पटना: प्रधान सचिव से मिलते ही मंत्री के सिर से उतर गया अफसरशाही को सबक सिखाने का तेवर, क्या जानबूझ कर किया हाईलेवल ड्रामा 


बिहार सरकार में नये नये मंत्री बने जनक राम के दफ्तर में आज हाईलेवल ड्रामा हुआ. मंत्री जी गरमाये, गुस्से से लाल हुए लेकिन उनके तेवर दो घंटे में ही ठंढा हो गया. दो घंटे पहले कहा कि प्रधान सचिव ने उनका अपमान किया है, वे अफसरशाही को ठीक कर देंगे लेकिन दो घंटे बाद कहा कि सारी गलती दो कर्मचारियों की थी, सब मिस कम्युनिकेशन का मामला था. फिर मंत्री का गुस्सा कर्मचारियों पर उतरा. खान और भूतत्व मंत्री जनक राम के कार्यालय में कार्यरत दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

मंत्री बनते ही हाईवोल्टेज ड्रामा
बिहार सरकार में बीजेपी कोटे से नये नये मंत्री बने हैं जनक राम. उन्हें खान और भूतत्व विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गयी है. मंत्री जनक राम आज अपने दफ्तर पहुंचे. सारी मीडिया को ये कह कर बुलाया गया था कि मंत्री जी पद्भार ग्रहण करने जा रहे हैं. लेकिन मंत्री जी जब दफ्तर पहुंचे तो प्रधान सचिव हरजोत कौर की कौन कहे, विभाग का कोई दूसरा अधिकारी भी मौजूद नहीं था. मंत्री जी ने न सिर्फ मीडिया को बुलाया था बल्कि समर्थकों के दल बल के साथ वे दफ्तर पहुंचे थे. भरी भीड़ में बेईज्जती से मंत्री जी आग बबूला हो गये.

मंत्री जनक राम ने मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने कहा-अफसरशाही बहुत ज्यादा हावी हो गया है. वे इसे ठीक कर देंगे. वे नीतीश कुमार से बात करेंगे. ऐसे प्रधान सचिव को बर्दाश्त नहीं करेंगे जिन्होंने उनकी बेईज्जती की है. मंत्री के तेवर बेहद तल्ख थे. उन्होंने अपने दफ्तर के एक चपरासी के हाथों गुलदस्ता लेकर कामकाज शुरू करने का एलान किया. चपरासी के हाथों गुलदस्ता लेने का फोटो खिंचवाया और फिर कुर्सी पर बैठ गये.

क्या मंत्री ने जान बूझ कर किया ड्रामा
प्रधान सचिव के नहीं पहुंचने पर खान और भूतत्व मंत्री के दफ्तर में जो ड्रामा हुआ वह सत्ता के गलियारे में फैली. खबर विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर तक पहुंची जो उस वक्त अपने विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रही थीं. उन्हे जब खबर मिली कि मंत्री जी अफसरशाही को ठीक कर देने का एलान कर रहे हैं तो वे बुके के साथ मंत्री के दफ्तर पहुंच गयी.

हरजोत कौर जब मंत्री के दफ्तर में पहुंची तो राज खुला. दरअसल खान और भूतत्व मंत्री जनक राम ने एक दिन पहले ही पदभार ग्रहण कर लिया था. मंगलवार को उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान प्रधान सचिव हरजोत कौर मौजूद थी. लेकिन मंत्री ने तो मीडिया वालों को ये कह कर बुलाया था कि वे आज पदभार ग्रहण करने जा रहे हैं. मंत्री के दफ्तर में आज फिर से पहुंची प्रधान सचिव ने उन्हें बुके दिया और कहा कि उन्हें तो किसी ने ये नहीं कहा था कि मंत्री जी आज दफ्तर आ रहे हैं और उन्हें बुलाया गया है. 

प्रधान सचिव जब मंत्री को ये बता रही थीं कि वे कल ही पदभार ग्रहण करने के दौरान मंत्री का स्वागत करने के लिए मौजूद थीं और आज उन्हें किसी ने किसी बैठक की सूचना नहीं दी थी तो मीडिया के लोग भी वहां मौजूद थे. मंत्री जी को लग रहा था कि उनकी पोल खुली है. लिहाजा झाग की तरह उनके तेवर बैठ गये. मंत्री जनक राम अफसरशाही को सबक सिखाने की बात ही भूल गये.

कर्मचारियों पर गाज
मंत्री जी की पोल खुल चुकी थी. प्रधान सचिव खुलेआम कह रही थीं कि उन्हें किसी ने बैठक की सूचना नहीं दी थी. लिहाजा दूसरा लाइन लिया गया. मंत्री जनक राम ने कहा कि उनके कार्यालय में कार्यरत दो लोगों ने कहा था कि प्रधान सचिव को सूचना दे दी गयी है और वे आने वाली है. दोनों कर्मचारियों की गलती से ही सारा ड्रामा हुआ है. ऐसे में मंत्री और प्रधान सचिव की मौजूदगी में ही मंत्री के कार्यालय में कार्यरत दो कर्मचारियों राजेंद्र चौहान और संतोष कुमार को सस्पेंड करने का एलान किया गया.

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