकर भाजपा वाले सार्वजनिक रूप से भले ही कुछ नही बोले ।मन मसोसकर रह गए लेकिन आंतरिक कलह शुरू हो गया । 

इसके बाद भाजपा में सांसद द्वय के बीच तू डाल – डाल में पात – चल रहा है । अभी तक संगठन में हुई नियुक्तियों में सिंधिया समर्थक जगह नही पा सके । जबकि कांग्रेस में नब्बे फीसदी नियुक्तियाँ सिन्धिया समर्थको की होतीं थी । स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए जो संचालन समिति बनी उसमे भी उन्हें अपेक्षाकृत स्थान नही मिला ।

सांसद श्री शेजवलकर द्वारा लिखा पत्र

अब यह संघर्ष मीडिया पर भी आ गया है । भाजपा सूत्रों का कहना है कि सिंधिया पार्टी की रीति नीति के अनुसार अपने कार्यक्रम नही बना रहे । वे बगैर पार्टी की इजाज़त कार्यक्रम बना देते है इससे रिपीटेशन होता है और गुटवाजी जैसी दिखाई देती है । मसलन सांसद शेजवलकर मोहना इलाके में रानी घाटी में बन रही गौ शाला देखने भाजपा नेताओं के साथ गए तो कुछ दिनों बाद सिंधिया भी अपने समर्थकों के साथ वहां चले गए । इसी तरह विगत माह सिंधिया ने अस्पताल निरीक्षण के कार्यक्रम तय कर लिए । इसमें भाजपा के सांसद,विधायक ,जिला अध्यक्ष या मंडल अध्यक्ष कोई नही पहुँचे ।

राज्यसभा सदस्य श्री सिंधिया द्वारा लिखा गया पत्र

अब ताज़ा मामला एयरपोर्ट का है । कल राज्यसभा सांसद श्री सिंधिया ने दस फरवरी को  नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी को लिखी एक चिट्ठी मीडिया को जारी की जिसमे ग्वालियर में बढ़ती हवाई सेवाओ के मद्देनजर एक और एयर टर्मिनल बढ़ाने के लिए आलू अनुसंधान केंद्र की जमीन लाने का आग्रह किया गया है ।

इसके बाद शेजवलकर समर्थको ने आठ जनवरी को हरदीप पुरी को लिखी चिट्ठी वायरल कर दी जिसमे उन्होंने ग्वालियर में रेलवे सुविधाएं बढ़ाने के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की गई थी जबकि एक नए टर्मिनल बनाने और कतिपय अन्य सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया गया था । इस मुलाकात की जो खबरे समाचार पत्र में प्रकाशित हुईं थी उनकी कतरने भी वायरल की जा रहीं है ।

इससे साफ जाहिर हो रहा है कि भाजपा में फिलहाल सिंधिया को लेकर सब कुछ ठीक नही चल रहा है । लेकिन सिंधिया भी इस मामले में किसी तरह से अपनी गति कम करने के मूड में नज़र नही आ रहे । अब उन्होंने ग्वालियर के विकास के विजन पर चर्चा के लिए चेम्बर ऑफ कॉमर्स में एक संगोष्ठी का आयोजन करने की रूपरेखा बनाई है । खास बात ये है कि अब तक ऐसे आयोजन भाजपा करती थी और उसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और स्थानीय सांसद शेजवलकर भी मौजूद रहते थे लेकिन फिलहाल नए कार्यक्रम में इन्हें बुलाया जाएगा या नहीं? ये तय नही है ।

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