कलेक्टर-कमिश्नर में सीएम हुए सख्त तो अफसर बोले- जनवरी में 695 गुंडों के खिलाफ कार्रवाई,अवैध रेत उत्खनन पर 461 एफआईआर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय में आज कलेक्टरों, कमिश्नर और एसपी, आईजी की बैठक कर रहे हैं। सभी अफसर जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े। बैठक में जनवरी माह में की गई कार्रवाई के आकंड़े बता रहे हैं। बैठक में बताया गया कि 1 से 31 जनवरी तक 695 गुंडो पर कार्रवाई की गई। इसमें से 37 पर NSA(रासुका) लगाया गया।
दो दिन पहले ग्वालियर में रेत माफिया ने पुलिस पर हमला किया गया। इसी तरह से देवास में शिकारियों ने एक वन रक्षक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। लेकिन बैठक में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामलों के आंकड़े मुख्यमंत्री के सामने पेश किए गए। जिसमें बताया गया कि प्रदेश में 461 एफआईआर दर्ज की गईं।
सरकार ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को मिलावट खोरी, अवैध निर्माण सहित अन्य अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इन अभियान को लेकर जिले वार रेटिंग की गई है। बैठक बैठक में बताया कि गया कि कौन से जिलों ने बेहतर काम किया और किन जिलों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा। बैठक में एक बार फिर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जो अफसर अच्छा काम करेगा, उसकी पीठ थपथपाई जाएगी और जो अच्छा काम नहीं करेगा, उसे परिणाम भुगतने होंगे।
फसल उपार्जन पर अनियमितताएं
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदाेलन के मद्देनजर मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश के किसानों से जुड़ी योजनाओं पर ज्यादा है। बैठक में बताया कि गया कि किसानों की फसल की सरकारी खरीदी में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। हालांकि ऐसी शिकायतों पर प्रदेश भर में 48 एफआईआर की गई ओर 5203 क्विंटल अनाज जब्त किया गया है।

पिछले बैठक में सीएम ने आगाह किया था
4 जनवरी को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा था कि जिन उपार्जन केंद्रों में तुलाई के लिए पैसों की मांग की जा रही है। उन्होंने तुलाई में गड़बड़ी होने को लेकर भी कलेक्टरों को आगाह किया था, बावजूद इसके13 जिलों में खरीदी केंद्रों में धान बेचने पहुंचे किसानों से तौर और सिलाई के नाम पर 3 से 4 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। यह शिकायतें सीधे राज्य शासन को मिली है। इन शिकायतों में कहा गया है कि एक क्विंटल खरीदी पर 14 से 16 रुपए तक तुलाई और 2 रुपए बोरी के हिसाब से सिलाई वसूली जा रही है।
अब सीएम ने कहा- हर जिले में अफसर नियुक्त करो
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रशासन सख्त रहेगा तो खाद्यान्न उपार्जन में कोई गड़बड़ी नहीं करेगा। लेकिन यदि ढील दी गई तो गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि फसल की खरीदी के लिए हर जिले में अफसर की नियुक्ति की जाए, ताकि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो सके।

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